110 वर्षीय पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का निधन, सैनिकों ने दी राष्ट्रीय ध्वज के साथ अंतिम सलामी* *110 वर्षीय पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का निधन, सैनिकों ने दी राष्ट्रीय ध्वज के साथ अंतिम सलामी* उरई/डकोर। क्षेत्र के ग्राम कमठा निवासी 110 वर्षीय बुजुर्ग पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार सुबह करीब 07:00 बजे अपने पैतृक गांव में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया कि स्वरूप सिंह का जन्म वर्ष 1916 में हुआ था। रियासतकालीन समय में मात्र 13 वर्ष की उम्र में वह सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दीं और बाद में सेवानिवृत्त हुए। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह क्षेत्र में अपनी सरलता और सैनिक जीवन की स्मृतियों के लिए लोगों के बीच सम्मानित रहे। मंगलवार को उनके पैतृक गांव में परंपरागत रीति-रिवाजों एवं बैंड बाजे के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र साहब सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद तथा पूर्व अर्धसैनिक कल्याण संस्था, उरई के जवान भी पहुंचे। पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ दिवंगत सैनिक को अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान परिजनों की आंखें नम रहीं। पूर्व सैनिक प्रमोद कुमार पाल, आर के भास्कर, शिव शंकर बुधौलिया, अनिल कुमार त्रिपाठी, ओम प्रकाश पांडे, शिवपूजन सिंह राजावत, इंदल सिंह परिहार, राघवेंद्र सिंह सेंगर, राम राजा सिंह परिहार, राजू सिंह परिहार, उदयप्रताप सिंह, विजय सिंह, प्रहलाद सिंह, विनोद तिवारी, श्याम प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार में 200 से अधिक ग्रामवासी उपस्थित रहे। पूर्व सैनिकों ने कहा कि स्वरूप सिंह का दीर्घ सैनिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जालौन
110 वर्षीय पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का निधन, सैनिकों ने दी राष्ट्रीय ध्वज के साथ अंतिम सलामी* *110 वर्षीय पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का निधन, सैनिकों ने दी राष्ट्रीय ध्वज के साथ अंतिम सलामी* उरई/डकोर। क्षेत्र के ग्राम कमठा निवासी 110 वर्षीय बुजुर्ग पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार सुबह करीब 07:00 बजे अपने पैतृक गांव में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया कि स्वरूप सिंह का जन्म वर्ष 1916 में हुआ था। रियासतकालीन समय में मात्र 13 वर्ष की उम्र में वह सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दीं और बाद में सेवानिवृत्त हुए। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह क्षेत्र में अपनी सरलता और सैनिक जीवन की स्मृतियों के लिए लोगों के बीच सम्मानित रहे। मंगलवार को उनके पैतृक गांव में परंपरागत रीति-रिवाजों एवं बैंड बाजे के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र साहब सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद तथा पूर्व अर्धसैनिक कल्याण संस्था, उरई के जवान भी पहुंचे। पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ दिवंगत सैनिक को अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान परिजनों की आंखें नम रहीं। पूर्व सैनिक प्रमोद कुमार पाल, आर के भास्कर, शिव शंकर बुधौलिया, अनिल कुमार त्रिपाठी, ओम प्रकाश पांडे, शिवपूजन सिंह राजावत, इंदल सिंह परिहार, राघवेंद्र सिंह सेंगर, राम राजा सिंह परिहार, राजू सिंह परिहार, उदयप्रताप सिंह, विजय सिंह, प्रहलाद सिंह, विनोद तिवारी, श्याम प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार में 200 से अधिक ग्रामवासी उपस्थित रहे। पूर्व सैनिकों ने कहा कि स्वरूप सिंह का दीर्घ सैनिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जालौन
- कागजों में बन गई 8 लाख की सड़क, धरातल पर कीचड़ ही कीचड़! कागजों में बन गई 8 लाख की सड़क, धरातल पर कीचड़ ही कीचड़! सालाबाद में 2023-24 में मंजूर इंटरलॉकिंग आज तक अधूरी, बोर्ड लगाकर जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला; बरसात में बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित *अनुराग श्रीवास्तव पत्रकार* जालौन। विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सालाबाद में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि वर्ष 2023-24 में करीब 200 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क के कार्य को मंजूरी मिली थी। इसकी अनुमानित लागत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है, लेकिन लंबे समय बाद भी सड़क धरातल पर नहीं बन सकी है। आरोप है कि कार्य का बोर्ड तो लगा दिया गया, लेकिन सड़क निर्माण सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया। मोहल्लेवासियों के मुताबिक शक्ति मातन से राजेश कुशवाहा के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य प्रस्तावित था। बरसात शुरू होते ही रास्ते पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है। हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि