आरोन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया, फार्मासिस्ट के बिना अधूरी है प्रभावी मेडिकल व्यवस्था *आरोन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया, फार्मासिस्ट के बिना अधूरी है प्रभावी मेडिकल व्यवस्था* आरोन में 25 सितंबर को अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन ABPA द्वारा सिविल अस्पताल में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया कार्यक्रम में ABPA के जिलाध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव ने फार्मासिस्ट दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब हम बीमार होकर अस्पताल जाते हैं, डॉक्टर जांच कर दवा लिखते हैं और हम ठीक होकर डॉक्टर को धन्यवाद देते हैं, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में काउंटर पर खड़ा क्वालिफाइड फार्मासिस्ट धैर्य के साथ दवा की सही मात्रा और सही तरीका समझाता है, उसकी भूमिका नजरअंदाज हो जाती है उन्होंने कहा कि जैसे हड्डियों के बिना शरीर खड़ा नहीं हो सकता, वैसे ही फार्मासिस्ट के बिना प्रभावी मेडिकल व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। डॉक्टर इलाज तय करते हैं तो फार्मासिस्ट उस इलाज की सफलता सुनिश्चित करते हैं। दवाओं का सही चुनाव, भंडारण, वितरण और मरीज को उचित परामर्श देने में फार्मासिस्ट की भूमिका अहम है फार्मासिस्ट के.एस. गहलोत ने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा नहीं देते, बल्कि दवाओं की क्वालिटी चेक, मरीजों को दवा लेने का सही तरीका और समय बताने, डॉक्टर को नई मेडिसिन के बारे में जानकारी देने के साथ अस्पतालों में मेडिसिन मैनेजमेंट, स्टोरेज और संक्रमण रोकथाम जैसे कई महत्वपूर्ण काम भी संभालते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी डॉक्टर्स का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया और वरिष्ठ फार्मासिस्ट मुकेश त्रिपाठी को ABPA गुना के सदस्यों द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया इस अवसर पर प्रमोद शर्मा, अमन जैन सरस्वती मेडिकल, शैलेन्द्र रघुवंशी लक्ष्मी मेडिकल, कुलदीप प्रजापति, कविन्द्र गहलोत बालाजी मेडिकल, मोहित जैन देशराज मेडिकल, अभिषेक जाटव, दीपक धाकड़ राधे मेडिकल, कुलदीप शर्मा वैष्णवी मेडिकल, राहुल कुशवाह श्याम मेडिकल, इरफान खान हुसैन मेडिकल सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट उपस्थित रहे।
आरोन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया, फार्मासिस्ट के बिना अधूरी है प्रभावी मेडिकल व्यवस्था *आरोन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया, फार्मासिस्ट के बिना अधूरी है प्रभावी मेडिकल व्यवस्था* आरोन में 25 सितंबर को अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन ABPA द्वारा सिविल अस्पताल में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया कार्यक्रम में ABPA के जिलाध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव ने फार्मासिस्ट दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब हम बीमार होकर अस्पताल जाते हैं, डॉक्टर जांच कर दवा लिखते हैं और हम ठीक होकर डॉक्टर को धन्यवाद देते हैं, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में काउंटर पर खड़ा क्वालिफाइड फार्मासिस्ट धैर्य के साथ दवा की सही मात्रा और सही तरीका समझाता है, उसकी भूमिका नजरअंदाज हो जाती है उन्होंने कहा कि जैसे हड्डियों के बिना शरीर खड़ा नहीं हो सकता, वैसे ही फार्मासिस्ट के बिना प्रभावी मेडिकल व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। डॉक्टर इलाज तय करते हैं तो फार्मासिस्ट उस इलाज की सफलता सुनिश्चित करते हैं। दवाओं का सही चुनाव, भंडारण, वितरण और मरीज को उचित परामर्श देने में फार्मासिस्ट की भूमिका अहम है फार्मासिस्ट के.