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कटनी: ग्राम खलवारा के वार्ड नंबर 01 में बदहाली का आलम, कीचड़ से सने रास्ते पर चलने को मजबूर ग्रामीण "मध्य प्रदेश के कटनी जिले की विजयराघवगढ़ जनपद अंतर्गत आने वाले ग्राम खलवारा के वार्ड नंबर 01 से एक बड़ी जमीनी समस्या सामने आ रही है। जहां विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच इस वार्ड के ग्रामीण आज भी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में सड़कों पर घुटनों तक कीचड़ और जलभराव हो जाने से ग्रामीणों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो पंचायत सरपंच की नींद टूट रही है और न ही जिम्मेदार पंचायत अधिकारी इस ओर कोई ध्यान दे रहे हैं।"
पत्रकार अनुराग जायसवाल
कटनी: ग्राम खलवारा के वार्ड नंबर 01 में बदहाली का आलम, कीचड़ से सने रास्ते पर चलने को मजबूर ग्रामीण "मध्य प्रदेश के कटनी जिले की विजयराघवगढ़ जनपद अंतर्गत आने वाले ग्राम खलवारा के वार्ड नंबर 01 से एक बड़ी जमीनी समस्या सामने आ रही है। जहां विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच इस वार्ड के ग्रामीण आज भी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में सड़कों पर घुटनों तक कीचड़ और जलभराव हो जाने से ग्रामीणों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो पंचायत सरपंच की नींद टूट रही है और न ही जिम्मेदार पंचायत अधिकारी इस ओर कोई ध्यान दे रहे हैं।"
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- यूजीसी कानून के विरोध और आरक्षण के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर धरना 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 //8103728933// *हनुमान चालीसा पाठ के साथ शुरू हुआ प्रदर्शन, जिलेभर से पहुंचे लोग; मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान* कटनी। यूजीसी कानून के विरोध तथा आरक्षण व्यवस्था के मूलभूत ढांचे में सुधार की मांग को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद सहित विभिन्न संगठनों के नेतृत्व में सोमवार को कटनी कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत सुबह हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई। इसके बाद दिनभर शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी में सभा का दौर जारी रहा। धरना प्रदर्शन में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद के अध्यक्ष राकेश मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव अवधेश उरमलिया, राष्ट्रीय करणी सेना के सुजीत सिंह सोलंकी सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रदर्शनकारी शामिल हुए। दिनभर समर्थन में पहुंचे लोगों के कारण सभा स्थल पर भीड़ बनी रही। आयोजकों ने प्रदर्शन को मिल रहे समर्थन को देखते हुए आगामी दिनों में आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया है। *यूजीसी कानून की विसंगतियों का मुद्दा उठाया* धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मंचासीन वक्ताओं ने यूजीसी कानून को लेकर अपनी आपत्तियां और विचार व्यक्त किए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सवर्ण समाज द्वारा विभिन्न चुनावों में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल का समर्थन किए जाने के बावजूद अब उनके हितों के विपरीत यूजीसी कानून लागू किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि उनके मत में यूजीसी कानून की कई व्यवस्थाएं सवर्ण समाज के लिए अन्यायपूर्ण हैं और इन्हें लेकर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कानून के प्रावधानों को लेकर समाज में असंतोष है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने से पहले दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था सवर्ण समाज को हाशिए पर ले जाने वाली है। *कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी* प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को पूर्णतः वापस लेने की मांग दोहराते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज की उपेक्षा का राजनीतिक असर भी भविष्य में देखने को मिल सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन को केवल एक विरोध