logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हैप्पी बर्थडे भाई बहुत बहुत बधाई हो आप जन्म दिवस आपका

2 hrs ago
user_Rani Kasyap
Rani Kasyap
Adventure Sports Center जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

हैप्पी बर्थडे भाई बहुत बहुत बधाई हो आप जन्म दिवस आपका

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • हैप्पी बर्थडे भाई बहुत बहुत बधाई हो आप जन्म दिवस आपका
    1
    हैप्पी बर्थडे भाई  बहुत बहुत बधाई हो आप जन्म दिवस आपका
    user_Rani Kasyap
    Rani Kasyap
    Adventure Sports Center जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी। महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी। रायपुर- रायपुर में रक्षाबंधन से पहले आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं के साथ देश और प्रदेश की सुरक्षा का संदेश भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस विशेष आयोजन में शामिल हुए। स्व सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधी और उनकी सलामती की कामना की। वहीं जवानों ने भी बहनों की रक्षा और सुरक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और अपनत्व जाहिर किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है और आज का आयोजन इस भावना को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के अदम्य साहस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बल लगातार बहादुरी के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने जवानों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को सुरक्षित रखना और बहनों को भयमुक्त वातावरण देना जवानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। कार्यक्रम के दौरान राखी, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प ने जवानों और महिलाओं के बीच आत्मीयता का भाव और गहरा कर दिया।
    4
    महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी।

महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को उनकी सुरक्षा के लिए रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर स्नेह की डोर बाधी।
रायपुर- रायपुर में रक्षाबंधन से पहले आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं के साथ देश और प्रदेश की सुरक्षा का संदेश भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस विशेष आयोजन में शामिल हुए। स्व सहायता समूहों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधी और उनकी सलामती की कामना की। वहीं जवानों ने भी बहनों की रक्षा और सुरक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और अपनत्व जाहिर किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है और आज का आयोजन इस भावना को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के अदम्य साहस की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बल लगातार बहादुरी के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने जवानों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को सुरक्षित रखना और बहनों को भयमुक्त वातावरण देना जवानों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। कार्यक्रम के दौरान राखी, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प ने जवानों और महिलाओं के बीच आत्मीयता का भाव और गहरा कर दिया।
    user_Dharmendra singh
    Dharmendra singh
    सुकमा, सुकमा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • कोंडागांव: बड़े कनेरा में ‘मोर बेटी मोर अभिमान’ अभियान, बालिका शिक्षा और सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को किया जागरूक ग्राम पंचायत बड़े कनेरा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत ‘मोर बेटी मोर अभिमान’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बालिका शिक्षा, बाल विवाह रोकथाम, पॉक्सो अधिनियम, महिलाओं के कानूनी अधिकार, सखी वन स्टॉप सेंटर और साइबर सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
    1
    कोंडागांव: बड़े कनेरा में ‘मोर बेटी मोर अभिमान’ अभियान, बालिका शिक्षा और सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को किया जागरूक
ग्राम पंचायत बड़े कनेरा में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत ‘मोर बेटी मोर अभिमान’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बालिका शिक्षा, बाल विवाह रोकथाम, पॉक्सो अधिनियम, महिलाओं के कानूनी अधिकार, सखी वन स्टॉप सेंटर और साइबर सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    Local News Reporter फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • ग्राम मोरखण्ड़ी के जंगल से जिला बल और BSF टीम ने नक्सल डम्प से 4 भारमार बंदूक समेत हथियार व भारी मात्रा में सामग्री बरामद 25 अगस्त दोपहर 12 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार, जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में,सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। ग्राम मोरखण्ड़ी के जंगल पहाड़ी इलाके में,सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सल डम्प बरामद कर 4 भारमार बंदूक, 3 बंदूक बैरल, वायरलेस सेट, जीपीएस, सोलर प्लेट, चार्जर और बिजली वायर समेत भारी मात्रा में नक्सल सामग्री जब्त की। 24 अगस्त को जिला बल व बीएसएफ और बीडीएस टीम द्वारा,संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की गई। बरामद सामग्री में नक्सल साहित्य भी शामिल है। संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में,सुरक्षा बलों की सघन सर्चिंग लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए,संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
    1
    ग्राम मोरखण्ड़ी के जंगल से
जिला बल और BSF टीम ने नक्सल डम्प से 4 भारमार बंदूक समेत हथियार व भारी मात्रा में सामग्री बरामद

