बगोदर के अटका स्थित प्रसिद्ध लच्छीबागी छठ घाट पर पुलिया निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने के बाद बुधवार को इसका शिलान्यास किया गया। जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस कार्य का शिलान्यास किया। यह योजना छठव्रतियों की एक लंबे समय से चली आ रही मांग पर मंजूर की गई है, जिससे उन्हें और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। लच्छीबागी क्षेत्र का एक प्रमुख छठ घाट माना जाता है, जहाँ छठ पर्व और बड़का पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस पुलिया के निर्माण से छठव्रतियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों के आवागमन में सहूलियत होगी। जिप सदस्य ने कार्यकारी संवेदक से कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस अवसर पर मुखिया संतोष कुमार ने इस पहल को जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा। इस दौरान कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बगोदर के अटका स्थित प्रसिद्ध लच्छीबागी छठ घाट पर पुलिया निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने के बाद बुधवार को इसका शिलान्यास किया गया। जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस कार्य का शिलान्यास किया। यह योजना छठव्रतियों की एक लंबे समय से चली आ रही मांग पर मंजूर की गई है, जिससे उन्हें और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। लच्छीबागी क्षेत्र का एक प्रमुख छठ घाट माना जाता है, जहाँ छठ पर्व और बड़का पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस पुलिया के निर्माण से छठव्रतियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों के आवागमन में सहूलियत होगी। जिप सदस्य ने कार्यकारी संवेदक से कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस अवसर पर मुखिया संतोष कुमार ने इस पहल को जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा। इस दौरान कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- बगोदर के अटका स्थित प्रसिद्ध लच्छीबागी छठ घाट पर पुलिया निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने के बाद बुधवार को इसका शिलान्यास किया गया। जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस कार्य का शिलान्यास किया। यह योजना छठव्रतियों की एक लंबे समय से चली आ रही मांग पर मंजूर की गई है, जिससे उन्हें और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। लच्छीबागी क्षेत्र का एक प्रमुख छठ घाट माना जाता है, जहाँ छठ पर्व और बड़का पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस पुलिया के निर्माण से छठव्रतियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों के आवागमन में सहूलियत होगी। जिप सदस्य ने कार्यकारी संवेदक से कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस अवसर पर मुखिया संतोष कुमार ने इस पहल को जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा। इस दौरान कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- झारखंड के सरुखुदार गाँव में स्थानीय जनता ने मुखिया जी के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है। यह विरोध गाँव की जर्जर सड़क को लेकर है, जिससे नाराज होकर लोगों ने मुखिया जी को सीधा अल्टीमेटम दिया है। जनता ने 'अबकी बार, मुखिया जी बाहर!' के नारे लगाए, साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि 'रोड नहीं तो वोट नहीं!'। इस जनाक्रोश के चलते मुखिया जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।1
- बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत चिरुडीह पंचायत के अंबेडकर मोड़ के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक अज्ञात युवक की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक हाईवा वाहन संख्या JH10BT 6941 की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा, जहाँ मुखिया प्रतिनिधि गणेश महतो, दीपक महतो और जयलाल महतो सहित कई ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए। इसके बाद, 108 एंबुलेंस की सहायता से युवक को नावाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहाँ चिकित्सक डॉ. आयुषी जायसवाल ने जाँच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। समाचार लिखे जाने तक मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई थी, और प्रशासन उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बोकारो सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की पुरजोर माँग की है।4
- मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से आयोजित करने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति और विधि-व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें पुलिस अधीक्षक अमन कुमार भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने इस दौरान सभी समुदायों से आपसी एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील की और जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन करने तथा अनुशासन व आत्मसंयम बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था कायम रखना सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें आम जनता पुलिस व प्रशासनिक तंत्र का पूरा सहयोग करे। बैठक में उपायुक्त ने कटकमसांडी के छड़वा डैम में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले सहित जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा और मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को सतर्कता बरतने और जिला नियंत्रण कक्ष के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा। त्योहार के दौरान हुड़दंग मचाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक विशेष सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के गठन का निर्देश भी दिया गया है। