बीपीएससी शिक्षक बहाली पेपर लीक में शामिल डॉक्टर गिरफ्तार ईओयू ने दबोचा... संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव का है दोस्त सरकारी डॉक्टर की नौकरी छोड़ नीट पीजी की तैयारी कर रहा था डॉ. मनीष पटना | बीपीएससी शिक्षक बहाली प्रश्नपत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को बड़ी कामयाबी मिली है। ईओयू ने इस साजिश में शामिल फरार आरोपी डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। मनीष पेशेवर डॉक्टर है। वह मूल रूप से जहानाबाद के नेहालपुर का निवासी है और एनएमसीएच के 2021 बैच का पासआउट है। कुछ समय पहले तक वह कैमूर में सरकारी डॉक्टर के पद पर तैनात था, लेकिन नौकरी छोड़कर वह नीट पीजी की तैयारी कर रहा था। ईओयू की टीम ने वैज्ञानिक तरीके से डॉ. मनीष की घेराबंदी की। जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना डॉ. शिव है, जो मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का बेटा है। डॉ. शिव और मनीष पुराने दोस्त हैं। ईओयू ने जब पीएमसीएच और एनएमसीएच के 2015 व 2021 बैच के छात्रों का डेटा खंगाला, तो मनीष का मोबाइल नंबर मिला। उसकी लोकेशन डॉ. शिव के फ्लैट और हजारीबाग के कोहिनूर होटल में पाई गई। इसके बाद कोहिनूर होटल के सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान पुख्ता हुई। पूछताछ में पहले उसने अधिकारियों को बरगलाया, लेकिन साक्ष्य सामने आते ही वह टूट गया। इस मामले में अब तक कुल 296 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ईओयू के अनुसार, अभी भी 15 मुख्य आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनकी पहचान और सत्यापन कर लिया गया है। डॉ. मनीष के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है और उसकी अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 30 अभ्यर्थियों से वसूले 1 करोड़ 20 लाख जांच में खुलासा हुआ है कि 15 मार्च 2024 को हुई परीक्षा से पहले डॉ. मनीष ने बड़ी डील की थी। वह पटना से एक ट्रैवलर बस में 30 अभ्यर्थियों को लेकर हजारीबाग के कोहिनूर होटल गया था। इन अभ्यर्थियों से कुल 1.20 करोड़ रुपए की वसूली की गई थी। इसमें डॉ. मनीष का हिस्सा प्रति अभ्यर्थी 50 हजार रुपए तय था। इस तरह उसे कुल 15 लाख रुपए कमीशन के तौर पर मिले थे। 14 मार्च को विशाल चौरसिया की गिरफ्तारी के बाद जब कोहिनूर होटल में छापेमारी हुई, तब 150 से अधिक अभ्यर्थी पकड़े गए थे, लेकिन मनीष वहां से बच निकला था। डॉ. शिव, डॉ. शुभम और डॉ. मनीष पेपर लीक के पुराने खिलाड़ी है। डॉ. शिव और डॉ. शुभम 2017 में नीट पेपर लीक मामले में भी जेल जा चुके हैं, जबकि डॉ. शुभम यूपी सिपाही भर्ती लीक में भी शामिल रहा है। इनकी विशेषता है कि ये प्रश्नपत्रों के सीलबंद बक्से बिना नुकसान पहुंचाए खोलने में माहिर हैं। टीआरई-3 के दौरान इन्होंने नगरनौसा के एक लाइन होटल पर पिकअप वैन को रुकवाया और अत्याधुनिक औजारों से बक्से को खोलकर पेपर पार कर लिया।
बीपीएससी शिक्षक बहाली पेपर लीक में शामिल डॉक्टर गिरफ्तार ईओयू ने दबोचा... संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव का है दोस्त सरकारी डॉक्टर की नौकरी छोड़ नीट पीजी की तैयारी कर रहा था डॉ. मनीष पटना | बीपीएससी शिक्षक बहाली प्रश्नपत्र लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को बड़ी कामयाबी मिली है। ईओयू ने इस साजिश में शामिल फरार आरोपी डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। मनीष पेशेवर डॉक्टर है। वह मूल रूप से जहानाबाद के नेहालपुर का निवासी है और एनएमसीएच के 2021 बैच का पासआउट है। कुछ समय पहले तक वह कैमूर में सरकारी डॉक्टर के पद पर तैनात था, लेकिन नौकरी छोड़कर वह नीट पीजी की तैयारी कर रहा था। ईओयू की टीम ने वैज्ञानिक तरीके से डॉ. मनीष की घेराबंदी की। जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना डॉ. शिव है, जो मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का बेटा है। डॉ. शिव और मनीष पुराने दोस्त हैं। ईओयू ने जब पीएमसीएच और एनएमसीएच के 2015 व 2021 बैच के छात्रों का डेटा खंगाला, तो मनीष का मोबाइल नंबर मिला। उसकी लोकेशन डॉ. शिव के फ्लैट और हजारीबाग के कोहिनूर होटल में पाई गई। इसके बाद कोहिनूर होटल के सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान पुख्ता हुई। पूछताछ में पहले उसने अधिकारियों को बरगलाया, लेकिन साक्ष्य सामने आते ही वह टूट गया। इस मामले में अब तक कुल 296 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ईओयू के अनुसार, अभी भी 15 मुख्य आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनकी पहचान और सत्यापन कर लिया गया है। डॉ. मनीष के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है और उसकी अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 30 अभ्यर्थियों से वसूले 1 करोड़ 20 लाख जांच में खुलासा हुआ है कि 15 मार्च 2024 को हुई परीक्षा से पहले डॉ. मनीष ने बड़ी डील की थी। वह पटना से एक ट्रैवलर बस में 30 अभ्यर्थियों को लेकर हजारीबाग के कोहिनूर होटल गया था। इन अभ्यर्थियों से कुल 1.20 करोड़ रुपए की वसूली की गई थी। इसमें डॉ. मनीष का हिस्सा प्रति अभ्यर्थी 50 हजार रुपए तय था। इस तरह उसे कुल 15 लाख रुपए कमीशन के तौर पर मिले थे। 