25 अगस्त दोपहर 12 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार, जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में,सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। ग्राम मोरखण्ड़ी के जंगल पहाड़ी इलाके में,सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सल डम्प बरामद कर 4 भारमार बंदूक, 3 बंदूक बैरल, वायरलेस सेट, जीपीएस, सोलर प्लेट, चार्जर और बिजली वायर समेत भारी मात्रा में नक्सल सामग्री जब्त की।
24 अगस्त को जिला बल व बीएसएफ और बीडीएस टीम द्वारा,संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की गई। बरामद सामग्री में नक्सल साहित्य भी शामिल है। संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में,सुरक्षा बलों की सघन सर्चिंग लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए,संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • शहीद उगेश्वर ठाकुर को सैन्य और राजकीय सम्मान के बाद सैनिक ग्राम छेड़िया की बनेगी पहचान शहीद उगेश्वर ठाकुर का छोटा भाई चित्रांगन ठाकुर भी वर्तमान में सीआरपीएफ मे है। शहीद को मौके पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी इंस्पेक्टर बाबूलाल गुर्जर सहित उनकी टीम के अलावा गुरुर एसडीएम आरके सोनकर, सरपंच तेजराम साहू, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष कोमल साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियो द्वारा भी पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
    1
    शहीद उगेश्वर ठाकुर को सैन्य और राजकीय सम्मान के बाद सैनिक ग्राम छेड़िया की बनेगी पहचान
शहीद उगेश्वर ठाकुर का छोटा भाई चित्रांगन ठाकुर भी वर्तमान में सीआरपीएफ मे है। शहीद को मौके पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी इंस्पेक्टर बाबूलाल गुर्जर सहित उनकी टीम के अलावा गुरुर एसडीएम आरके सोनकर, सरपंच तेजराम साहू, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष कोमल साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियो द्वारा भी पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
    user_खोमेश्वर गुरुपंच
    खोमेश्वर गुरुपंच
    Photographer गुरुर, बालोद, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • 31 सदस्यीय परिवार के दू साल ले सामाजिक बहिष्कार, न्याय बर कलेक्टर के दफ्तर पहुंचिन धमतरी। कुरूद ब्लॉक के ग्राम तर्रागोंदी मं एके परिवार के 31 सदस्य मन के कथित सामाजिक बहिष्कार के मामला सामने आय हवय। पीड़ित परिवार के आरोप हवय कि करीब दू साल ले गांव मं ओकर हुक्का-पानी बंद हवय। परिवार न्याय के मांग ले कलेक्टर अउ एसपी ले शिकायत करे हवय। पुश्तैनी जमीन मं मकान बनाय ले विवाद धनेश्वर साहू अउ ओकर परिवार के कहना हवय कि वो मन दादा-परदादा के पुश्तैनी जमीन मं मकान बनावत रहिन। ए बीच कुछ ग्रामीण मन जमीन ला सरकारी बताके निर्माण के विरोध करिन। परिवार के आरोप हवय कि ए विवाद के बाद जून 2024 के आसपास सामाजिक बहिष्कार कर दे गे। दुकान ले सामान नइ मिलय के आरोप परिवार के कहना हवय कि बहिष्कार के बाद गांव के दुकानदार मन ले रोजमर्रा के सामान, बच्चा मन के खाय-पीये के चीज अउ दवाई तक ले मं परेशानी होवत हवय। गांव के लोग मन बातचीत, लेन-देन अउ मजदूरी के काम ले घलो दूरी बनाय हवय। ए ले परिवार के रोज के जिनगी प्रभावित होवत हवय। 30 मवेशी चराय मं परेशानी परिवार के मुताबिक ओकर मन के करीब 30 मवेशी हवय। चरवाहा के कथित रूप ले मवेशी चराय ले मना करे के बाद परिवार के सदस्य मन खुदे मवेशी चराय बर मजबूर हवय। परिवार प्रशासन ले मामले के निष्पक्ष जांच के मांग करे हवय। प्रशासन करही जांच प्रशासन के मुताबिक एसडीएम, पुलिस अउ राजस्व विभाग के संयुक्त टीम गांव जाके मामले के जांच करही। जमीन विवाद, सामाजिक बहिष्कार अउ कथित पाबंदी के जांच के बाद तथ्य सामने आही। आरोप सही पाए गे त संबंधित मन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करे जाही।
    1
    31 सदस्यीय परिवार के दू साल ले सामाजिक बहिष्कार, न्याय बर कलेक्टर के दफ्तर पहुंचिन
धमतरी। कुरूद ब्लॉक के ग्राम तर्रागोंदी मं एके परिवार के 31 सदस्य मन के कथित सामाजिक बहिष्कार के मामला सामने आय हवय। पीड़ित परिवार के आरोप हवय कि करीब दू साल ले गांव मं ओकर हुक्का-पानी बंद हवय। परिवार न्याय के मांग ले कलेक्टर अउ एसपी ले शिकायत करे हवय।
पुश्तैनी जमीन मं मकान बनाय ले विवाद
धनेश्वर साहू अउ ओकर परिवार के कहना हवय कि वो मन दादा-परदादा के पुश्तैनी जमीन मं मकान बनावत रहिन। ए बीच कुछ ग्रामीण मन जमीन ला सरकारी बताके निर्माण के विरोध करिन। परिवार के आरोप हवय कि ए विवाद के बाद जून 2024 के आसपास सामाजिक बहिष्कार कर दे गे।
दुकान ले सामान नइ मिलय के आरोप
परिवार के कहना हवय कि बहिष्कार के बाद गांव के दुकानदार मन ले रोजमर्रा के सामान, बच्चा मन के खाय-पीये के चीज अउ दवाई तक ले मं परेशानी होवत हवय। गांव के लोग मन बातचीत, लेन-देन अउ मजदूरी के काम ले घलो दूरी बनाय हवय। ए ले परिवार के रोज के जिनगी प्रभावित होवत हवय।
30 मवेशी चराय मं परेशानी
परिवार के मुताबिक ओकर मन के करीब 30 मवेशी हवय। चरवाहा के कथित रूप ले मवेशी चराय ले मना करे के बाद परिवार के सदस्य मन खुदे मवेशी चराय बर मजबूर हवय। परिवार प्रशासन ले मामले के निष्पक्ष जांच के मांग करे हवय।
प्रशासन करही जांच
प्रशासन के मुताबिक एसडीएम, पुलिस अउ राजस्व विभाग के संयुक्त टीम गांव जाके मामले के जांच करही। जमीन विवाद, सामाजिक बहिष्कार अउ कथित पाबंदी के जांच के बाद तथ्य सामने आही। आरोप सही पाए गे त संबंधित मन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करे जाही।
    user_यशवंत गंजीर
    यशवंत गंजीर
    Local News Reporter धमतरी, धमतरी, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • धमतरी में अवैध शराब पर पुलिस का शिकंजा, 373 पौवा शराब जब्त,4 गिरफ्तार धमतरी में अवैध शराब के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो मोटरसाइकिलों से परिवहन की जा रही 373 पौवा देशी शराब जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त शराब और दोनों मोटरसाइकिलों समेत कुल 1 लाख 33 हजार 600 रुपये का मशरूका बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी हटकेशर शराब भट्ठी से रत्नाबांधा की ओर शराब ले जा रहे थे। घेराबंदी कर पुलिस ने चारों को पकड़ा। आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
    1
    धमतरी में अवैध शराब पर पुलिस का शिकंजा, 373 पौवा शराब जब्त,4 गिरफ्तार

