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लोकेशन मैहर मध्य प्रदेश संवाददाता उमेश चर्मकार एंकर......... *उंचेहरा मंडी को स्वतंत्र दर्जा मिले, बरगी नहर निर्माण की हो जांच: भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)* खबर उंचेहरा (सतना): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक बैठक उप कृषि उपज मंडी उंचेहरा में संपन्न हुई। इस दौरान किसानों ने एकजुट होकर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को उठाया और प्रशासन के विरुद्ध हुंकार भरी बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने की *प्रमुख मांगें: मंडी का विस्तार और भ्रष्टाचार पर रोक* बैठक में किसानों ने एक स्वर में मांग रखी कि उंचेहरा उप मंडी को अनाज और थोक सब्जी मंडी के रूप में एकीकृत कर स्वतंत्र मंडी का दर्जा दिया जाए जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने शासन-प्रशासन को घेरते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर गंभीर आरोप लगाए बरगी नहर निर्माण: नहर निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना बेलर चलाए भलुई मिट्टी से निर्माण किया जा रहा है, जिससे पानी आने पर रिसाव (सीपेज)होगा और किसानों के खेत बर्बाद होंगेबिजली व मुआवजा पावरग्रिड से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने और बिजली समस्याओं के निराकरण की मांग की गई भ्रष्टाचार खरीदी केंद्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार और किसानों के साथ अभद्रता करने वाली समितियों की जांच कर उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई गई *प्रशासनिक उदासीनता पर रोष* यूनियन ने तहसील और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि सीमांकन, नामांतरण और खसरा सुधार जैसे बुनियादी मुद्दों पर किसानों को केवल आश्वासन मिलता है इसके अलावा, गरीबों को अभी तक आवासीय पट्टे न मिलने और कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की कर्ज मुक्ति पर भी चर्चा हुई *मुख्यमंत्री का आभार और नई मांगें* जहाँ एक ओर खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-टोकन सिस्टम और बिजली बिल में सरचार्ज माफी के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया गया, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई *संगठन का विस्तार: नई नियुक्तियां* संगठन को मजबूती देने के लिए सर्वसम्मति से नई नियुक्तियां की गईं रामजी शुक्ला: जिला सचिव मुरत लाल कुशवाहा व मीरां बाई चौधरी: जिला उपाध्यक्ष केशव सिंह बरगाही: ब्लॉक सचिव श्यामसुंदर कुशवाहा: अध्यक्ष (ग्राम समिति धनेह) *प्रमुख उपस्थिति* मुख्य अतिथि: वरिष्ठ किसान रामलाल पटेल विशिष्ट अतिथि: रावेन्द्र सिंह, मुरतलाल कुशवाहा, जगदीश सिंह, रामजी शुक्ला, राजकली सिंह, रामखेलावन सिंह, मीराबाई चौधरी, संत कुमार सिंह, धीरज साकेत, हीरालाल चौधरी, रामबिहारी कुशवाहा शीलू ताप्स आयोजक: ब्लॉक अध्यक्ष राम विश्वास सिंह, बालेन्द्र सिंह, कमलेन्द सिंह, जमुना सिंह, कनछेदी लाल, बसंत लाल पटेल मंच संचालन: यशवंत सिंह

8 hrs ago
user_मीडिया
मीडिया
Journalist मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

लोकेशन मैहर मध्य प्रदेश संवाददाता उमेश चर्मकार एंकर......... *उंचेहरा मंडी को स्वतंत्र दर्जा मिले, बरगी नहर निर्माण की हो जांच: भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)* खबर उंचेहरा (सतना): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक बैठक उप कृषि उपज मंडी उंचेहरा में संपन्न हुई। इस दौरान किसानों ने एकजुट होकर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को उठाया और प्रशासन के विरुद्ध हुंकार भरी बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने की *प्रमुख मांगें: मंडी का विस्तार और भ्रष्टाचार पर रोक* बैठक में