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो, शॉर्ट्स या भ्रामक फोटो साझा करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही त्योहार के दौरान प्री-रिकॉर्डेड भड़काऊ गीतों और डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने आम नागरिकों से किसी भी तरह की भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया पर पोस्ट या फॉरवर्ड न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर पैनी नजर रखने के लिए जिले के साइबर थाना को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। एसपी ने सभी अखाड़ाधारियों और कमेटियों से निर्धारित रूट और तय समय सीमा के भीतर ही जुलूस निकालने का आग्रह किया। उन्होंने मातहत पुलिस अफसरों को संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) के साथ मिलकर जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन करने के भी निर्देश दिए। पीसीआर वाहनों को जीवन रक्षक और सुरक्षा उपकरणों से लैस रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले संदिग्धों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 107 और 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त और एसपी ने शांति समिति सदस्यों द्वारा उठाए गए जुलूस मार्गों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। विद्युत विभाग को सभी जुलूस मार्गों से गुजरने वाले झूलते और जर्जर बिजली तारों को तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम और पेयजल स्वच्छता प्रमंडल को सभी रूटों पर टैंकरों के जरिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सिविल सर्जन को प्रमुख और संवेदनशील जगहों पर डॉक्टरों की टीम, आवश्यक दवाओं और एम्बुलेंस के साथ मेडिकल कैंप स्थापित करने का निर्देश मिला है। आम जनता की सहूलियत के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं: जिला नियंत्रण कक्ष के लिए 8002529348 या 8002529349, और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायत के लिए साइबर सेल का हेल्पलाइन नंबर 9430165939। बैठक में सदर एसडीओ आदित्य पांडेय, बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद, बरही एसडीओ जोहन टुडू सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा शांति समिति के सदस्य मौजूद थे।1
- झारखंड के धनबाद जिले में स्थित खानुडीह फाटक पर विकास कार्य पूरी तरह से रुक गया है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के लोग विकास की इस थम चुकी गति से बेहद नाराज हैं, और उनकी यह नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। यह जनविरोध मुख्य रूप से प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी और उस पर पूरी तरह से काम रुक जाने के कारण है। लंबे समय से ओवरब्रिज के लिए की जा रही मांग के बावजूद, इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो गया है। खानुडीह फाटक पर ओवरब्रिज के रुके काम ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। जनता की यह उबलती हुई भावना दर्शाती है कि वे जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण चाहते हैं ताकि क्षेत्र में विकास फिर से पटरी पर आ सके और उन्हें असुविधा से मुक्ति मिल सके।1
- राष्ट्रीय सुंडी समाज, झारखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पद पर अशोक कुमार मंडल को मनोनीत किया गया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर उन्हें हार्दिक बधाई दी गई है और उनके उज्ज्वल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त की गई हैं।1
- धनबाद के उपायुक्त अपनी सादगी और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में नजर आए। उन्होंने अफसरशाही से दूर रहते हुए एक गरीब महिला की फरियाद पर उसकी खोरठा भाषा में ही जवाब दिया, जिससे उनकी जमीन से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान स्पष्ट दिखा। यह घटना तब हुई जब एक गरीब महिला अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन बाउंड्री किए जाने की शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंची थी। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि उनके मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त आदित्य रंजन का यह सहज अंदाज जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना गया। भूमि, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से संबंधित दर्जनों मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। धनबाद उपायुक्त में झारखंडी संस्कृति और सादगी का यह एक मिसाल देखने को मिला।1
- गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको गाँव निवासी महेंद्र महतो पिछले पाँच माह से सऊदी अरब में फँसे हुए हैं। उनके स्वदेश न लौट पाने के कारण घर पर उनकी पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और तीन बच्चों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महेंद्र की पत्नी ने बताया है कि पति से लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन वे वहाँ बेहद कठिन परिस्थितियों में हैं और किसी भी तरह भारत लौटना चाहते हैं। इस मामले पर स्थानीय समाजसेवी सिकंदर अली और टेकलाल महतो ने महेंद्र महतो की सुरक्षित वतन वापसी की सरकार से माँग की है और तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया है ताकि पलायन पर रोक लगाई जा सके।2