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आरती के ससुर उमेश यादव ने खुलासा किया है कि आरती मनु को छोड़कर क्यों भागी।
Niraj Kumar
आरती के ससुर उमेश यादव ने खुलासा किया है कि आरती मनु को छोड़कर क्यों भागी।
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- आरती के ससुर उमेश यादव ने खुलासा किया है कि आरती मनु को छोड़कर क्यों भागी।1
- अररिया के जोकीहाट थाना क्षेत्र की गैरकी मसुरिया पंचायत के गोगरा गांव में रविवार को एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान गोगरा गांव निवासी मोहम्मद अब्दुल की लगभग 25 वर्षीय पत्नी तैयबा खातून के रूप में हुई है। मृतका के मायके वालों ने पति पर मारपीट कर हत्या करने और सबूत मिटाने की नीयत से शव को गांव से कुछ दूरी पर बांस की झाड़ी में फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे गांव में सनसनी फैल गई है। परिजनों ने बताया कि तैयबा की शादी करीब पांच वर्ष पहले अब्दुल से हुई थी और उनका एक पुत्र भी है। मायके पक्ष का आरोप है कि अब्दुल का दूसरी महिला से प्रेम-प्रसंग था और उसने उससे भी शादी कर ली थी। वह अपनी दूसरी पत्नी को घर लाना चाहता था, जिसका तैयबा लगातार विरोध करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, और मामले को सुलझाने के लिए कई बार पंचायत भी हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। मायके पक्ष का आरोप है कि रविवार को अब्दुल ने तैयबा के साथ पहले मारपीट की, फिर उसकी हत्या कर दी और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को बांस की झाड़ी में फंदे से लटका दिया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपित घर में ताला लगाकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर जोकीहाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, अररिया भेज दिया। पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।1
- अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड की सिकटिया पंचायत के वार्ड नंबर 3 में, सोना मणि गोदाम मार्केटिंग वाली ज़मीन पर पिछले 40 सालों से रह रहे परिवारों के घरों को अचानक जिला मजिस्ट्रेट (DM) के आदेश पर मार्केटिंग बनाने के काम के दौरान तोड़ दिया गया। इन परिवारों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर उन्हें बेघर कर दिया गया। DM के आदेश के बाद, प्रभावित परिवारों को तीन-तीन दशमलव ज़मीन आवंटित की गई थी। हालांकि, यह आवंटित ज़मीन (खाता 66, खेसरा 36) दरअसल नदी की ज़मीन निकली, जो अनुपयोगी है। लोगों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर यह नदी वाली ज़मीन दी गई है। पीड़ितों ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में बिहार सरकार की दो एकड़ से अधिक अन्य ज़मीन भी उपलब्ध है, जो नदी वाली भूमि नहीं है। आरोप है कि इस सरकारी ज़मीन पर अवैध तरीके से धान, गेहूं और मक्का जैसी फसलें उगाई जा रही हैं। प्रभावित लोगों का मानना है कि कर्मचारी और अमीन जैसे अधिकारी, जिनके बिहार में भी पदभार हैं, एक जगह बैठकर 'बातचीत' कर रहे हैं, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं है, और इसी मिलीभगत के कारण उन्हें नदी वाली ज़मीन दी गई।1
- भरत तिवारी जी के निवास स्थान पर अशोक चौधरी उपस्थित रहे।1
- केनगर में शिवम मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के निर्माण के लिए भूमि पूजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस पहल को क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।1
- पूर्व मुखिया निजामुद्दीन ने आम लोगों के रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है। उन्होंने इन समस्याओं पर अपनी बात रखी है, और प्लेटफॉर्म ने दर्शकों से इन विषयों पर अपनी राय कमेंट सेक्शन में साझा करने का आग्रह किया है।1
- शौकत अली ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि हर समाज और हर मज़हब की अपनी पहचान और अपने नारे होते हैं। उन्होंने सीधा प्रश्न उठाया है कि अल्लाह की महानता (किब्रियाई) बयान करने के लिए क्या किसी ख़ास मंच की ज़रूरत होती है। इस संदर्भ में, शौकत अली ने एक समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम का उल्लेख किया, जहाँ परशुराम के नारे लगाए गए थे। उन्होंने तर्क दिया कि जब संविधान सभी को अपनी-अपनी स्वतंत्रता देता है, तो फिर 'हमारी नारे तकबीर' (नारे तकबीर) से दूसरों को क्या आपत्ति होती है। शौकत अली ने सीधे तौर पर सवाल किया कि लोगों को 'नारे तकबीर' से क्या दिक्कत नज़र आती है। यह बयान AIMIM पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी के संदर्भ में उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों से पहले सामने आया है।1
- पप्पू यादव के सामने मृतक संजय मेहता की माँ गहरे सदमे में दिखीं, जहाँ वह उन्हें पकड़कर रोने लगीं। उन्होंने बिलखते हुए बताया कि संजय मेहता उनका इकलौता बेटा था। माँ का यह भावुक पल देखकर घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आँखें भी नम हो गईं।1