उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बिछवां विकास खंड के अंतर्गत आने वाले एक गांव में सरकारी राशन वितरण में भारी धांधली और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। कोटेदार की मनमानी और अड़ियल रवैये से परेशान होकर सैकड़ों महिला और पुरुष कार्डधारकों ने खाली बर्तन और राशन कार्ड लेकर राशन की दुकान का घेराव किया और जमकर नारेबाजी व हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दावों के विपरीत धरातल पर राशन वितरण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। कार्डधारकों का कहना है कि वर्तमान कोटेदार लंबे समय से उनके हक पर डाका डाल रहा है और हर महीने उन्हें तय मात्रा से प्रति यूनिट एक से दो किलोग्राम कम राशन दिया जाता है। जब भी कोई गरीब ग्रामीण या महिला इस घटतौली का विरोध करती है, तो कोटेदार और उसके करिंदे उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और राशन कार्ड निरस्त कराने की धमकी देकर भगा देते हैं। इसके अलावा, कोटेदार ई-पॉश मशीन पर अंगूठा तो लगवा लेता है, लेकिन सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर राशन देने के लिए ग्रामीणों को कई-कई दिनों तक दौड़ाया जाता है, जिससे गरीब और मजदूर तबके के परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इस धांधली से तंग आकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला पूर्ति अधिकारी और उपजिलाधिकारी से मांग की है कि वर्तमान कोटेदार का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड किया जाए और गांव के ही किसी ईमानदार व योग्य व्यक्ति को नया कोटा आवंटित किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने एक जांच टीम का गठन कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच टीम मौके पर जाकर घटतौली और अभद्रता के आरोपों की जांच करेगी और कोटेदार के दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बिछवां विकास खंड के अंतर्गत आने वाले एक गांव में सरकारी राशन वितरण में भारी धांधली और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। कोटेदार की मनमानी और अड़ियल रवैये से परेशान होकर सैकड़ों महिला और पुरुष कार्डधारकों ने खाली बर्तन और राशन कार्ड लेकर राशन की दुकान का घेराव किया और जमकर नारेबाजी व हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दावों के विपरीत धरातल पर राशन वितरण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। कार्डधारकों का कहना है कि वर्तमान कोटेदार लंबे समय से उनके हक पर डाका डाल रहा है और हर महीने उन्हें तय मात्रा से प्रति यूनिट एक से दो किलोग्राम कम राशन दिया जाता है। जब भी कोई गरीब ग्रामीण या महिला इस घटतौली का विरोध करती है, तो कोटेदार और उसके करिंदे उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और राशन कार्ड निरस्त कराने की धमकी देकर भगा देते हैं। इसके अलावा, कोटेदार ई-पॉश मशीन पर अंगूठा तो लगवा लेता है, लेकिन सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर राशन देने के लिए ग्रामीणों को कई-कई दिनों तक दौड़ाया जाता है, जिससे गरीब और मजदूर तबके के परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इस धांधली से तंग आकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला पूर्ति अधिकारी और उपजिलाधिकारी से मांग की है कि वर्तमान कोटेदार का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड किया जाए और गांव के ही किसी ईमानदार व योग्य व्यक्ति को नया कोटा आवंटित किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने एक जांच टीम का गठन कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच टीम मौके पर जाकर घटतौली और अभद्रता के आरोपों की जांच करेगी और कोटेदार के दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश में अब लोकतंत्र नहीं रह गया है, बल्कि यहां तानाशाही चल रही है। सरकार के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्होंने देश की व्यवस्था पर यह बड़ा प्रहार किया है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के ग्राम नगला अनी में एक मामूली विवाद को लेकर दबंगों ने एक दलित परिवार के साथ मारपीट की थी, जिसमें एक दलित युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधि मंडल पीड़ित दलित परिवार से मिलने नगला अनी पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और उन्हें हर हाल में न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी पीड़ित दलित परिवार की आर्थिक मदद भी करेगी। इस मामले को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने जिला अधिकारी (डीएम) से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से मांग की है कि दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम नगला अनी की मूल समस्याओं जैसे बिजली, पानी और सड़क की समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग उठाई। इस पर डीएम ने कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल को उचित कार्रवाई और समस्याओं के समाधान का पूरा भरोसा दिलाया है। इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस की पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद ने भी