14 मार्च को विशाल चौरसिया की गिरफ्तारी के बाद जब कोहिनूर होटल में छापेमारी हुई, तब 150 से अधिक अभ्यर्थी पकड़े गए थे, लेकिन मनीष वहां से बच निकला था। डॉ. शिव, डॉ. शुभम और डॉ. मनीष पेपर लीक के पुराने खिलाड़ी है। डॉ. शिव और डॉ. शुभम 2017 में नीट पेपर लीक मामले में भी जेल जा चुके हैं, जबकि डॉ. शुभम यूपी सिपाही भर्ती लीक में भी शामिल रहा है। इनकी विशेषता है कि ये प्रश्नपत्रों के सीलबंद बक्से बिना नुकसान पहुंचाए खोलने में माहिर हैं। टीआरई-3 के दौरान इन्होंने नगरनौसा के एक लाइन होटल पर पिकअप वैन को रुकवाया और अत्याधुनिक औजारों से बक्से को खोलकर पेपर पार कर लिया।
- कश्मीर के टीचर ने बनाया सौर ऊर्जा से चलने वाला टू-व्हीलर जम्मू | गणित के टीचर और इनोवेटर बिलाल अहमद मीर ने सौर ऊर्जा से चलने वाला टू-व्हीलर बनाने में सफलता हासिल की है। बिलाल इससे पहले 2025 में सौर ऊर्जा से चलने वाली हाईटेक कार भी बना चुके हैं। इसके चलते उन्हें 'कश्मीर का इलॉन मस्क' भी कहा जाता है। सोलर कार 'रे' को उन्होंने 17 साल की कड़ी मेहनत और 20 लाख रुपए खर्च कर बनाया था। अब इसी सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने सोलर और हाइड्रो-इलेक्ट्रिक से चलने वाला टू-व्हीलर तैयार किया है।1
- कुकड़ेश्वर सहस्त्र मुकेश्वर भोलेनाथ मंदिर का दान पात्र खुला, निकले करीब ₹1.22 लाख कुकड़ेश्वर के प्रसिद्ध चमत्कारी श्री सहस्त्र मुकेश्वर भोलेनाथ मंदिर का दान पात्र प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में खोला गया। दान पात्र से करीब ₹1.22 लाख की राशि प्राप्त हुई, जिसे मंदिर के बैंक खाते में जमा करा दिया गया। यह प्रक्रिया कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशन एवं मंदिर प्रबंधन समिति के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस दौरान मनासा एसडीएम किरण आंजना, तहसीलदार मुकेश निगम, नायब तहसीलदार नवीन गर्ग, थाना प्रभारी मंगल सिंह राठौड़, सीएमओ प्रतिनिधि गौरव आचार्य, पुजारी कैलाश गोस्वामी सहित राजस्व, नगर परिषद और मंदिर समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- आरोप फसल बर्बाद, इंसाफ अधूरा! भील समाज का रामपुरा थाने पर प्रदर्शन, पुलिस पर पक्षपात के आरोप रामपुरा/नीमच:28जुलाई, जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम बख्तपुरा में दबंगों की तानाशाही और प्रशासन की कथित अनदेखी से आहत आदिवासी भील समाज के लोगों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। अपने खेतों में खड़ी मेहनत की फसल को दबंगों द्वारा मवेशी छोड़कर नष्ट कराए जाने से आक्रोशित समाजजनों ने बड़ी संख्या में लामबंद होकर रामपुरा स्थानीय पुलिस थाने का घेराव किया। आरोप है कि, घटना की शिकायत लेकर जब वे थाने पहुंचे, तो पुलिस का रवैया टालमटोल वाला रहा। दबंगों के दबाव में आकर पुलिस दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है और सख्त धाराओं में मामला दर्ज नहीं कर रही है। समय रहते अगर पुलिस सख्त कदम उठाती, तो किसानों को इतने बड़े नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता। पीड़ितो का कहना है कि, हम रात-दिन पसीना बहाकर फसल उगाते हैं और दबंग उसे एक पल में रौंद देते हैं। जब हम न्याय मांगने पुलिस के पास आते हैं, तो हमें ही टहलाया जाता है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।"4
- नीमच पि डि सी करते समय लाइव एक्सीडेंट क्या जनता की जान इतनी सस्ती है अधिकारियों के लापरवाही1
- नीमच के श्रीराम हॉस्पिटल में चोरी का आरोप: कर्मचारी पर नकदी गायब करने का दावा, CCTV जांच में जुटी पुलिस1
- yah Mere carpenter ka kam hai main bahut hi mehnat se karta hun aur jyada Se jyada koshish yahi rahti hai ki kam sabse achcha Ho1
- NEWS:-रामपुरा-मनासा मार्ग पर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरी जय श्री बस, बड़ा हादसा टला मनासा।रामपुरा से मनासा की ओर आ रही जय श्री बस बुधवार को अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज गति से चल रही थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क से नीचे उतर गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल तेज रफ्तार को हादसे का संभावित कारण बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।1