एस. गहलोत ने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा नहीं देते, बल्कि दवाओं की क्वालिटी चेक, मरीजों को दवा लेने का सही तरीका और समय बताने, डॉक्टर को नई मेडिसिन के बारे में जानकारी देने के साथ अस्पतालों में मेडिसिन मैनेजमेंट, स्टोरेज और संक्रमण रोकथाम जैसे कई महत्वपूर्ण काम भी संभालते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी डॉक्टर्स का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया और वरिष्ठ फार्मासिस्ट मुकेश त्रिपाठी को ABPA गुना के सदस्यों द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया इस अवसर पर प्रमोद शर्मा, अमन जैन सरस्वती मेडिकल, शैलेन्द्र रघुवंशी लक्ष्मी मेडिकल, कुलदीप प्रजापति, कविन्द्र गहलोत बालाजी मेडिकल, मोहित जैन देशराज मेडिकल, अभिषेक जाटव, दीपक धाकड़ राधे मेडिकल, कुलदीप शर्मा वैष्णवी मेडिकल, राहुल कुशवाह श्याम मेडिकल, इरफान खान हुसैन मेडिकल सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट उपस्थित रहे।
- आरोन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया, फार्मासिस्ट के बिना अधूरी है प्रभावी मेडिकल व्यवस्था *आरोन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया, फार्मासिस्ट के बिना अधूरी है प्रभावी मेडिकल व्यवस्था* आरोन में 25 सितंबर को अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन ABPA द्वारा सिविल अस्पताल में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया कार्यक्रम में ABPA के जिलाध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव ने फार्मासिस्ट दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब हम बीमार होकर अस्पताल जाते हैं, डॉक्टर जांच कर दवा लिखते हैं और हम ठीक होकर डॉक्टर को धन्यवाद देते हैं, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में काउंटर पर खड़ा क्वालिफाइड फार्मासिस्ट धैर्य के साथ दवा की सही मात्रा और सही तरीका समझाता है, उसकी भूमिका नजरअंदाज हो जाती है उन्होंने कहा कि जैसे हड्डियों के बिना शरीर खड़ा नहीं हो सकता, वैसे ही फार्मासिस्ट के बिना प्रभावी मेडिकल व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। डॉक्टर इलाज तय करते हैं तो फार्मासिस्ट उस इलाज की सफलता सुनिश्चित करते हैं। दवाओं का सही चुनाव, भंडारण, वितरण और मरीज को उचित परामर्श देने में फार्मासिस्ट की भूमिका अहम है फार्मासिस्ट के.एस. गहलोत ने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा नहीं देते, बल्कि दवाओं की क्वालिटी चेक, मरीजों को दवा लेने का सही तरीका और समय बताने, डॉक्टर को नई मेडिसिन के बारे में जानकारी देने के साथ अस्पतालों में मेडिसिन मैनेजमेंट, स्टोरेज और संक्रमण रोकथाम जैसे कई महत्वपूर्ण काम भी संभालते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी डॉक्टर्स का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया और वरिष्ठ फार्मासिस्ट मुकेश त्रिपाठी को ABPA गुना के सदस्यों द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया इस अवसर पर प्रमोद शर्मा, अमन जैन सरस्वती मेडिकल, शैलेन्द्र रघुवंशी लक्ष्मी मेडिकल, कुलदीप प्रजापति, कविन्द्र गहलोत बालाजी मेडिकल, मोहित जैन देशराज मेडिकल, अभिषेक जाटव, दीपक धाकड़ राधे मेडिकल, कुलदीप शर्मा वैष्णवी मेडिकल, राहुल कुशवाह श्याम मेडिकल, इरफान खान हुसैन मेडिकल सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट उपस्थित रहे।1
- मधुसूदनगढ़ के चौराहे पर कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज खेल मधुसूदनगढ़। अनंत चौदस के अवसर पर मधुसूदनगढ़ के प्रमुख चौराहे पर कलाकारों द्वारा आकर्षक एवं हैरतअंगेज खेलों का प्रदर्शन किया गया। कलाकारों ने अपने शानदार करतब दिखाकर मौजूद लोगों का खूब मनोरंजन किया। खेल देखने के लिए चौराहे पर लोगों की भीड़ जमा रही। कलाकारों के प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों और जयकारों से उत्साहवर्धन किया।1
