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आगामी मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव 2027 से संबंधित एक खास ग्राउंड रिपोर्टिंग बहुत जल्द प्रस्तुत की जाएगी।
ASHISH NEWARE Journalist Balag
आगामी मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव 2027 से संबंधित एक खास ग्राउंड रिपोर्टिंग बहुत जल्द प्रस्तुत की जाएगी।
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- बालाघाट जिले की लांजी तहसील के ग्राम टेमनी में प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त छापामार कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस कार्रवाई में कुल 357 ट्रॉली अवैध रेत जब्त की गई, जिसमें सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब ग्राम टेमनी के सरपंच के घर में धान के पैरा (पुआल) के नीचे छिपाई गई 30 ट्रॉली रेत बरामद की गई। प्रशासन ने इस भंडारण को अवैध मानते हुए तत्काल जब्त कर लिया। यह संयुक्त अभियान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लांजी, तहसीलदार लांजी, जिला खनिज अमला, थाना प्रभारी लांजी और पुलिस लाइन बालाघाट के बल द्वारा खनिज रेत के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाया गया था। जांच के दौरान ग्राम टेमनी में शासकीय एवं निजी भूमि पर कुल 357 ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया। सरपंच के घर से जब्त की गई 30 ट्रॉली रेत के लिए मौके पर रेत भंडारण संबंधी कोई वैध अनुमति या रॉयल्टी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद इसे जब्त कर ग्राम पंचायत टेमनी के सरपंच और ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में दे दिया गया। उप संचालक खनिज सुश्री फरहत जहां ने बताया कि ग्राम टेमनी में विभिन्न स्थानों से भी अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की गई है। इनमें जितेंद्र पिता ज्ञानी सिंह के घर से 7 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता टिकनसिंह के घर से 55 ट्रॉली, शैलेन्द्र पिता राधेश्याम के घर से 77 ट्रॉली, अशोक पिता भिवराम के घर से 50 ट्रॉली, रुद्धन पिता सुंदरलाल के घर से 10 ट्रॉली, लक्ष्मण पिता तानूसिंह के घर से 30 ट्रॉली, दौलतराम पिता धानूलाल के घर से 30 ट्रॉली, समीर पिता पुरुषोत्तम के घर से 18 ट्रॉली, महेश पिता लेखराम के घर से 30 ट्रॉली, शैलेन्द्र प्रताप सिंह के घर से 40 ट्रॉली तथा कल्याण पिता केशवराव के घर से 10 ट्रॉली रेत शामिल है। खनिज विभाग के अनुसार, जब्त की गई समस्त रेत पर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- आज शाम करीब 5 बजे बालाघाट शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जहां तेज तापमान के बीच तूफान, तेज आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। लगभग 30 मिनट तक चली इस तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण सड़क किनारे कई पेड़ गिर गए, जिससे अनेक मार्ग अवरुद्ध हो गए और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके साथ ही, बिजली आपूर्ति भी ठप पड़ गई। शहर में आए इस अचानक बदलाव से 'नवतपा' के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिसने स्थानीय निवासियों को उमस से काफी सुकून दिया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण जिले और आसपास के इलाकों में यह मौसमी बदलाव देखा गया है। उन्होंने अगले तीन-चार दिनों तक जिले की अन्य तहसीलों में भी इसी तरह आंधी, तूफान और बारिश की संभावना जताई है। नवतपा के छठे दिन जमकर बरसे बादलों ने बालाघाट शहर में बारिश का कहर बरपाया, जिससे तेज आंधी-तूफान के कारण सड़कें बाधित हुईं और बिजली आपूर्ति भी ठप रही।1
- आदिवासी समाज ने 'वनवासी' शब्द के इस्तेमाल पर गहरा विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध बालाघाट में एक जनसभा के आयोजन के बाद निकाली गई एक रैली के माध्यम से स्पष्ट रूप से सामने आया। आदिवासी समाज ने इस मामले में अमित शाह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और संबंधितों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- कोसुंबा-बांडारेव सड़क मार्ग पिछले तीन माह से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- सिवनी जिले में पिछले कई दिनों से जारी नौतपे की भीषण गर्मी और तपिश के बीच, आज दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। जिले के कान्हीवाड़ा और कलारबांकी सहित अन्य कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से भीषण गर्मी, उमस और लू से बेहाल आम जनता को बड़ी राहत मिली है, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। तेज बारिश ने तपते तापमान पर ब्रेक लगा दिया है। हालांकि, तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां गिरने और बिजली गुल होने की भी खबरें हैं।1
- बालाघाट जिले के सरेखा बाईपास पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार 'छोटा हाथी' वाहन ने पैदल जा रहे एक मजदूर को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में टक्कर लगने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- किरनापुर क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज रफ्तार तूफान ने पूरे इलाके में जमकर तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर बड़े वृक्ष जड़ों समेत उखड़कर धराशायी हो गए। इसके साथ ही, बिजली के तार टूटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। तूफान की रफ्तार इतनी तीव्र थी कि कई पेड़ सड़कों पर गिर पड़े, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कई जगहों पर बिजली के खंभों और तारों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाजार क्षेत्र में भी तूफान से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, एक ओर जहां तूफान ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर इसने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दिलाई। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी और उमस के बीच चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून का एहसास कराया। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल, विद्युत विभाग की टीमें टूटे हुए तारों और प्रभावित बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुट गई हैं। विभाग ने नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे टूटे हुए बिजली तारों से दूर रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।2