झारखंड के धनबाद जिले में स्थित खानुडीह फाटक पर विकास कार्य पूरी तरह से रुक गया है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के लोग विकास की इस थम चुकी गति से बेहद नाराज हैं, और उनकी यह नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। यह जनविरोध मुख्य रूप से प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी और उस पर पूरी तरह से काम रुक जाने के कारण है। लंबे समय से ओवरब्रिज के लिए की जा रही मांग के बावजूद, इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो गया है। खानुडीह फाटक पर ओवरब्रिज के रुके काम ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। जनता की यह उबलती हुई भावना दर्शाती है कि वे जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण चाहते हैं ताकि क्षेत्र में विकास फिर से पटरी पर आ सके और उन्हें असुविधा से मुक्ति मिल सके।
झारखंड के धनबाद जिले में स्थित खानुडीह फाटक पर विकास कार्य पूरी तरह से रुक गया है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के लोग विकास की इस थम चुकी गति से बेहद नाराज हैं, और उनकी यह नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। यह जनविरोध मुख्य रूप से प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी और उस पर पूरी तरह से काम रुक जाने के कारण है। लंबे समय से ओवरब्रिज के लिए की जा रही मांग के बावजूद, इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो गया है। खानुडीह फाटक पर ओवरब्रिज के रुके काम ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। जनता की यह उबलती हुई भावना दर्शाती है कि वे जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण चाहते हैं ताकि क्षेत्र में विकास फिर से पटरी पर आ सके और उन्हें असुविधा से मुक्ति मिल सके।
- झारखंड के धनबाद जिले में स्थित खानुडीह फाटक पर विकास कार्य पूरी तरह से रुक गया है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के लोग विकास की इस थम चुकी गति से बेहद नाराज हैं, और उनकी यह नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। यह जनविरोध मुख्य रूप से प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी और उस पर पूरी तरह से काम रुक जाने के कारण है। लंबे समय से ओवरब्रिज के लिए की जा रही मांग के बावजूद, इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कोई प्रगति नहीं हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो गया है। खानुडीह फाटक पर ओवरब्रिज के रुके काम ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। जनता की यह उबलती हुई भावना दर्शाती है कि वे जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण चाहते हैं ताकि क्षेत्र में विकास फिर से पटरी पर आ सके और उन्हें असुविधा से मुक्ति मिल सके।1
- धनबाद के उपायुक्त अपनी सादगी और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में नजर आए। उन्होंने अफसरशाही से दूर रहते हुए एक गरीब महिला की फरियाद पर उसकी खोरठा भाषा में ही जवाब दिया, जिससे उनकी जमीन से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान स्पष्ट दिखा। यह घटना तब हुई जब एक गरीब महिला अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन बाउंड्री किए जाने की शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंची थी। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि उनके मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त आदित्य रंजन का यह सहज अंदाज जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना गया। भूमि, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से संबंधित दर्जनों मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। धनबाद उपायुक्त में झारखंडी संस्कृति और सादगी का यह एक मिसाल देखने को मिला।1
- धनबाद में 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 8 लेन सड़क इस समय बेहद बदहाल स्थिति में है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर बनी स्ट्रीट लाइटें भी पूरी तरह से बंद पड़ी हैं, जिससे सड़क की मौजूदा खराब हालत और भी गंभीर हो गई है।1
- राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने धनबाद में अवैध कोयला तस्करी और इस वजह से पत्रकारों की जान को हो रहे खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संघ ने इस पूरे मामले को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। इसी क्रम में, राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने घोषणा की है कि वह जल्द ही धनबाद में सक्रिय कोयला तस्करों की एक विस्तृत सूची जारी करेगा और उनका पर्दाफाश करेगा।1
- बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत चिरुडीह पंचायत के अंबेडकर मोड़ के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक अज्ञात युवक की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक हाईवा वाहन संख्या JH10BT 6941 की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा, जहाँ मुखिया प्रतिनिधि गणेश महतो, दीपक महतो और जयलाल महतो सहित कई ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए। इसके बाद, 108 एंबुलेंस की सहायता से युवक को नावाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहाँ चिकित्सक डॉ. आयुषी जायसवाल ने जाँच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। समाचार लिखे जाने तक मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई थी, और प्रशासन उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बोकारो सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की पुरजोर माँग की है।4
- बगोदर के अटका स्थित प्रसिद्ध लच्छीबागी छठ घाट पर पुलिया निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने के बाद बुधवार को इसका शिलान्यास किया गया। जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस कार्य का शिलान्यास किया। यह योजना छठव्रतियों की एक लंबे समय से चली आ रही मांग पर मंजूर की गई है, जिससे उन्हें और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। लच्छीबागी क्षेत्र का एक प्रमुख छठ घाट माना जाता है, जहाँ छठ पर्व और बड़का पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस पुलिया के निर्माण से छठव्रतियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों के आवागमन में सहूलियत होगी। जिप सदस्य ने कार्यकारी संवेदक से कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस अवसर पर मुखिया संतोष कुमार ने इस पहल को जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पुलिया निर्माण से क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा। इस दौरान कई ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- झारखंड के निरसा प्रखंड की रांगामटिया पंचायत में हड़क तोरिया से जैनरा आश्रम तक बन रही सड़क के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और अनियमितता का आरोप लगाते हुए संवेदक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, साथ ही शिकायत करने पर ठेकेदार के लोगों द्वारा धमकाने की भी बात कही है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, जिसमें खराब गुणवत्ता वाली गिट्टी, नाममात्र का सीमेंट और धूल मिश्रित बालू का उपयोग शामिल है। उनका आरोप है कि सड़क पूरी होने से पहले ही कई जगहों पर दरारें आ गई हैं और लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यह सड़क छह महीने भी नहीं टिकेगी। यह स्थिति तब है जब निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने इस परियोजना का उद्घाटन करते समय ग्रामीणों से स्वयं कार्य की निगरानी करने और गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे शिकायत करने की अपील की थी। शिकायत करने वाले एक ग्रामीण ने बताया कि जब वे गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं, तो ठेकेदार के लोग उन्हें 'ज्यादा बोलने पर अंजाम भुगतने' की धमकी देते हैं। अब ग्रामीण निर्माण कार्य से जुड़े सबूत इकट्ठा कर सीधे विधायक अरूप चटर्जी से मिलने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने का फैसला कर चुके हैं। वे यह भी सवाल उठा रहे हैं कि यदि काम मानकों के अनुरूप हो रहा है, तो जूनियर इंजीनियर की नियमित निगरानी क्यों नहीं है और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। साथ ही, शिकायतकर्ताओं को धमकाने वाले लोगों की पहचान पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों और स्कूली बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि भरोसे और विकास की उम्मीदों का प्रतीक है। इसलिए, वे चाहते हैं कि निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा हो, ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।8
- राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने झारखंड प्रदेश और धनबाद जिले के लिए अपनी पहली कार्यकारिणी सूची जारी कर दी है। यह घोषणा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष जहीरूद्दीन खान द्वारा की गई।1