मंगलवार दोपहर को कोटा जिले के मोड़क क्षेत्र में मिनियाखेड़ी, नयागांव, भटवाड़ा, झामरा और पीपल्दा ईश्वरपुरा सहित कई इलाकों में तेज रफ्तार आंधी-तूफान का कहर देखने को मिला। इस भीषण आंधी के कारण पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मची, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, हालांकि गनीमत रही कि किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई। मिनियाखेड़ी में आंधी के कारण बिजली के दो ट्रांसफार्मर अपने पोल सहित जमीन पर गिर गए। इसके अलावा, देव महाराज की राठी और गांव में करीब 50 से अधिक पेड़-पौधे उखड़ गए या टूटकर गिर गए। तेज आंधी और बारिश के प्रभाव से करीब 5 से 6 ग्रामीण परिवारों के घरों की लोहे की चादरें भी उड़ गईं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। इसी तरह, भटवाड़ा और झामरा गांवों में भी तेज रफ्तार आंधी-तूफान के कारण बिजली के ट्रांसफार्मर, 11 केवी और सिंगल फेज लाइनों के पोल टूटकर खेतों में गिर गए। कई पोल पेड़-पौधों की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए। इस व्यापक क्षति के परिणामस्वरूप ग्रामीण इलाकों की बिजली पूरी तरह गुल हो गई है। बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार काम में जुटे हुए हैं और क्षतिग्रस्त हुए पोलों को हटाने का कार्य जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इस प्रकार का तूफान पहले कभी नहीं देखा था। चारों ओर गिरे हुए पेड़-पौधे, बिजली के खंभे और तार, तथा घरों से उड़ी चादरों के निशान ही बर्बादी की कहानी कह रहे थे, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
मंगलवार दोपहर को कोटा जिले के मोड़क क्षेत्र में मिनियाखेड़ी, नयागांव, भटवाड़ा, झामरा और पीपल्दा ईश्वरपुरा सहित कई इलाकों में तेज रफ्तार आंधी-तूफान का कहर देखने को मिला। इस भीषण आंधी के कारण पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मची, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, हालांकि गनीमत रही कि किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई। मिनियाखेड़ी में आंधी के कारण बिजली के दो ट्रांसफार्मर
अपने पोल सहित जमीन पर गिर गए। इसके अलावा, देव महाराज की राठी और गांव में करीब 50 से अधिक पेड़-पौधे उखड़ गए या टूटकर गिर गए। तेज आंधी और बारिश के प्रभाव से करीब 5 से 6 ग्रामीण परिवारों के घरों की लोहे की चादरें भी उड़ गईं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। इसी तरह, भटवाड़ा और झामरा गांवों में भी तेज रफ्तार
आंधी-तूफान के कारण बिजली के ट्रांसफार्मर, 11 केवी और सिंगल फेज लाइनों के पोल टूटकर खेतों में गिर गए। कई पोल पेड़-पौधों की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए। इस व्यापक क्षति के परिणामस्वरूप ग्रामीण इलाकों की बिजली पूरी तरह गुल हो गई है। बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार काम में जुटे हुए हैं
और क्षतिग्रस्त हुए पोलों को हटाने का कार्य जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इस प्रकार का तूफान पहले कभी नहीं देखा था। चारों ओर गिरे हुए पेड़-पौधे, बिजली के खंभे और तार, तथा घरों से उड़ी चादरों के निशान ही बर्बादी की कहानी कह रहे थे, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
- यह कहानी बुढ़ापे के सहारे के विषय पर आधारित है। इसमें बूढ़े माता-पिता और उनके इकलौते बेटे की कथा प्रस्तुत की गई है, जिसे सुनने का आह्वान किया गया है।1
- कोटा जिले के मोड़क क्षेत्र की पीपल्दा पंचायत ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया। इस दौरान, जेसीबी मशीन की सहायता से मिनियाखेड़ी, ईश्वरपुरा और पीपल्दा में विभिन्न स्थानों पर जमा गंदगी को साफ करवाया गया। पंचायत ने जगह-जगह पड़े कचरे के ढेरों को हटाया और एक बंद पड़े नाले का भी निकास करवाया। इसके अतिरिक्त, पुराने सरकारी स्कूल ग्राउंड को भी साफ किया गया, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित हो सकी।4
- किशनगंज में शराब तस्करी का एक हैरान कर देने वाला और अनोखा तरीका सामने आया है, जहाँ तस्करों ने अपने शरीर को ही शराब छिपाने का अस्थायी गोदाम बना लिया था। इस मामले में कुल तीन तस्करों को टेप की मदद से शराब की बोतलों को अपने शरीर से चिपकाकर तस्करी करते हुए पकड़ा गया है।1
- रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर की आवासीय अणु किरण और अणु प्रताप कॉलोनी के निवासी कई वर्षों से नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके कारण प्रत्येक परिवार को मोबाइल इंटरनेट पर मासिक 2000 से 3000 रुपये खर्च करने पड़ते थे। इस समस्या का मुख्य कारण बीएसएनएल और अन्य कंपनियों के नेटवर्क की खराब हालत बताया गया। कॉलोनी के हजारों निवासियों की इस गंभीर समस्या को निवर्तमान पार्षद मनीष गिरी ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसके समाधान के लिए रावतभाटा बीएसएनएल के एसडीओ गोविंद शर्मा से सहायता मांगी और कोटा बीएसएनएल के जीएम व अन्य अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपकर तथा फोन पर संपर्क करके मांग उठाई। समाधान न मिलने पर, गिरी ने राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल और 1503 पर इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) के माध्यम से भी कई शिकायतें दर्ज कराईं। मनीष गिरी के निरंतर प्रयासों के बाद, बीएसएनएल के अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया और जयपुर से टीसीएस कंपनी के इंजीनियर अनिल कुमार को रावतभाटा भेजा गया। लगभग 8 से 10 घंटे तक चले एक अभियान के दौरान, शहर में लगे बीएसएनएल के सभी टॉवरों की जांच की गई। दोपहर करीब 1 बजे, टेक्नीशियन ने अणु किरण कॉलोनी के सिविल ऑफिस के पास लगे टॉवर पर चढ़कर उसकी फ्रीक्वेंसी और अलाइनमेंट को सही किया, और इसी तरह झालर बावड़ी स्थित टॉवर पर भी कार्य किया गया। शाम करीब 5 बजे, एसडीओ गोविंद शर्मा, टीसीएस से इंजीनियर अनिल कुमार और बड़ौदा से बीएसएनएल एसडीओ परविंदर सिंह, अणु प्रताप कॉलोनी में मनीष गिरी के घर पहुंचे और उन्हें नेटवर्क सुधार के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी। तकनीकी टीम गिरी को साथ लेकर आवासीय कॉलोनी में विभिन्न स्थानों पर गई और उन्हें फोन नेटवर्क में हुए सुधार से अवगत कराया। मनीष गिरी ने वॉट्सऐप के जरिए कॉलोनीवासियों को बीएसएनएल के नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या के समाधान की बात बताई और उनका फीडबैक मांगा, जिस पर कॉलोनीवासियों ने पहले से बेहतर नेटवर्क आने की बात कही। कॉलोनीवासियों ने मनीष गिरी के प्रयासों की सराहना की। गिरी ने यह भी बताया कि एसडीओ गोविंद शर्मा जल्द ही एक प्रस्ताव बनाकर टॉवर में एक अतिरिक्त एंटीना लगवाने का प्रयास करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या फिर न उत्पन्न हो। निरंतर प्रयास से परमाणु बिजलीघर की आवासीय कॉलोनी में बीएसएनएल के नेटवर्क में आखिरकार सुधार हुआ।2
- बारा झालावाड़ मेगा हाइवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दुर्घटना में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर की एक खास रिपोर्ट के अनुसार, एक पूर्व विधायक ने जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी को लेकर अपना बयान दिया है।1
- पिड़ावा शहर में आज बुधवार, 24 जून को मॉनसून की जोरदार बारिश हुई है। इस भारी वर्षा से क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिली है।1
- मंगलवार दोपहर को कोटा जिले के मोड़क क्षेत्र में मिनियाखेड़ी, नयागांव, भटवाड़ा, झामरा और पीपल्दा ईश्वरपुरा सहित कई इलाकों में तेज रफ्तार आंधी-तूफान का कहर देखने को मिला। इस भीषण आंधी के कारण पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मची, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, हालांकि गनीमत रही कि किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई। मिनियाखेड़ी में आंधी के कारण बिजली के दो ट्रांसफार्मर अपने पोल सहित जमीन पर गिर गए। इसके अलावा, देव महाराज की राठी और गांव में करीब 50 से अधिक पेड़-पौधे उखड़ गए या टूटकर गिर गए। तेज आंधी और बारिश के प्रभाव से करीब 5 से 6 ग्रामीण परिवारों के घरों की लोहे की चादरें भी उड़ गईं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। इसी तरह, भटवाड़ा और झामरा गांवों में भी तेज रफ्तार आंधी-तूफान के कारण बिजली के ट्रांसफार्मर, 11 केवी और सिंगल फेज लाइनों के पोल टूटकर खेतों में गिर गए। कई पोल पेड़-पौधों की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए। इस व्यापक क्षति के परिणामस्वरूप ग्रामीण इलाकों की बिजली पूरी तरह गुल हो गई है। बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार काम में जुटे हुए हैं और क्षतिग्रस्त हुए पोलों को हटाने का कार्य जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इस प्रकार का तूफान पहले कभी नहीं देखा था। चारों ओर गिरे हुए पेड़-पौधे, बिजली के खंभे और तार, तथा घरों से उड़ी चादरों के निशान ही बर्बादी की कहानी कह रहे थे, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।4