एम-सेंट विवाद पर ठेकेदार एकजुट, करणी सिंह राठौड़ ने समाधान का दिया भरोसा कुशलगढ़ में ठेकेदार संगठन की महत्वपूर्ण बैठक सेठिया आवास पर आयोजित हुई, जिसमें निर्माण कार्यों में एम-सेंट (M-Sand) के उपयोग को लेकर उत्पन्न स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई। ठेकेदारों ने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के तहत एम-सेंट के उपयोग के स्पष्ट निर्देश हैं, फिर भी स्थानीय सार्वजनिक निर्माण विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा आपत्ति जताई जा रही है, जिससे असंतोष का माहौल है। सचिव राहुल भटेवरा ने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोधाभासी निर्देशों से परेशानी हो रही है। संगठन मंत्री विजय सिंह खड़िया ने एम-सेंट को समय की आवश्यकता बताते हुए अधिकारियों से सकारात्मक निर्णय की मांग की। वरिष्ठ ठेकेदार नारायण लाल शर्मा ने आर्थिक व मानसिक नुकसान पर चिंता जताई। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष करणी सिंह राठौड़ से मिला। करणी सिंह राठौड़ ने अधिशासी अभियंता से वार्ता कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान राजू भाई प्रजापत, कल सिंह डामोर, मनोज सेठ, हितेश नायक, जितेंद्र राठौड़, ललित गोलेछा, नारायण लाल शर्मा, राहुल भटेवरा एवं विजय सिंह खड़िया सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने समाधान तक एकजुट संघर्ष का संकल्प लिया।
एम-सेंट विवाद पर ठेकेदार एकजुट, करणी सिंह राठौड़ ने समाधान का दिया भरोसा कुशलगढ़ में ठेकेदार संगठन की महत्वपूर्ण बैठक सेठिया आवास पर आयोजित हुई, जिसमें निर्माण कार्यों में एम-सेंट (M-Sand) के उपयोग को लेकर उत्पन्न स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई। ठेकेदारों ने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के तहत एम-सेंट के उपयोग के स्पष्ट निर्देश हैं, फिर भी स्थानीय सार्वजनिक निर्माण विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा आपत्ति जताई जा रही है, जिससे असंतोष का माहौल है। सचिव राहुल भटेवरा ने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोधाभासी निर्देशों से परेशानी हो रही है। संगठन मंत्री विजय सिंह खड़िया ने एम-सेंट को समय की आवश्यकता बताते हुए अधिकारियों से सकारात्मक निर्णय की मांग की। वरिष्ठ ठेकेदार नारायण लाल शर्मा ने आर्थिक व मानसिक नुकसान पर चिंता जताई। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष करणी सिंह राठौड़ से मिला। करणी सिंह राठौड़ ने अधिशासी अभियंता से वार्ता कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान राजू भाई प्रजापत, कल सिंह डामोर, मनोज सेठ, हितेश नायक, जितेंद्र राठौड़, ललित गोलेछा, नारायण लाल शर्मा, राहुल भटेवरा एवं विजय सिंह खड़िया सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने समाधान तक एकजुट संघर्ष का संकल्प लिया।
- विप्र फाउंडेशन परिवार डूंगरपुर द्वारा रंगोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय शांतिलाल जी चौबीसा साहब पुर्व रिटायर्ड डी वाई एस पि रहे। सभी विप्र समाज के सदस्य उपस्थित होकर भगवान परशु राम सर्किल पर विभिन्न प्रकार के रंग चढ़ाकर प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्य अतिथि ने इसे मौके पर डूंगरपुर विप्र फाउंडेशन द्धारा समाज हित में जो कार्ड किए जा रहे हैं उसको मुक्त कण्ठ से सराहना की। जिला अध्यक्ष ललित उपाध्याय ने आगामी अप्रैल में आने वाले परशु राम जयंती पर 3 दिन होने वाले फेस्टिवल के बारे में जानकारी दी। लगभग 40000/ चालीस हजार विप्र समाज के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। मातृ शक्ति द्वारे रंगोत्सव गीत पर नाच कर खुशी व्यक्त्त की। सभी सदस्यों द्वारा आपस में तिलक लगाकर एक दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। आदरणीय प्रशांत जी चौबीसा, हरीश जी मेहता आस्था इंश्योरेंस कंपनी द्वारे ठंडाई व पकौड़ी की व्यवस्थ की गई। कार्यक्रम में सीनियर सदस्यों के साथ साथ मातृ शक्ति, युवा शक्ति की भी उपस्थिति रही। आभार जिले महामंत्री प्रशांत चौबीसा ने व्यक्त किया।1
- उन्होंने बताया कि 2 मार्च 2026 को तबीयत खराब होने पर अस्पताल पहुंचने पर कुछ दवाइयां ही उपलब्ध कराई गईं, जबकि शेष दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। उन्होंने दवाइयों के बजट और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में गंदगी, छत पर खुली पड़ी पानी की टंकियां, काई और कचरे की मौजूदगी को लेकर भी लापरवाही का आरोप लगाया गया। साथ ही साइकिल स्टैंड के नाम पर ठेका प्रथा के माध्यम से अवैध वसूली का मुद्दा उठाया गया। कमल मीणा ने प्रशासन से पानी की टंकियां ढकने, सफाई व्यवस्था सुधारने और साइकिल स्टैंड का ठेका निरस्त करने की मांग की है। चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर बहुजन समाज पार्टी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगी।3
