मधेपुरा में ‘स्मैक’ का साया: बच्चों तक पहुंचा नशा, गांव ने लिया सामाजिक बहिष्कार का बड़ा फैसला बिहार के मधेपुरा से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां नशे का जाल अब बच्चों और युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब गांव के लोग खुद इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर हो गए हैं। दरअसल मधेपुरा सदर प्रखंड के मानिकपुर गांव में बढ़ते नशे के प्रकोप ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। गांव में आयोजित एक अहम बैठक में लोगों ने खुलकर अपनी चिंता जाहिर की और स्मैक जैसे खतरनाक नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने का फैसला लिया। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की गिरफ्त में अब सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि कम उम्र के बच्चे भी आ रहे हैं। 7 से 30 साल तक के किशोर और युवा तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे परिवारों में तनाव और असुरक्षा का माहौल बन गया है। बैठक में यह भी आरोप लगा कि गांव के ही कुछ लोग इस अवैध धंधे को बढ़ावा दे रहे हैं और खुलेआम स्मैक की बिक्री कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। शराबबंदी कानून के बावजूद इलाके में शराब की उपलब्धता को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई और इसे प्रशासनिक विफलता बताया। हालात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बड़ा फैसला लिया है। सर्वसम्मति से तय किया गया कि नशा बेचने और सेवन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही गांव में निगरानी बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों को पकड़कर उन्हें सौंपा जाए, लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि आम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यह काम कैसे करें। इस बैठक में पूर्व वार्ड सदस्य ललन कुमार, रमेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस पहल के बाद प्रशासन कितनी गंभीरता से कदम उठाता है, और क्या इस गांव को नशे के जाल से बाहर निकाला जा सकेगा। बाइट ---ग्रामीण
मधेपुरा में ‘स्मैक’ का साया: बच्चों तक पहुंचा नशा, गांव ने लिया सामाजिक बहिष्कार का बड़ा फैसला बिहार के मधेपुरा से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां नशे का जाल अब बच्चों और युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब गांव के लोग खुद इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर हो गए हैं। दरअसल मधेपुरा सदर प्रखंड के मानिकपुर गांव में बढ़ते नशे के प्रकोप ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। गांव में आयोजित एक अहम बैठक
में लोगों ने खुलकर अपनी चिंता जाहिर की और स्मैक जैसे खतरनाक नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने का फैसला लिया। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की गिरफ्त में अब सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि कम उम्र के बच्चे भी आ रहे हैं। 7 से 30 साल तक के किशोर और युवा तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे परिवारों में तनाव और असुरक्षा का माहौल बन गया है। बैठक में यह भी आरोप लगा कि गांव के ही कुछ लोग इस अवैध धंधे को बढ़ावा दे रहे हैं और
खुलेआम स्मैक की बिक्री कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। शराबबंदी कानून के बावजूद इलाके में शराब की उपलब्धता को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई और इसे प्रशासनिक विफलता बताया। हालात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बड़ा फैसला लिया है। सर्वसम्मति से तय किया गया कि नशा बेचने और सेवन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही गांव में निगरानी बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने पर
भी जोर दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों को पकड़कर उन्हें सौंपा जाए, लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि आम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यह काम कैसे करें। इस बैठक में पूर्व वार्ड सदस्य ललन कुमार, रमेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस पहल के बाद प्रशासन कितनी गंभीरता से कदम उठाता है, और क्या इस गांव को नशे के जाल से बाहर निकाला जा सकेगा। बाइट ---ग्रामीण
- बिहार के मधेपुरा से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां नशे का जाल अब बच्चों और युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब गांव के लोग खुद इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर हो गए हैं। दरअसल मधेपुरा सदर प्रखंड के मानिकपुर गांव में बढ़ते नशे के प्रकोप ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। गांव में आयोजित एक अहम बैठक में लोगों ने खुलकर अपनी चिंता जाहिर की और स्मैक जैसे खतरनाक नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने का फैसला लिया। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की गिरफ्त में अब सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि कम उम्र के बच्चे भी आ रहे हैं। 