औरंगाबाद महिला कर्मियों के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम-सह-कार्यशाला आयोजित किया गया औरंगाबाद। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के संबंध में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, द्वितीय-सह-अध्यक्ष, आंतरिक परिवाद समिति, श्रीमती आनन्दिता सिंह के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय महिला कर्मियों के लिए विधिक सेवा सदन में जागरूकता कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, द्वितीय-सह-अध्यक्ष, आंतरिक परिवाद समिति, श्रीमती आनन्दिता सिंह ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा एवं सम्मान सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सम्मान किसी पद का मोहताज नहीं होता और सुरक्षा किसी का उपकार नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला का अधिकार है। इसी उद्देश्य से कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण के लिए संसद द्वारा वर्ष 2013 में कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करना, ऐसी घटनाओं की रोकथाम करना तथा प्राप्त शिकायतों का उचित एवं प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने महिला कर्मियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर आंतरिक परिवाद समिति के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की दूसरी वक्ता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती दिव्या वशिष्ठ ने कहा कि इस कानून का प्रमुख उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाव एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला कर्मी के साथ अनुचित टिप्पणी की जाती है, अश्लील तस्वीर या संदेश भेजा जाता है अथवा गलत तरीके से स्पर्श करने का प्रयास किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में बिना किसी भय या संकोच के आंतरिक परिवाद समिति के समक्ष शिकायत की जा सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने कहा कि देश में कामकाजी महिलाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा एवं सम्मान को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पोष अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण कानूनी संरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी देते हुए बताया कि शारीरिक संपर्क एवं अग्रगमन, लैंगिक अनुकूलता की मांग या अनुरोध, लैंगिक टिप्पणियां करना, अश्लील साहित्य या सामग्री दिखाना तथा लैंगिक प्रकृति का कोई अन्य अवांछनीय शारीरिक, मौखिक अथवा अमौखिक आचरण यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आ सकता है। ऐसी स्थिति में पीड़ित महिला द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिखित शिकायत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आंतरिक परिवाद समिति महिला कर्मियों को अपने कार्यस्थल पर निर्भीकता, सुरक्षा एवं सम्मान के साथ कार्य करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है। कार्यशाला के दौरान आंतरिक परिवाद समिति के सदस्यों द्वारा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, समिति की भूमिका तथा महिला कर्मियों के अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी श्रीमती प्रेरणा सिंह, न्यायिक पदाधिकारी श्रीमती गीतांजलि, न्यायिक पदाधिकारी सुश्री शिवांगी तथा पैनल अधिवक्ता श्रीमती स्नेहलता सहित अन्य संबंधित सदस्य एवं महिला कर्मी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिला कर्मियों द्वारा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित प्रावधानों एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कर्मियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए उन्हें आवश्यक कानूनी जानकारी प्रदान करना था। बाईट अध्यक्ष, आंतरिक परिवाद समिति, श्रीमती आनन्दिता सिंह
औरंगाबाद महिला कर्मियों के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम-सह-कार्यशाला आयोजित किया गया औरंगाबाद। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के संबंध में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, द्वितीय-सह-अध्यक्ष, आंतरिक परिवाद समिति, श्रीमती आनन्दिता सिंह के मार्गदर्शन में व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय महिला कर्मियों के लिए विधिक सेवा सदन में जागरूकता कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, द्वितीय-सह-अध्यक्ष, आंतरिक परिवाद समिति, श्रीमती आनन्दिता सिंह ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा एवं सम्मान सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सम्मान किसी पद का मोहताज नहीं होता और सुरक्षा किसी का उपकार नहीं, बल्कि प्रत्येक महिला का अधिकार है। इसी उद्देश्य से कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण के लिए संसद द्वारा वर्ष 2013 में कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करना, ऐसी घटनाओं की रोकथाम करना तथा प्राप्त शिकायतों का उचित एवं प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने महिला कर्मियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर आंतरिक परिवाद समिति के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की दूसरी वक्ता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती दिव्या वशिष्ठ ने कहा कि इस कानून का प्रमुख उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाव एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला कर्मी के साथ अनुचित टिप्पणी की जाती है, अश्लील तस्वीर या संदेश भेजा जाता है अथवा गलत तरीके से स्पर्श करने का प्रयास किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में बिना किसी भय या संकोच के आंतरिक परिवाद समिति के समक्ष शिकायत की जा सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने कहा कि देश में कामकाजी महिलाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा एवं सम्मान को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पोष अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण कानूनी संरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी देते हुए बताया कि शारीरिक संपर्क एवं अग्रगमन, लैंगिक अनुकूलता की मांग या अनुरोध, लैंगिक टिप्पणियां करना, अश्लील साहित्य या सामग्री दिखाना तथा लैंगिक प्रकृति का कोई अन्य अवांछनीय शारीरिक, मौखिक अथवा अमौखिक आचरण यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आ सकता है। ऐसी स्थिति में पीड़ित महिला द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिखित शिकायत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आंतरिक परिवाद समिति महिला कर्मियों को अपने कार्यस्थल पर निर्भीकता, सुरक्षा एवं सम्मान के साथ कार्य करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है। कार्यशाला के दौरान आंतरिक परिवाद समिति के सदस्यों द्वारा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, समिति की भूमिका तथा महिला कर्मियों के अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी श्रीमती प्रेरणा सिंह, न्यायिक पदाधिकारी श्रीमती गीतांजलि, न्यायिक पदाधिकारी सुश्री शिवांगी तथा पैनल अधिवक्ता श्रीमती स्नेहलता सहित अन्य संबंधित सदस्य एवं महिला कर्मी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिला कर्मियों द्वारा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित प्रावधानों एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कर्मियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए उन्हें आवश्यक कानूनी जानकारी प्रदान करना था। बाईट अध्यक्ष, आंतरिक परिवाद समिति, श्रीमती आनन्दिता सिंह
- गया जी में पित्र पक्ष में पहले दिन ही 2लाख लोग का भीड़ उमर गई फल्गु नदी में1
- अतिथि देवो भवः” की भावना के साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन द्वारा निःशुल्क सेवा शिविर का शुभारंभ मगध आइजी विकास वैभव ने किया गया जी में आयोजित पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए “अतिथि देवो भवः” की भावना के साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन द्वारा निःशुल्क सेवा शिविर लगाया गया है। यह सेवा शिविर पंजाब नेशनल बैंक के सामने, चांद चौरा-विष्णुपद रोड के समीप लगाया गया है, जहां तीर्थयात्रियों को निःशुल्क पीने का पानी, बिस्कुट, चाय सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। निःशुल्क सेवा शिविर का उद्घाटन मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव जी के द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहेकार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने विकास वैभव जी का अंगवस्त्र एवं फूलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर सेवा शिविर में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों को सम्मानपूर्वक पेयजल, चाय, बिस्कुट तथा अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई।इसकाउद्घाटन के अवसर पर मगध श्रेत्र आई जी विकास वैभव ने कहा कि सेवा भाव मानव जीवन की सबसे बड़ी विशेषता है। जरूरतमंदों और तीर्थयात्रियों की निःस्वार्थ सेवा करना अपने आप में एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है। गया जी में पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सोंकेसाथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में उनके लिए पेयजल और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं की निःशुल्क व्यवस्था करना सराहनीय कार्य है।राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।” पितृपक्ष मेला गया जी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। यहां आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री हमारे लिए अतिथि के समान है। इसलिए संगठन का प्रयास है कि गया जी आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें सम्मान एवं आत्मीयता के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।उन्होंने कहा कि सेवा शिविर के माध्यम से संगठन द्वारा मानव सेवा, सामाजिक समरसता और अतिथि सत्कार का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरे सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं की सहायता करें और गया जी की सेवा एवं आतिथ्य की परंपरा को और मजबूत बनाएं।4
