मनरेगा की खुदाई से खारे हो रहे तालाब, ग्रामीणों ने की काम की प्राथमिकता बदलने की मांग पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़।महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत हो रही अंधाधुंध तालाब खुदाई अब जिले के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। लगातार गहरी खुदाई के चलते भूजल और तालाबों का पानी खारा हो रहा है, जिससे रोहट सहित कई क्षेत्रों में ग्रामीणों को पीने योग्य मीठा पानी नसीब नहीं हो रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष मदन सिंह जागरवाल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भेजा है। **खारेपन की मार से बेहाल ग्रामीण** ज्ञापन में मदन सिंह जागरवाल ने उल्लेख किया है कि मनरेगा के तहत हर साल तालाबों की गहरी खुदाई पर जोर दिया जाता है। इसका परिणाम यह हुआ है कि काली मिट्टी का स्तर खत्म होने से जमीन की गहराई से खारा लवण ऊपर आ गया है। विशेषकर रोहट क्षेत्र में स्थिति विकट है। तालाबों का पानी खारा हो जाने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का भीषण संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का तर्क है कि बार-बार की खुदाई से जलस्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। **सड़क निर्माण की उठी मांग* जागरवाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मनरेगा कार्यों की प्राथमिकता में बदलाव किया जाए। तालाब खुदाई के स्थान पर गांवों और ढाणियों को जोड़ने वाली ग्रेवल सड़कों का निर्माण प्राथमिकता से करवाया जाए। इससे ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलेगी, बारिश में होने वाली कीचड़ और जलभराव की समस्या से स्थाई निजात मिलेगी और यह कार्य क्षेत्र के लिए अधिक जनहितकारी साबित होगा। **पलायन रोकने के लिए काम शुरू करने का आग्रह* संगठन ने यह भी चेताया है कि वर्तमान में जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के काम सुचारु रूप से शुरू नहीं हुए हैं, जिसके कारण गरीब श्रमिक वर्ग मजदूरी की तलाश में पलायन करने को मजबूर है। जागरवाल ने मांग की है कि सभी गांवों और ढाणियों में नरेगा कार्य शुरू किए जाएं ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके। **गर्मी को देखते हुए कार्य समय में बदलाव की अपील* भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों को देखते हुए संगठन ने कार्यस्थल पर छाया, शीतल पेयजल और दवाओं की माकूल व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही, श्रमिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत नरेगा कार्य का समय बदलकर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक करने का आग्रह किया गया है, ताकि चिलचिलाती धूप में श्रमिक बीमार न पड़ें। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है, ताकि ग्रामीणों की पेयजल समस्या हल हो सके और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके।
मनरेगा की खुदाई से खारे हो रहे तालाब, ग्रामीणों ने की काम की प्राथमिकता बदलने की मांग पाली,ब्यूरो चीफ मनीष राठौड़।महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत हो रही अंधाधुंध तालाब खुदाई अब जिले के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। लगातार गहरी खुदाई के चलते भूजल और तालाबों का पानी खारा हो रहा है, जिससे रोहट सहित कई क्षेत्रों में ग्रामीणों को पीने योग्य मीठा पानी नसीब नहीं हो रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष मदन सिंह जागरवाल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भेजा है। **खारेपन की मार से बेहाल ग्रामीण** ज्ञापन में मदन सिंह जागरवाल ने उल्लेख किया है कि मनरेगा के तहत हर साल तालाबों की गहरी खुदाई पर जोर दिया जाता है। इसका परिणाम यह हुआ है कि काली मिट्टी का स्तर खत्म होने से जमीन की गहराई से खारा लवण ऊपर आ गया है। विशेषकर रोहट क्षेत्र में स्थिति विकट है। तालाबों का पानी खारा हो जाने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का भीषण संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का तर्क है कि बार-बार की खुदाई से जलस्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। **सड़क निर्माण की उठी मांग* जागरवाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मनरेगा कार्यों की प्राथमिकता में बदलाव किया जाए। तालाब खुदाई के स्थान
पर गांवों और ढाणियों को जोड़ने वाली ग्रेवल सड़कों का निर्माण प्राथमिकता से करवाया जाए। इससे ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलेगी, बारिश में होने वाली कीचड़ और जलभराव की समस्या से स्थाई निजात मिलेगी और यह कार्य क्षेत्र के लिए अधिक जनहितकारी साबित होगा। **पलायन रोकने के लिए काम शुरू करने का आग्रह* संगठन ने यह भी चेताया है कि वर्तमान में जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के काम सुचारु रूप से शुरू नहीं हुए हैं, जिसके कारण गरीब श्रमिक वर्ग मजदूरी की तलाश में पलायन करने को मजबूर है। जागरवाल ने मांग की है कि सभी गांवों और ढाणियों में नरेगा कार्य शुरू किए जाएं ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके। **गर्मी को देखते हुए कार्य समय में बदलाव की अपील* भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों को देखते हुए संगठन ने कार्यस्थल पर छाया, शीतल पेयजल और दवाओं की माकूल व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही, श्रमिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत नरेगा कार्य का समय बदलकर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक करने का आग्रह किया गया है, ताकि चिलचिलाती धूप में श्रमिक बीमार न पड़ें। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है, ताकि ग्रामीणों की पेयजल समस्या हल हो सके और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके।