किसानों ने एक स्वर में मांग रखी कि उंचेहरा उप मंडी को अनाज और थोक सब्जी मंडी के रूप में एकीकृत कर स्वतंत्र मंडी का दर्जा दिया जाए जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने शासन-प्रशासन को घेरते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर गंभीर आरोप लगाए बरगी नहर निर्माण: नहर निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना बेलर चलाए भलुई मिट्टी से निर्माण किया जा रहा है, जिससे पानी आने पर रिसाव (सीपेज)होगा और किसानों के खेत बर्बाद होंगेबिजली व मुआवजा पावरग्रिड से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने और बिजली समस्याओं के निराकरण की मांग की गई भ्रष्टाचार खरीदी केंद्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार और किसानों के साथ अभद्रता करने वाली समितियों की जांच कर उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई गई *प्रशासनिक उदासीनता पर रोष* यूनियन ने तहसील और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि सीमांकन, नामांतरण और खसरा सुधार जैसे बुनियादी मुद्दों पर किसानों को केवल आश्वासन मिलता है इसके अलावा, गरीबों को अभी तक आवासीय पट्टे न मिलने और कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की कर्ज मुक्ति पर भी चर्चा हुई *मुख्यमंत्री का आभार और नई मांगें* जहाँ एक ओर खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-टोकन सिस्टम और बिजली बिल में सरचार्ज माफी के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया गया, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई *संगठन का विस्तार: नई नियुक्तियां* संगठन को मजबूती देने के लिए सर्वसम्मति से नई नियुक्तियां की गईं रामजी शुक्ला: जिला सचिव मुरत लाल कुशवाहा व मीरां बाई चौधरी: जिला उपाध्यक्ष केशव सिंह बरगाही: ब्लॉक सचिव श्यामसुंदर कुशवाहा: अध्यक्ष (ग्राम समिति धनेह) *प्रमुख उपस्थिति* मुख्य अतिथि: वरिष्ठ किसान रामलाल पटेल विशिष्ट अतिथि: रावेन्द्र सिंह, मुरतलाल कुशवाहा, जगदीश सिंह, रामजी शुक्ला, राजकली सिंह, रामखेलावन सिंह, मीराबाई चौधरी, संत कुमार सिंह, धीरज साकेत, हीरालाल चौधरी, रामबिहारी कुशवाहा शीलू ताप्स आयोजक: ब्लॉक अध्यक्ष राम विश्वास सिंह, बालेन्द्र सिंह, कमलेन्द सिंह, जमुना सिंह, कनछेदी लाल, बसंत लाल पटेल मंच संचालन: यशवंत सिंह

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    लोकेशन मैहर मध्य प्रदेश 
संवाददाता उमेश चर्मकार 
एंकर.........
*उंचेहरा मंडी को स्वतंत्र दर्जा मिले, बरगी नहर निर्माण की हो जांच: भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)*
खबर उंचेहरा (सतना): भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक बैठक उप कृषि उपज मंडी उंचेहरा में संपन्न हुई। इस दौरान किसानों ने एकजुट होकर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को उठाया और प्रशासन के विरुद्ध हुंकार भरी बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने की
*प्रमुख मांगें: मंडी का विस्तार और भ्रष्टाचार पर रोक*
बैठक में किसानों ने एक स्वर में मांग रखी कि उंचेहरा उप मंडी को अनाज और थोक सब्जी मंडी के रूप में एकीकृत कर स्वतंत्र मंडी का दर्जा दिया जाए जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह ने शासन-प्रशासन को घेरते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर गंभीर आरोप लगाए बरगी नहर निर्माण: नहर निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना बेलर चलाए भलुई मिट्टी से निर्माण किया जा रहा है, जिससे पानी आने पर रिसाव (सीपेज)होगा और किसानों के खेत बर्बाद होंगेबिजली व मुआवजा पावरग्रिड से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने और बिजली समस्याओं के निराकरण की मांग की गई भ्रष्टाचार खरीदी केंद्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार और किसानों के साथ अभद्रता करने वाली समितियों की जांच कर उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई गई
