35 साल से सड़क का इंतजार! बारिश में डोहलन ढाना तक नहीं पहुंच पाती एम्बुलेंस, ग्रामीण बोले—अब तो पक्की सड़क चाहिए बैतूल/प्रभातपट्टन। तहसील प्रभातपट्टन के ग्राम डोहलन ढाना के ग्रामीण पिछले करीब 35 वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 1991 में चंदोरा डैम टूटने के बाद यहां आकर बसे परिवारों के लिए आज भी करीब 3 किलोमीटर का रास्ता कच्चा और गड्ढों से भरा है। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी इस रास्ते से निकटतम पक्की सड़क तक पहुंचने में करीब 30 मिनट लगते हैं, जबकि बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। कीचड़ और खराब रास्ते के कारण एम्बुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती। हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि पहले भी उपचार में देरी के कारण जनहानि हो चुकी है। सड़क नहीं तो खेती भी प्रभावित सड़क की समस्या का असर ग्रामीणों की आजीविका पर भी पड़ रहा है। किसानों के अनुसार व्यापारी और मालवाहक वाहन गांव तक आने से बचते हैं या रास्ते में फंस जाते हैं। इस वर्ष धनिया की फसल में करीब 30 से 40 लाख रुपये तक के नुकसान का ग्रामीणों ने अनुमान जताया है। वहीं गोभी और अन्य हरी सब्जियों को बाजार तक पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है। गन्ने का उठाव समय पर नहीं होने से वजन कम होने और भुगतान प्रभावित होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण को लेकर विधायक, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत और संबंधित विभागों को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। डोहलन ढाना के ग्रामीणों की अब एक ही मांग है—गांव तक करीब 3 किलोमीटर पक्की सड़क बनाई जाए, ताकि बारिश में एम्बुलेंस पहुंच सके, किसानों की फसल बाजार तक पहुंच सके और वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो।
35 साल से सड़क का इंतजार! बारिश में डोहलन ढाना तक नहीं पहुंच पाती एम्बुलेंस, ग्रामीण बोले—अब तो पक्की सड़क चाहिए बैतूल/प्रभातपट्टन। तहसील प्रभातपट्टन के ग्राम डोहलन ढाना के ग्रामीण पिछले करीब 35 वर्षों से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 1991 में चंदोरा डैम टूटने के बाद यहां आकर बसे परिवारों के लिए आज भी करीब 3 किलोमीटर का रास्ता कच्चा और गड्ढों से भरा है। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी इस रास्ते से निकटतम पक्की सड़क तक पहुंचने में करीब 30 मिनट लगते हैं, जबकि बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। कीचड़ और खराब रास्ते के कारण एम्बुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती। हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि पहले भी उपचार में देरी के कारण जनहानि हो चुकी है। सड़क नहीं तो खेती भी प्रभावित सड़क की समस्या का असर ग्रामीणों की आजीविका पर भी पड़ रहा है। किसानों के अनुसार व्यापारी और मालवाहक वाहन गांव तक आने से बचते हैं या रास्ते में फंस जाते हैं। इस वर्ष धनिया की फसल में करीब 30 से 40 लाख रुपये तक के नुकसान का ग्रामीणों ने अनुमान जताया है। वहीं गोभी और अन्य हरी सब्जियों को बाजार तक पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है। गन्ने का उठाव समय पर नहीं होने से वजन कम होने और भुगतान प्रभावित होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण को लेकर विधायक, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत और संबंधित विभागों को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। डोहलन ढाना के ग्रामीणों की अब एक ही मांग है—गांव तक करीब 3 किलोमीटर पक्की सड़क बनाई जाए, ताकि बारिश में एम्बुलेंस पहुंच सके, किसानों की फसल बाजार तक पहुंच सके और वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो।
- शासकीय महाविद्यालय सौंसर में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर शिकायत, निष्पक्ष जाँच की मांग पांढुर्णा:-लाइब्रेरियन अज्जू बिरय्या एवं असिस्टेंट प्रोफेसर गेडाम की कार्यस्थल पर उपलब्धता को लेकर सवाल; बायोमेट्रिक और CCTV रिकॉर्ड से सत्यापन की मांग। शासकीय महाविद्यालय सौंसर में कर्मचारियों की कार्यालयीन समय के दौरान उपस्थिति और विद्यार्थियों को शैक्षणिक सुविधाएँ मिलने के संबंध में शिकायत सामने आई है। जनभागीदारी अतिथि शिक्षक रहे दिनेश कुमार शिवहरे ने महाविद्यालय प्रशासन सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जाँच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 18 सितंबर को वे पुस्तक लेने के लिए महाविद्यालय की लाइब्रेरी पहुँचे थे। इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि लाइब्रेरियन श्री अज्जू बिरय्या उपस्थिति दर्ज करने के बाद परिसर से बाहर चले गए थे। वहीं, असिस्टेंट प्रोफेसर गेडाम के लगभग 11:20 बजे महाविद्यालय पहुँचने और अन्य अवसरों पर कार्यालयीन समय में परिसर से बाहर रहने के आरोप भी शिकायत में लगाए गए हैं।