रीवा जिले के सेमरिया नगर पंचायत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार आंदोलन में शामिल छात्र-छात्राओं के साथ हुई बर्बरता और लाठीचार्ज के विरोध में एक दिवसीय उपवास का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का शुभारंभ महात्मा गांधी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर और पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। उपवास में वरिष्ठ समाजसेवी व विधानसभा प्रत्याशी रोहित तिवारी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अजय शुक्ला, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष केसकली साकेत, सेमरिया यूथ अध्यक्ष रोहित सिंह, बाबूलाल यादव और गुफरान सिद्दीकी सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन, गणमान्य नागरिक और युवा छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार की छात्र विरोधी नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उन पर लाठीचार्ज करना सरकार की तानाशाही है। उपवास कार्यक्रम के अंत में "इंकलाब जिंदाबाद" और "छात्र एकता जिंदाबाद" के जोरदार नारे लगाए गए।
रीवा जिले के सेमरिया नगर पंचायत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार आंदोलन में शामिल छात्र-छात्राओं के साथ हुई बर्बरता और लाठीचार्ज के विरोध में एक दिवसीय उपवास का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का शुभारंभ महात्मा गांधी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर और पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। उपवास में वरिष्ठ समाजसेवी व विधानसभा प्रत्याशी रोहित तिवारी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अजय शुक्ला, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष केसकली साकेत, सेमरिया यूथ अध्यक्ष रोहित सिंह, बाबूलाल यादव और गुफरान सिद्दीकी सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन, गणमान्य नागरिक और युवा छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार की छात्र विरोधी नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उन पर लाठीचार्ज करना सरकार की तानाशाही है। उपवास कार्यक्रम के अंत में "इंकलाब जिंदाबाद" और "छात्र एकता जिंदाबाद" के जोरदार नारे लगाए गए।
- मध्य प्रदेश के रीवा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन, कथित लाठीचार्ज, राहुल गांधी की गिरफ्तारी और नीट पेपर लीक के मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इन तमाम विषयों के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए बीजेपी कार्यालय का घेराव करने के लिए मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी और भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया था। जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर की घटना और नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई। इस दौरान कुछ समय तक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई।1
- सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। किसी भी आंदोलन का मूल उद्देश्य अपनी मांगों को स्वीकार कराना होता है और इसी क्रम में सीजेपी (CJP) की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार ने सकारात्मक कदम उठाए हैं। दो मांगें पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें तीसरी मांग पर टिकी हैं। परीक्षा व्यवस्था से जुड़े छात्रों की चिंताओं के समाधान के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जुड़ी इस तीसरी मांग पर भी जल्द निर्णय होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह और जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा ईवीएम व वीवीपीएटी (VVPAT) वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण किया गया। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित इस निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था समेत समस्त व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इस निरीक्षण के दौरान ईवीएम के प्रभारी अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) स्वप्निल कुमार यादव और सहायक प्रभारी अधिकारी राजेन्द्र कुमार मौजूद रहे। वहीं मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की ओर से कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कुशल सिंह पटेल, अपना दल (एस) के क्षेत्रीय सचिव विनोद सिंह व जिला सचिव संजय सिंह, समाजवादी पार्टी के अमर पटेल, बहुजन समाज पार्टी के शिव बाबू वर्मा, अमरेन्द्र विक्रम, सोनपाल वर्मा और रोहित सिंह पटेल उपस्थित रहे।1
- NEET पेपर लीक कांड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात्रि 11:00 बजे अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक लाइव वीडियो जारी किया। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने सीधे छात्रों को संबोधित किया। छात्रों को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, "thankyou friends आपका हमारा नाता बना रहेगा।"1
- सिंगरौली की सरई तहसील में बीज विक्रेताओं द्वारा खाद की बिक्री करने और निर्धारित रेट से अधिक दाम वसूलने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय किसानों ने डिप्टी कलेक्टर धर्मप्रकाश मिश्रा से मुलाकात की है।1
- रीवा में आउटसोर्स कर्मचारियों और टारगेट सिक्योरिटी सर्विसेज के बीच विवाद गहराने पर कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। कारण बताओ नोटिस जारी होने से नाराज स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और दफ्तर का घेराव किया। कर्मचारियों का आरोप है कि कलेक्टर जनसुनवाई में मानदेय, ईपीएफ और ईएसआई संबंधी शिकायतें उठाने के बाद एजेंसी ने प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। उनका कहना है कि केवल अपने संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों की मांग करने पर अनुशासनहीनता बताकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है और प्रताड़ित किया जा रहा है। मामले में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सीएमएचओ ने पूरे मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। सीएमएचओ के आश्वासन के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान में वरिष्ठ पत्रकार एवं 'रामपुर प्रहरी' के संपादक सतीश शुक्ला के पिता राजेंद्र शुक्ला का रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत राजेंद्र शुक्ला का अंतिम संस्कार 23 जुलाई 2026 को उनके गृह ग्राम दीनापुर में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जहाँ मुखाग्नि के बाद वे पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति व शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार के लिए क्षेत्र में सम्मानित राजेंद्र शुक्ला के निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय राजेंद्र शुक्ला का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था, और उनकी छोड़ी गई सामाजिक विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा।1