मारपीट के मामले में महिला समेत दो को तीन-तीन साल की कैद इटावा। मारपीट कर महिला को घायल करने के करीब 21 साल पुराने मामले में अदालत ने महिला समेत दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 1,700-1,700 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सहायक अभियोजन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इकदिल थाना क्षेत्र के गांव देशरमऊ निवासी रामू ने वर्ष 2005 में पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 18 सितंबर 2005 को उसकी मां सरस्वती देवी अपने घर के दरवाजे पर बैठी थीं। इसी दौरान परिवार के ही अशोक कुमार पुत्र रामचंद्र और सरोज कुमारी पत्नी हरि सिंह वहां पहुंचे। नीम के पेड़ में हिस्सा मांगने को लेकर सरस्वती देवी और आरोपियों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ने सरस्वती देवी के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अशोक कुमार और सरोज कुमारी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर पांच में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी संजय कुमार ने पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अशोक कुमार और सरोज कुमारी को दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास तथा 1,700-1,700 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
मारपीट के मामले में महिला समेत दो को तीन-तीन साल की कैद इटावा। मारपीट कर महिला को घायल करने के करीब 21 साल पुराने मामले में अदालत ने महिला समेत दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 1,700-1,700 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सहायक अभियोजन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इकदिल थाना क्षेत्र के गांव देशरमऊ निवासी रामू ने वर्ष 2005 में पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 18 सितंबर 2005 को उसकी मां सरस्वती देवी अपने घर के दरवाजे पर बैठी थीं। इसी दौरान परिवार के ही अशोक कुमार पुत्र रामचंद्र और सरोज कुमारी पत्नी हरि सिंह वहां पहुंचे। नीम के पेड़ में हिस्सा मांगने को लेकर सरस्वती देवी और आरोपियों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ने सरस्वती देवी के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अशोक कुमार और सरोज कुमारी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर पांच में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी संजय कुमार ने पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अशोक कुमार और सरोज कुमारी को दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास तथा 1,700-1,700 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
- जसवंतनगर बकरी मेला में मेला के दो कर्मचारियों ने मेरे साथ बदतमीजी की मैं अपनी बकरी बेचने गया था बकरी बिकी नहीं मेरी फिर भी मेला कर्मचारी मुझे पैसे मांग रहे थे मैंने पैसे नहीं दिए मुझ पर ते नहीं मुझ में थप्पड़ मारने की बात कर रहे थे और मेरे फोन में थप्पड़ दिया मुझे इंसाफ चाहिए इन दोनों पर कार्रवाई होनी चाहिए 🙏 up 75 / .16. 7 .2026.1
- नाबालिग बाइक सवार को बचाने में बंबा में गिरी कार क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण बिगड़ा संतुलन, दो लोग बाल-बाल बचे जसवंतनगर। कचौरा मार्ग पर ग्राम कोकावली मोड़ के पास बुधवार को सामने से आ रहे बाइक सवार को बचाने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी क्षतिग्रस्त पुलिया से नीचे बंबा में जा गिरी। हादसे में कार सवार 30 वर्षीय कमल और उनके बहनोई 44 वर्षीय मदन सिंह बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कमल अपने बहनोई मदन सिंह के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान सामने से एक नाबालिग बाइक सवार लहराते हुए बाइक लेकर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में कार चालक ने वाहन को सड़क किनारे किया, तभी क्षतिग्रस्त पुलिया के पास कार का संतुलन बिगड़ गया और वह पलटते हुए बंबा में जा गिरी। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कार सवार दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों को सकुशल देखकर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि कार को काफी नुकसान पहुंचा है। लंबे समय से क्षतिग्रस्त है पुलिया स्थानीय लोगों के अनुसार, कोकावली मोड़ के पास पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। बरसात के कारण आसपास झाड़ियां और घास बढ़ जाने से पुलिया का किनारा भी दूर से स्पष्ट दिखाई नहीं देता। सामने से आने वाले वाहनों को रास्ता देने के दौरान यहां दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने, आसपास की झाड़ियों की सफाई कराने तथा चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है।1
- मानवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश लोधी जी गांव जरौली में जनसंपर्क किया और घर-घर जाकर वोट मांगे मानवधि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश लोधी के कार्यक्रम के महोत्सव के उत्सव पर कार्यकर्ताओं ने किया जनसम्पर्क1
