आजकल जब भी पुरुषों के हितों की बात उठाई जाती है या पुरुष आयोग की मांग की जाती है, तो सोशल मीडिया पर हजारों लोग समर्थन में दिखाई देते हैं। हालांकि, यह विडंबना है कि जब इस मांग को लेकर कोई भूख हड़ताल पर बैठता है या रैली निकालता है, तब मुश्किल से सौ पुरुष भी मौके पर नहीं पहुंच पाते। इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि समर्थन को केवल पोस्ट, लाइक और कमेंट तक सीमित नहीं रखना चाहिए। यह समझना आवश्यक है कि कोई भी अकेला व्यक्ति इस व्यवस्था से नहीं लड़ सकता। यदि वास्तव में पुरुष आयोग की स्थापना चाहते हैं और पुरुषों की समस्याओं को गंभीरता से सुने जाने की इच्छा है, तो सभी पुरुषों को संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। यह कहा गया है कि केवल सोशल मीडिया पर समर्थन जताते रहने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे। अब समय आ गया है कि एकजुटता, जागरूकता और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखा जाए। पुरुषों को अपने अधिकारों और न्याय की मांग के लिए एक विशाल रैली और जनआंदोलन के माध्यम से अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए।
आजकल जब भी पुरुषों के हितों की बात उठाई जाती है या पुरुष आयोग की मांग की जाती है, तो सोशल मीडिया पर हजारों लोग समर्थन में दिखाई देते हैं। हालांकि, यह विडंबना है कि जब इस मांग को लेकर कोई भूख हड़ताल पर बैठता है या रैली निकालता है, तब मुश्किल से सौ पुरुष भी मौके पर नहीं पहुंच पाते। इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि समर्थन को केवल पोस्ट, लाइक और कमेंट तक सीमित नहीं रखना चाहिए। यह समझना आवश्यक है कि कोई भी अकेला व्यक्ति इस व्यवस्था से नहीं लड़ सकता। यदि वास्तव में पुरुष आयोग की स्थापना चाहते हैं और पुरुषों की समस्याओं को गंभीरता से सुने जाने की इच्छा है, तो सभी पुरुषों को संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। यह कहा गया है कि केवल सोशल मीडिया पर समर्थन जताते रहने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे। अब समय आ गया है कि एकजुटता, जागरूकता और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखा जाए। पुरुषों को अपने अधिकारों और न्याय की मांग के लिए एक विशाल रैली और जनआंदोलन के माध्यम से अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए।
- चित्तौड़गढ़ में देर रात पुलिस ने एक स्पा पर छापा मारा, जहाँ कथित तौर पर स्पा की चमक के पीछे एक 'बड़ा खेल' छिपा हुआ था। इस पुलिस कार्रवाई के बाद, विदेशी महिलाओं सहित पूरा नेटवर्क अब पुलिस की गहन जाँच के दायरे में है।1
- एक सामग्री निर्माता ने अपने दर्शकों का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने उनके मंच को मात्र छह दिनों की अवधि में 100 सदस्यों का परिवार बनाने में सहयोग दिया है। निर्माता ने इस उपलब्धि पर सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है और उनसे अपना सहयोग इसी प्रकार बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से दर्शकों को अपनी सामग्री साझा करने के लिए प्रेरित किया है, यह कहते हुए कि उनका एक शेयर उन्हें लगातार नई खबरें डालने के लिए बहुत प्रेरणा देता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दर्शकों को सदस्यता लेकर इस परिवार का सदस्य बनने का भी निमंत्रण दिया है।1
- शाहपुरा नगर में 23 जून 2026 मंगलवार को सुबह 9.15 बजे महेश नवमी के उपलक्ष्य में एक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा शाहपुरा माहेश्वरी समाज द्वारा निकाली गई थी, जिसका नेतृत्व भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज सुगंधी ने किया। भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। इस कार्यक्रम में जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, विधानसभा संयोजक बजरंग सिंह राणावत, नगर महामंत्री जितेंद्र पाराशर, राजाराम पोरवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश मारू, कार्यक्रम सहसंयोजक नवल सोनी, मोहन गुर्जर, गोपाल घूसर, शांतिलाल मामोडिया, देवेंद्र सिंह गहलोत, मंत्री मुकेश माली, राजेंद्र बोहरा, लादूराम खटीक, प्रेमचंद मीणा, गजराज खटीक, शारदा सोनी, मिथिलेश राणावत और राधा बोहरा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।2
