Shuru
Apke Nagar Ki App…
बसंत पंचमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
Sandeep shukla
बसंत पंचमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
More news from Panna and nearby areas
- बसंत पंचमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।1
- हिन्दू एकता सम्मेलन में जैसे ही एक पिछड़े वर्ग व्यक्ति ने OBC आरक्षण की बात की, ‘एकता’ को ठेस लग गई। मंच से उतारकर एकता स्थापित कर दी गई। यही असली सच है। भाजपा और RSS सबसे बड़े जातिवादी हैं, ,,,,87000 नौकरी हॉलड फर्क बस इतना है कि वे जाति को धर्म के भगवे पर्दे में छिपाते हैं। 30 जनवरी 2026 को भोपाल चलो सामाजिक न्याय की आवाज़ उन्हें विभाजन लगती है, लेकिन जातिगत वर्चस्व उन्हें राष्ट्रधर्म बनकर रह गया आज।1
- दिनांक 23/01/2026 लोकेशन:- पन्ना मध्य प्रदेश रिपोर्टर:- अतुल रैकवार 1.खौफनाक: पन्ना में मासूम को उठा ले गया तेंदुआ करीब 10 वर्षीय मासूम का सिर काटकर पेड़ पर चढ़ा। पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को किया सुपुर्द। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व1
- फांसी का फंदा लगाकर गुनौर तहसील पहुंच किसान मदद की लगाई प्रशासन से गुहार।1
- गरीब हिन्दू महिलाओं से छीना चांदी का मंगलसूत मिडिल क्लास हिन्दू महिलाओं से छीना सोने का मंगलसूत मोदी सरकार ने।। क्या यही है अच्छे दिन1
- Post by Krishna kumar Dahiya1
- लोकेशन मैहर मध्य प्रदेश संवाददाता उमेश चर्मकार एंकर......... *उंचेहरा मंडी को स्वतंत्र दर्जा मिले, बरगी नहर निर्माण की हो जांच: भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)* खबर उंचेहरा (सतना): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक बैठक उप कृषि उपज मंडी उंचेहरा में संपन्न हुई। इस दौरान किसानों ने एकजुट होकर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को उठाया और प्रशासन के विरुद्ध हुंकार भरी बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने की *प्रमुख मांगें: मंडी का विस्तार और भ्रष्टाचार पर रोक* बैठक में किसानों ने एक स्वर में मांग रखी कि उंचेहरा उप मंडी को अनाज और थोक सब्जी मंडी के रूप में एकीकृत कर स्वतंत्र मंडी का दर्जा दिया जाए जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने शासन-प्रशासन को घेरते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर गंभीर आरोप लगाए बरगी नहर निर्माण: नहर निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना बेलर चलाए भलुई मिट्टी से निर्माण किया जा रहा है, जिससे पानी आने पर रिसाव (सीपेज)होगा और किसानों के खेत बर्बाद होंगेबिजली व मुआवजा पावरग्रिड से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने और बिजली समस्याओं के निराकरण की मांग की गई भ्रष्टाचार खरीदी केंद्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार और किसानों के साथ अभद्रता करने वाली समितियों की जांच कर उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई गई *प्रशासनिक उदासीनता पर रोष* यूनियन ने तहसील और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि सीमांकन, नामांतरण और खसरा सुधार जैसे बुनियादी मुद्दों पर किसानों को केवल आश्वासन मिलता है इसके अलावा, गरीबों को अभी तक आवासीय पट्टे न मिलने और कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की कर्ज मुक्ति पर भी चर्चा हुई *मुख्यमंत्री का आभार और नई मांगें* जहाँ एक ओर खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-टोकन सिस्टम और बिजली बिल में सरचार्ज माफी के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया गया, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई *संगठन का विस्तार: नई नियुक्तियां* संगठन को मजबूती देने के लिए सर्वसम्मति से नई नियुक्तियां की गईं रामजी शुक्ला: जिला सचिव मुरत लाल कुशवाहा व मीरां बाई चौधरी: जिला उपाध्यक्ष केशव सिंह बरगाही: ब्लॉक सचिव श्यामसुंदर कुशवाहा: अध्यक्ष (ग्राम समिति धनेह) *प्रमुख उपस्थिति* मुख्य अतिथि: वरिष्ठ किसान रामलाल पटेल विशिष्ट अतिथि: रावेन्द्र सिंह, मुरतलाल कुशवाहा, जगदीश सिंह, रामजी शुक्ला, राजकली सिंह, रामखेलावन सिंह, मीराबाई चौधरी, संत कुमार सिंह, धीरज साकेत, हीरालाल चौधरी, रामबिहारी कुशवाहा शीलू ताप्स आयोजक: ब्लॉक अध्यक्ष राम विश्वास सिंह, बालेन्द्र सिंह, कमलेन्द सिंह, जमुना सिंह, कनछेदी लाल, बसंत लाल पटेल मंच संचालन: यशवंत सिंह1
- *शराब माफिया चला नेता बनने,अमरपाटन में सवालों के घेरे में ‘कथित नेता’,जरा आप भी सुने नेता जी ने किसको कहा हिजडा* अमरपाटन में हाल ही में आयोजित एक जन्मदिन समारोह ने स्थानीय राजनीति ने नई बहस को जन्म दे दिया है। जिस व्यक्ति ने मंच से ताकत और प्रभाव का प्रदर्शन करने की कोशिश की उसके अतीत को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं लोगों का कहना है कि ये वही है जो कुछ वर्ष पहले तक गली-गली घूमकर अवैध शराब की पैकारी करता था। 10–10 रुपये के लालच में घर-घर पऊआ सप्लाई करने वाला यह व्यक्ति आज खुद को बाहुबली और नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। मानना है कि अपराध की पृष्ठभूमि से राजनीति में प्रवेश करने की यह प्रवृत्ति समाज के लिए घातक है। जिस तरह से जन्मदिन समारोह को शक्ति प्रदर्शन में बदला गया, उससे साफ है कि यह आयोजन सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने का प्रयास था। हालांकि सवाल यह भी है कि इस कथित शक्ति प्रदर्शन में वास्तव में कितने लोग स्वेच्छा से आए और कितने सिर्फ दिखावे का हिस्सा बने। इतिहास गवाह है कि शराब माफिया और बाहुबल के दम पर खड़ी की गई सियासत ज्यादा दिन टिक नहीं पाती—ऐसे कई उदाहरण पहले भी मिट्टी में मिल चुके हैं। अमरपाटन की जनता अब जागरूक है और वह अच्छे चरित्र, साफ छवि और जनहित के मुद्दों पर काम करने वाले प्रतिनिधियों को ही स्वीकार करेगी। ऐसे में अवैध धंधों से राजनीति में छलांग लगाने वालों को सचेत हो जाना चाहिए, क्योंकि कानून और जनता दोनों की नजरें खुली हैं। *आप भी वीडियो देखिये और सुनिये, नेता जी कह रहे है "ठाकुर हिजडा" होता है*1