महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी। महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी। रायपुर- रायपुर में रक्षाबंधन से पहले आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं के साथ देश और प्रदेश की सुरक्षा का संदेश भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस विशेष आयोजन में शामिल हुए। स्व सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधी और उनकी सलामती की कामना की। वहीं जवानों ने भी बहनों की रक्षा और सुरक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और अपनत्व जाहिर किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है और आज का आयोजन इस भावना को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के अदम्य साहस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बल लगातार बहादुरी के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने जवानों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को सुरक्षित रखना और बहनों को भयमुक्त वातावरण देना जवानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। कार्यक्रम के दौरान राखी, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प ने जवानों और महिलाओं के बीच आत्मीयता का भाव और गहरा कर दिया।
महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी। महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी। रायपुर- रायपुर में रक्षाबंधन से पहले आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं के साथ देश और प्रदेश
की सुरक्षा का संदेश भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस विशेष आयोजन में शामिल हुए। स्व सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधी और उनकी सलामती की कामना की। वहीं जवानों ने भी बहनों की रक्षा और सुरक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने जवानों की कलाई पर राखी
बांधकर उनके प्रति सम्मान और अपनत्व जाहिर किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है और आज का आयोजन इस भावना को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के अदम्य साहस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बल लगातार बहादुरी
के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने जवानों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को सुरक्षित रखना और बहनों को भयमुक्त वातावरण देना जवानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। कार्यक्रम के दौरान राखी, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प ने जवानों और महिलाओं के बीच आत्मीयता का भाव और गहरा कर दिया।
- महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी। महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी। रायपुर- रायपुर में रक्षाबंधन से पहले आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं के साथ देश और प्रदेश की सुरक्षा का संदेश भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस विशेष आयोजन में शामिल हुए। स्व सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधी और उनकी सलामती की कामना की। वहीं जवानों ने भी बहनों की रक्षा और सुरक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और अपनत्व जाहिर किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है और आज का आयोजन इस भावना को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के अदम्य साहस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बल लगातार बहादुरी के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने जवानों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को सुरक्षित रखना और बहनों को भयमुक्त वातावरण देना जवानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। कार्यक्रम के दौरान राखी, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प ने जवानों और महिलाओं के बीच आत्मीयता का भाव और गहरा कर दिया।4
- हैप्पी बर्थडे भाई बहुत बहुत बधाई हो आप जन्म दिवस आपका1
- केशकाल: धनोरा में हल्बा समाज की बड़ी बैठक, युवा प्रभाग का हुआ गठन; नए पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी धनोरा (केशकाल): बदवर धनोरा में सर्व आदिवासी अखिल भारतीय हल्बा समाज, 18 गढ़ महासभा, 32 गढ़ महासभा एवं 36 गढ़ महासभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में कोंडागांव जिले के सभी ब्लॉकों में युवा प्रभाग के गठन और युवाओं की सामाजिक भागीदारी को लेकर चर्चा की गई। बैठक में 11 पॉलीग्रामों से युवा, युवतियां और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। सर्वसम्मति से युवा प्रभाग के नए पदाधिकारियों का चयन किया गया। कार्यक्रम में युवा एकता, सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, संस्कृति, सेवा कार्य और नशामुक्त समाज निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।1
- ग्राम मोरखण्ड़ी के जंगल से जिला बल और BSF टीम ने नक्सल डम्प से 4 भारमार बंदूक समेत हथियार व भारी मात्रा में सामग्री बरामद 25 अगस्त दोपहर 12 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार, जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में,सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। ग्राम मोरखण्ड़ी के जंगल पहाड़ी इलाके में,सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सल डम्प बरामद कर 4 भारमार बंदूक, 3 बंदूक बैरल, वायरलेस सेट, जीपीएस, सोलर प्लेट, चार्जर और बिजली वायर समेत भारी मात्रा में नक्सल सामग्री जब्त की। 