धमतरी में अवैध शराब के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो मोटरसाइकिलों से परिवहन की जा रही 373 पौवा देशी शराब जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त शराब और दोनों मोटरसाइकिलों समेत कुल 1 लाख 33 हजार 600 रुपये का मशरूका बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी हटकेशर शराब भट्ठी से रत्नाबांधा की ओर शराब ले जा रहे थे। घेराबंदी कर पुलिस ने चारों को पकड़ा। आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
    user_Deepak Sahu
    Deepak Sahu
    Media company कुरुद, धमतरी, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • नक्सल मुक्त सुकमा में बारिश बनी ग्रामीणों की नई मुसीबत, 600 परिवार नदी पार करने को मजबूर नक्सल मुक्त सुकमा में बारिश बनी ग्रामीणों की नई मुसीबत, 600 परिवार नदी पार करने को मजबूर सुकमा - सुकमा जिला नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, लेकिन ग्रामीण इलाकों की जमीनी समस्याएं अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। मानसून के सक्रिय होने के साथ लगातार हो रही बारिश ने अर्लमपल्ली गांव के करीब 600 परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीणों को बरसात के दिनों में आवागमन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अर्लमपल्ली गांव तक पहुंचने के रास्ते में एक बड़ी नदी पड़ती है। सामान्य दिनों में ग्रामीण किसी तरह आवागमन कर लेते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है। बीमार मरीज को खाट पर लेकर पहुंचाना पड़ता है अस्पताल सबसे बड़ी परेशानी तब सामने आती है, जब गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है। नदी में पानी बढ़ने के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन आसानी से गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसी स्थिति में ग्रामीण मरीज को खाट पर लादकर नदी पार कराने और फिर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मजबूर होते हैं। बरसात के दिनों में यह सफर मरीज और ग्रामीणों दोनों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सुकमा के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब सुरक्षा और विकास की तस्वीर बदल रही है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई गांवों के लोगों की परेशानियां अभी भी बरकरार हैं। अर्लमपल्ली के ग्रामीण लंबे समय से सुरक्षित और बारहमासी आवागमन की सुविधा की उम्मीद लगाए हुए हैं। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई जमीनी हकीकत अर्लमपल्ली की यह स्थिति बताती है कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क, पुल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती है। बारिश के मौसम में नदी पर आवागमन की समस्या ग्रामीणों के लिए हर साल परेशानी का कारण बनती है। जरूरत है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए गांव को सुरक्षित और सुगम सड़क संपर्क से जोड़े।
    1
    नक्सल मुक्त सुकमा में बारिश बनी ग्रामीणों की नई मुसीबत, 600 परिवार नदी पार करने को मजबूर

