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दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र-नौजवानों पर लगातार केस और मुकदमे दर्ज कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि चेतना को चुनौती नहीं देनी चाहिए, लेकिन मोदी सरकार के लिए अब चेतना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। मामले पर आगे के रुख को लेकर उन्होंने कहा कि हम सभी बैठकर बात करेंगे कि क्या तय करना है।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र-नौजवानों पर लगातार केस और मुकदमे दर्ज कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि चेतना को चुनौती नहीं देनी चाहिए, लेकिन मोदी सरकार के लिए अब चेतना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। मामले पर आगे के रुख को लेकर उन्होंने कहा कि हम सभी बैठकर बात करेंगे कि क्या तय करना है।
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- दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र-नौजवानों पर लगातार केस और मुकदमे दर्ज कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि चेतना को चुनौती नहीं देनी चाहिए, लेकिन मोदी सरकार के लिए अब चेतना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। मामले पर आगे के रुख को लेकर उन्होंने कहा कि हम सभी बैठकर बात करेंगे कि क्या तय करना है।1
- आजमगढ़ में 30 जुलाई से शुरू होने वाले ऐतिहासिक सावन मेले और कावड़ यात्रा को सकुशल तथा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त रूप से भंवरनाथ मंदिर परिसर और उसके बाह्य मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इसके साथ ही मंदिर के बाहरी रास्तों, पार्किंग स्थलों और कावड़ियों के आने-जाने वाले मार्गों की स्थिति का भी मुआयना किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कावड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी, जगह-जगह मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता, सुगम यातायात के लिए पुख्ता डायवर्जन प्लान और मूलभूत सुविधाओं को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि "सावन मेला और कावड़ यात्रा करोड़ों आस्थावानों का पर्व है। इसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी ने भी सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए समय से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की हिदायत दी।2
- उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने आजमगढ़ के 100 शैया अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में चल रही व्यवस्थाओं की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान डॉ. प्रियंका मौर्या ने पाया कि कुछ डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। इस पर उन्होंने डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। डॉ. प्रियंका मौर्या ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए और डॉक्टरों को सरकारी नियमों का पालन करना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बुरहानपुर में विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दफ्तर के बाहर जोरदार नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान 'चंदा चोर कहां मिलेंगे, BJP के दफ्तर में...' के नारे लगाए गए। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विरोध प्रदर्शन में शामिल विपक्षी दलों ने BJP पर चंदा इकट्ठा करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि BJP गलत तरीके से चंदा इकट्ठा कर रही है। इस नारेबाजी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारी BJP दफ्तर के बाहर नारे लगा रहे हैं। इस घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को और तूल देने की कोशिश में हैं, जबकि BJP ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयानबाजी होने की उम्मीद है।1
- अहरौला थाना क्षेत्र में एक सड़क पर बर्तन धोने की बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की घटना हो गई। इस घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक विधिक कार्रवाई की। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने आधिकारिक बयान जारी कर पूरी जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन के अनुसार, यह घटना अहरौला थाना क्षेत्र के बुढ़नपुर क्षेत्र में हुई। दोनों पक्षों के बीच बर्तन धोने को लेकर विवाद शुरू हुआ जो धीरे-धीरे बढ़ता गया और मारपीट में तब्दील हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया और दोनों पक्षों से पूछताछ की। फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना रविवार को आजमगढ़ पहुंचे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ दिवंगत विधायक आलमबदी आज़मी के आवास पर जाकर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत विधायक से जुड़ी पुरानी यादों को साझा किया। सतीश महाना ने कहा कि आलमबदी आज़मी विधानसभा के अत्यंत अनुभवी, सबसे शिक्षित और गंभीर जनप्रतिनिधियों में गिने जाते थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 से लगातार विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले आलमबदी आज़मी केवल एक बार चुनाव हारने के कारण सदन में नहीं पहुंच सके थे, अन्यथा उन्होंने लगभग तीन दशकों तक लगातार जनता की सेवा की। सदन में उनका व्यवहार हमेशा सकारात्मक तथा मर्यादित रहता था। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि निधन की सूचना मिलने के बाद उन्होंने सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव और दिवंगत विधायक के सुपुत्र से फोन पर बात करके अपनी संवेदनाएं पहले ही प्रकट कर दी थीं। अपने संस्मरण साझा करते हुए सतीश महाना ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद जब उन्होंने विभिन्न पेशों से जुड़े विधायकों के समूह बनाए, तो इंजीनियर विधायकों के समूह में आलमबदी आज़मी का नाम शामिल था। इस पर आलमबदी आज़मी ने मुस्कुराते हुए कहा था, "मैं तो भूल ही गया था कि मैंने इंजीनियरिंग की है, आपने मुझे फिर से याद दिला दिया।" श्री महाना ने उनकी विनम्रता की सराहना करते हुए कहा कि वे कभी किसी विवाद का हिस्सा नहीं बने। उन्होंने कहा कि विधायिका की गरिमा और मर्यादा का सम्मान करना सबका दायित्व है और मनुष्य का शरीर मिट्टी का है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उसने समाज के लिए क्या योगदान दिया। इस दौरान सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव और विधायक नफीस अहमद समेत अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।1
- आजमगढ़ में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ रानी की सराय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। आरोपियों के कब्जे से फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, सरकारी दस्तावेज, मोहरें, मोबाइल फोन, ब्रेजा कार समेत बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में रानी की सराय पुलिस ने 26/27 जुलाई की रात मोबाइल लोकेशन के आधार पर कोटिला कट के पास आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने बिहार निवासी लालू उर्फ राकेश कुमार तथा बलिया निवासी दिनेश कुमार गुप्ता और धर्मेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 20 मई 2026 को अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव की तहरीर पर रानी की सराय थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान इन तीनों आरोपियों के नाम सामने आए। पूछताछ में पता चला कि आरोपी खुद को नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद उनसे मोटी रकम वसूलकर फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार कर उन्हें नौकरी का भरोसा दिलाते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, 11 मोहरें, इंकपैड, पुलिस वेरिफिकेशन प्रोफार्मा, प्रमाणित पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार व पैन कार्ड की प्रतियां, जन्म प्रमाणपत्र की प्रतियां, नागालैंड के सरकारी प्रोफार्मा, एक ब्रेजा कार, रेलवे पहचान पत्र तथा ₹5,360 नकद बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है।3