- ग्राम जेतपुरा ग्राम पंचायत डिगाई पंचायत समिति पाली जिला पाली नाग और नागिन मुख्य तालाब के अंदर डांस करते हुए मिले2
- 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन हुई खत्म, पाली जोधपुर के बीच मरीज की हुई मौत, बांगड़ अस्पताल से जोधपुर किया था रेफर वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली। बांगड़ अस्पताल से जोधपुर रेफर किए गए मरीज की बीच रास्ते में ही मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद उसका भाई उसी एंबुलेंस में शव को लेकर वापस बांगड़ पहुंचा जहां मॉर्च्यूरी के बाहर परिजनों ने एंबुलेंस ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना दे दिया। दरअसल बांगड़ अस्पताल से रविवार दोपहर ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज को 108 एंबुलेंस से जोधपुर रेफर किया गया। इस दौरान बीच रास्ते में ओम बन्ना के निकट एंबुलेंस में रखे सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई जिसके चलते मरीज ने जोधपुर पहुंचने से पहले ही अपने भाई की गोद में दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनो द्वारा ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप लगाने पर 108 एंबुलेंस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने कहा कि बुलाना में ऑक्सीजन थी, लेकिन सिलेंडर की चूड़ी में किसी प्रकार की समस्या आने से सप्लाई प्रभावित हुई जिसकी जांच करवा रहे हैं। वहीं परिजनों की शिकायत पर सीएमएचओ ने भी ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।शहर के ट्रांसपोर्ट नगर नया गांव सांसी बस्ती निवासी सावन कुमार (20) पुत्र सज्जन कुमार को किडनी की समस्या होने पर चार दिन पहले 7 मई को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया था। सावन की हालत गंभीर होने पर उसे रविवार को जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल रेफर किया गया, जिसके बाद उसके परिजन 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज को लेकर जोधपुर रवाना हुए, बीच रास्ते में मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी और ओम बन्ना के निकट उसकी सांसें थम गईं। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजन बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए। मृतक की मां लाली देवी का कहना है कि उनका बेटा अस्पताल में सही होने आया था, लेकिन ड्राइवर की लापरवाही ने उसकी जान ले ली। मृतक के भाई देवाराम ने बताया- करीब 6 महीने पहले उसके भाई की दोनों किडनियों में समस्या हो गई। अब तक सिर्फ 10 बार उसका डायलिसिस हुआ था। सप्ताह में दो बार उसे डायलिसिस करवाने बांगड़ हॉस्पिटल लाते थे। चार दिन पहले 7 मई को तबीयत बिगड़ने पर उसे बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था।1
- 16वीं सीनियर महिला राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के लिए पाली जिले की टीम का चयन ट्रायल संपन्न हुआ। रिजर्व पुलिस लाइन हॉकी खेल मैदान में हुए इस ट्रायल में जिलेभर के गाँवों से 50 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। हॉकी पाली के अध्यक्ष ने सफल आयोजन के लिए पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन का आभार व्यक्त किया।2
- राजस्थान में किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए 'ग्राम रथ अभियान' शुरू किया गया है। इस अभियान में एलईडी वैन और लोक कलाकार गांवों में जाकर प्रेरक फिल्में दिखाकर और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर जागरूकता फैला रहे हैं। इसका लक्ष्य पात्र लोगों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाना है।3
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली के रायपुर थाना क्षेत्र में देवा होटल के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। ट्रक की टक्कर से हुई इस घटना में ब्यावर जिले के मालाराम कुमावत ने दम तोड़ा; पुलिस जांच में जुटी है।1
- गाँव सफ़लता में आज दिनांक 10.5.2026 को बीजेपी सरकार के ग्राम रथ अभियान के तथा जनता के समग्र रथ का आगमन हुआ बीजेपी सरकार के कार्यकर्ता और कार्यशैली को जनता ने आशीर्वाद के रूप में अपार प्रकट किया और बीजेपी सरकार के काम को देखते हुए जनता के मुंह पर उत्साह और खुशी का माहौल दिखा1
- राजस्थान के पाली में 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से एक गंभीर मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि ड्राइवर ने बार-बार की चेतावनी को अनसुना कर दिया, जिससे मरीज तड़प-तड़पकर मर गया।1