*प्रशासनिक उदासीनता पर रोष*
यूनियन ने तहसील और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि सीमांकन, नामांतरण और खसरा सुधार जैसे बुनियादी मुद्दों पर किसानों को केवल आश्वासन मिलता है इसके अलावा, गरीबों को अभी तक आवासीय पट्टे न मिलने और कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की कर्ज मुक्ति पर भी चर्चा हुई
*मुख्यमंत्री का आभार और नई मांगें*
जहाँ एक ओर खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-टोकन सिस्टम और बिजली बिल में सरचार्ज माफी के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया गया, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई
*संगठन का विस्तार: नई नियुक्तियां*
संगठन को मजबूती देने के लिए सर्वसम्मति से नई नियुक्तियां की गईं रामजी शुक्ला: जिला सचिव मुरत लाल कुशवाहा व मीरां बाई चौधरी: जिला उपाध्यक्ष
केशव सिंह बरगाही: ब्लॉक सचिव श्यामसुंदर कुशवाहा: अध्यक्ष (ग्राम समिति धनेह)
*प्रमुख उपस्थिति*
मुख्य अतिथि: वरिष्ठ किसान रामलाल पटेल विशिष्ट अतिथि: रावेन्द्र सिंह, मुरतलाल कुशवाहा, जगदीश सिंह, रामजी शुक्ला, राजकली सिंह, रामखेलावन सिंह, मीराबाई चौधरी, संत कुमार सिंह, धीरज साकेत, हीरालाल चौधरी, रामबिहारी कुशवाहा शीलू ताप्स आयोजक: ब्लॉक अध्यक्ष राम विश्वास सिंह, बालेन्द्र सिंह, कमलेन्द सिंह, जमुना सिंह, कनछेदी लाल, बसंत लाल पटेल मंच संचालन: यशवंत सिंह
    user_मीडिया
    मीडिया
    Journalist मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • 'पानी के मारे हाथ चटक गे, फिंगर नहीं लगै'—मैहर में खाद की किल्लत देख भावुक हुए कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी मैहर। "साहब, पानी के मारे हाथ चटक गए हैं, अंगूठे के निशान (फिंगरप्रिंट) तक नहीं आ रहे... अब सोसाइटी वाले कहते हैं खाद नहीं मिलेगी।" यह दर्द डेल्हा गांव के किसान राम लखन पटेल का है, जो कटिया सोसाइटी में खाद के लिए घंटों से कतार में खड़े थे। मार्मिक दृश्य: अन्नदाता का फटा हाथ और प्रशासन की बेरुखी रबी के सीजन में खाद की किल्लत किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। जब कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी (दद्दा) किसानों का हाल जानने कटिया सोसाइटी पहुंचे, तो किसान राम लखन पटेल ने अपने फटे हुए हाथ उन्हें दिखाए। कड़ाके की ठंड और खेतों में पानी के बीच काम करने से किसान के हाथों की रेखाएं मिट चुकी हैं, जिसके कारण बायोमेट्रिक मशीन (PoS मशीन) पर उनके फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे। इस तकनीकी खामी की वजह से उन्हें खाद देने से मना किया जा रहा है। प्रभात द्विवेदी ने कलेक्टर को दी चेतावनी किसान का फटा हुआ हाथ अपने हाथ में थामकर प्रभात द्विवेदी भावुक हो गए। उन्होंने प्रशासन और को आड़े हाथों लेते हुए कहा: > "सुनिए कलेक्टर साहब! यही वो हाथ हैं जो सरकार, प्रशासन और हम सबका पेट भरते हैं। यही किसान हमारा अन्नदाता है। क्या ये खाद के लिए ऐसे ही तरसते रहेंगे? यह बड़े शर्म की बात है कि मशीन पर निशान न आने के कारण किसान को उसके हक की खाद न मिले। प्रमुख मांगें और चेतावनी: प्रभात द्विवेदी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि: अधिकारी स्वयं धरातल पर उतरकर वस्तुस्थिति का निरीक्षण करें। जिन किसानों के फिंगरप्रिंट तकनीकी कारणों से नहीं आ रहे, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर खाद मुहैया कराई जाए। रबी की फसल के लिए खाद की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए, अन्यथा फसलें बर्बाद हो जाएंगी।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खाद की सुचारू व्यवस्था नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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    'पानी के मारे हाथ चटक गे, फिंगर नहीं लगै'—मैहर में खाद की किल्लत देख भावुक हुए कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी
