logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको गाँव निवासी महेंद्र महतो पिछले पाँच माह से सऊदी अरब में फँसे हुए हैं। उनके स्वदेश न लौट पाने के कारण घर पर उनकी पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और तीन बच्चों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महेंद्र की पत्नी ने बताया है कि पति से लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन वे वहाँ बेहद कठिन परिस्थितियों में हैं और किसी भी तरह भारत लौटना चाहते हैं। इस मामले पर स्थानीय समाजसेवी सिकंदर अली और टेकलाल महतो ने महेंद्र महतो की सुरक्षित वतन वापसी की सरकार से माँग की है और तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया है ताकि पलायन पर रोक लगाई जा सके।

7 hrs ago
user_BITTU JOURNALIST
BITTU JOURNALIST
Local News Reporter बगोदर, गिरिडीह, झारखंड•
7 hrs ago

गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको गाँव निवासी महेंद्र महतो पिछले पाँच माह से सऊदी अरब में फँसे हुए हैं। उनके स्वदेश न लौट पाने के कारण घर पर उनकी पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और तीन बच्चों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महेंद्र की पत्नी ने बताया है कि पति से लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन वे वहाँ बेहद कठिन परिस्थितियों में हैं और किसी भी तरह भारत लौटना चाहते हैं। इस मामले पर स्थानीय समाजसेवी सिकंदर अली और टेकलाल महतो ने महेंद्र महतो की सुरक्षित वतन वापसी की सरकार से माँग की है और तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया है ताकि पलायन पर रोक लगाई जा सके।

More news from झारखंड and nearby areas
  • गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको गाँव निवासी महेंद्र महतो पिछले पाँच माह से सऊदी अरब में फँसे हुए हैं। उनके स्वदेश न लौट पाने के कारण घर पर उनकी पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और तीन बच्चों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महेंद्र की पत्नी ने बताया है कि पति से लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन वे वहाँ बेहद कठिन परिस्थितियों में हैं और किसी भी तरह भारत लौटना चाहते हैं। इस मामले पर स्थानीय समाजसेवी सिकंदर अली और टेकलाल महतो ने महेंद्र महतो की सुरक्षित वतन वापसी की सरकार से माँग की है और तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया है ताकि पलायन पर रोक लगाई जा सके।
    2
    गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको गाँव निवासी महेंद्र महतो पिछले पाँच माह से सऊदी अरब में फँसे हुए हैं। उनके स्वदेश न लौट पाने के कारण घर पर उनकी पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और तीन बच्चों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महेंद्र की पत्नी ने बताया है कि पति से लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन वे वहाँ बेहद कठिन परिस्थितियों में हैं और किसी भी तरह भारत लौटना चाहते हैं।

इस मामले पर स्थानीय समाजसेवी सिकंदर अली और टेकलाल महतो ने महेंद्र महतो की सुरक्षित वतन वापसी की सरकार से माँग की है और तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया है ताकि पलायन पर रोक लगाई जा सके।
    user_BITTU JOURNALIST
    BITTU JOURNALIST
    Local News Reporter बगोदर, गिरिडीह, झारखंड•
    7 hrs ago
  • झारखंड के विष्णुगढ़ में, JLKM से जुड़े इंजीनियर मुकेश कुमार ने मांडू विधानसभा क्षेत्र के विधायक तिवारी महतो के संबंध में एक बयान जारी किया है।
    1
    झारखंड के विष्णुगढ़ में, JLKM से जुड़े इंजीनियर मुकेश कुमार ने मांडू विधानसभा क्षेत्र के विधायक तिवारी महतो के संबंध में एक बयान जारी किया है।
    user_Sach Tak Jharkhand News
    Sach Tak Jharkhand News
    Local News Reporter बिशुनगढ़, हजारीबाग, झारखंड•
    20 hrs ago
  • बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत चिरुडीह पंचायत के अंबेडकर मोड़ के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक अज्ञात युवक की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक हाईवा वाहन संख्या JH10BT 6941 की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा, जहाँ मुखिया प्रतिनिधि गणेश महतो, दीपक महतो और जयलाल महतो सहित कई ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए। इसके बाद, 108 एंबुलेंस की सहायता से युवक को नावाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहाँ चिकित्सक डॉ. आयुषी जायसवाल ने जाँच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। समाचार लिखे जाने तक मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई थी, और प्रशासन उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बोकारो सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की पुरजोर माँग की है।
    4
    बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत चिरुडीह पंचायत के अंबेडकर मोड़ के पास बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक अज्ञात युवक की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक हाईवा वाहन संख्या JH10BT 6941 की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा, जहाँ मुखिया प्रतिनिधि गणेश महतो, दीपक महतो और जयलाल महतो सहित कई ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए। इसके बाद, 108 एंबुलेंस की सहायता से युवक को नावाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहाँ चिकित्सक डॉ. आयुषी जायसवाल ने जाँच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।

