अजय पार धाम छतरपुर क्षेत्र में आस्था का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, जिसे धार्मिक श्रद्धा और साधना का केंद्र माना जाता है। हाल के वर्षों में, बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर इस धाम पर पहुंच रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई प्रार्थना से भक्तों को मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त होता है। इस धाम पर 'अर्जी बांधना' एक महत्वपूर्ण धार्मिक प्रथा है, जहाँ श्रद्धालु अपनी मनोकामना, समस्या या इच्छा को लेकर अर्जी बांधते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह अर्जी श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। अर्जी बांधते समय भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं और एक सकारात्मक संकल्प लेते हैं। यह भी माना जाता है कि मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त दोबारा धाम पहुंचकर धन्यवाद अर्पित करते हैं।
अजय पार धाम छतरपुर क्षेत्र में आस्था का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, जिसे धार्मिक श्रद्धा और साधना का केंद्र माना जाता है। हाल के वर्षों में, बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर इस धाम पर पहुंच रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई प्रार्थना से भक्तों को मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त होता है। इस धाम पर 'अर्जी बांधना' एक महत्वपूर्ण धार्मिक प्रथा है, जहाँ श्रद्धालु अपनी मनोकामना, समस्या या इच्छा को लेकर अर्जी बांधते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह अर्जी श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। अर्जी बांधते समय भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं और एक सकारात्मक संकल्प लेते हैं। यह भी माना जाता है कि मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त दोबारा धाम पहुंचकर धन्यवाद अर्पित करते हैं।
- अजय पार धाम छतरपुर क्षेत्र में आस्था का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, जिसे धार्मिक श्रद्धा और साधना का केंद्र माना जाता है। हाल के वर्षों में, बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर इस धाम पर पहुंच रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई प्रार्थना से भक्तों को मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त होता है। इस धाम पर 'अर्जी बांधना' एक महत्वपूर्ण धार्मिक प्रथा है, जहाँ श्रद्धालु अपनी मनोकामना, समस्या या इच्छा को लेकर अर्जी बांधते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह अर्जी श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। अर्जी बांधते समय भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं और एक सकारात्मक संकल्प लेते हैं। यह भी माना जाता है कि मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त दोबारा धाम पहुंचकर धन्यवाद अर्पित करते हैं।1
- मंगलवार को छतरपुर कलेक्ट्रेट परिसर में जनसुनवाई के दौरान जिला परियोजना अधिकारी (पीओ डूडा) साजिदा कुरैशी की सरकारी बोलेरो नियो गाड़ी लगभग डेढ़ से दो घंटे तक एसी चालू हालत में खड़ी रही। गाड़ी के चालक ने बताया कि अधिकारी के बाहर आने तक वाहन को ठंडा रखने के लिए एसी चलाया गया था। इस घटना को लेकर सरकारी ईंधन की बर्बादी और संसाधनों के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, पीओ डूडा साजिदा कुरैशी ने इस मामले पर अनभिज्ञता जताई और कहा कि इस संबंध में जांच कराई जाएगी। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो आज 3 जून को दोपहर करीब 4:30 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है।1
- राजधानी भोपाल स्थित विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'राजा भोज-बागदेवी विश्वविद्यालय' करने का प्रस्ताव कार्य परिषद द्वारा शासन को भेजा गया है। भाजपा ने इस कदम को जनभावना और सनातन संस्कृति के सम्मान का प्रतीक बताया है। यह प्रस्ताव भोपाल के बुद्धिजीवी वर्ग, आमजन और प्रबुद्ध जनों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर आधारित है, जिसमें विश्वविद्यालय का नाम महान शासक राजा भोज और विद्या की देवी बागदेवी के नाम पर रखने की बात कही गई थी। भाजपा के अनुसार, यह नामकरण भोपाल की विरासत और सनातन संस्कृति के लिए एक बड़ी सौगात होगा, क्योंकि राजा भोज भोपाल के गौरव हैं और बागदेवी विद्या की अधिष्ठात्री हैं। भाजपा ने इस पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति में अंधी होकर भोपाल की विरासत, संस्कृति और सनातन तक का विरोध कर रही है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से जनभावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया है। वर्तमान में, कार्य परिषद द्वारा भेजा गया यह प्रस्ताव राज्य सरकार के अंतिम निर्णय के लिए लंबित है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विश्वविद्यालय का आधिकारिक नाम 'राजा भोज-बागदेवी विश्वविद्यालय' हो जाएगा।1
