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नीमच पि डि सी करते समय लाइव एक्सीडेंट क्या जनता की जान इतनी सस्ती है अधिकारियों के लापरवाही
भविष्य न्यूज़ 24
नीमच पि डि सी करते समय लाइव एक्सीडेंट क्या जनता की जान इतनी सस्ती है अधिकारियों के लापरवाही
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- आरोप फसल बर्बाद, इंसाफ अधूरा! भील समाज का रामपुरा थाने पर प्रदर्शन, पुलिस पर पक्षपात के आरोप रामपुरा/नीमच:28जुलाई, जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम बख्तपुरा में दबंगों की तानाशाही और प्रशासन की कथित अनदेखी से आहत आदिवासी भील समाज के लोगों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। अपने खेतों में खड़ी मेहनत की फसल को दबंगों द्वारा मवेशी छोड़कर नष्ट कराए जाने से आक्रोशित समाजजनों ने बड़ी संख्या में लामबंद होकर रामपुरा स्थानीय पुलिस थाने का घेराव किया। आरोप है कि, घटना की शिकायत लेकर जब वे थाने पहुंचे, तो पुलिस का रवैया टालमटोल वाला रहा। दबंगों के दबाव में आकर पुलिस दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है और सख्त धाराओं में मामला दर्ज नहीं कर रही है। समय रहते अगर पुलिस सख्त कदम उठाती, तो किसानों को इतने बड़े नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता। पीड़ितो का कहना है कि, हम रात-दिन पसीना बहाकर फसल उगाते हैं और दबंग उसे एक पल में रौंद देते हैं। जब हम न्याय मांगने पुलिस के पास आते हैं, तो हमें ही टहलाया जाता है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।"4
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- नीमच के श्रीराम हॉस्पिटल में चोरी का आरोप: कर्मचारी पर नकदी गायब करने का दावा, CCTV जांच में जुटी पुलिस1
- मद्रास हाईकोर्ट ने मृतकों के परिजनों को नौकरी देने का आदेश रद्द किया करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को झटका चेन्नई / करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का सरकारी आदेश रद्द कर दिया है। अदालत से कहा कि इस मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी इसकी निगरानी कर रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर कोई राय देना उचित नहीं होगा। मद्रास हाई कोर्ट ने उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने तमिलनाडु सरकार का आदेश रद्द कर दिया। सीबीआई जांच का दिया हवाला कोर्ट ने कहा कि करूर भगदड़ की जांच फिलहाल सीबीआई के पास है। इतना ही नहीं, इस पूरी जांच पर सुप्रीम कोर्ट भी नजर बनाए हुए है। इसलिए घटना के तथ्यों या जिम्मेदारी को लेकर इस स्तर पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि मामले की जांच जारी है। ऐसे में अंतिम नतीजे आने से पहले किसी भी तरह का प्रशासनिक फैसला उचित नहीं माना जा सकता। इसी वजह से सरकारी नौकरी देने का आदेश रद्द किया गया। क्या है पूरा मामला बता दें कि 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में टीवीके की एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय का भाषण सुनने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे। भीड़ बेकाबू होने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। एजेंसी टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसी आदेश को चुनौती देते हुए कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 जुलाई 2026 को विजय पहली बार करूर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सितंबर 2025 की करूर भगदड़ से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत की। साथ ही, जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों में से 32 पात्र सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। राज्य सरकार ने भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। जिसे अब मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार का यह आदेश रद्द कर दिया है।1
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- अनिल गुप्ता के खिलाफ एक मामला और सर्वे क्रमांक 624 एवं 625 की शासकीय भूमि मामले में जांच की मांग मन्दसौर संयुक्त बेरोजगार नवयुवक एकता समिति ने जिला कलेक्टर, मन्दसौर को आवेदन सौंपकर सर्वे क्रमांक 624 एवं 625 की भूमि से संबंधित कथित नामांतरण, रजिस्ट्रियों, दस्तावेजों एवं निर्माण अनुमति की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। समिति का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में उक्त भूमि शासकीय/नगर पालिका के नाम दर्ज होने के बावजूद कथित रूप से निजी नामांतरण एवं रजिस्ट्री की प्रक्रिया की गई। समिति ने मामले में अनिल गुप्ता सहित संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, दस्तावेजों की वैधता एवं अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। समिति ने मांग की है कि यदि जांच में फर्जी दस्तावेज, कूटरचना या शासकीय भूमि के अवैध हस्तांतरण की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही सर्वे क्रमांक 859 की भूमि की भी जांच एवं सीमांकन कर उसे सुरक्षित रखने की मांग की गई है। संयुक्त बेरोजगार नवयुवक एकता समिति मन्दसौर बाइट --- वकील बंजारा1
- NEWS:-रामपुरा-मनासा मार्ग पर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरी जय श्री बस, बड़ा हादसा टला मनासा।रामपुरा से मनासा की ओर आ रही जय श्री बस बुधवार को अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज गति से चल रही थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क से नीचे उतर गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल तेज रफ्तार को हादसे का संभावित कारण बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।1