बरसात के दिनों में उनके बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते। अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए, फिर भी नहीं हुई सुनवाई मोहल्लेवासियों ने बताया कि समस्या को लेकर आईजीआरएस, उपजिलाधिकारी जालौन और जिलाधिकारी जालौन को प्रार्थना पत्र देकर सड़क निर्माण की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते वे परेशान हो चुके हैं। बोर्ड लगा, सड़क गायब—उठे सवाल मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि मौके पर कार्य का बोर्ड लगा हुआ है, जबकि धरातल पर इंटरलॉकिंग सड़क नजर नहीं आ रही। उनका कहना है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड में कार्य पूरा दिखाया गया है तो फिर मौके पर सड़क क्यों नहीं बनी? ग्रामीणों ने पूरे मामले की स्थलीय जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने और निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों में दिखाने के बजाय धरातल पर मिलना चाहिए। बरसात में बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को होने वाली परेशानी को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द करीब 200 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क डलवाने की मांग की है।2
- 110 वर्षीय पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का निधन, सैनिकों ने दी राष्ट्रीय ध्वज के साथ अंतिम सलामी* *110 वर्षीय पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का निधन, सैनिकों ने दी राष्ट्रीय ध्वज के साथ अंतिम सलामी* उरई/डकोर। क्षेत्र के ग्राम कमठा निवासी 110 वर्षीय बुजुर्ग पूर्व सैनिक स्वरूप सिंह का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार सुबह करीब 07:00 बजे अपने पैतृक गांव में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया कि स्वरूप सिंह का जन्म वर्ष 1916 में हुआ था। रियासतकालीन समय में मात्र 13 वर्ष की उम्र में वह सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने भारतीय सेना की कुमाऊं रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दीं और बाद में सेवानिवृत्त हुए। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह क्षेत्र में अपनी सरलता और सैनिक जीवन की स्मृतियों के लिए लोगों के बीच सम्मानित रहे। मंगलवार को उनके पैतृक गांव में परंपरागत रीति-रिवाजों एवं बैंड बाजे के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र साहब सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद तथा पूर्व अर्धसैनिक कल्याण संस्था, उरई के जवान भी पहुंचे। पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ दिवंगत सैनिक को अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान परिजनों की आंखें नम रहीं। पूर्व सैनिक प्रमोद कुमार पाल, आर के भास्कर, शिव शंकर बुधौलिया, अनिल कुमार त्रिपाठी, ओम प्रकाश पांडे, शिवपूजन सिंह राजावत, इंदल सिंह परिहार, राघवेंद्र सिंह सेंगर, राम राजा सिंह परिहार, राजू सिंह परिहार, उदयप्रताप सिंह, विजय सिंह, प्रहलाद सिंह, विनोद तिवारी, श्याम प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार में 200 से अधिक ग्रामवासी उपस्थित रहे। पूर्व सैनिकों ने कहा कि स्वरूप सिंह का दीर्घ सैनिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जालौन1
- खजूरी से पंचनदा तक गूंजी भोले की भक्ति, डाक कांवड़ पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब जालौन। विकासखंड जालौन के ग्राम पंचायत खजूरी स्थित प्रसिद्ध मंदिर से श्रद्धालुओं ने डाक कांवड़ पदयात्रा का शुभारंभ किया। भोलेनाथ के जयकारों के साथ शुरू हुई कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं को लेकर जनपद जालौन की प्रसिद्ध तपोभूमि पंचनदा पहुंची, जहां देव बाबा साहब के समीप यमुना नदी में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान किया। स्नान के बाद कांवड़ियों ने यमुना से पवित्र जल भरा और उसे लेकर पदयात्रा करते हुए ग्राम खजूरी के लिए रवाना हुए। खजूरी गांव पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भोले बाबा को समर्पित किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। शिवभक्तों ने जमकर नृत्य किया और भोलेनाथ के भजनों में लीन होकर भक्ति का आनंद लिया। आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर माहौल में डाक कांवड़ पदयात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।1
