देश में हरियाली लाने के लिए हरियाली अमावस्या त्यौहार मनाया जाता है बी के बहन,,,,,,, हरियाली अमावस्या पर प्रकृति और आध्यात्मिकता का संगम, ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों पर उमंग-उत्साह से मनाया पर्व पोरसा/जोटई। हरियाली अमावस्या के अवसर पर ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र द्वारा जोटई में प्रकृति की गोद के बीच पर्व को बड़े ही उत्साह, उमंग और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। चारों ओर हरे-भरे पेड़-पौधों और प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में मातृशक्ति ने पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और ईश्वर चिंतन के माध्यम से पर्व की आध्यात्मिक महत्ता को महसूस किया। कार्यक्रम के दौरान ऐसा मनोहारी वातावरण बना हुआ था कि चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आ रही थी। उपस्थित माताओं-बहनों ने भक्ति गीतों और भजनों पर आनंदपूर्वक नृत्य किया तथा ईश्वर का स्मरण करते हुए सुख-शांति और प्रकृति संरक्षण की कामना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को भोग एवं प्रसाद वितरित किया गया। इसी क्रम में ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पोरसा के गांधी नगर स्थित मुख्य सेवा केंद्र पर भी हरियाली अमावस्या का पर्व बड़े ही धूमधाम और उमंग के साथ मनाया गया। यहां माताओं-बहनों ने गीत, भजन और नृत्य के माध्यम से पर्व की खुशियां साझा कीं। धार्मिक वातावरण के बीच प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। हरियाली अमावस्या केवल पर्व नहीं, प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश कार्यक्रम में बीके रेखा बहन ने हरियाली अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाली अमावस्या भारतवर्ष का एक विशेष और महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे नारी शक्ति बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाती है। यह पर्व प्रकृति की सुंदरता, हरियाली, प्रेम, सौभाग्य और आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में तीज के अवसर पर महिलाएं पूजा-पाठ करती हैं, भजन गाती हैं और मंदिरों में जाकर भगवान का स्मरण करती हैं। कई स्थानों पर कन्याओं को भोजन कराने तथा धार्मिक अनुष्ठानों की भी परंपरा है। हरियाली से घिरे प्राकृतिक वातावरण में इस पर्व को मनाने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। बीके रेखा बहन ने कहा कि आज आवश्यकता केवल पर्व मनाने की नहीं, बल्कि हरियाली के संरक्षण और विस्तार का संकल्प लेने की भी है। पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। प्रकृति के पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—का संतुलन बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। प्रकृति के पांच तत्वों के संरक्षण का लिया संकल्प कार्यक्रम में उपस्थित सभी माताओं-बहनों ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया। सभी ने कहा कि हरियाली अमावस्या के इस पावन अवसर पर वे अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएंगी और उनकी देखभाल करेंगी। वक्ताओं ने कहा कि पेड़ केवल हमें छाया और फल ही नहीं देते, बल्कि वातावरण को शुद्ध रखने, वर्षा चक्र को संतुलित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ पर्यावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक धार्मिक पर्व को प्रकृति संरक्षण के संदेश से जोड़ना समय की आवश्यकता है। भक्ति में झूमीं मातृशक्ति जोटई में आयोजित कार्यक्रम में भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। मातृशक्ति ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर ईश्वर का चिंतन किया और भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए पर्व की खुशियां मनाईं। वहीं पोरसा के गांधी नगर स्थित सेवा केंद्र पर भी महिलाओं ने गीत-संगीत और भजनों के माध्यम से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में बीके रेखा बहन, बीना तोमर, गीता शर्मा, पुष्पा शर्मा, रानी तोमर सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं। हरियाली बचाना ही आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि हरियाली केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। यदि आज प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले, तो आने वाले समय में पर्यावरण को बेहतर बनाया जा सकता है। हरियाली तीज के इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दिया। भक्ति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के सुंदर संगम के साथ कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