समाचार लिखे जाने तक मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई थी, और प्रशासन उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बोकारो सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की पुरजोर माँग की है।
    user_टिंकू कुमार पंडित
    टिंकू कुमार पंडित
    नवाडीह, बोकारो, झारखंड•
    1 hr ago
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में 65 हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस समारोह में झारखंड की पहचान के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान के लिए शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से नवाजा गया, जिनका लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त 2025 को निधन हो गया था। यह सम्मान उनके संघर्षपूर्ण जीवन, आदिवासी समाज के प्रति समर्पण और राष्ट्रव्यापी पहचान का प्रतीक है, जिनकी विरासत आज भी जीवित है। पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। इन्हें पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा), पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा) और पद्म श्री (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा) जैसी तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिनकी घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। इस वर्ष के समारोह में, राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस को जन-सेवा के लिए और मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, पार्श्व गायिका अलका याग्निक, अभिनेता ममूटी, अमेरिकी डॉक्टर दत्तात्रेयडु नोरी, टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज, उद्योगपति एसकेएम माएलानंदन और समाजसेवी व शिक्षाविद वी नटेसन को पद्म भूषण प्रदान किया गया। क्रिकेटर रोहित शर्मा और अभिनेता सतीश शाह भी उन हस्तियों में शामिल थे जिन्हें पद्म पुरस्कारों से नवाजा गया, जो खेल, कला, विज्ञान, समाज सेवा और उद्योग जैसे विविध क्षेत्रों में भारत की समृद्ध प्रतिभा और योगदान को दर्शाते हैं। शिबू सोरेन का जीवन और उनका कार्य झारखंड के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। उनका संघर्ष, समर्पण और दूरदर्शिता आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है, और यह मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान उनकी उस विरासत को चिरस्थायी बनाता है। यह सम्मान न केवल उनके असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि है, बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करते हैं। यह दर्शाता है कि राष्ट्र उन व्यक्तियों को कभी नहीं भूलता जिन्होंने अपने जीवन को बड़े उद्देश्यों के लिए समर्पित किया है, और यह एक व्यक्ति का नहीं बल्कि एक पूरे आंदोलन का सम्मान है जिसने एक नए राज्य को जन्म दिया और लाखों आदिवासियों के जीवन में उम्मीद की किरण जलाई।
    1
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में 65 हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस समारोह में झारखंड की पहचान के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान के लिए शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से नवाजा गया, जिनका लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त 2025 को निधन हो गया था। यह सम्मान उनके संघर्षपूर्ण जीवन, आदिवासी समाज के प्रति समर्पण और राष्ट्रव्यापी पहचान का प्रतीक है, जिनकी विरासत आज भी जीवित है।

पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। इन्हें पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा), पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा) और पद्म श्री (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा) जैसी तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिनकी घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। इस वर्ष के समारोह में, राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस को जन-सेवा के लिए और मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, पार्श्व गायिका अलका याग्निक, अभिनेता ममूटी, अमेरिकी डॉक्टर दत्तात्रेयडु नोरी, टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज, उद्योगपति एसकेएम माएलानंदन और समाजसेवी व शिक्षाविद वी नटेसन को पद्म भूषण प्रदान किया गया। क्रिकेटर रोहित शर्मा और अभिनेता सतीश शाह भी उन हस्तियों में शामिल थे जिन्हें पद्म पुरस्कारों से नवाजा गया, जो खेल, कला, विज्ञान, समाज सेवा और उद्योग जैसे विविध क्षेत्रों में भारत की समृद्ध प्रतिभा और योगदान को दर्शाते हैं।

शिबू सोरेन का जीवन और उनका कार्य झारखंड के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। उनका संघर्ष, समर्पण और दूरदर्शिता आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है, और यह मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान उनकी उस विरासत को चिरस्थायी बनाता है। यह सम्मान न केवल उनके असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि है, बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करते हैं। यह दर्शाता है कि राष्ट्र उन व्यक्तियों को कभी नहीं भूलता जिन्होंने अपने जीवन को बड़े उद्देश्यों के लिए समर्पित किया है, और यह एक व्यक्ति का नहीं बल्कि एक पूरे आंदोलन का सम्मान है जिसने एक नए राज्य को जन्म दिया और लाखों आदिवासियों के जीवन में उम्मीद की किरण जलाई।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    8 hrs ago
  • बोकारो जिले के गोमिया में मंगलवार 23 जून को एक प्रेमिका अपने प्रेमी को जेल से रिहा कराने की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिससे पूरे इलाके में हाई-वोल्टेज ड्रामा मच गया और सनसनी फैल गई। ललपनिया पंचायत के तिलैया गांव की निवासी सोनी कुमारी गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब चार दिन पहले उसके प्रेमी और उसे रांची से पुलिस ने बरामद किया था, जिसके बाद प्रेमी को जेल भेज दिया गया था। अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर वह टावर पर अड़ी हुई है और समाचार भेजे जाने तक वह नीचे नहीं उतरी थी। इस हरकत के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। बेरमो अनुमंडल एसडीपीओ रबिन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार सोनी कुमारी को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारने में जुटी है। प्रशासन ने पूरे इलाके को घेर कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    2
    बोकारो जिले के गोमिया में मंगलवार 23 जून को एक प्रेमिका अपने प्रेमी को जेल से रिहा कराने की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिससे पूरे इलाके में हाई-वोल्टेज ड्रामा मच गया और सनसनी फैल गई।

