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जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम
राजू काँकोरिया खण्डार
जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम
More news from Rajasthan and nearby areas
- सवाई माधोपुर जिले के मखौली गांव से कांसीर लिंक रोड पर लंबे समय से गंदा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों, मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले नमाजियों और मदरसे के बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों को सड़क पर जमा इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे उन्हें गंदे पानी के छींटे लगने की समस्या भी झेलनी पड़ती है। यह सड़क करीब एक दर्जन गांवों के लिए मुख्य रास्ता है, जिससे कई ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए सरपंच और प्रशासन को कई बार अवगत कराया है, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का कोई हल नहीं निकला है। एक दिन बाद ही ईद का त्योहार मनाया जाएगा, जब नमाजी बड़ी संख्या में मस्जिद पहुंचेंगे, ऐसे में गंदे पानी की यह समस्या और भी विकट हो गई है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव और प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर मखौली गांव के ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है, जो सुनवाई न होने से बेहद आक्रोशित हैं।1
- गिरिडीह में एक सनसनीखेज डबल मर्डर का मामला सामने आया है, जहाँ दलानचकरी टोला तिरिल्तांड में पति-पत्नी की हत्या कर दी गई है। इस हत्याकांड को 'अपनों' ने ही अंजाम दिया है। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए परिवार के 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असली वजह की जांच अभी भी जारी है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर से फरार हुई एक युवती ने अपना एक वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश में युवती ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अब अपने घर नहीं जाएगी और मोहीन नाम के व्यक्ति के साथ ही रहेगी। उसने यह भी साफ किया कि हालांकि उसने मोहीन से कोई शादी नहीं की है, फिर भी वे दोनों साथ ही रहेंगे।1
- ढेंगदा गांव में सड़क की गंभीर समस्या सामने आई है, जहां के रास्ते पर बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और पथरीली सतह है। इन खराब रास्तों के कारण वाहनों को चलने में भारी परेशानी होती है और बारिश के मौसम में गांव वालों को आवागमन में विशेष रूप से मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द से जल्द इस रास्ते को ठीक करवाने का निवेदन किया है, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही सुगम हो सके।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित बल्लू टी स्टॉल ने कड़ी मेहनत और उसके महत्व पर एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है। स्टॉल का कहना है कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और निरंतर प्रयास, धैर्य व लगन ही सफलता की असली पहचान हैं। यह उस व्यक्ति पर केंद्रित है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता, क्योंकि वही अंततः अपनी मंज़िल हासिल करता है। स्टॉल ने इस बात पर जोर दिया है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि यह लगातार किए गए प्रयासों और संघर्ष का ही परिणाम है। 'मेहनत की चाय में संघर्ष की मिठास होती है, जो हर दिन मेहनत करता है, सफलता उसी के पास होती है,' इन पंक्तियों के माध्यम से बल्लू टी स्टॉल अपने दर्शन को व्यक्त करता है। स्टॉल ने अपने सभी ग्राहकों के प्यार और आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है, और यह सुनिश्चित किया है कि वे पूरी लगन और ईमानदारी से अपनी सेवाएँ जारी रखेंगे। ग्राहकों का साथ और विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की ओर से सभी मेहनतकश भाइयों और बहनों को सलाम करते हुए यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया गया है कि मेहनत करते रहने से सफलता एक दिन निश्चित रूप से कदम चूमेगी।1
- डीजल और पेट्रोल की दैनिक खपत पर एक नई सीमा निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था के अनुसार, अब एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल या पेट्रोल ही प्राप्त किया जा सकेगा।1
- मध्य प्रदेश के धार जिले के उतावा गांव में ग्रामीणों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। गांव में पाइपलाइन बिछाई जाने के बावजूद, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही है। इस विकट स्थिति के कारण, गांव की महिलाओं को प्रतिदिन दूर स्थित जल स्रोतों से पानी लाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस ने मेहनत, निरंतर प्रयास, धैर्य और लगन के महत्व पर एक प्रेरक संदेश साझा किया है। स्टॉल ने जोर दिया है कि अथक परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता और ये गुण ही सफलता की सच्ची पहचान हैं। उनके अनुसार, जो व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता, वही अपनी मंज़िल हासिल करता है, क्योंकि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता बल्कि यह लगातार किए गए प्रयासों और संघर्ष का परिणाम होती है। बल्लू टी स्टॉल ने एक काव्य पंक्ति के माध्यम से अपनी बात को और स्पष्ट किया है: "मेहनत की चाय में संघर्ष की मिठास होती है, जो हर दिन मेहनत करता है, सफलता उसी के पास होती है।" स्टॉल ने अपने सभी ग्राहकों और शुभचिंतकों के प्यार व आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है। उन्होंने पूरी लगन और ईमानदारी से अपनी सेवाएँ जारी रखने का संकल्प दोहराया है, यह कहते हुए कि लोगों का साथ और विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर ने सभी मेहनतकश भाइयों और बहनों को सलाम करते हुए विश्वास जताया है कि मेहनत करते रहने से सफलता एक दिन ज़रूर कदम चूमेगी।1
- राजस्थान के खण्डीप गाँव में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना और महापंचायत दसवें दिन भी जारी है। इस आंदोलन में रायपुर, कुसाय, परीता, सैगरपुरा, खोरपुरा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा और ग्रामीण एकजुट होकर जनसैलाब की तरह उमड़ रहे हैं। किसानों का स्पष्ट कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर व्यवस्थाएं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा संभाली जा रही हैं, जिसमें गांव-वार जिम्मेदारियां तय की गई हैं। किशोरपुर गांव के ग्रामीणों ने 13 और 14 जून को भोजन, पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाई, जबकि 15 और 16 जून के लिए छोटी उदेई, डिवस्या, बिनेगा, छान और खिदपुर गांवों के किसानों को यह जिम्मेदारी दी गई है। आंदोलन में लोक कलाकारों और गीतकारों द्वारा किसान संघर्ष से जुड़े गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी किसानों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आंदोलन की एक प्रमुख ताकत बनकर उभरी है। महापंचायत में किसानों ने जोर देकर कहा कि यह केवल पानी की लड़ाई नहीं, बल्कि उनके अधिकार, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है, जिसमें सर्व समाज और सभी जातियों के लोग एकजुटता से शामिल हो रहे हैं। आगे की रणनीति के तहत, किसानों ने गांव-गांव में कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया है और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी नेता किसानों के साथ खड़ा नहीं होगा, उसका सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन को साफ शब्दों में आगाह किया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।2