सावधान! शीतला सप्तमी पर इस बार बदल गया है समय, पंडित जी ने दी बड़ी चेतावनी! पाली। क्या आप भी शीतला माता की पूजा 10 मार्च को करने जा रहे हैं? अगर हाँ, तो रुकिए! कहीं आप भी वही गलती तो नहीं कर रहे जो अक्सर लोग कर बैठते हैं? इस साल शीतला सप्तमी पर शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि को लेकर पंडित विशाल श्रीमाली ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। *पूजा में हुई एक चूक तो...!* शीतला माता, जिन्हें हम चेचक और बीमारियों से रक्षा करने वाली देवी मानते हैं, उनकी पूजा में 'समय' का सबसे बड़ा खेल है। पंडित जी ने साफ कर दिया है कि अगर आपने ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:50 से 6:50 के बीच पूजा नहीं की, तो आपको उस फल की प्राप्ति नहीं होगी जिसकी आप कामना कर रहे हैं। *बासी भोजन का रहस्य: कब जलेगा चूल्हा?* सबसे ज्यादा सस्पेंस भोजन बनाने के समय को लेकर है। पंडित जी के अनुसार, माता को ठंडा भोग लगाने के लिए चूल्हा 9 मार्च (सोमवार) को ही जलाना होगा। लेकिन समय का खास ध्यान रखें— दोपहर 2:14 से रात 8:10 के बीच ही 'बासौड़ा' तैयार करना सबसे शुभ होगा। *शास्त्रों और पंचांग के अनुसार चलना ही माता की कृपा दिलाएगा, अपनी मर्जी से समय बदलना भारी पड़ सकता है।" - पंडित विशाल श्रीमाली*
सावधान! शीतला सप्तमी पर इस बार बदल गया है समय, पंडित जी ने दी बड़ी चेतावनी! पाली। क्या आप भी शीतला माता की पूजा 10 मार्च को करने जा रहे हैं? अगर हाँ, तो रुकिए! कहीं आप भी वही गलती तो नहीं कर रहे जो अक्सर लोग कर बैठते हैं? इस साल शीतला सप्तमी पर शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि को लेकर पंडित विशाल श्रीमाली ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। *पूजा में हुई एक चूक तो...!* शीतला माता, जिन्हें हम चेचक और बीमारियों से रक्षा करने वाली देवी मानते हैं, उनकी पूजा में 'समय' का सबसे बड़ा खेल है। पंडित जी ने साफ कर दिया है कि अगर आपने ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:50 से 6:50 के बीच पूजा नहीं की, तो आपको उस फल की प्राप्ति नहीं होगी जिसकी आप कामना कर रहे हैं। *बासी भोजन का रहस्य: कब जलेगा चूल्हा?* सबसे ज्यादा सस्पेंस भोजन बनाने के समय को लेकर है। पंडित जी के अनुसार, माता को ठंडा भोग लगाने के लिए चूल्हा 9 मार्च (सोमवार) को ही जलाना होगा। लेकिन समय का खास ध्यान रखें— दोपहर 2:14 से रात 8:10 के बीच ही 'बासौड़ा' तैयार करना सबसे शुभ होगा। *शास्त्रों और पंचांग के अनुसार चलना ही माता की कृपा दिलाएगा, अपनी मर्जी से समय बदलना भारी पड़ सकता है।" - पंडित विशाल श्रीमाली*
- पाली। क्या आप भी शीतला माता की पूजा 10 मार्च को करने जा रहे हैं? अगर हाँ, तो रुकिए! कहीं आप भी वही गलती तो नहीं कर रहे जो अक्सर लोग कर बैठते हैं? इस साल शीतला सप्तमी पर शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि को लेकर पंडित विशाल श्रीमाली ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। *पूजा में हुई एक चूक तो...!* शीतला माता, जिन्हें हम चेचक और बीमारियों से रक्षा करने वाली देवी मानते हैं, उनकी पूजा में 'समय' का सबसे बड़ा खेल है। पंडित जी ने साफ कर दिया है कि अगर आपने ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:50 से 6:50 के बीच पूजा नहीं की, तो आपको उस फल की प्राप्ति नहीं होगी जिसकी आप कामना कर रहे हैं। *बासी भोजन का रहस्य: कब जलेगा चूल्हा?* सबसे ज्यादा सस्पेंस भोजन बनाने के समय को लेकर है। पंडित जी के अनुसार, माता को ठंडा भोग लगाने के लिए चूल्हा 9 मार्च (सोमवार) को ही जलाना होगा। लेकिन समय का खास ध्यान रखें— दोपहर 2:14 से रात 8:10 के बीच ही 'बासौड़ा' तैयार करना सबसे शुभ होगा। *शास्त्रों और पंचांग के अनुसार चलना ही माता की कृपा दिलाएगा, अपनी मर्जी से समय बदलना भारी पड़ सकता है।" - पंडित विशाल श्रीमाली*1