अपनी बात रखी है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सेना में भर्ती को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेजों के सहारे अग्निवीर बनने का आरोप लगा है। नगरिया के रहने वाले सुमित कुमार ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपकर करहल क्षेत्र के एक युवक पर जालसाजी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी युवक ने सबसे पहले वर्ष 2014 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। बाद में उम्र अधिक हो जाने के कारण उसने दोबारा वर्ष 2022 में एक दूसरे स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा पास की। आरोप के अनुसार, युवक ने इसी 2022 की नई मार्कशीट का इस्तेमाल कर सेना में अग्निवीर के पद पर नौकरी हासिल कर ली और वह वर्तमान में कार्यरत भी है। सुमित कुमार ने जिला प्रशासन से मामले के पुख्ता सबूत होने का दावा करते हुए आरोपी के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर नौकरी से बर्खास्त कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- गोरखपुर से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सूर्यनाथ यादव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस फैसले को समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका बता रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां योगी आदित्यनाथ सरकार ने पंचायत चुनाव में देरी के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों और ग्राम प्रधानों को अगले चुनाव होने तक प्रशासक बनाए रखने का आदेश जारी किया है। इस बड़े फैसले के बाद राज्य का सियासी तापमान बढ़ गया है। सरकार का पक्ष है कि जब तक ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक विकास कार्यों को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से जारी रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। हालांकि, विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार की मंशा पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है और सरकार को घेरने में जुटा है। अब यह पूरा विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच चुका है। हाई कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सरकार से इस फैसले के कानूनी आधार पर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही, पंचायत चुनाव में हो रही इस देरी और सरकार के इस नए फैसले का साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर भी संभावित असर पड़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।1
- एटा के सकीट थाने में एसएसपी डॉ. इलामारन जी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, आगंतुक रजिस्टर, जनसुनवाई और मिशन शक्ति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहनता से जाँच की। निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने जनसुनवाई में आने वाले प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने महिला सहायता डेस्क पर आने वाली शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बरतने और मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और कार्यप्रणाली को और अधिक बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।3
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बिछवां विकास खंड के अंतर्गत आने वाले एक गांव में सरकारी राशन वितरण में भारी धांधली और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। कोटेदार की मनमानी और अड़ियल रवैये से परेशान होकर सैकड़ों महिला और पुरुष कार्डधारकों ने खाली बर्तन और राशन कार्ड लेकर राशन की दुकान का घेराव किया और जमकर नारेबाजी व हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दावों के विपरीत धरातल पर राशन वितरण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। कार्डधारकों का कहना है कि वर्तमान कोटेदार लंबे समय से उनके हक पर डाका डाल रहा है और हर महीने उन्हें तय मात्रा से प्रति यूनिट एक से दो किलोग्राम कम राशन दिया जाता है। जब भी कोई गरीब ग्रामीण या महिला इस घटतौली का विरोध करती है, तो कोटेदार और उसके करिंदे उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और राशन कार्ड निरस्त कराने की धमकी देकर भगा देते हैं। इसके अलावा, कोटेदार ई-पॉश मशीन पर अंगूठा तो लगवा लेता है, लेकिन सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर राशन देने के लिए ग्रामीणों को कई-कई दिनों तक दौड़ाया जाता है, जिससे गरीब और मजदूर तबके के परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इस धांधली से तंग आकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला पूर्ति अधिकारी और उपजिलाधिकारी से मांग की है कि वर्तमान कोटेदार का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड किया जाए और गांव के ही किसी ईमानदार व योग्य व्यक्ति को नया कोटा आवंटित किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने एक जांच टीम का गठन कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच टीम मौके पर जाकर घटतौली और अभद्रता के आरोपों की जांच करेगी और कोटेदार के दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।1