नक्सल मुक्त सुकमा में बारिश बनी ग्रामीणों की नई मुसीबत, 600 परिवार नदी पार करने को मजबूर
सुकमा - सुकमा जिला नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, लेकिन ग्रामीण इलाकों की जमीनी समस्याएं अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। मानसून के सक्रिय होने के साथ लगातार हो रही बारिश ने अर्लमपल्ली गांव के करीब 600 परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीणों को बरसात के दिनों में आवागमन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अर्लमपल्ली गांव तक पहुंचने के रास्ते में एक बड़ी नदी पड़ती है। सामान्य दिनों में ग्रामीण किसी तरह आवागमन कर लेते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है।
बीमार मरीज को खाट पर लेकर पहुंचाना पड़ता है अस्पताल
सबसे बड़ी परेशानी तब सामने आती है, जब गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है। नदी में पानी बढ़ने के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन आसानी से गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसी स्थिति में ग्रामीण मरीज को खाट पर लादकर नदी पार कराने और फिर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मजबूर होते हैं। बरसात के दिनों में यह सफर मरीज और ग्रामीणों दोनों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा बन जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुकमा के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब सुरक्षा और विकास की तस्वीर बदल रही है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई गांवों के लोगों की परेशानियां अभी भी बरकरार हैं। अर्लमपल्ली के ग्रामीण लंबे समय से सुरक्षित और बारहमासी आवागमन की सुविधा की उम्मीद लगाए हुए हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई जमीनी हकीकत
अर्लमपल्ली की यह स्थिति बताती है कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क, पुल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती है। बारिश के मौसम में नदी पर आवागमन की समस्या ग्रामीणों के लिए हर साल परेशानी का कारण बनती है। जरूरत है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए गांव को सुरक्षित और सुगम सड़क संपर्क से जोड़े।
    user_Dharmendra singh
    Dharmendra singh
    सुकमा, सुकमा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.