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बीकानेर में सोमवार दोपहर लालगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 के पास एक बुजुर्ग व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान सुभाषपुरा, बीकानेर निवासी 65 वर्षीय आसू राम पुत्र माला राम के रूप में की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12:45 बजे रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के मृत पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही ख़िदमतगार खादिम सोसाइटी और असहाय सेवा संस्थान के स्वयंसेवक मोहम्मद सोएब, मोहम्मद जुनैद खान तथा राजकुमार खड़गावत एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुँचे। इसके बाद, संबंधित आरपीएफ और जीआरपी थाना पुलिस की निगरानी में शव को पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकीय परीक्षण के पश्चात शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
आईरा समाचार बीकानेर
बीकानेर में सोमवार दोपहर लालगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 के पास एक बुजुर्ग व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान सुभाषपुरा, बीकानेर निवासी 65 वर्षीय आसू राम पुत्र माला राम के रूप में की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12:45 बजे रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के मृत पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही ख़िदमतगार खादिम सोसाइटी और असहाय सेवा संस्थान के स्वयंसेवक मोहम्मद सोएब, मोहम्मद जुनैद खान तथा राजकुमार खड़गावत एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुँचे। इसके बाद, संबंधित आरपीएफ और जीआरपी थाना पुलिस की निगरानी में शव को पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकीय परीक्षण के पश्चात शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
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- समुद्री क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित तौर पर नाविक यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें क्यों निशाना बनाया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस शुरू हो गई है। इस बहस के दौरान, सोशल मीडिया का एक बड़ा वर्ग नाविकों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त कर रहा है और उनके सुरक्षित घर लौटने की मांग कर रहा है। वहीं, कुछ अन्य लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर भारतीय नाविक और उनके जहाज़ ऐसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में क्यों मौजूद थे। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी ज़ोर पकड़ रही है कि क्या ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं। इस संदर्भ में, समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में भारतीय नाविक अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं और दुनिया के विभिन्न समुद्री मार्गों पर माल ढुलाई का कार्य करते हैं। इसलिए, उनका इन क्षेत्रों में मौजूद होना सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों का ही एक हिस्सा हो सकता है। इन सब के बीच, सोशल मीडिया पर भारत सरकार की भूमिका और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, जहाँ कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि नाविक वहाँ 'टिंडसी लेने' गए थे।1
- Hiring Job Title : आपका कॉलिंग का काम रहेगा Company / Shop : लीड गुरु डिजिटल मार्केटिंग कंपनी Job Field : घर बैठे आपको कॉलिंग करनी है, जो कंपनी आपको नंबर देगी उन नंबरों पर आपको कॉल करना है Locality : All India Job Type : Part-Time Required Work Experience : Fresher1
- ज्येष्ठ (अधिक) मास की पावन सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी श्रीकोलायत श्रद्धा और भक्ति के रंग में डूबी नजर आई। अलसुबह से ही भगवान महर्षि कपिलमुनि की तपोस्थली कपिल सरोवर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां लाखों भक्तों ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। उन्होंने भगवान महर्षि कपिलमुनि के दर्शन कर सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की। सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग और अधिक मास के धार्मिक महत्व के चलते बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोलायत पहुंचे। कपिल सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद, श्रद्धालुओं ने बारह महादेव मंदिर, गंगा माता मंदिर, पंच मंदिर सहित कई देवालयों में दर्शन-पूजन कर दान-पुण्य किया। दिनभर मंदिरों और घाटों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व होता है, और इस दिन स्नान, दान, तर्पण तथा भगवान शिव-विष्णु की पूजा-अर्चना से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के चलते सुबह से ही कपिल सरोवर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा। इस भारी भीड़ के कारण झझु चौराहे तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात का अत्यधिक दबाव देखा गया, जिससे दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयार विशेष यातायात योजना के तहत व्यवस्था संभाली और यातायात को सुचारू बनाए रखने का हर संभव प्रयास किया। कोलायत सीओ संग्राम सिँह ने बताया कि सोमवती अमावस्या को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा, और प्रमुख मार्गों, घाटों, मंदिर परिसरों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले रहे। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने में सहायता मिली। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशालाओं, मठों और मंदिर समितियों द्वारा पेयजल, भोजन, विश्राम और सफाई सहित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं की गईं। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। दिनभर कपिल सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और दान-पुण्य का सिलसिला निरंतर जारी रहा, जिससे पूरे दिन धर्मनगरी श्रीकोलायत में भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- ज्येष्ठ (अधिक) मास की पावन सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी श्रीकोलायत श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगी दिखी। अलसुबह से ही भगवान महर्षि कपिलमुनि की तपोस्थली कपिल सरोवर पर लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इन श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया और भगवान महर्षि कपिलमुनि के दर्शन कर सुख, समृद्धि तथा स्वस्थ जीवन की कामना की। सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग और अधिक मास के धार्मिक महत्व के चलते बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में भक्त कोलायत पहुंचे। कपिल सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने बारह महादेव मंदिर, गंगा माता मंदिर, पंच मंदिर सहित अनेक देवालयों में दर्शन-पूजन कर दान-पुण्य किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है, जिस पर स्नान, दान, तर्पण और भगवान शिव-विष्णु की पूजा से विशेष पुण्य फल मिलता है। इसी विश्वास के कारण सुबह से ही श्रद्धालु कपिल सरोवर पहुंचने लगे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण झझु चौराहे तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात का अत्यधिक दबाव देखने को मिला, जिससे दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयार विशेष यातायात योजना के तहत व्यवस्था संभाली और यातायात को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया। कोलायत सीओ संग्राम सिंह ने बताया कि सोमवती अमावस्या को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था, और प्रमुख मार्गों, घाटों, मंदिर परिसरों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले रहे। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने में सहायता मिली। बाहर से आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशालाओं, मठों और मंदिर समितियों द्वारा पेयजल, भोजन, विश्राम तथा सफाई सहित कई व्यवस्थाएं की गईं। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी सेवा कार्यों में भाग लेकर श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। दिनभर कपिल सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और दान-पुण्य का सिलसिला चलता रहा, जिससे धर्मनगरी श्रीकोलायत में भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- बीकानेर के छत्तरगढ़ स्थित स्थानीय बस स्टैंड पर एक निजी दुकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, यह आग मिस्त्री यूनुस खान की दुकान में लगी थी। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों के सहयोग से टैंकरों से पानी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस घटना के कारण बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- बीकानेर में अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने आगामी 25 और 26 जून को आयोजित होने वाले मोहर्रम पर्व के दौरान शहर में बेहतर व्यवस्थाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष रमजान अली कच्छावा ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मोहर्रम के जुलूस मार्गों पर सड़क मरम्मत, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग रखी गई है। ज्ञापन में मोहल्ला व्यापारियान, दाऊजी रोड, मोहल्ला भिस्तियान, डिडू सिपाहियान, चुनघरान, धोबी तलाई, शीतला गेट, खटीकान, कुचिलपुरा, रामपुरा बस्ती तथा छोटी-बड़ी कर्बला क्षेत्र सहित विभिन्न जुलूस मार्गों और मोहल्लों की जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही नाली क्रॉस की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य करवाने की भी मांग उठाई गई। कमेटी ने जुलूस मार्गों पर झूलते हुए बिजली के तारों को कसने, विद्युत लाइनों को सुरक्षित बनाने तथा ट्रांसफार्मरों का समय पर मेंटिनेंस कराने की भी मांग की है। इसके अलावा, ताजियों और अखाड़ों के गुजरने वाले मार्गों पर विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन में मोहर्रम के दौरान पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा कसाइयों की बारी क्षेत्र सहित प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखने की भी मांग शामिल है। कच्छावा ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम पर्व के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद विभिन्न जुलूसों और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जानी चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर काजी, पूर्व महापौर, सैय्यद अख्तर, मौलाना अलीमुद्दीन जामी, शाकिर हुसैन चौपदार, रेहमत अली, हसन अली खिलजी तथा मेहबूब रंगरेज सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- बीकानेर के कोटगेट क्षेत्र में स्थित नागणेचजी रेलवे फाटक से लगभग 250 मीटर घड़सीसर की ओर रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना सामने आई है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जिसकी उम्र करीब 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। युवक ने नीले रंग की टी-शर्ट और लोअर पहनी हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही कई सामाजिक संगठनों के सेवादार मौके पर पहुँचे, जिनमें ख़िदमतगार ख़ादिम सोसाइटी और असहाय सेवा संस्थान के सोएब भाई और राजकुमार खड़गावत एम्बुलेंस के साथ शामिल थे। संबंधित कोटगेट थाना पुलिस टीम की निगरानी में मृतक के शव को पीबीएम अस्पताल ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरी मुआयना करवाने के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया है।1