- जोजावर |राणावास श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी मानवहितकारी संघ,विद्याभूमि, राणावास के संस्थापक कर्मयोगी काका केसरीमल सुराणा के 117 जन्मोत्सव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केसाराम चौधरी,विधायक, मारवाड़ जंक्शन ने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा के साथ संस्कार भी आवश्यक है। विद्याभूमि राणावास संस्कारों की अध्यात्म भूमि है। यहां शिक्षा के साथ जीवन जीने की कला सिखाई जाती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष पी. मोहनलाल जैन गादिया (गुड़ा रामसिंह)ने आगंतुक सभी महानुभावों का हार्दिक स्वागत किया तथा अपने संबोधन में विधायक महोदय एवं सरपंच प्रतिनिधि व जिला परिषद सदस्य सज्जन चौधरी का मुख्य चौराहे से संस्था मुख्य द्वार तक सीसी सड़क निर्माण हेतु आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सज्जन चौधरी जिला परिषद सदस्य ने अपने संबोधन में कहा कि काका केसरीमल सुराणा ने शिक्षा का जो बीज बोया वो आज वट वृक्ष बनकर पूरे ग्रामीण क्षेत्र में विद्यार्थियों को सरल,तकनीकी तथा व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम का सानिध्य गुरुदेव आचार्य महाश्रमण के आज्ञानुवृत्ति शिष्य मुनिश्री चैतन्य कुमार अमन ने अपने उद्बोधन में कहा कि काका केसरीमल सुराणा कर्म योगी के साथ-साथ धर्म योगी थे। इन्होंने अपने जीवन में कर्म तथा धर्म का समन्वय बनाए रखा। काका साहब व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व थे।सादगी व सरलता उनका जीवन था जिससे वे लोगों के दिलों में उतर गए । कार्य ऐसा करें कि लोगों के दिल में जाएं ना कि दिल से उतर जाए। कार्यक्रम में सुरेश चंद्र मरलेचा उपाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि काका साहब पूरे कांठा क्षेत्र के मसीहा है। जिनके प्रयासों से ही आज प्रत्येक घर में सरकारी कर्मचारी, और व्यावसायिक जगत में सफल व्यक्तियों का निर्माण हुआ है। सुमेरसिंह कुंपावत पूर्व प्रधान ने अपने संबोधन में काका केसरीमल के चरित्र निर्माण, ईमानदारी व नैतिकता की शिक्षा पर प्रकाश डाला।संस्था पदाधिकारी इंद्रमल गादिया, विजयराज जैन,हितेश जैन, जसपाल सिंह गादाना भाजपा युवा नेता, गणपत चौधरी तथा जयसिंह ठाकुरवास शिक्षाविद ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में डॉ जबरसिंह राजपुरोहित निर्देशक, विमल गादिया, कुशाल जोशी, अरुण प्रताप सिंह, भावेश दवे, नेपाल सिंह राठौड़, जयप्रकाश, अमर सिंह सोलंकी, हिम्मत सिंह भाटी, घनश्याम जांगिड़, शांतिलाल वैष्णव , एडवोकेट मनोहर सिंह गादानासहित सभी यूनिट के स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।1
- जोधपुर_BNC, किशना राम @बोरुंदा पुंदलू के बाद बोरुंदा गांव में बुधवार को पागल कुत्ते का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले तीन लोगों को घायल करने के बाद कुत्ता बोरुंदा की सरहद में घुस आया और करीब पांच घंटे की अवधि में कुल 9 लोगों को अपना शिकार बना लिया। इनमें से 8 घायलों को गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार पुंदलू गांव में 10 वर्षीय विक्रम पुत्र रामनारायण पर अचानक पागल कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्चे की चीख सुनकर उसकी 70 वर्षीय दादी चंवरी देवी पत्नी मदनलाल उसे बचाने दौड़ी, लेकिन कुत्ते ने उन्हें भी काट लिया। इसके बाद खेत में सिंचाई कर रहे 35 वर्षीय रामकिशोर पुत्र सोहनदास पर भी उसने हमला