- टीकमगढ़ जिले में, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने घोषणा की है कि बम्होरी खास पंचायत कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक अग्रणी स्थान प्राप्त करेगी। यह कदम पंचायत को अपशिष्ट प्रबंधन में आदर्श बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिदारी, शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। एक खास रिपोर्ट में इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों यह पंचायत इन बुनियादी सुविधाओं से महरूम है। राम सिंह यादव जी के साथ इस खास रिपोर्ट में यह गंभीर मुद्दा उठाया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा तहसील अंतर्गत ग्राम बेला में सरपंच लक्ष्मी बाई अहिरवार, उनके पति बद्री प्रसाद अहिरवार, पुत्र कैलाश अहिरवार और यशकांत अहिरवार पर शासकीय भूमि की मिट्टी जेसीबी मशीन से खोदकर बेचने का गंभीर आरोप लगा है। ग्राम बेला के निवासी अशोक अहिरवार ने कलेक्टर महोदय, टीकमगढ़ को संबोधित करते हुए यह शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता अशोक अहिरवार के अनुसार, ये सभी लोग जेसीबी मशीन का उपयोग कर शासकीय जमीन से लगातार मिट्टी निकाल रहे हैं और उसे बेच रहे हैं। जब अशोक अहिरवार ने उन्हें इस अवैध कार्य को रोकने के लिए कहा, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जेसीबी मशीन से कुचलकर जान से मारने की धमकी भी दी। आवेदक ने कलेक्टर महोदय से विनम्र निवेदन किया है कि उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अनावेदकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।2
- छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र में कांग्रेस नेत्री कंचन शुक्ला का शस्त्र प्रदर्शन करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में है। इस घटना के बाद कांग्रेस नेत्री कंचन शुक्ला ने मंगलवार, 3 जून को दोपहर करीब 4:30 बजे छतरपुर में अपना पक्ष रखते हुए एक बयान जारी किया। कंचन शुक्ला ने अपने इस बयान के माध्यम से वायरल वीडियो को लेकर अपनी बात रखी और मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद से विभिन्न स्तरों पर इसकी चर्चा हो रही है, और अब लोगों की नजरें प्रशासन तथा पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के तालाब मोहल्ला में बीती रात एक अज्ञात व्यक्ति ने घरों के बाहर खड़ी तीन गाड़ियों में आग लगा दी। इस वारदात में दो कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि एक अन्य वाहन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह घटना देर रात करीब 2 बजे हुई, जब तालाब मोहल्ला निवासी इरफान खान, रमाकांत खरे और गुल्लू खान की गाड़ियां प्रतिदिन की तरह अपने घरों के बाहर खड़ी थीं और एक अज्ञात आरोपी ने उन्हें निशाना बनाया। पीड़ित इरफान खान ने बताया कि उनके छोटे भाई जाहिद ने रात 2 बजे फोन कर उन्हें आग लगने की सूचना दी। बाहर आकर देखने पर उन्होंने अपनी गाड़ियों को आग की लपटों में घिरा पाया। तत्काल डायल 112 और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आगजनी में रमाकांत खरे की वैगनआर कार और गुल्लू खान की अमेज कार पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इरफान खान की क्रूजर गाड़ी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये है, वह भी एक तरफ से काफी हद तक जल गई। जिस स्थान पर गाड़ियां खड़ी थीं, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। अब पुलिस आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ने के लिए आसपास के मोहल्लों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इस घटना ने स्थानीय पुलिस की रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहल्ले के निवासियों का आरोप है कि पुलिस की सक्रियता में कमी के कारण अपराधी बेखौफ होकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।4