प्रदर्शन के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसके पीछे उठाए जा रहे सामाजिक और नीतिगत सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाए। *आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार की मांग* धरना प्रदर्शन के दौरान आरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में व्याप्त विभिन्न विसंगतियों को दूर करने तथा आरक्षण का आधार आर्थिक किए जाने की मांग रखी। वक्ताओं का कहना था कि सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण व्यवस्था का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने के लिए इसके मौजूदा ढांचे में आवश्यक सुधार किए जाएं। *मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने का ऐलान* आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनशन जारी रखने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक वे धरना और अनशन जारी रखेंगे। सोमवार को सुबह से शुरू हुआ आंदोलन देर तक जारी रहा। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। आयोजकों का कहना है कि सोमवार को मिले समर्थन से उनका उत्साह बढ़ा है और आने वाले दिनों में आंदोलन में सहभागिता और बढ़ सकती है। आज धरना स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वालों में सर्व श्री नरेंद्र समदरिया, शिवम एवं शुभम, बाल्मीकि मिश्रा, गणेश शंकर गर्ग, अशोक भैरव पांडे, यश दुबे, राज तिवारी, शैलेंद्र सिंह बघेल, पंकज तिवारी, दिनेश तिवारी, जिलाध्यक्ष आरती तिवारी, आशीष मिश्रा, आशीष तिवारी, चेतन सचदेवा, श्रीराम पांडे, मंटू मिश्रा, इत्यादि लोगों की रही। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या पहल की जाती है और आंदोलन आगामी दिनों में किस स्वरूप में आगे बढ़ता है।3
- अमरपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, बोलेरो दुकान में घुसी; एक की मौत, एक गंभीर नई बोलेरो अनियंत्रित होकर दुकान में घुसी, एक की मौत; एक गंभीर घायल1
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- झांसी में 7 सेकेंड में जमीन में समा गया कुआं' *'झांसी में 7 सेकेंड में जमीन में समा गया कुआं'* झांसी में 7 सेकेंड में एक कुआं जमीन में समा गया. पास ही बनें एक मकान की दीवार भी गिर गई. रास्ते से गुजर रहे लोगों में भगदड़ मच गई. दावा है कि कुएं की दीवारें पहले से ही जर्जर हो चुकी थी. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।1
- *लोकेशन कटनी* *कटनी से अभिमन्यु विश्वकर्मा की रिपोर्ट* *कटनी मुड़वारा स्टेशन पर टिकट चेकिंग में बवाल* *टीसी और यात्री के बीच* *धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल, ₹510 और ₹1000 की रसीदों की भी चर्चा* कटनी। कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन का ओवरब्रिज उस वक्त अचानक अखाड़े में तब्दील होता नजर आया, जब टिकट चेकिंग के दौरान एक टीसी और यात्री के बीच तीखी बहस के बाद कथित तौर पर धक्का-मुक्की हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और अब रेलवे की चेकिंग व्यवस्था से लेकर कर्मचारियों के व्यवहार तक पर सवाल उठने लगे हैं *टिकट नहीं मिला तो गरमा गया मामला* बताया जा रहा है कि घटना शाम करीब 4 बजे मुड़वारा स्टेशन के ओवरब्रिज की है। चेकिंग के दौरान एक यात्री के पास टिकट नहीं मिलने पर टीसी और उसके बीच कहासुनी शुरू हुई। आरोप है कि देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला धक्का-मुक्की और कथित अभद्रता तक पहुंच गया। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति दिखाई देने की बात सामने आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं *माफीनामा और दो रसीदों ने बढ़ाया सस्पेंस* मामले में एक और चौंकाने वाली चर्चा सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, विवाद के बाद यात्री से कथित तौर पर माफीनामा लिखवाया गया। इसके बाद उसके नाम पर ₹510 और ₹1,000 की दो अलग-अलग रसीदें बनाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन रसीदों की वास्तविकता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यही वजह है कि अब सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर विवाद के बाद कितनी राशि की कार्रवाई हुई और किस