- Holi Dahan ka program bade Usha ke sath manaya Gaya Pratapgarh reporter Seema Kumawat2
- Post by रंग लाल मीणा1
- धुलंडी पर क्षेत्र रंगों में सराबोर, बंजारा व डामोर समाज की पारंपरिक गैर रही आकर्षण का केंद्र सीमलवाड़ा क्षेत्र में होली एवं धुलंडी का पर्व इस वर्ष भी बड़े हर्षोल्लास, उमंग और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सोमवार रात विधि-विधान से होलिका दहन के पश्चात मंगलवार को धुलंडी के दिन सुबह से ही गांव-गांव में रंगों की फुहार और ढोल की थाप सुनाई देने लगी। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंग-गुलाल में सराबोर नजर आए तथा एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। बांसिया में बंजारा समाज की पारंपरिक गैर ने मोहा मन गोविंद गुरु की जन्मस्थली ग्राम पंचायत बांसिया स्थित मंडेरी बंजारा टांडा में बंजारा समाज द्वारा पारंपरिक गैर नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे युवाओं एवं बुजुर्गों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर गोल घेरा बनाकर पारंपरिक शैली में गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक लोकधुनों और उत्साहपूर्ण हुंकारों से पूरा टांडा गूंज उठा। बंजारा समाज की गैर की विशेषता उसकी अनुशासित चाल, लयबद्ध डंडों की टकराहट और सामूहिक प्रस्तुति रही, जो उनकी सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने भी पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहकर पर्व की शोभा बढ़ाई। बच्चों ने भी एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियां बांटी और उत्सव का आनंद लिया। डामोर क्षेत्र में भी दिखा गैर का उत्साह डामोर बहुल क्षेत्र में भी धुलंडी का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। यहां डामोर समाज के युवाओं ने पारंपरिक गैर नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल की थाप पर कदमताल करते हुए युवाओं ने गोल घेरे में सधी हुई चाल से गैर खेली। गैर के दौरान पारंपरिक गीतों और उत्साहवर्धक नारों से माहौल रोमांचित हो उठा। समाज के बुजुर्गों की उपस्थिति में युवाओं ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। पुनावाड़ा में जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता पुनावाड़ा गांव में धुलंडी के अवसर पर ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से रंगोत्सव मनाया। इस अवसर पर सरपंच मनोहर सिंह डामोर, पुनावाड़ा लैंप्स अध्यक्ष राजसिंह डामोर, पूर्व पंचायत समिति सदस्य धुला भाई डामोर, वार्ड पंच मुकेश डामोर, लक्ष्मण डामोर, वाला भाई, विनोद मालिवाड़, रामा डामोर, सुखा डामोर, लक्ष्मण कालू सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रंग खेलते हुए क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश पूरे क्षेत्र में धुलंडी का पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पारंपरिक गैर नृत्यों ने जहां सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया, वहीं सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का संदेश भी दिया। रंगों के इस पर्व ने क्षेत्रवासियों के बीच प्रेम, अपनत्व और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया।1
- प्रतापगढ़ (राजस्थान) – कमल मीणा, जो बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ लोकसभा प्रत्याशी रह चुके हैं, ने जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दवाई व्यवस्था पर सवाल कमल मीणा ने आरोप लगाया कि 2 मार्च 2026 को अचानक तबीयत खराब होने पर जब वे जिला चिकित्सालय में दवाई लेने पहुंचे तो कुछ दवाइयां अस्पताल के अंदर मिलीं, जबकि बाकी दवाइयां बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदने को कहा गया। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ पूर्ण आदिवासी बाहुल्य और आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जहां गरीब मरीजों के लिए बाहर से दवा खरीदना असंभव है। सवाल यह है कि दवाइयों की खरीद और वितरण के लिए मिलने वाला बजट आखिर जाता कहां है? सफाई और पानी की टंकियों की बदहाल स्थिति निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी पड़ी मिली। सबसे गंभीर लापरवाही पानी की टंकियों को लेकर सामने आई— छत पर लगी पानी की टंकियां खुली पड़ी थीं अंदर काई जमी हुई थी कचरा मौजूद था टंकियों पर कोई ढक्कन नहीं कमल मीणा ने चेतावनी दी कि यदि इन खुली टंकियों में कोई जानवर गिर जाए तो मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। साइकिल स्टैंड के नाम पर अवैध वसूली का आरोप उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में साइकिल स्टैंड के नाम पर ठेका प्रथा के जरिए गरीब आदिवासी जनता से अवैध वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है। प्रशासन को खुली चेतावनी कमल मीणा ने साफ शब्दों में कहा— पानी की टंकियों को तत्काल ढका जाए अस्पताल की सफाई व्यवस्था सुधारी जाए साइकिल स्टैंड का ठेका निरस्त किया जाए अन्यथा बहुजन समाज पार्टी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। 