- इटावा में रातभर चला गाड़ाबंदी और गश्त मिलान अभियान, एसएसपी ने किया निरीक्षण इटावा में कानून एवं शांति व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस ने रातभर गाड़ाबंदी और गश्त मिलान अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में 16 सितंबर की रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने निर्धारित प्वाइंटों पर गाड़ाबंदी कर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की। इसके साथ ही रात्रिकालीन गश्त को प्रभावी बनाते हुए संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मार्गों पर निगरानी की गई। एसएसपी श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने थाना फ्रेण्ड्स कॉलोनी और थाना इकदिल क्षेत्र में पहुंचकर रात्रि पिकेट और पुलिस गश्त का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता का जायजा लिया और गश्त मिलान व्यवस्था को चेक करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार, रात्रि के समय अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण, संदिग्ध लोगों और वाहनों की निगरानी तथा आमजन की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से गाड़ाबंदी, चेकिंग और रात्रिकालीन गश्त की जा रही है। इटावा पुलिस ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।1
- आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी लोग आज भी काली पन्नी तानकर जिंदगी काटने को मजबूर परिवार आवास के लिए वर्षों से लगा रहा गुहार जनपद- मैनपुरी रिपोर्टर- अरुण कुमार मो-9761113671 स्लोगन -आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी लोग आज भी काली पन्नी तानकर जिंदगी काटने को मजबूर परिवार आवास के लिए वर्षों से लगा रहा गुहार एंकर- आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद आज भी गरीबी और सरकारी योजनाओं की धीमी रफ्तार का दर्द उस परिवार की जिंदगी में साफ दिखाई देता है, जो आज भी काली पन्नी तानकर जीवन बिताने को मजबूर है। बरसात, गर्मी और सर्दी जैसे हर मौसम में यह परिवार असुरक्षित हालात में रहने को विवश है, लेकिन अब तक उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। बीओ-जनपद मैनपुरी के करहल विकासखंड क्षेत्र के पतारा के मजरा किशनपुर में कुछ परिवार अपने परिवार के साथ कच्ची ईंटों से बने छोटे से आशियाने में रह रहे हैं। घर की छत पर काली पन्नी डालकर किसी तरह रहने की व्यवस्था की गई है। परिवार में चार बच्चे हैं मजदूरी करने के साथ परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पिछले करीब 40 वर्षों से परिवार इसी बदहाल स्थिति में जीवन यापन कर रहे है। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। रोज कमाने और खाने वाले इस परिवारो के पास इतना पैसा नहीं है कि खुद का पक्का मकान बनवा सकें। परिवार का कहना है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान काली पन्नी भी सहारा नहीं बन पाती, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। छोटे बच्चों के साथ रहने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा अन्य सरकारी योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सके। बाइट- गुड्डी देवी बाइट- लल्लन सिंह बाइट- फूला देबी बाइट- रामा देबी बाइट- सर्वेश कुमार ग्रामीण1
- आकाशवाणी आगरा के ग्राम्यालोक कार्यक्रम में ज़िला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह जी ने दी बाज़ार हस्त क्षेप योजना के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी1
- Rk न्यूज़ पीरज़ादा तौकी़र निजा़मी पूर्व AIMIM नेता मध्यप्रदेश ने औवेसी साहब aimim राष्ट्रीय अध्यक्ष भोपाल आगमन पर पूछे कुछ बड़ा सवाल क्या औवेसी साहब भोपाल की अपनी सभा में देगें इन सवालों के जवाब1
- साल से जलभराव, ग्रामीण परेशान, स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत, जसवंतनगर के नगला घनु गांव में पिछले करीब दो साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। लंबे समय से समाधान न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सबसे ज्यादा समस्या सुघर सिंह के मकान से लेकर राम गोपाल के मकान तक है। इस रास्ते पर लंबे समय से पानी भरा होने के कारण आना-जाना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और बदबू का माहौल है। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तालाब पर अवैध कब्जा होने के कारण पानी की निकासी रुक गई है। इसी वजह से बारिश या अन्य स्रोतों से आने वाला पानी लंबे समय तक रास्ते में जमा रहता है। रणवीर, पान सिंह, विशुन दयाल, राजवीर, हिम्मत सिंह, राजकुमारी, किरन देवी और छोटी देवी समेत कई ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इस संबंध में एडीओ पंचायत देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए टीम बनाई जाएगी और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मौके का निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करते हुए जलभराव की समस्या को हल किया जाएगा।1