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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सार्वजनिक रास्ते पर हुए कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस मामले में लेखपाल पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है।
Babu Bajpai
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सार्वजनिक रास्ते पर हुए कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस मामले में लेखपाल पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है।
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- नीम करोली बाबा की पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान दिनभर बाबा के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।1
- थाना सुरसा पुलिस ने मु0अ0सं0 183/26, धारा 318(4) बीएनएस से संबंधित एक मामले में कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी थाना सुरसा क्षेत्र में की गई।1
- शाहजहांपुर के क्षेत्रीय दौरे पर पहुंचे कुंवर जयेश प्रसाद का ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और जनसंपर्क करते हुए आपसी संवाद स्थापित किया। कुंवर जयेश प्रसाद के गांव पहुंचने पर उनके काफिले का कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ स्वागत किया, जहाँ बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग उनके साथ मौजूद रहे। इस मौके पर क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिसके जवाब में कुंवर जयेश प्रसाद ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- शाहजहांपुर के जलालाबाद थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब मिर्जापुर-जलालाबाद मार्ग पर ग्राम कोला के पास एक बेकाबू बोलेरो सड़क किनारे पानी से भरे गहरे तालाब में जा गिरी। यह तालाब रैपुरा के पास स्थित बताया गया है। इस दुर्घटना में वाहन में सवार दो युवक कई घंटों तक बोलेरो के अंदर फंसे रहे। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अरविंद कुमार चौहान पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद बोलेरो में फंसे चांद बाबू (30 वर्ष), पुत्र नासिर, और गोलू (26 वर्ष), पुत्र मीर हसन, जो ग्राम बरबन, जिला हरदोई के निवासी हैं, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों युवकों को मामूली चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें जलालाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत सामान्य बताई। पुलिस की तत्परता और ग्रामीणों की सूझबूझ से यह बड़ा हादसा टल गया, और सोमवार सुबह हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो को भी तालाब से बाहर निकाल लिया गया।1
- शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा स्वास्थ्य, पोषण एवं जनकल्याण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य, पोषण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम के तहत जागरूकता फैलाने के लिए चार्ट, पोस्टर, फ्लैश कार्ड प्रतियोगिता और एक रैली का सहारा लिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. शिशिर शुक्ला और कार्यक्रम संयोजक डॉ. विनीता राठौर ने उपस्थिति दर्ज कराई और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान आयोजित हुई प्रतियोगिता में नैना गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रिफा द्वितीय और काकुल तृतीय स्थान पर रहीं। इस जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, जिससे लोगों को स्वास्थ्य, पोषण और जनकल्याण योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सार्वजनिक रास्ते पर हुए कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस मामले में लेखपाल पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा त्वरित समस्या समाधान का सबसे बड़ा माध्यम बताई जाने वाली मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जमीनी हकीकत पर हरदोई जिले के हरपालपुर क्षेत्र से सामने आए एक मामले ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायत का समाधान किए बिना ही अधिकारियों ने उसे कागजों में निस्तारित दिखाकर शासन को गुमराह किया है। मामला हरपालपुर विकासखंड के एक गांव से संबंधित है, जहां ग्रामीणों ने लंबे समय से बनी नाली की गंभीर समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों की उम्मीद के विपरीत, कथित तौर पर संबंधित ग्राम सचिव अभय प्रताप सिंह ने कार्यालय में बैठे-बैठे ही शिकायत पर एक फर्जी आख्या लगाकर उसे निस्तारित कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी नाली की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे गांव में जलभराव और गंदगी के कारण लोगों का जीवन दूभर हो गया है। मौके की तस्वीरें भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि शिकायत के बावजूद धरातल पर कोई कार्य नहीं कराया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यशैली से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था का मज़ाक बना रहे हैं। वास्तविक निस्तारण करने के बजाय, फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामलों को बंद कर दिया जाता है, जिससे जनता का भरोसा लगातार कमज़ोर हो रहा है। ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाने और जांच में फर्जी आख्या लगाने की पुष्टि होने पर, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, स्पष्टीकरण, प्रतिकूल प्रविष्टि और अनुशासनात्मक कार्यवाही की तलवार लटक सकती है, हालांकि अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट पर ही निर्भर करेगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी हरदोई और उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उनकी मांग है कि मौके पर टीम भेजकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जनता की शिकायतों के साथ खिलवाड़ न हो सके।1