78 साल आज़ादी के बाद भी यदि आदिवासी क्षेत्र की जनता को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलें, तो यह सीधे-सीधे प्रशासनिक विफलता है। यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा ऐसे ही बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए द नेशन न्यूज़ चैनल राजस्थान प्रतापगढ़ से संवाददाता परमेश्वर रेदास की रिपोर्ट4
- कुशलगढ़ में ठेकेदार संगठन की महत्वपूर्ण बैठक सेठिया आवास पर आयोजित हुई, जिसमें निर्माण कार्यों में एम-सेंट (M-Sand) के उपयोग को लेकर उत्पन्न स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई। ठेकेदारों ने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के तहत एम-सेंट के उपयोग के स्पष्ट निर्देश हैं, फिर भी स्थानीय सार्वजनिक निर्माण विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा आपत्ति जताई जा रही है, जिससे असंतोष का माहौल है। सचिव राहुल भटेवरा ने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोधाभासी निर्देशों से परेशानी हो रही है। संगठन मंत्री विजय सिंह खड़िया ने एम-सेंट को समय की आवश्यकता बताते हुए अधिकारियों से सकारात्मक निर्णय की मांग की। वरिष्ठ ठेकेदार नारायण लाल शर्मा ने आर्थिक व मानसिक नुकसान पर चिंता जताई। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष करणी सिंह राठौड़ से मिला। करणी सिंह राठौड़ ने अधिशासी अभियंता से वार्ता कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान राजू भाई प्रजापत, कल सिंह डामोर, मनोज सेठ, हितेश नायक, जितेंद्र राठौड़, ललित गोलेछा, नारायण लाल शर्मा, राहुल भटेवरा एवं विजय सिंह खड़िया सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने समाधान तक एकजुट संघर्ष का संकल्प लिया।1
- नई ग्राम पंचायत जगलावदा को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने में सभी नागरिकों का समर्थन मिल रहा है होगा वह अच्छा ही होगा1
- प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय की व्यवस्था चोपट – कमल मीणा का बड़ा आरोप प्रतापगढ़ (राजस्थान)। बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ लोकसभा प्रत्याशी रह चुके कमल मीणा ने जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और अव्यवस्था के आरोप लगाते हुए सुधार की मांग की है। दवाई व्यवस्था पर उठाए सवाल कमल मीणा ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को अचानक तबीयत खराब होने पर जब वे जिला चिकित्सालय पहुंचे तो कुछ दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध कराई गईं, जबकि शेष दवाइयां बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ आदिवासी बाहुल्य एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जहां गरीब मरीजों के लिए बाहर से दवा खरीदना बेहद कठिन है। उन्होंने सवाल उठाया कि दवाइयों की खरीद और वितरण के लिए मिलने वाला बजट आखिर खर्च कहां हो रहा है? सफाई व्यवस्था और पानी की टंकियों की बदहाल स्थिति निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी पाई गई। सबसे गंभीर लापरवाही पानी की टंकियों को लेकर सामने आई— छत पर लगी पानी की टंकियां खुली पड़ी थीं टंकियों के अंदर काई जमी हुई थी कचरा मौजूद था टंकियों पर ढक्कन नहीं थे कमल मीणा ने चेतावनी दी कि यदि इन खुली टंकियों में कोई जानवर गिर जाए तो मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। साइकिल स्टैंड के नाम पर अवैध वसूली का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में साइकिल स्टैंड के नाम पर ठेका प्रथा के माध्यम से गरीब आदिवासी जनता से अवैध वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है। प्रशासन को चेतावनी कमल मीणा ने प्रशासन से मांग की— पानी की टंकियों को तत्काल ढका जाए सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाए साइकिल स्टैंड का ठेका निरस्त किया जाए उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी यदि आदिवासी क्षेत्र की जनता को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं, तो यह प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है।3