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भरत तिवारी जी के निवास स्थान पर अशोक चौधरी उपस्थित रहे।
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भरत तिवारी जी के निवास स्थान पर अशोक चौधरी उपस्थित रहे।
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- भरत तिवारी जी के निवास स्थान पर अशोक चौधरी उपस्थित रहे।1
- पूर्णिया जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ सदकोदरिया पंचायत के रहने वाले 20 वर्षीय अभिषेक कुमार की नदी में डूबने से मौत हो गई। अभिषेक कुमार पूर्णिया के धमदाहा क्षेत्र में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई कॉलेज) में पढ़ाई करने आए थे। घटना आज ही की है जब अभिषेक अपने 6 दोस्तों के साथ नदी में स्नान करने गए थे। इसी दौरान वह पानी में डूब गए, जिससे उनकी जान चली गई। फिलहाल, इस पूरे मामले की जाँच की जा रही है, और जैसे-जैसे और जानकारी उपलब्ध होगी, उसे साझा किया जाएगा।1
- केनगर में शिवम मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के निर्माण के लिए भूमि पूजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस पहल को क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।1
- दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के भाजपा विधायक और पूर्व पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह को एक हर्ष फायरिंग मामले में चार साल की कैद की सज़ा सुनाई है। यह फैसला एक न्यू ईयर पार्टी में हुई फायरिंग के बाद एक महिला की मौत से जुड़े मामले में आया है। अदालत ने मृतका के पति को 25 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया है। इस सज़ा के बाद, विधायक राजू कुमार सिंह की विधानसभा सदस्यता लगभग तय मानी जा रही है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार, यदि किसी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में दो वर्ष या उससे अधिक की सज़ा सुनाई जाती है, तो सज़ा सुनाए जाने की तारीख से उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। इसी प्रावधान के चलते राजू कुमार सिंह की विधायकी पर अब गंभीर संकट मंडरा रहा है।1
- एक विरोधाभासी स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया गया है कि जिन लोगों ने पहले ताली बजाकर किसी बात का समर्थन किया था, वही लोग आज उस स्थिति या विषय को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।1
- आरती के ससुर उमेश यादव ने खुलासा किया है कि आरती मनु को छोड़कर क्यों भागी।1
- शौकत अली ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि हर समाज और हर मज़हब की अपनी पहचान और अपने नारे होते हैं। उन्होंने सीधा प्रश्न उठाया है कि अल्लाह की महानता (किब्रियाई) बयान करने के लिए क्या किसी ख़ास मंच की ज़रूरत होती है। इस संदर्भ में, शौकत अली ने एक समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम का उल्लेख किया, जहाँ परशुराम के नारे लगाए गए थे। उन्होंने तर्क दिया कि जब संविधान सभी को अपनी-अपनी स्वतंत्रता देता है, तो फिर 'हमारी नारे तकबीर' (नारे तकबीर) से दूसरों को क्या आपत्ति होती है। शौकत अली ने सीधे तौर पर सवाल किया कि लोगों को 'नारे तकबीर' से क्या दिक्कत नज़र आती है। यह बयान AIMIM पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी के संदर्भ में उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों से पहले सामने आया है।1
- एक हिन्दू लड़की को दो मुस्लिम युवकों के साथ पकड़ा गया है।1