कर दिया। तीनों को गंभीर हालत में बोरुंदा के राजकीय चिकित्सालय लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। इसके बाद कुत्ता बोरुंदा की सरहद में घुस आया और वहां भी कई लोगों को काट लिया। हमले में घायल हुए लोगों में भूमिका जाट (16) निवासी बोरुंदा, कीर्तिदान (8) निवासी बोरुंदा, इंद्रो देवी (50) जाट निवासी बोरुंदा, रवि राज (26) नट निवासी धनापा, ललिता (24) नट निवासी धनापा और सुनील (19) जाट निवासी घोड़ावट शामिल हैं। लगातार हमलों से क्षेत्र में दहशत फैल गई। घायलों को बोरुंदा में प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर अवस्था में कुल 9 में से 8 लोगों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से जोधपुर रेफर किया गया। घटना के दौरान प्रारंभिक चरण में एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने आपातकालीन सेवाओं में सुधार की मांग की है।2
- सभी भाइयों को सूचित किया जाता है कि गुटखा खाने वालों एक वार यह वीडियो जरूर देंगे और अपनी राय बताएं आपको यह वीडियो कैसा लगा गुटका खाना सही है या गलत धन्यवाद1
- जोधपुर जोधपुर के डीजे ग्रामीण कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार न्यायिक अधिकारी के पास एक संदिग्ध ई-मेल आया, जिसमें कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीम भी मौके पर पहुंचकर कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच कर रही है। इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग डीसीपी ईस्ट पीडी नित्या द्वारा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से कोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।2
- Jodhpur :- जोधपुर से बड़ी खबर, कल दिनांक 4 मार्च 2026 को आईं आई टी करवड़ जोधपुर में सभी स्टुडेंट ने मनाया होली का पर्व ।1
- Post by Nihal Khan1
- पाली,मनीष राठौड़। शहर में बुधवार शाम को परंपरागत 'गांवशाही गेर' गाजे-बाजे और भारी उत्साह के साथ निकाली गई। जोधपुरिया बारी से रवाना हुई यह गेर करीब ढाई घंटे का सफर तय कर प्यारा चौक पहुंची, जहाँ इसका भव्य समापन हुआ। गेर के सकुशल संपन्न होने के साथ ही अब गुरुवार, 5 मार्च की शाम को शहर में 'श्याम के संग होली' की सवारी निकाली जाएगी। *सांप्रदायिक सौहार्द की दिखी मिसाल* इस आयोजन के दौरान गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा नजारा देखने को मिला। मुस्लिम समाज की ओर से सदर हकीम भाई और मेहबूब टी के नेतृत्व में वरिष्ठ जनों का साफा व माला पहनाकर स्वागत किया गया। वहीं, जांगिड़ समाज के रामचंद्र पिड़वा की अगुआई में गेर में शामिल लोगों के लिए शीतल पेयजल और शर्बत की व्यवस्था की गई। *देशभक्ति और संस्कृति का संगम* गेर की शुरुआत शाम करीब 5:15 बजे जोधपुरिया बारी से हुई। सबसे आगे ध्वज थामे प्रबुद्धजन चल रहे थे, जिनके पीछे युवाओं की टोलियां 'जय श्रीराम', 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ थिरक रही थीं। ढोल की गूंज और पारंपरिक फाग गीतों ने पूरे माहौल को फाल्गुनी रंग में सराबोर कर दिया। *कड़े सुरक्षा घेरे में रहा आयोजन* सुरक्षा की दृष्टि से एसपी आदर्श सिधु और एएसपी जयसिंह तंवर सहित भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। ड्रोन और सीसीटीवी के साथ-साथ मकानों की छतों पर भी पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। *तणी खुलने का मार्ग हुआ प्रशस्त* मान्यता के अनुसार, गांवशाही गेर के पास होने के बाद ही धानमंडी में बांधी गई 'तणी' को खोला जाता है और श्याम संग होली का भव्य आयोजन किया जाता है। शाम 7:30 बजे प्यारा चौक पर गेर के पहुंचने के साथ ही अगले दिन के कार्यक्रमों की विधिवत घोषणा की गई।1