7 से 30 साल तक के किशोर और युवा तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे परिवारों में तनाव और असुरक्षा का माहौल बन गया है। बैठक में यह भी आरोप लगा कि गांव के ही कुछ लोग इस अवैध धंधे को बढ़ावा दे रहे हैं और खुलेआम स्मैक की बिक्री कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। शराबबंदी कानून के बावजूद इलाके में शराब की उपलब्धता को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई और इसे प्रशासनिक विफलता बताया। हालात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बड़ा फैसला लिया है। सर्वसम्मति से तय किया गया कि नशा बेचने और सेवन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही गांव में निगरानी बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों को पकड़कर उन्हें सौंपा जाए, लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि आम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यह काम कैसे करें। इस बैठक में पूर्व वार्ड सदस्य ललन कुमार, रमेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस पहल के बाद प्रशासन कितनी गंभीरता से कदम उठाता है, और क्या इस गांव को नशे के जाल से बाहर निकाला जा सकेगा। बाइट ---ग्रामीण4
- आज आपको दिखा रहे हैं बिहार के विकास की जो सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कांप पश्चिमी पंचायत से है। काँप बाजार से ठेंगहा गांव सहित अन्य गांव जाने के लिए यह सड़क मार्ग सुगम है जिससे लोग कम समय में अपने घर तक पहुंच जाते हैं मगर सड़क मार्ग की ऐसी दुर्गम हालत है जिसे देख सभी को रोना आ रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने बताया की इस सड़क मार्ग से दर्जनों गांवों के लोग गुजरते रहते हैं मगर सड़क मार्ग की जर्जर स्थिति रहने के कारण खास करके दो पहिया वाहन चालक अक्सर दुर्घटना के शिकार होते रहते हैं साथ ही इसी सड़क मार्ग में नहर भी जहां पुल नहीं रहने के कारण वाहन चालक सहित अन्य राहगीर तो चलते हैं मगर नहर में पानी आने के बाद या बारिश के दिनों में यह सड़क मार्ग जलमग्न हो जाता है जिससे कई महीनों तक यह सड़क मार्ग बंद रहता है। इसको लेकर पंचायत के जन प्रतिनिधि स्थानीय सांसद और विधायक द्वारा अब तक किसी प्रकार का पहल नहीं किया गया है जिससे लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।1
- सौर बाजार थाना क्षेत्र के बरसम गाँव में मामूली बात को लेकर मारपीट में एक व्यक्ति गंभीर रूप से ज़ख्मी - खबर है सहरसा जिले के सौर बाज...और देखें1
- प्रतापगंज/सुपौल - जामा मस्जिद के शौचालय से युवक का शव बरामद, इलाके में सनसनी ।1
- सुपौल में नगर परिषद कर्मियों द्वारा जारी हड़ताल आखिरकार जिला प्रशासन की पहल पर समाप्त हो गई। हड़ताल को लेकर सुपौल नगर परिषद के चेयरमैन राघव झा के नेतृत्व में शहर के गणमान्य लोगों ने डीएम और एसपी से वार्ता की। इस दौरान कर्मियों की मांगों और हालिया विवाद को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। वार्ता के बाद चेयरमैन राघव झा ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें कर्मियों की समस्याओं और आरोपों का उल्लेख किया गया। बैठक के बाद जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि नगर परिषद कर्मचारियों के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई, जो संतोषजनक रही। इसी के आधार पर कर्मियों ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया। डीएम सावन कुमार ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन कर्मियों के साथ न्याय करेगा और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। धरना समाप्त होने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।1
- स्मैक के खिलाफ गांव की हुंकार: सामाजिक बहिष्कार का फैसला, पुलिस से कार्रवाई की मांग जिला संवाददाता रंजीत कुमार मधेपुरा मधेपुरा। सदर प्रखंड के मानिकपुर गांव में बढ़ते स्मैक के प्रकोप के खिलाफ ग्रामीणों ने बैठक कर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने कहा कि नशे की लत तेजी से बच्चों और युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रही है, जिससे परिवारों में तनाव बढ़ रहा है। बैठक में आरोप लगाया गया कि गांव के ही कुछ लोग इस अवैध धंधे में शामिल हैं और खुलेआम स्मैक बेच रहे हैं। पुलिस को जानकारी होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नशा बेचने और सेवन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही गांव में निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।1
- छातापुर: पूर्णिया में लड़की के चक्कर में इंजीनियरिंग के छात्र की हुई संदिग्ध मौत, मामले में क्या कुछ कहे परिजन और अधिकारी जानें1
- खबर है सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र के बरसम गांव वार्ड नंबर 3 से जहां सोमवार को मामूली बात को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट चली जिसमें पप्पू कुमार गंभीर रूप से ज़ख्मी हो गए जिसे ईलाज हेतु सीएचसी सौर बाजार में भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टर ने गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार कर बेहतर ईलाज हेतु सहरसा भेज दिया। घटना को लेकर जख्मी पप्पू कुमार ने बताया की पड़ोस के ही विलास साह, रॉबिन साह, कैलाश साह, राजकुमार उर्फ शिवा और सुबोध साह सभी ने मिलकर लाठी डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट किया है जिससे सिर में गहरी चोटें आई है हाथ और पैर में भी चोट लगी है जिससे हड्डी की टूटने की भी आशंका है। घटना को लेकर सौर बाजार थाना में आवेदन भी दिया गया है वहीं सौर बाजार थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डी एस पी खालिद हयात ने बताया की मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।1