- मंत्री सिंधिया के समर्थन में उतरे पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, ममता मीना के बयान पर किया पलटवार मंत्री सिंधिया के समर्थन में उतरे पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, ममता मीना के बयान पर किया पलटवार1
- “आनंदपुर में जल झूलनी ग्यारस पर आस्था का सैलाब… 4 घंटे तक ठाकुरजी का विमान नगर में घूमता रहा, 21 फीट ऊंची मटकी ने भी बढ़ाया उत्साह।” “आनंदपुर में जल झूलनी ग्यारस पर आस्था का सैलाब… 4 घंटे तक ठाकुरजी का विमान नगर में घूमता रहा, 21 फीट ऊंची मटकी ने भी बढ़ाया उत्साह।”1
- अनंत चतुर्दशी एवं गणेश प्रतिमा विसर्जन को दृष्टिगत रखते हुऐ विदिशा पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी की उपस्थिति में विदिशा शहर में पैदल फ्लैग मार्च निकाला गया। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने तथा जिले में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विदिशा पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। फ्लैग मार्च के माध्यम से आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना सुदृढ़ करने के साथ ही असामाजिक तत्वों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का स्पष्ट संदेश दिया गया।1
- लाडली बहना योजना: आधार और बैंक डीबीटी सत्यापन अनिवार्य महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की अगली मासिक किस्त जारी करने से पहले सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं। जिन पात्र महिलाओं के बैंक खातों में आधार लिंक या डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सक्रिय नहीं है, उन्हें विशेष शिविर लगाकर यह प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है। विभाग ने साफ किया है कि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी रुकावट के सहायता राशि सीधे उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से समय पर अंतरित की जाएगी।1
- *दावों की खुली पोल: शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से महरूम हैं क्षेत्र के युवा* सिरोंज की ग्राम पंचायत बरेज निवासी राजेन्द्र कुमार शर्मा अपनी समस्याओं को लेकर तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा युवाओं के विकास, रोजगार और स्वरोजगार के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही हैं। क्षेत्र के हजारों युवा आज भी इन योजनाओं की जानकारी और लाभ से पूरी तरह वंचित हैं। प्रशासनिक उदासीनता और जागरूकता के अभाव के कारण पात्र युवाओं को दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। कागजों तक सीमित हैं योजनाएं शासन द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सीखो कमाओ योजना, स्वरोजगार ऋण योजना और कौशल विकास जैसे कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। क्षेत्र के युवाओं का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई युवाओं ने बताया कि वे महीनों से सरकारी दफ्तरों और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। जागरूकता का भारी अभाव स्थानीय युवाओं का कहना है कि ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में इन योजनाओं का उचित प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता। सूचनाओं के अभाव में युवाओं को यह पता ही नहीं चल पाता कि आवेदन कब और कैसे करना है। जो युवा ऑनलाइन आवेदन कर भी देते हैं, उनकी फाइलें महीनों तक विभागों में धूल फांकती रहती हैं।2
- एकजुट पत्रकारिता ही अधिकारों की असली ताकत, संगठन उसी ताकत को आवाज देता है : डॉ. अरुण सक्सेना* “संघ” और “गठन” से बनता है संगठन, JUMP पत्रकार हितों की सामूहिक आवाज को देगा नई धार *देखिए संपूर्ण खबर खबर नेशनल पर* एकजुट पत्रकारिता ही अधिकारों की असली ताकत, संगठन उसी ताकत को आवाज देता है : डॉ. अरुण सक्सेना* “संघ” और “गठन” से बनता है संगठन, JUMP पत्रकार हितों की सामूहिक आवाज को देगा नई धार *देखिए संपूर्ण खबर खबर नेशनल पर* 👇👇👇👇👇👇1