- अरवल जिला के इंजोर से बेलखारा रोड बहुत डेंजर हो गया है 😱 जनता आपको जिताया है तो रोड भी बनाया जाय देखभाल भी कीजिए अरवल जिला के इंजोर से बेलखारा रोड बहुत डेंजर हो गया है 😱 जनता आपको जिताया है तो रोड भी बनाया जाय देखभाल भी कीजिए1
- kya sayri hai 🥺😔 Love story please 🙏 subscribe bhaiya log please 🙏 subscribe bhaiya1
- पितृपक्ष मेला के प्रथम दिन डीएम एवं एसएसपी ने सुपर जोनल दंडाधिकारियों *पितृपक्ष मेला के प्रथम दिन डीएम एवं एसएसपी ने सुपर जोनल दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ की संयुक्त समीक्षा बैठक* *तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुगम आवागमन एवं बेहतर भीड़ प्रबंधन को लेकरएवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ की संयुक्त समीक्षा बैठक l दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश* गया, 26 सितंबर 2026, पितृपक्ष मेला 2026 के प्रथम दिन आज सभी पिंड वेदी स्थलों पर प्रतिनियुक्त सुपर जोनल दंडाधिकारियों एवं सुपर जोनल पुलिस पदाधिकारियों के साथ जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, गया श्री सुशील कुमार द्वारा संवास सदन समिति के सभागार में संयुक्त रूप से समीक्षा बैठक की गई। बैठक में पितृपक्ष मेला के दौरान विभिन्न पिंड वेदी स्थलों पर तीर्थयात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही, प्रथम दिन के अनुभवों के आधार पर विभिन्न स्थलों पर व्यवस्थाओं को और बेहतर एवं प्रभावी बनाने के संबंध में पदाधिकारियों से फीडबैक लिया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला में देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री गया जी पहुंच रहे हैं। ऐसे में सभी पिंड वेदी स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा भीड़ नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी पूरी तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य करें। *चांद चौराहा एवं बंगाली आश्रम से विष्णुपद तक वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध* बैठक में यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, सदर एवं पुलिस उपाधीक्षक, यातायात को यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ एवं सुचारू बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में चांद चौराहा से विष्णुपद तथा बंगाली आश्रम से विष्णुपद की ओर किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं दिया जाए। इन मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही एवं भीड़ नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी बैरिकेडिंग एवं पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, तीर्थयात्रियों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए चांद चौराहा से विष्णुपद तथा बंगाली आश्रम से विष्णुपद तक पर्याप्त संख्या में ई-रिक्शा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालु निर्धारित स्थान तक आसानी से पहुंच सकें। *प्रेतशिला एवं रामशिला में 27 सितंबर को विशेष यातायात व्यवस्था* जिला पदाधिकारी ने कहा कि 27 सितंबर 2026 को पितृपक्ष मेला का दूसरा दिन है और इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रेतशिला एवं रामशिला क्षेत्र में पिंडदान के लिए पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को और बेहतर एवं प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने विशेष रूप से प्रेतशिला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में निःशुल्क ई-रिक्शा की व्यवस्था 27 सितंबर को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि दूरस्थ पार्किंग/निर्धारित स्थानों से आने वाले तीर्थयात्रियों को आवागमन में सुविधा मिल सके और अनावश्यक पैदल भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। *सभी पिंड वेदी स्थलों पर सीसीटीवी एवं व्हीलचेयर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश* जिला पदाधिकारी ने सभी पिंड वेदी स्थलों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह फंक्शनल एवं लगातार सक्रिय रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ की स्थिति, आवागमन एवं अन्य व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने सभी पिंड वेदी स्थलों पर व्हीलचेयर की पर्याप्त एवं सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, ताकि