दिनेश कुमार शिवहरे का कहना है कि यदि निर्धारित कार्यालयीन समय में कर्मचारी कार्यस्थल पर उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, पुस्तकालय सेवाओं और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं पर पड़ सकता है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले की जानकारी महाविद्यालय के प्राचार्य, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष, विधायक श्री चौरे जी तथा शासकीय पी.जी. कॉलेज छिंदवाड़ा के प्राचार्य को भी दी गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत का उद्देश्य किसी कर्मचारी की प्रतिष्ठा को प्रभावित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। अब शिकायतकर्ता ने प्रशासन से उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जाँच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और यदि कोई अनियमितता प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।1
- *प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर भैंसदेही में जन अभियान परिषद समिति मनाया ने सेवा संकल्प* *प्राचीन शिव मंदिर में दीप प्रज्वलन के साथ शिवकुंड की सफाई, जल संरक्षण का दिया संदेश* भैंसदेही। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर चल रहे सेवा एवं स्वच्छता अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद के तत्वावधान में नगर विकास प्रस्फुटन समिति, भैंसदेही द्वारा नगर के प्राचीन शिव मंदिर स्थित शिवकुंड में दीप प्रज्वलन, साफ-सफाई एवं जल संरक्षण का कार्य किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन को केवल उत्सव के रूप में न मनाकर सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के संकल्प के रूप में मनाना रहा। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों एवं समाजसेवियों ने शिवकुंड की स्वच्छता करते हुए जल स्रोतों को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल बचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान प्राचीन शिव मंदिर परिसर में दीप प्रज्वलित कर सेवा कार्य का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात शिवकुंड एवं आसपास के परिसर की सफाई की गई। उपस्थित लोगों ने स्वच्छ जल स्रोतों के महत्व को समझते हुए जल है तो जीवन है के संदेश के साथ जल संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। यह आयोजन वर्तमान में चल रहे सेवा एवं स्वच्छता अभियानों की भावना के अनुरूप जनभागीदारी, स्वच्छता और सेवा-संकल्प को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास रहा। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक अधिकारी विकास कुमरे जी, परामर्शदाता सोहन सिंह कड़िया, नगर विकास प्रस्फुटन समिति भैंसदेही के अध्यक्ष श्री दीपक जैन, उपाध्यक्ष श्री राजेश पानकर, सचिव श्री प्रदीप धुले, कोषाध्यक्ष श्री मनीष राठौर सहित समिति के सदस्य मनोज राठौर, संदीप राठौर, नवनीत जैन, नवीन लोखंडे, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री दिलीप धोरे, भा. ज. पा. मण्डल मंत्री पवन लोखंडे, भा. ज. पा. मंडल महामंत्री दिनेश जी कोसे, सोनू आर्य, एबीपी अध्यक्ष हिमांशु राठौर... बबुलाल ज़ी राठौर शिक्षक....एवं समाज के अनेक समाजसेवी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सेवा से संकल्प, संकल्प से परिवर्तन कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि हमारे धार्मिक एवं प्राकृतिक जल स्रोत केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी हैं। इनके संरक्षण और स्वच्छता के लिए समाज की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।1
- लालबाग के बादशाह में कालिया नाग के फनों पर नृत्य करते दिखेंगे कान्हा 15 फीट की भव्य प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र, आज से श्रद्धालु कर रहे दर्शन छिंदवाड़ा। गणेश उत्सव को यादगार बनाने के लिए श्री सनातन सेवा समिति, लालबाग द्वारा इस बार भगवान श्रीकृष्ण की कालिया नाग मर्दन लीला को भव्य रूप में प्रस्तुत किया गया है। शहर की चर्चित झांकियों में शामिल श्री लालबाग के बादशाह के दरबार में श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण का कालिया नाग के फनों पर नृत्य करते हुए मनमोहक स्वरूप देखने को मिल रहा है। झांकी में करीब 15 फीट की भव्य प्रतिमा तैयार की गई है। इसमें यमुना नदी में कालिया नाग के विष से परेशान गोकुलवासियों को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उसके आतंक से मुक्ति दिलाने और उसके फनों पर नृत्य करने की पौराणिक लीला को जीवंत स्वरूप दिया गया है। झांकी में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर कालिया नाग मर्दन तक के प्रसंग को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। तीन महीने की मेहनत के बाद तैयार हुई भव्य झांकी झांकी को तैयार करने में समिति के सदस्यों और कारीगरों ने करीब तीन महीने तक लगातार मेहनत की। दिन-रात चले निर्माण कार्य के बाद अब झांकी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए तैयार है। समिति का प्रयास है कि लालबाग पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं की भव्य झलक भी देखने को मिले। कालिया नाग मर्दन से बुराई पर अच्छाई का संदेश समिति के सदस्यों के