आधार पर *नियम जरूरी, लेकिन क्या व्यवहार भी जरूरी नहीं* टिकट जांच रेलवे की नियमित व्यवस्था का हिस्सा है और बिना टिकट यात्रा पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन यात्रियों का सवाल है कि नियमों का पालन कराने के दौरान मर्यादा और शालीनता भी उतनी ही जरूरी है। वीडियो वायरल होने के बाद अब निगाहें रेल प्रशासन पर टिकी हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर कर्मचारी की ओर से अभद्रता या धक्का-मुक्की के आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अब रेलवे से उठ रहे हैं ये सवाल चेकिंग के दौरान आखिर विवाद की शुरुआत कैसे हुई क्या यात्री के साथ धक्का-मुक्की हुई क्या वास्तव में माफीनामा लिखवाया गया ₹510 और ₹1,000 की रसीदें किस कार्रवाई के तहत काटी गईं वायरल वीडियो की रेलवे प्रशासन द्वारा जांच होगी या नहीं फिलहाल रेल प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है। अब सवाल सिर्फ टिकट का नहीं, रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के साथ व्यवहार और जवाबदेही का भी है।1
- कटनी नगर//- घंटाघर, एवम अनेक स्थानों पर मानव पिरामिड ने फोड़ी मटकी...... 🦚🙏 🦚 कृष्णभक्ति में रंगा कटनी, दधिकांदो शोभायात्रा ने मोहा मन 25 से अधिक झांकियों ने बढ़ाई शोभा, घंटाघर में मानव पिरामिड ने फोड़ी मटकी; सुभाष चौक का दही हांडी आयोजन रहा प्रमुख आकर्षण कटनी। दधिकांदो महोत्सव के अवसर पर रविवार को शहर में आस्था, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। शाम होते ही पूरा शहर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर नजर आया। श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से भगवान श्री मुरली मनोहर की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। शोभायात्रा में ढोल-ताशों की गूंज, धार्मिक जयघोष और रंग-बिरंगी झांकियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विभिन्न मार्गों से होकर निकली शोभायात्रा का जगह-जगह सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर प्रसाद, जलपान और पेयजल की व्यवस्था भी की गई। 🏺 घंटाघर में मानव पिरामिड ने फोड़ी मटकी दधिकांदो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण घंटाघर में आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम रहा। ऊंचाई पर बांधी गई मटकी को फोड़ने के लिए युवाओं की गोविंदा टोली ने मानव पिरामिड बनाया। जैसे ही युवाओं ने मटकी तक पहुंचकर उसे फोड़ा, पूरा परिसर जय श्रीकृष्ण के जयकारों और तालियों से गूंज उठा। रोमांचक मटकी फोड़ देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। 🎭 झांकियों और अखाड़ों ने बांधा समां शोभायात्रा में 25 से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजे बच्चों ने विशेष आकर्षण बटोरा। विभिन्न शहरों से आए कलाकारों और अखाड़ों ने भी अपनी कला एवं कौशल का प्रदर्शन किया। डमरू-ताशा दल, शिव तांडव प्रस्तुति, राजस्थान की पारंपरिक कठपुतली कला और अखाड़ों के कलाकारों के व्यायाम प्रदर्शन ने लोगों को खूब आकर्षित किया। बाबा भोलेनाथ के डमरू नृत्य पर श्रद्धालु देर तक झूमते नजर आए। 🎪 रुई बाजार में सांस्कृतिक कार्यक्रम शोभायात्रा के रुई बाजार पहुंचने पर उत्साह और बढ़ गया। यहां मंचीय कार्यक्रमों के साथ राजस्थान से आए कलाकारों ने कठपुतली नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम देखने के लिए आसपास बड़ी संख्या में दर्शक जमा रहे। आयोजन समिति की ओर से विभिन्न प्रस्तुतियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। 🚩 रथ पर विराजमान हुए भगवान गोपाल जी शोभायात्रा के अंत में भगवान गोपाल जी को भव्य रूप से सजाए गए रथ पर विराजमान किया गया। रथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु रास्तेभर खड़े रहे और भगवान के समक्ष हाथ जोड़कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान शहर में कृष्णभक्ति और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। दधिकांदो महोत्सव की भव्य शोभायात्रा ने कटनी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की।रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 📰📢3
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