बुजुर्ग, दिव्यांग एवं चलने में असमर्थ तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। *कंट्रोल रूम से लगातार सूचनाओं का प्रसारण* जिला पदाधिकारी ने संवास सदन स्थित कंट्रोल रूम को मेला व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का निर्देश देते हुए कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक सूचनाओं का लगातार प्रसारण एवं अनाउंसमेंट कराया जाए। कंट्रोल रूम में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को यातायात व्यवस्था, निर्धारित मार्ग, ई-रिक्शा, पिंड वेदी स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां समय-समय पर उपलब्ध होती रहें। उन्होंने कंट्रोल रूम में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सूचनाओं एवं फीडबैक पर लगातार नजर रखें तथा किसी भी प्रकार की समस्या की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित पदाधिकारी एवं टीम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में सभी सुपर जोनल दंडाधिकारियों एवं सुपर जोनल पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने तथा तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा पितृपक्ष मेला के दौरान आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के बीच निरंतर समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है।1
- गया जी मानपुर से रिपोर्टर आशुतोष कुमार सीता कुंड में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क सेवा शिविर शुरू गया। पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से सीता कुंड में जीडी पब्लिक स्कूल एवं इनर व्हील क्लब ऑफ गया सनराइज के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क सेवा शिविर शुरू किया गया। शिविर का उद्घाटन बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश एवं अतरी विधायक रोमित कुमार ने फीता काटकर किया। सीता कुंड में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क सेवा शिविर शुरू गया। पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से सीता कुंड में जीडी पब्लिक स्कूल एवं इनर व्हील क्लब ऑफ गया सनराइज के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क सेवा शिविर शुरू किया गया। शिविर का उद्घाटन बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश एवं अतरी विधायक रोमित कुमार ने फीता काटकर किया। शिविर में 15 दिनों तक श्रद्धालुओं को फल, साबूदाना, केला, सेब, ग्लूकोज, नींबू पानी, ओआरएस सहित प्राथमिक चिकित्सा और आवश्यक दवाइयों की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के बैठने की भी व्यवस्था की गई है। मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया जी पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सेवा और सहयोग करना गया के लोगों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सेवा शिविर को सराहनीय पहल बताते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। अतरी विधायक रोमित कुमार ने कहा कि पिंडदानियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे सेवा कार्यों से गया की सकारात्मक पहचान देश-दुनिया में और मजबूत होती है। जीडी पब्लिक स्कूल के निदेशक धर्मशाही ने बताया कि उनके पिता की स्मृति में पिछले 15 वर्षों से लगातार पितृपक्ष के दौरान यह सेवा शिविर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिविर पूरे 15 दिनों तक सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की सेवा के लिए संचालित होगा। इनर व्हील क्लब ऑफ गया सनराइज के सहयोग से प्रतिदिन डॉक्टर भी शिविर में अपनी सेवाएं देंगे। जरूरतमंद श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। #गयाजी #गया #पितृपक्ष2026 #PitruPaksha2026 #GayaJi #GayaNews #BiharNews #SitaKund #PindDaan #Gaya #DeepakPrakash #RomitKumar #सेवाशिविर #पितृपक्षमेला3
- वारिश के बावजूद बड़ी संख्या में तीर्थयात्री विष्णुपद के विभिन्न घाटों पर अपने पूर्वजों का तर्पण कर रहे हैं l1
- *पत्रकार आशुतोष कुमार सिंह* गया जी *बारिश में झूमे पश्चिम बंगाल से आए पिंड दानी, हरे कृष्णा की धुन पर* 1. 🌧️ बारिश की फुहारों में झूम उठे पश्चिम बंगाल के पिंडदानी, ‘हरे कृष्णा’ की धुन पर दिखा भक्ति का अद्भुत रंग 2. बारिश में बरसी भक्ति! ‘हरे कृष्णा’ की धुन पर झूमते दिखे पश्चिम बंगाल से आए पिंडदानी 3. 🌧️ गयाजी में बारिश के बीच भक्ति का रंग, ‘हरे कृष्णा’ की धुन पर झूमे बंगाल के पिंडदानी 4. बारिश की बूंदें और ‘हरे कृष्णा’ की धुन... गयाजी में भक्ति में झूम उठे बंगाल के पिंडदानी 5. आस्था की बारिश में झूम उठा गयाजी, ‘हरे कृष्णा’ की धुन पर थिरके पश्चिम बंगाल के पिंडदानी1
- durghatna me ek ki maut sukarwar subah me ilaz ke duran uski maut hogyi logo ne sark jam kr diya durghatna me ek ki maut sukarwar subah me ilaz ke duran uski maut hogyi logo ne sark jam kr diya1