- तिरंगे के रंग में रंगा उरई, गूंजा ‘भारत माता की जय’ का जयघोष उरई (जालौन)। हर घर तिरंगा अभियान के तहत सोमवार को पुलिस लाइन से टाउनहाल तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा में देशभक्ति का जज्बा देखते ही बना। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से शहर को गुंजायमान कर दिया। यात्रा में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, विद्यार्थियों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पुलिस लाइन से शुरू हुई यात्रा जिला परिषद, अंबेडकर चौराहा और शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए टाउनहाल पहुंची। यात्रा में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यात्रा में पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, एनसीसी कैडेट, स्काउट-गाइड, सफाई कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और छात्र-छात्राएं शामिल रहे। देशभक्ति गीतों के बीच तिरंगा लहराते हुए लोग आगे बढ़ते रहे। मार्ग में जगह-जगह शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का भाव दिखाई दिया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन ने कहा कि देश की आजादी असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान से मिली है। तिरंगे का सम्मान करना स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष का सम्मान करना भी है। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। तिरंगा यात्रा ने लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत 15 अगस्त तक जिले में विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष, त्याग और बलिदान से परिचित कराना भी है। उन्होंने जनपदवासियों से अपने घरों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह के साथ मनाने की अपील की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज,अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी, अजय इटौंदिया,डॉ ममता स्वर्णकार,अलीम सर,शांतिस्वरुप महेश्वरी,लक्षमण दास बबानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि,अधिकारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- गरीब की झोपड़ी पर कब पड़ेगी सरकार की नजर,आवास योजना के दावों के बीच कच्चे मकान में जिंदगी काट रहा भूमिहीन परिवार! गरीब की झोपड़ी पर कब पड़ेगी सरकार की नजर? आवास योजना के दावों के बीच कच्चे मकान में जिंदगी काट रहा भूमिहीन परिवार! नदीगांव ब्लॉक के कुठौंदा गांव से गरीब परिवार की दर्दनाक दास्तान नदीगांव (जालौन) सरकार की योजनाओं में गरीबों को पक्का आशियाना देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर तमाम सरकारी योजनाओं के जरिए जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। लेकिन नदीगांव ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुठौंदा से सामने आई एक तस्वीर इन दावों पर कई सवाल खड़े कर रही है। गांव की रहने वाली मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय बाबूराम लुहार का परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक उनके चार बच्चे थे, जिनमें एक बच्चे की मृत्यु हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बताया गया कि परिवार भूमिहीन भी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परिवार के पास अपनी जमीन तक नहीं है और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है, तो आखिर उसे सरकारी आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिल सका? सबसे बड़ा सवाल—आखिर गरीब की सुनवाई क्यों नहीं? क्या गरीब परिवार वास्तव में आवास योजना के मानकों में पात्र नहीं है? अगर पात्र है तो अब तक आवास क्यों नहीं मिला? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिवार की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया? क्या ग्राम पंचायत स्तर पर आवास के लिए परिवार का नाम पात्रता सूची में शामिल किया गया? अगर नाम शामिल नहीं किया गया तो उसका कारण क्या है? क्या किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इस परिवार के घर पहुंचकर उसकी स्थिति देखी? सरकार गरीबों को पक्की छत देने की बात कर रही है, लेकिन अगर वास्तव में कोई भूमिहीन और जरूरतमंद परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंच रहा है या नहीं, इस सवाल से भी जुड़ा है। वीडियो को अंत तक जरूर देखिए और सुनिए मुन्नी देवी के परिवार की पूरी दास्तान। आप भी वीडियो देखने के बाद अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें। क्या आपके गांव में भी ऐसा कोई गरीब परिवार है, जिसे पात्र होने के बावजूद अभी तक आवास नहीं मिला? कमेंट में गांव का नाम और समस्या जरूर बताइए। हमारी टीम मामले को सामने लाने का प्रयास करेगी। हो सकता है आपकी एक आवाज किसी जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत दिलाने की वजह बन जाए। अब सवाल सिर्फ आवास का नहीं, सरकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचने का है।1
- जालौन..झंडा चौराहा का झंडा लहरा उठा सभी लोगो को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एडवांस मे.. भीम राजावत पत्रकार 4tv news जिला संवाददाता... तहसील अध्यक्ष ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन mo.96288004581
- जालौन पुलिस जिन चेन स्नेचिंग करने वाले बदमाशों को ढूंढ रही थी उसे औरैया पुलिस ने पकड़ा नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के समीपवर्ती औरैया जिले से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज पुलिस ने एक बदमाश पकड़ा है दरअसल इस पकड़े गए बदमाश और उसके साथी को जालौन पुलिस एक हफ्ते से ढूंढ रही थी लेकिन कामयाबी औरैया पुलिस को मिली1