देश में हरियाली लाने के लिए हरियाली अमावस्या त्यौहार मनाया जाता है बी के बहन,,,,,,, हरियाली अमावस्या पर प्रकृति और आध्यात्मिकता का संगम, ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों पर उमंग-उत्साह से मनाया पर्व पोरसा/जोटई। हरियाली अमावस्या के अवसर पर ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र द्वारा जोटई में प्रकृति की गोद के बीच पर्व को बड़े ही उत्साह, उमंग और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। चारों ओर हरे-भरे पेड़-पौधों और प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में मातृशक्ति ने पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और ईश्वर चिंतन के माध्यम से पर्व की आध्यात्मिक महत्ता को महसूस किया। कार्यक्रम के दौरान ऐसा मनोहारी वातावरण बना हुआ था कि चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आ रही थी। उपस्थित माताओं-बहनों ने भक्ति गीतों और भजनों पर आनंदपूर्वक नृत्य किया तथा ईश्वर का स्मरण करते हुए सुख-शांति और प्रकृति संरक्षण की कामना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को भोग एवं प्रसाद वितरित किया गया। इसी क्रम में ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पोरसा के गांधी नगर स्थित मुख्य सेवा केंद्र पर भी हरियाली अमावस्या का पर्व बड़े ही धूमधाम और उमंग के साथ मनाया गया। यहां माताओं-बहनों ने गीत, भजन और नृत्य के माध्यम से पर्व की खुशियां साझा कीं। धार्मिक वातावरण के बीच प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। हरियाली अमावस्या केवल पर्व नहीं, प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश कार्यक्रम में बीके रेखा बहन ने हरियाली अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाली अमावस्या भारतवर्ष का एक विशेष और महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे नारी शक्ति बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाती है। यह पर्व प्रकृति की सुंदरता, हरियाली, प्रेम, सौभाग्य और आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में तीज के अवसर पर महिलाएं पूजा-पाठ करती हैं, भजन गाती हैं और मंदिरों में जाकर भगवान का स्मरण करती हैं। कई स्थानों पर कन्याओं को भोजन कराने तथा धार्मिक अनुष्ठानों की भी परंपरा है। हरियाली से घिरे प्राकृतिक वातावरण में इस पर्व को मनाने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। बीके रेखा बहन
ने कहा कि आज आवश्यकता केवल पर्व मनाने की नहीं, बल्कि हरियाली के संरक्षण और विस्तार का संकल्प लेने की भी है। पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। प्रकृति के पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—का संतुलन बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। प्रकृति के पांच तत्वों के संरक्षण का लिया संकल्प कार्यक्रम में उपस्थित सभी माताओं-बहनों ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया। सभी ने कहा कि हरियाली अमावस्या के इस पावन अवसर पर वे अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएंगी और उनकी देखभाल करेंगी। वक्ताओं ने कहा कि पेड़ केवल हमें छाया और फल ही नहीं देते, बल्कि वातावरण को शुद्ध रखने, वर्षा चक्र को संतुलित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ पर्यावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक धार्मिक पर्व को प्रकृति संरक्षण के संदेश से जोड़ना समय की आवश्यकता है। भक्ति में झूमीं मातृशक्ति जोटई में आयोजित कार्यक्रम में भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। मातृशक्ति ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर ईश्वर का चिंतन किया और भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए पर्व की खुशियां मनाईं। वहीं पोरसा के गांधी नगर स्थित सेवा केंद्र पर भी महिलाओं ने गीत-संगीत और भजनों के माध्यम से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में बीके रेखा बहन, बीना तोमर, गीता शर्मा, पुष्पा शर्मा, रानी तोमर सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं। हरियाली बचाना ही आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि हरियाली केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। यदि आज प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले, तो आने वाले समय में पर्यावरण को बेहतर बनाया जा सकता है। हरियाली तीज के इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दिया। भक्ति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के सुंदर संगम के साथ कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
- अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, चालक बीहड़ों के रास्ते वाहन छोड़कर भागा अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, चालक बीहड़ों के रास्ते वाहन छोड़कर भागा मुरैना। जिले में रेत एवं पत्थर के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई के निर्देशों के बाद पुलिस ने सरायछौला क्षेत्र में अवैध रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गड़ौरा घाट की ओर आने वाले रास्ते पर चेकिंग लगाई थी। इसी दौरान रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही ट्रैक्टर चालक वाहन को गड़ौरा के बीहड़ों की ओर जाने वाले रास्ते में छोड़कर मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर-ट्रॉली की जांच की तो उसमें अवैध रेत भरी हुई मिली। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। जब्त वाहन की अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार मामले में अज्ञात आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। साथ ही जब्त वाहन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए वन विभाग को भी सूचना दी गई है। पुलिस अब फरार चालक की पहचान और उसकी तलाश में जुटी है। कार्रवाई के दौरान सरायछौला थाना पुलिस, सिविल लाइन थाना पुलिस और पुलिस लाइन के बल की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 303(2) और 317(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।2
- दिल्लाधिपति अनंगपाल सिंह तोमर द्वितीय के जन्म जयंती पर शहर में निकाली गई भव्य शोभा यात्रा, प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं का किया गया सम्मान क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र सखबार ने निभाई सहभागिता अंबाह दिल्लाधिपति और तोमर वंश के कुल भूषण राजा अनंगपाल सिंह तोमर द्वितीय की जन्म जयंती के अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें अंचल के संत शिरोमणि बाबा बालक दास जी महाराज के सानिध्य में यात्रा डाक बंगला से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्ग से होती हुई पोरसा रोड पर जय देवी गार्डन पर समापन हुआ उसके उपरांत समाज प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया पोरसा चौराहे पर अमर शहीद सम्मान सेवा संघ अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर की टीम के मनोज सिंह तोमर पूठा ने संत शिरोमणि बाबा बालक दास जी महाराज का माल्यार्पण स्वागत दंडवत किया और महाराजा अनंगपाल सिंह तोमर की प्रतिमा पर माल्यार्पण व समूची शोभा यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। , रोहित शर्मा, भीमसेन सिंह थरा, हरिमोहन शर्मा , आयोजक मंडल,सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रीय समाज बंधु, क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र सखबार व अन्य समाजसेवी व शहर के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता निभाई।4
- दिल्लाधिपति अनंगपाल सिंह तोमर द्वितीय के जन्म जयंती पर शहर में निकाली गई भव्य शोभा यात्रा, प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं का किया गया सम्मान क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र सखबार ने निभाई सहभागिता अंबाह दिल्लाधिपति और तोमर वंश के कुल भूषण राजा अनंगपाल सिंह तोमर द्वितीय की जन्म जयंती के अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें अंचल के संत शिरोमणि बाबा बालक दास जी महाराज के सानिध्य में यात्रा डाक बंगला से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्ग से होती हुई पोरसा रोड पर जय देवी गार्डन पर समापन हुआ उसके उपरांत समाज प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया पोरसा चौराहे पर अमर शहीद सम्मान सेवा संघ अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर की टीम के मनोज सिंह तोमर पूठा ने संत शिरोमणि बाबा बालक दास जी महाराज का माल्यार्पण स्वागत दंडवत किया और महाराजा अनंगपाल सिंह तोमर की प्रतिमा पर माल्यार्पण व समूची शोभा यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। , रोहित शर्मा, भीमसेन सिंह थरा, हरिमोहन शर्मा , आयोजक मंडल,सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रीय समाज बंधु, क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र सखबार व अन्य समाजसेवी व शहर के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता निभाई। दिल्लाधिपति अनंगपाल सिंह तोमर द्वितीय के जन्म जयंती पर शहर में निकाली गई भव्य शोभा यात्रा, प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं का किया गया सम्मान क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र सखबार ने निभाई सहभागिता अंबाह दिल्लाधिपति और तोमर वंश के कुल भूषण राजा अनंगपाल सिंह तोमर द्वितीय की जन्म जयंती के अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें अंचल के संत शिरोमणि बाबा बालक दास जी महाराज के सानिध्य में यात्रा डाक बंगला