अनुसार कालिया नाग मर्दन की यह झांकी केवल धार्मिक प्रसंग का प्रदर्शन नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश भी देती है। भगवान श्रीकृष्ण की यह लीला यह संदेश देती है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की विजय होती है। बच्चों और युवाओं के लिए भी खास आकर्षण श्री सनातन सेवा समिति का उद्देश्य गणेश उत्सव के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं पौराणिक कथाओं से जोड़ना भी है। यही वजह है कि झांकी को इस तरह तैयार किया गया है कि श्रद्धालुओं के साथ बच्चे और युवा भी भगवान श्रीकृष्ण की कालिया नाग मर्दन लीला को करीब से समझ और महसूस कर सकें। लालबाग के बादशाह के दरबार में अब श्रद्धालुओं के लिए झांकी के दर्शन शुरू हो चुके हैं।4
- सिंगोड़ी में बच्चों के लिए आयोजित हुई अनोखी कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता* *सिंगोड़ी।* गणेशोत्सव के पावन अवसर पर राजाधिराज मित्र मंडल, सिंगोड़ी द्वारा बच्चों के लिए मनोरंजक कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत की धुन पर कुर्सियों के चारों ओर घूमते बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे ही संगीत बंद होता, कुर्सी पाने के लिए बच्चों में होड़ लग जाती। आयोजन के दौरान पंडाल में मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। रंग-बिरंगे सजे पंडाल में हुई इस प्रतियोगिता ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। राजाधिराज मित्र मंडल द्वारा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ बच्चों की सहभागिता और मनोरंजन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह के आयोजन से गणेशोत्सव अब सिर्फ दर्शन और पूजा तक सीमित न रहकर बच्चों और युवाओं के उत्सव का रूप ले रहा है। सिंगोड़ी में बच्चों के लिए आयोजित हुई अनोखी कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता* *सिंगोड़ी।* गणेशोत्सव के पावन अवसर पर राजाधिराज मित्र मंडल, सिंगोड़ी द्वारा बच्चों के लिए मनोरंजक कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत की धुन पर कुर्सियों के चारों ओर घूमते बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे ही संगीत बंद होता, कुर्सी पाने के लिए बच्चों में होड़ लग जाती। आयोजन के दौरान पंडाल में मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। रंग-बिरंगे सजे पंडाल में हुई इस प्रतियोगिता ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। राजाधिराज मित्र मंडल द्वारा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ बच्चों की सहभागिता और मनोरंजन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह के आयोजन से गणेशोत्सव अब सिर्फ दर्शन और पूजा तक सीमित न रहकर बच्चों और युवाओं के उत्सव का रूप ले रहा है।1
- रोड रोड की मांग बच्चों की कीचड़ में आने जाने की समस्या जिससे बच्चों को स्कूल जाने में समस्या हो रही है गर्भवती महिलाओं को जगह तक एंबुलेंस ना पहुंचने की समस्या आजादी के इतने वर्षों हो चुके हैं फिर भी हमारे गांव में रोड की समस्या बनी हुई है ना ही कोई सरकार देख रही है ना ही कोई सरपंच इस समस्या को उलझा रहा है ना ही कोई नेता इस गांव को अपनी देख पर है प्लीज इस गांव को लाइक सपोर्ट शेयर कीजिए कीजिए हमारे गांव में रोड बन सके हमें रोड न बनने से हमें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है नहीं कोई रोजगार मिल पाता है नहीं2
- सेवा संकल्प के साथ एक महीने मनाया जाएगा जन्म दिवस,, कई जिले के ग्रामीण अंचल एवं शहर में कार्यक्रम एक माह तक चलेंगे 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक महीने सेवा संकल्प जनकल्याण सुबह लगाकर ग्रामीण अंचल ब्लॉक लेवल में भारतीय जनता पार्टी देश के प्रधानमंत्री का जन्म दिवस सेवा भाव के रूप में मनाएंगे ऐसा निर्णय पार्टी पदाधिकारी एवं केंद्रीय नेतृत्व में लिया है राज्य के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा उनकी लंबी देख राजू के लिए प्रार्थना की प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्यकाल के दौरान उपदेश में कई ऐसे कीर्तिमान उपलब्धि और भारत विश्व गुरु के रूप में दर्ज हो गया है विदेश नीति,रक्षा और कई ऐसे समझौते हुए जिसका फायदा देश को मिला है स्थानीय नागरिक का कहना है देश मजबूत और सुरक्षित है विगत 12 वर्षों से मोदी जी के कार्यकाल के दौरान पड़ोसी देश एवं अंतर्राष्ट्रीय देश के तालमेल से हमारे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है2
