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एटा के सकीट थाने में एसएसपी डॉ. इलामारन जी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, आगंतुक रजिस्टर, जनसुनवाई और मिशन शक्ति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहनता से जाँच की। निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने जनसुनवाई में आने वाले प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने महिला सहायता डेस्क पर आने वाली शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बरतने और मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और कार्यप्रणाली को और अधिक बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आकर्ष वार्ष्णेय रिपोर्टर shru
एटा के सकीट थाने में एसएसपी डॉ. इलामारन जी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, आगंतुक रजिस्टर, जनसुनवाई और मिशन शक्ति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहनता से जाँच की। निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने जनसुनवाई में आने वाले प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने महिला सहायता डेस्क पर आने वाली शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बरतने और मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और कार्यप्रणाली को और अधिक बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां योगी आदित्यनाथ सरकार ने पंचायत चुनाव में देरी के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों और ग्राम प्रधानों को अगले चुनाव होने तक प्रशासक बनाए रखने का आदेश जारी किया है। इस बड़े फैसले के बाद राज्य का सियासी तापमान बढ़ गया है। सरकार का पक्ष है कि जब तक ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक विकास कार्यों को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से जारी रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। हालांकि, विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार की मंशा पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है और सरकार को घेरने में जुटा है। अब यह पूरा विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच चुका है। हाई कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सरकार से इस फैसले के कानूनी आधार पर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही, पंचायत चुनाव में हो रही इस देरी और सरकार के इस नए फैसले का साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर भी संभावित असर पड़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।1
- Post by देवेन्द्र प्रताप सिंह1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में चर्चित 'गोल्डन बाबा' अपने 'प्रतिज्ञा रथ' के साथ पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। दुर्वासा ऋषि आश्रम से होते हुए गोल्डन बाबा बजरिया स्थित सैनिक कैंटीन पर विमलेश मिश्रा के प्रतिष्ठान पहुंचे। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने एक विशेष संकल्प और अपनी यात्रा के मुख्य उद्देश्यों की जानकारी साझा की, जो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। गोल्डन बाबा ने बताया कि उनके इस 'प्रतिज्ञा रथ' का मुख्य उद्देश्य पूरे उत्तर प्रदेश में सनातन धर्म का प्रचार और प्रसार करना है। उन्होंने प्रदेश के सभी 75 जिलों का भ्रमण करने का लक्ष्य रखा है। उनकी यह यात्रा लगातार जारी है और पिछले 48 दिनों में वे अब तक 15 जिलों का सफलतापूर्वक दौरा पूरा कर चुके हैं। इस यात्रा के दौरान गोल्डन बाबा ने अपनी एक बड़ी और अनोखी प्रतिज्ञा का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के अगले प्रधानमंत्री बनें। अपनी इस मनोकामना को पूरा करने के लिए बाबा ने एक कड़ा त्याग किया है। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान नहीं हो जाते, तब तक उन्होंने हमेशा अपने पास रखने वाली अपनी 4 किलो वजन की चांदी की खड़ाऊं पहनना छोड़ दिया है। उनका यह 'प्रतिज्ञा रथ' और अनोखा संकल्प फर्रुखाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों में आकर्षण और राजनीतिक व धार्मिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।2
- फर्रुखाबाद में पिछले एक महीने से ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है, जिससे परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार अपनी नाराजगी जताते हुए तहसील पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। एक महीने से इस समस्या का कोई समाधान न होने और फुके पड़े ट्रांसफार्मर को न बदले जाने के विरोध में ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ा।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बुधवार को चर्चित 'गोल्डन बाबा' अपने 'प्रतिज्ञा रथ' के साथ पहुंचे। दुर्वासा ऋषि आश्रम होते हुए वे बजरिया स्थित सैनिक कैंटीन पहुंचे, जहां विमलेश मिश्रा के प्रतिष्ठान पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और अपनी विशेष प्रतिज्ञा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पत्रकार आर्यन बाजपेई के अनुसार, गोल्डन बाबा पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के भ्रमण पर निकले हैं और इस यात्रा के तहत वे अब तक 48 दिनों में 15 जिलों का दौरा पूरा कर चुके हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान गोल्डन बाबा ने एक बड़ी घोषणा करते हुए संकल्प लिया कि नरेंद्र मोदी जी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही देश के अगले प्रधानमंत्री बनें। अपनी इस प्रतिज्ञा को पूरा होने तक उन्होंने हमेशा अपने साथ रखने वाली 4 किलो वजन की चांदी की खड़ाऊं पहनना छोड़ दिया है। उनका यह अनोखा त्याग पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। गोल्डन बाबा ने स्पष्ट किया कि उनकी 'प्रतिज्ञा रथ' यात्रा का मुख्य लक्ष्य पूरे प्रदेश में सनातन धर्म की ज्योति को फैलाना है। फर्रुखाबाद में उनके आगमन और इस अनोखी प्रतिज्ञा को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्सुकता और जिज्ञासा देखी जा रही है। बाबा अपनी इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए अब अगले जिलों की ओर रवाना होने वाले हैं।4
- फर्रुखाबाद में रोडवेज बस से हुए एक एक्सीडेंट के बाद एक युवक की मौत हो गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बिछवां विकास खंड के अंतर्गत आने वाले एक गांव में सरकारी राशन वितरण में भारी धांधली और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। कोटेदार की मनमानी और अड़ियल रवैये से परेशान होकर सैकड़ों महिला और पुरुष कार्डधारकों ने खाली बर्तन और राशन कार्ड लेकर राशन की दुकान का घेराव किया और जमकर नारेबाजी व हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दावों के विपरीत धरातल पर राशन वितरण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। कार्डधारकों का कहना है कि वर्तमान कोटेदार लंबे समय से उनके हक पर डाका डाल रहा है और हर महीने उन्हें तय मात्रा से प्रति यूनिट एक से दो किलोग्राम कम राशन दिया जाता है। जब भी कोई गरीब ग्रामीण या महिला इस घटतौली का विरोध करती है, तो कोटेदार और उसके करिंदे उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और राशन कार्ड निरस्त कराने की धमकी देकर भगा देते हैं। इसके अलावा, कोटेदार ई-पॉश मशीन पर अंगूठा तो लगवा लेता है, लेकिन सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर राशन देने के लिए ग्रामीणों को कई-कई दिनों तक दौड़ाया जाता है, जिससे गरीब और मजदूर तबके के परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इस धांधली से तंग आकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला पूर्ति अधिकारी और उपजिलाधिकारी से मांग की है कि वर्तमान कोटेदार का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड किया जाए और गांव के ही किसी ईमानदार व योग्य व्यक्ति को नया कोटा आवंटित किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने एक जांच टीम का गठन कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच टीम मौके पर जाकर घटतौली और अभद्रता के आरोपों की जांच करेगी और कोटेदार के दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।1