से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्ग से होती हुई पोरसा रोड पर जय देवी गार्डन पर समापन हुआ उसके उपरांत समाज प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया पोरसा चौराहे पर अमर शहीद सम्मान सेवा संघ अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर की टीम के मनोज सिंह तोमर पूठा ने संत शिरोमणि बाबा बालक दास जी महाराज का माल्यार्पण स्वागत दंडवत किया और महाराजा अनंगपाल सिंह तोमर की प्रतिमा पर माल्यार्पण व समूची शोभा यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। , रोहित शर्मा, भीमसेन सिंह थरा, हरिमोहन शर्मा , आयोजक मंडल,सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रीय समाज बंधु, क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र सखबार व अन्य समाजसेवी व शहर के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता निभाई।2
- हरिजन बस्ती की गली में RCC सड़क निर्माण नहीं होने के संबंध में शिकायत एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु आवेदन स्थान: ग्राम बरवाई, हरिजन बस्ती, ग्राम पंचायत बरवाई, जनपद पंचायत अंबाह, जिला मुरैना, मध्य प्रदेश। महोदय, ग्राम बरवाई की हरिजन बस्ती में मोहल्ले की गली में अभी तक RCC सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। सड़क नहीं होने के कारण बस्ती के लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के समय गली में कीचड़ एवं पानी भरने से समस्या और गंभीर हो जाती है। इस संबंध में सरपंच एवं सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी है तथा जिला कलेक्टर को भी शिकायत दी गई है, लेकिन अभी तक समस्या का उचित समाधान नहीं हुआ है। अतः निवेदन है कि उक्त गली का स्थल निरीक्षण करवाकर RCC सड़क का निर्माण शीघ्र करवाया जाए तथा पूर्व में की गई शिकायतों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि बस्ती के लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। पता: ग्राम – बरवाई मोहल्ला – हरिजन बस्ती ग्राम पंचायत – बरवाई जनपद – अंबाह1
- महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भिंड द्वारा कन्या विधालय गोहद में कराई गई पतंग निर्माण प्रतियोगिता महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीमती शांति कुशवाह द्वारा शासकीय कन्या विधालय गोहद में बुधवार को लगभग 3 बजे पतंग निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।इस दौरान विधालय की छात्राओं ने पतंग निर्माण कर प्रतियोगिता में भाग लिया।जिसके लिए छात्राओं को सम्मानित किया गया।1
- बाह विधायक रानी पक्षालिका सिंह के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा बाह विधानसभा के पिनाहट देहात मंडल में बुधवार दोपहर 1 बजे विधायक रानी पक्षालिका सिंह के नेतृत्व में स्याहीपुरा से राटौटी शहीद स्मारक तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। इस दौरान अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया गया। यात्रा में जिला उपाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह राठौड़, जिला मंत्री हीरा सिंह, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रदीप भाटी तथा ब्लॉक प्रमुख सत्यवीर भदौरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। पूरे मार्ग पर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रहा।1
- देश में हरियाली लाने के लिए हरियाली अमावस्या त्यौहार मनाया जाता है बी के बहन,,,,,,, हरियाली अमावस्या पर प्रकृति और आध्यात्मिकता का संगम, ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों पर उमंग-उत्साह से मनाया पर्व पोरसा/जोटई। हरियाली अमावस्या के अवसर पर ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र द्वारा जोटई में प्रकृति की गोद के बीच पर्व को बड़े ही उत्साह, उमंग और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। चारों ओर हरे-भरे पेड़-पौधों और प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में मातृशक्ति ने पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और ईश्वर चिंतन के माध्यम से पर्व की आध्यात्मिक महत्ता को महसूस किया। कार्यक्रम के दौरान ऐसा मनोहारी वातावरण बना हुआ था कि चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आ रही थी। उपस्थित माताओं-बहनों ने भक्ति गीतों और भजनों पर आनंदपूर्वक नृत्य किया तथा ईश्वर का स्मरण करते हुए सुख-शांति और प्रकृति संरक्षण की कामना की। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को भोग एवं प्रसाद वितरित किया गया। इसी क्रम में ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पोरसा के गांधी नगर स्थित मुख्य सेवा केंद्र पर भी हरियाली अमावस्या का पर्व बड़े ही धूमधाम और उमंग के साथ मनाया गया। यहां माताओं-बहनों ने गीत, भजन और नृत्य के माध्यम से पर्व की खुशियां साझा कीं। धार्मिक वातावरण के बीच प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। हरियाली अमावस्या केवल पर्व नहीं, प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश कार्यक्रम में बीके रेखा बहन ने हरियाली अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरियाली अमावस्या भारतवर्ष का एक विशेष और महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे नारी शक्ति बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाती है। यह पर्व प्रकृति की सुंदरता, हरियाली, प्रेम, सौभाग्य और आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में तीज के अवसर पर महिलाएं पूजा-पाठ करती हैं, भजन गाती हैं और मंदिरों में जाकर भगवान का स्मरण करती हैं। कई स्थानों पर कन्याओं को भोजन कराने तथा धार्मिक अनुष्ठानों की भी परंपरा है। हरियाली से घिरे प्राकृतिक वातावरण में इस पर्व को मनाने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। बीके रेखा बहन ने कहा कि आज आवश्यकता केवल पर्व मनाने की नहीं, बल्कि हरियाली के संरक्षण और विस्तार का संकल्प लेने की भी है। पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। प्रकृति के पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—का संतुलन बनाए रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। प्रकृति के पांच तत्वों के संरक्षण का लिया संकल्प कार्यक्रम में उपस्थित सभी माताओं-बहनों ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया। सभी ने कहा कि हरियाली अमावस्या के इस पावन अवसर पर वे अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएंगी और उनकी देखभाल करेंगी। वक्ताओं ने कहा कि पेड़ केवल हमें छाया और फल ही नहीं देते, बल्कि वातावरण को शुद्ध रखने, वर्षा चक्र को संतुलित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ पर्यावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक धार्मिक पर्व को प्रकृति संरक्षण के संदेश से जोड़ना समय की आवश्यकता है। भक्ति में झूमीं मातृशक्ति जोटई में आयोजित कार्यक्रम में भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। मातृशक्ति ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर ईश्वर का चिंतन किया और भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए पर्व की खुशियां मनाईं। वहीं पोरसा के गांधी नगर स्थित सेवा केंद्र पर भी महिलाओं ने गीत-संगीत और भजनों के माध्यम से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में बीके रेखा बहन, बीना तोमर, गीता शर्मा, पुष्पा शर्मा, रानी तोमर सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं। हरियाली बचाना ही आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि हरियाली केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। यदि आज प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले, तो आने वाले समय में पर्यावरण को बेहतर बनाया जा सकता है। हरियाली तीज के इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दिया। भक्ति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के सुंदर संगम के साथ कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।2
- मौ नगर के मुख्य मार्गों से निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा, छात्र-छात्राओं के साथ कलेक्टर केएल मीणा हुए शामिल मौ नगर के मुख्य मार्गो से बुधवार को लगभग 2:00 बजे बैंड बाजों के साथ भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई।जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ भिंड कलेक्टर के एल मीणा तथा नगर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।तिरंगा यात्रा के दौरान छात्राओं द्वारा आकर्षक झांकियां सजाई गई।1
- बारिश में तालाब बना खेरागढ़ तहसील परिसर, जलभराव से फिसलते रहे फरियादी खेरागढ़ में बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने खेरागढ़ तहसील परिसर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। निकासी के समुचित इंतजाम न होने से परिसर में जगह-जगह जलभराव हो गया। हालात ऐसे रहे कि फरियादियों को पानी से होकर तहसील पहुंचना पड़ा और कई लोग फिसलते नजर आए। जलभराव से नाराज अधिवक्ताओं ने परिसर में पानी के बीच खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक प्रशासन ने इसका स्थायी समाधान नहीं कराया। शाम 5 बजे अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि हर बारिश में तहसील परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है, जिससे वादकारियों और कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने और स्थायी समाधान की मांग की है। प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।1