- सेवा संकल्प अभियान : स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मीरा बनी लखपति दीदी, अचार व्यवसाय से बढ़ी आमदनी सेवा संकल्प अभियान : स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मीरा बनी लखपति दीदी, अचार व्यवसाय से बढ़ी आमदनी --- बैतूल, 18 सितंबर 2026/ ग्राम बडोरा की मीरा सरले कभी रोजगार के साधन के अभाव में घर तक सीमित थी। आज वह स्वयं का अचार व्यवसाय संचालित कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और शासन की योजना से मिले ऋण ने उनकी आर्थिक स्थिति बदल दी। मीरा ने बताया कि वह गौरी आजीविका स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें कृषि सीआरपी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत उन्हें 40 हजार रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। ऋण की सहायता से मीरा ने अचार बनाने का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय शुरू होने के बाद उनकी आमदनी में वृद्धि होने लगी। निरंतर मेहनत और आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय के चलते मीरा अब लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो गई हैं।मीरा सरले ने कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और शासन की योजनाओं का लाभ मिलने से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- एमपी/छिंदवाड़ा यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध में मुस्लिम समुदाय ने सौंपा ज्ञापन...जुम्मे की नमाज के बाद ईद मिलादुन्नबी ग्राउंड में एकत्र हुए मुस्लिम समुदाय के लोग...राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन एंकर:-यूनिफॉर्म सिविल कोड यूसीसी को लेकर मुस्लिम समुदाय की ओर से विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग ईद मिलादुन्नबी ग्राउंड में एकत्र हुए यहां से अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी के नेतृत्व में प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। कमेटी के पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर अपनी आपत्तियां प्रशासन के समक्ष रखीं इसके बाद एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूसीसी को लेकर समुदाय की चिंताओं से अवगत कराया गया कमेटी के सदर अमसाल खान ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर मुस्लिम समुदाय की अपनी आपत्तियां हैं उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार को समुदाय की बात को भी गंभीरता से सुनना चाहिए ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे पुलिस ग्राउंड और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की समुदाय के लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर उनकी ओर से उठाई जा रही आपत्तियों पर विचार करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के बाद लोग शांतिपूर्वक मौके से रवाना हो गए। बाइट:-अमसाल खान सदर छिंदवाड़ा एमपी/छिंदवाड़ा यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध में मुस्लिम समुदाय ने सौंपा ज्ञापन...जुम्मे की नमाज के बाद ईद मिलादुन्नबी ग्राउंड में एकत्र हुए मुस्लिम समुदाय के लोग...राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन एंकर:-यूनिफॉर्म सिविल कोड यूसीसी को लेकर मुस्लिम समुदाय की ओर से विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग ईद मिलादुन्नबी ग्राउंड में एकत्र हुए यहां से अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी के नेतृत्व में प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। कमेटी के पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर अपनी आपत्तियां प्रशासन के समक्ष रखीं इसके बाद एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूसीसी को लेकर समुदाय की चिंताओं से अवगत कराया गया कमेटी के सदर अमसाल खान ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर मुस्लिम समुदाय की अपनी आपत्तियां हैं उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार को समुदाय की बात को भी गंभीरता से सुनना चाहिए ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे पुलिस ग्राउंड और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की समुदाय के लोगों ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर उनकी ओर से उठाई जा रही आपत्तियों पर विचार करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के बाद लोग शांतिपूर्वक मौके से रवाना हो गए। बाइट:-अमसाल खान सदर छिंदवाड़ा1
- UCC पर छिंदवाड़ा में मुस्लिम समाज की हुंकार... राष्ट्रपति के नाम पहुंची आपत्ति मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर सियासत और सामाजिक बहस के बीच अब छिंदवाड़ा में भी विरोध की आवाज बुलंद हुई। शुक्रवार को जुमा की नमाज़ के बाद अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी के आह्वान पर मुस्लिम समाज के लोग ईद मिलादुन्नबी ग्राउंड पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए। सुन्नी उलेमा, कमेटी के पदाधिकारियों और समाज के मोअज्जिज़ हजरात की मौजूदगी में UCC के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग रही कि जिस तरह अनुसूचित जनजाति समाज को UCC के प्रावधानों से बाहर रखा गया है, उसी तरह मुस्लिम समाज को भी इसके दायरे से बाहर रखा जाए। राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर के माध्यम से सौंपे गए ज्ञापन में मुस्लिम समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत विधि संबंधी विशिष्टताओं का हवाला दिया गया। निकाह, तलाक, विरासत, वसीयत और पारिवारिक व्यवस्थाओं को मुस्लिम समाज की धार्मिक एवं सामाजिक परंपराओं से जुड़ा बताते हुए इनके संरक्षण की मांग रखी गई।4