मैहर। "साहब, पानी के मारे हाथ चटक गए हैं, अंगूठे के निशान (फिंगरप्रिंट) तक नहीं आ रहे... अब सोसाइटी वाले कहते हैं खाद नहीं मिलेगी।" यह दर्द डेल्हा गांव के किसान राम लखन पटेल का है, जो कटिया सोसाइटी में खाद के लिए घंटों से कतार में खड़े थे।
मार्मिक दृश्य: अन्नदाता का फटा हाथ और प्रशासन की बेरुखी
रबी के सीजन में खाद की किल्लत किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। जब कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी (दद्दा) किसानों का हाल जानने कटिया सोसाइटी पहुंचे, तो किसान राम लखन पटेल ने अपने फटे हुए हाथ उन्हें दिखाए। कड़ाके की ठंड और खेतों में पानी के बीच काम करने से किसान के हाथों की रेखाएं मिट चुकी हैं, जिसके कारण बायोमेट्रिक मशीन (PoS मशीन) पर उनके फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे। इस तकनीकी खामी की वजह से उन्हें खाद देने से मना किया जा रहा है।
प्रभात द्विवेदी ने कलेक्टर को दी चेतावनी
किसान का फटा हुआ हाथ अपने हाथ में थामकर प्रभात द्विवेदी भावुक हो गए। उन्होंने प्रशासन और  को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
> "सुनिए कलेक्टर साहब! यही वो हाथ हैं जो सरकार, प्रशासन और हम सबका पेट भरते हैं। यही किसान हमारा अन्नदाता है। क्या ये खाद के लिए ऐसे ही तरसते रहेंगे? यह बड़े शर्म की बात है कि मशीन पर निशान न आने के कारण किसान को उसके हक की खाद न मिले।
प्रमुख मांगें और चेतावनी:
प्रभात द्विवेदी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:
अधिकारी स्वयं धरातल पर उतरकर वस्तुस्थिति का निरीक्षण करें।
जिन किसानों के फिंगरप्रिंट तकनीकी कारणों से नहीं आ रहे, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर खाद मुहैया कराई जाए।
रबी की फसल के लिए खाद की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए, अन्यथा फसलें बर्बाद हो जाएंगी।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खाद की सुचारू व्यवस्था नहीं हुई, तो वे  आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Journalist मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • *शराब माफिया चला नेता बनने,अमरपाटन में सवालों के घेरे में ‘कथित नेता’,जरा आप भी सुने नेता जी ने किसको कहा हिजडा* अमरपाटन में हाल ही में आयोजित एक जन्मदिन समारोह ने स्थानीय राजनीति ने नई बहस को जन्म दे दिया है। जिस व्यक्ति ने मंच से ताकत और प्रभाव का प्रदर्शन करने की कोशिश की उसके अतीत को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं लोगों का कहना है कि ये वही है जो कुछ वर्ष पहले तक गली-गली घूमकर अवैध शराब की पैकारी करता था। 10–10 रुपये के लालच में घर-घर पऊआ सप्लाई करने वाला यह व्यक्ति आज खुद को बाहुबली और नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। मानना है कि अपराध की पृष्ठभूमि से राजनीति में प्रवेश करने की यह प्रवृत्ति समाज के लिए घातक है। जिस तरह से जन्मदिन समारोह को शक्ति प्रदर्शन में बदला गया, उससे साफ है कि यह आयोजन सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने का प्रयास था। हालांकि सवाल यह भी है कि इस कथित शक्ति प्रदर्शन में वास्तव में कितने लोग स्वेच्छा से आए और कितने सिर्फ दिखावे का हिस्सा बने। इतिहास गवाह है कि शराब माफिया और बाहुबल के दम पर खड़ी की गई सियासत ज्यादा दिन टिक नहीं पाती—ऐसे कई उदाहरण पहले भी मिट्टी में मिल चुके हैं। अमरपाटन की जनता अब जागरूक है और वह अच्छे चरित्र, साफ छवि और जनहित के मुद्दों पर काम करने वाले प्रतिनिधियों को ही स्वीकार करेगी। ऐसे में अवैध धंधों से राजनीति में छलांग लगाने वालों को सचेत हो जाना चाहिए, क्योंकि कानून और जनता दोनों की नजरें खुली हैं। *आप भी वीडियो देखिये और सुनिये, नेता जी कह रहे है "ठाकुर हिजडा" होता है*