ललपनिया पंचायत के तिलैया गांव की निवासी सोनी कुमारी गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब चार दिन पहले उसके प्रेमी और उसे रांची से पुलिस ने बरामद किया था, जिसके बाद प्रेमी को जेल भेज दिया गया था। अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर वह टावर पर अड़ी हुई है और समाचार भेजे जाने तक वह नीचे नहीं उतरी थी।

इस हरकत के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। बेरमो अनुमंडल एसडीपीओ रबिन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार सोनी कुमारी को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारने में जुटी है। प्रशासन ने पूरे इलाके को घेर कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    user_Churaman Thakur Press
    Churaman Thakur Press
    रिपोर्टिंग चंद्रपुरा, बोकारो, झारखंड•
    18 hrs ago
  • धनबाद के उपायुक्त अपनी सादगी और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में नजर आए। उन्होंने अफसरशाही से दूर रहते हुए एक गरीब महिला की फरियाद पर उसकी खोरठा भाषा में ही जवाब दिया, जिससे उनकी जमीन से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान स्पष्ट दिखा। यह घटना तब हुई जब एक गरीब महिला अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन बाउंड्री किए जाने की शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंची थी। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि उनके मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त आदित्य रंजन का यह सहज अंदाज जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना गया। भूमि, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से संबंधित दर्जनों मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। धनबाद उपायुक्त में झारखंडी संस्कृति और सादगी का यह एक मिसाल देखने को मिला।
    1
    धनबाद के उपायुक्त अपनी सादगी और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाते हुए मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में नजर आए। उन्होंने अफसरशाही से दूर रहते हुए एक गरीब महिला की फरियाद पर उसकी खोरठा भाषा में ही जवाब दिया, जिससे उनकी जमीन से जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान स्पष्ट दिखा।

यह घटना तब हुई जब एक गरीब महिला अपनी जमीन पर दूसरे व्यक्ति द्वारा जबरन बाउंड्री किए जाने की शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंची थी। उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त किया कि उनके मामले में उचित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त आदित्य रंजन का यह सहज अंदाज जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना गया। भूमि, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से संबंधित दर्जनों मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। धनबाद उपायुक्त में झारखंडी संस्कृति और सादगी का यह एक मिसाल देखने को मिला।
    user_प्रेम कुमार *पत्रकार*
    प्रेम कुमार *पत्रकार*
    Local News Reporter बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
    7 hrs ago
  • Post by Arun yadav
    1
    Post by Arun yadav
    user_Arun yadav
    Arun yadav
    जमुआ, गिरिडीह, झारखंड•
    9 hrs ago
  • झारखंड के हज़ारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं, जहाँ पुनः निरीक्षण के दौरान लिफ्ट की स्थिति को 'भयावह और काफी चिंताजनक' पाया गया है। पहले भी इस मामले को उठाया गया था, जिस पर अस्पताल प्रशासन ने केवल यह सूचना दी थी कि लिफ्ट '30 मिनट तक बंद रह सकती है'। नवीनतम जाँच में लिफ्ट के भीतर स्विच का काम न करना और दरवाज़े का बाहर से खुलने के बावजूद अंदर से न खुलना जैसी गंभीर खामियाँ सामने आई हैं। ये ख़ामियाँ मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानी जा रही हैं, क्योंकि ऐसी स्थिति में किसी के लिफ्ट में फंस जाने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है और जान तक जा सकती है। इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत की गई है, जिन्होंने आज ही लिफ्ट को ठीक कराने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना बाकी है कि अस्पताल प्रशासन मरीजों की सुरक्षा के प्रति कितनी संवेदनशीलता दिखाता है।
    1
    झारखंड के हज़ारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं, जहाँ पुनः निरीक्षण के दौरान लिफ्ट की स्थिति को 'भयावह और काफी चिंताजनक' पाया गया है। पहले भी इस मामले को उठाया गया था, जिस पर अस्पताल प्रशासन ने केवल यह सूचना दी थी कि लिफ्ट '30 मिनट तक बंद रह सकती है'।

नवीनतम जाँच में लिफ्ट के भीतर स्विच का काम न करना और दरवाज़े का बाहर से खुलने के बावजूद अंदर से न खुलना जैसी गंभीर खामियाँ सामने आई हैं। ये ख़ामियाँ मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानी जा रही हैं, क्योंकि ऐसी स्थिति में किसी के लिफ्ट में फंस जाने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है और जान तक जा सकती है। इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत की गई है, जिन्होंने आज ही लिफ्ट को ठीक कराने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना बाकी है कि अस्पताल प्रशासन मरीजों की सुरक्षा के प्रति कितनी संवेदनशीलता दिखाता है।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    8 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.