24 अगस्त को जिला बल व बीएसएफ और बीडीएस टीम द्वारा,संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की गई। बरामद सामग्री में नक्सल साहित्य भी शामिल है। संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में,सुरक्षा बलों की सघन सर्चिंग लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए,संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- सड़क की बदहाली पर आप नेताओं और ग्रामीणों का प्रदर्शन: पुलिस ने हिरासत में लिया, कस्टडी में रखा सड़क की बदहाली पर आप नेताओं और ग्रामीणों का प्रदर्शन: पुलिस ने हिरासत में लिया, कस्टडी में रखा भानुप्रतापपुर। अंतागढ़ से नारायणपुर के बीच निर्माणाधीन सड़क की बदहाली और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क की जर्जर हालत के कारण क्षेत्र में बसों का संचालन ठप हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और आम ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन गाड़ियां कीचड़ व गड्ढों में फंस रही हैं।* समस्या से आक्रोशित होकर आज आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व में आसपास के ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे क्रमांक 5 पर बिजली कार्यालय के सामने पहुंचकर चक्काजाम कर दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित होने लगी।1
- कलेक्टर जिला कलेक्टर कुंदन कुमार ने किया भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण भानुप्रतापपुर। जिला कलेक्टर कुंदन कुमार ने मंगलवार को भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन का अचानक दौरा कर स्टेशन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से रेलवे स्टेशन परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भी हलचल देखने को मिली। दौरे के दौरान कलेक्टर ने स्टेशन परिसर में साफ-सफाई, यात्रियों की सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्टेशन की वर्तमान स्थिति और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने स्टेशन परिसर में मौजूद कर्मचारियों से भी बातचीत की तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा और स्टेशन की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कलेक्टर कुंदन कुमार के इस औचक निरीक्षण को क्षेत्र की यात्री सुविधाओं और रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।4
- CM विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से संवाद कर उनके जीवन में आ रहे बदलाव की सराहना की डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में शामिल होकर राज्य के माताओं, बहनों एवं बालोद जिले वासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने माताओं एवं बहनों को सम्मान करने के साथ-साथ बालोद जिलें के 02 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित पूरे प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खाते में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रूपये की राशि का अंतरण कर उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण, खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन की स्वीकृति एवं खरखरा जलाशय के पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुननिर्माण तथा धनगांव जलाशय के शीर्ष कार्य वियर के साथ नहर रिमाडलिंग लाइन निर्माण करने के अलावा नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में मस्जिद चैक से शास्त्री नगर मार्ग में 05 करोड़ रूपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में 19 करोड़ रूपये की लागत से संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग के निर्माण करने की घोषणा के साथ-साथ 102 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।1
- नक्सल मुक्त सुकमा में बारिश बनी ग्रामीणों की नई मुसीबत, 600 परिवार नदी पार करने को मजबूर नक्सल मुक्त सुकमा में बारिश बनी ग्रामीणों की नई मुसीबत, 600 परिवार नदी पार करने को मजबूर सुकमा - सुकमा जिला नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, लेकिन ग्रामीण इलाकों की जमीनी समस्याएं अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। मानसून के सक्रिय होने के साथ लगातार हो रही बारिश ने अर्लमपल्ली गांव के करीब 600 परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीणों को बरसात के दिनों में आवागमन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अर्लमपल्ली गांव तक पहुंचने के रास्ते में एक बड़ी नदी पड़ती है। सामान्य दिनों में ग्रामीण किसी तरह आवागमन कर लेते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है। बीमार मरीज को खाट पर लेकर पहुंचाना पड़ता है अस्पताल सबसे बड़ी परेशानी तब सामने आती है, जब गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है। नदी में पानी बढ़ने के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन आसानी से गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसी स्थिति में ग्रामीण मरीज को खाट पर लादकर नदी पार कराने और फिर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मजबूर होते हैं। बरसात के दिनों में यह सफर मरीज और ग्रामीणों दोनों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सुकमा के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब सुरक्षा और विकास की तस्वीर बदल रही है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई गांवों के लोगों की परेशानियां अभी भी बरकरार हैं। अर्लमपल्ली के ग्रामीण लंबे समय से सुरक्षित और बारहमासी आवागमन की सुविधा की उम्मीद लगाए हुए हैं। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई जमीनी हकीकत अर्लमपल्ली की यह स्थिति बताती है कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क, पुल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती है। बारिश के मौसम में नदी पर आवागमन की समस्या ग्रामीणों के लिए हर साल परेशानी का कारण बनती है। जरूरत है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए गांव को सुरक्षित और सुगम सड़क संपर्क से जोड़े।1