- बड़लियास में तहसील स्तरीय महेश नवमी महोत्सव का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कोटड़ी तहसील के विभिन्न गांवों से माहेश्वरी समाज के बड़ी संख्या में समाजबंधुओं और प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया। महोत्सव से पूर्व भगवान महेश की एक भव्य शोभायात्रा बड़लियास कस्बे के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसका विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया और अतिथियों व समाजबंधुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवान महेश के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर जिला प्रतिनिधि राजेंद्र पोरवाल, महेंद्र काकाणी, रामकिशन सोनी, प्रहलाद नुवाल, मुरलीधर काबरा और रामकृष्ण पोरवाल सहित विभिन्न गांवों के समाज प्रतिनिधि उपस्थित रहे। तहसील अध्यक्ष महावीर काबरा (पारोली), बड़लियास माहेश्वरी सभा अध्यक्ष महावीर काबरा (बड़लियास), पूर्व तहसील अध्यक्ष शिवनारायण काबरा, कैलाश मंत्री और सी.पी. नामधराणी जैसे कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर उपस्थित थे। समारोह के दौरान समाज के 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही, शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर समाज का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप ईनाणी ने किया। इस अवसर पर सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि वर्ष 2027 का तहसील स्तरीय महेश नवमी महोत्सव कोटड़ी में आयोजित किया जाएगा। अंत में, माहेश्वरी समाज की ओर से सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और उपस्थित समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया गया।4
- मांडल उप जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं पूरी तरह से बदहाल हैं, जिसके कारण वहां आने वाले मरीजों को गंदगी से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- आजकल जब भी पुरुषों के हितों की बात उठाई जाती है या पुरुष आयोग की मांग की जाती है, तो सोशल मीडिया पर हजारों लोग समर्थन में दिखाई देते हैं। हालांकि, यह विडंबना है कि जब इस मांग को लेकर कोई भूख हड़ताल पर बैठता है या रैली निकालता है, तब मुश्किल से सौ पुरुष भी मौके पर नहीं पहुंच पाते। इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि समर्थन को केवल पोस्ट, लाइक और कमेंट तक सीमित नहीं रखना चाहिए। यह समझना आवश्यक है कि कोई भी अकेला व्यक्ति इस व्यवस्था से नहीं लड़ सकता। यदि वास्तव में पुरुष आयोग की स्थापना चाहते हैं और पुरुषों की समस्याओं को गंभीरता से सुने जाने की इच्छा है, तो सभी पुरुषों को संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। यह कहा गया है कि केवल सोशल मीडिया पर समर्थन जताते रहने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे। अब समय आ गया है कि एकजुटता, जागरूकता और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखा जाए। पुरुषों को अपने अधिकारों और न्याय की मांग के लिए एक विशाल रैली और जनआंदोलन के माध्यम से अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए।1
- सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने दुर्ग क्षेत्र में 'बुलडोजर संस्कृति' के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह 'बुलडोजर संस्कृति' किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह ज्ञापन हजारों परिवारों के आशियानों और उनके रोजगार को बचाने की मांग को लेकर दिया गया है, ताकि इन परिवारों को संभावित बेघर होने और आजीविका खोने से बचाया जा सके।2
- यह पोस्ट दर्शकों को भारतीय टीम के सेमीफाइनल और फाइनल में पहुँचने की संभावनाओं से जुड़ी ख़बरें जानने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह करती है। इसके माध्यम से खेल जगत की ऐसी ही अन्य ख़बरें भी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।1
- मंगलवार सुबह करीब 8 बजे शहर के कोटा बाईपास स्थित टंकी के बालाजी के पास आलू से भरा एक ट्रोला अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रोले में लदी आलू की बोरियां सड़क पर बिखर गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुर्घटना में ट्रोले के चालक को मामूली चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, यह ट्रोला अजमेर की ओर से भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी की तरफ आ रहा था। टंकी के बालाजी के निकट अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण बिगड़ गया और ट्रोला सड़क पर पलट गया। गनीमत रही कि दुर्घटना के समय आसपास कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला, जिसके बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रोले को सीधा कराया गया। यह हादसा एक बार फिर कोटा बाईपास पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि सुबह के समय यातायात कम होने के कारण बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन यदि यह दुर्घटना व्यस्त समय में होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।1