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    *शराब माफिया चला नेता बनने,अमरपाटन में सवालों के घेरे में ‘कथित नेता’,जरा आप भी सुने नेता जी ने किसको कहा हिजडा*
अमरपाटन में हाल ही में आयोजित एक जन्मदिन समारोह ने स्थानीय राजनीति ने नई बहस को जन्म दे दिया है। जिस व्यक्ति ने मंच से ताकत और प्रभाव का प्रदर्शन करने की कोशिश की उसके अतीत को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं लोगों का कहना है कि ये वही है जो कुछ वर्ष पहले तक गली-गली घूमकर अवैध शराब की पैकारी करता था। 10–10 रुपये के लालच में घर-घर पऊआ सप्लाई करने वाला यह व्यक्ति आज खुद को बाहुबली और नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। मानना है कि अपराध की पृष्ठभूमि से राजनीति में प्रवेश करने की यह प्रवृत्ति समाज के लिए घातक है। जिस तरह से जन्मदिन समारोह को शक्ति प्रदर्शन में बदला गया, उससे साफ है कि यह आयोजन सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने का प्रयास था। हालांकि सवाल यह भी है कि इस कथित शक्ति प्रदर्शन में वास्तव में कितने लोग स्वेच्छा से आए और कितने सिर्फ दिखावे का हिस्सा बने। इतिहास गवाह है कि शराब माफिया और बाहुबल के दम पर खड़ी की गई सियासत ज्यादा दिन टिक नहीं पाती—ऐसे कई उदाहरण पहले भी मिट्टी में मिल चुके हैं। अमरपाटन की जनता अब जागरूक है और वह अच्छे चरित्र, साफ छवि और जनहित के मुद्दों पर काम करने वाले प्रतिनिधियों को ही स्वीकार करेगी। ऐसे में अवैध धंधों से राजनीति में छलांग लगाने वालों को सचेत हो जाना चाहिए, क्योंकि कानून और जनता दोनों की नजरें खुली हैं।
*आप भी वीडियो देखिये और सुनिये, नेता जी कह रहे है "ठाकुर हिजडा" होता है*
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सिहुड़ी ( छपरा) स्लीमनाबाद विद्यालय में बालकों को शौच के लिए जाना पड़ता है। घर क्योंकि भोजन बनाने वाले अपने घर से भोजन बनाकर लाते हैं जिस कारण बस बच्चों को अधूरा भोजन मिलता है जिससे बच्चों का पेट नहीं भर पता और बच्चे भूखे रह जाते हैं।
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    सिहुड़ी ( छपरा) स्लीमनाबाद विद्यालय में बालकों को शौच के लिए जाना पड़ता है। घर  क्योंकि भोजन बनाने वाले अपने घर से भोजन बनाकर लाते हैं जिस कारण बस बच्चों को अधूरा भोजन मिलता है जिससे बच्चों का पेट नहीं भर पता और बच्चे भूखे रह जाते हैं।
    user_News7india
    News7india
    बड़वारा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    49 min ago
  • Post by Abhishek Pandey
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    Post by Abhishek Pandey
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    6 hrs ago
  • सिरमौर में जमीन विवाद को दिया जा रहा राजनीतिक रंग, अतिक्रमण और धमकी का आरोप सिरमौर। क्षेत्र में एक गंभीर जमीन विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक स्वघोषित नेता पर आदिवासियों को मोहरा बनाकर निजी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कराने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित के अनुसार पहले उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया, जिसके बाद उसने विधिसम्मत तरीके से सीमांकन कराते हुए न्यायालय तहसील में धारा 250 के तहत मामला दर्ज कराया। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति अब इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि आदिवासियों को कंबल जैसे प्रलोभन देकर भीड़ इकट्ठा की जा रही है और जबरन पक्का निर्माण कराने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने पर माननीय तहसीलदार, थाना प्रभारी और स्थानीय विधायक पर भी अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है। इसके साथ ही गंभीर आरोप यह भी है कि जंगल क्षेत्र से अवैध रूप से ट्रैक्टर द्वारा पत्थर तुड़वाकर निर्माण सामग्री लाई जा रही है, जो स्पष्ट रूप से वन नियमों का उल्लंघन है। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसे धमकियां दी गईं। मामले ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है। पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर अवैध अतिक्रमण, धमकी और वन संपदा के दोहन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    सिरमौर में जमीन विवाद को दिया जा रहा राजनीतिक रंग, अतिक्रमण और धमकी का आरोप
सिरमौर। क्षेत्र में एक गंभीर जमीन विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक स्वघोषित नेता पर आदिवासियों को मोहरा बनाकर निजी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कराने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित के अनुसार पहले उसकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया, जिसके बाद उसने विधिसम्मत तरीके से सीमांकन कराते हुए न्यायालय तहसील में धारा 250 के तहत मामला दर्ज कराया।
मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति अब इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है। आरोप है कि आदिवासियों को कंबल जैसे प्रलोभन देकर भीड़ इकट्ठा की जा रही है और जबरन पक्का निर्माण कराने की कोशिश की जा रही है।
पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने पर माननीय तहसीलदार, थाना प्रभारी और स्थानीय विधायक पर भी अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है।
इसके साथ ही गंभीर आरोप यह भी है कि जंगल क्षेत्र से अवैध रूप से ट्रैक्टर द्वारा पत्थर तुड़वाकर निर्माण सामग्री लाई जा रही है, जो स्पष्ट रूप से वन नियमों का उल्लंघन है। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसे धमकियां दी गईं।
मामले ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया है। पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर अवैध अतिक्रमण, धमकी और वन संपदा के दोहन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Vindhya tiger
    Vindhya tiger
    Reporter Huzur, Rewa•
    12 hrs ago
  • 30 जनवरी 2026 को भोपाल चलो एससी एसटी ओबीसी पिछड़ा वर्ग मुख्यमंत्री आवास का घेराव
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    30 जनवरी 2026 को भोपाल चलो एससी एसटी ओबीसी पिछड़ा वर्ग मुख्यमंत्री आवास का घेराव
    user_Jay Jawan Jay Kisan
    Jay Jawan Jay Kisan
    Lawyer देवेंद्रनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सभी साथी यह वीडियो शेयर करें और बताएं कैसे फर्जी हिंदूवादी लोग ओबीसी समाज को उनके अधिकारों की बात कहने पर अपमानित करते हैं👇 अगर इसे देखकर भी OBC नहीं संभला तो धिक्कार है तुमपर 😑 दरअसल मध्यप्रदेश में मुरैना के पिपरसेवा गांव में हिंदूवादी संगठनों के द्वारा एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें .
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    सभी साथी यह वीडियो शेयर करें और बताएं कैसे फर्जी हिंदूवादी लोग ओबीसी समाज को उनके अधिकारों की बात कहने पर अपमानित करते हैं👇 अगर इसे देखकर भी OBC नहीं संभला तो धिक्कार है तुमपर 😑 दरअसल मध्यप्रदेश में मुरैना के पिपरसेवा गांव में हिंदूवादी संगठनों के द्वारा एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें .
    user_News7india
    News7india
    बड़वारा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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