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छतरपुर-सागर नेशनल हाईवे 39 पर बड़ामलहरा में आज दोपहर सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। पुलिस की कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों के सड़क पर उतर आने से हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसके कारण यातायात घंटों तक बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली रात एक गांव में चोरी के प्रयास की घटना हुई थी, जिसमें पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा था। लेकिन चोरी की वारदात में शामिल अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, और बड़ामलहरा थाना, गोलगंज थाना तथा चौकी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी पुलिसिया निष्क्रियता के विरोध में आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने मंगलवार को नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही यातायात बहाल हो सका।
चंद्रकांत भोले लोधी
छतरपुर-सागर नेशनल हाईवे 39 पर बड़ामलहरा में आज दोपहर सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। पुलिस की कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों के सड़क पर उतर आने से हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसके कारण यातायात घंटों तक बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली रात एक गांव में चोरी के प्रयास की घटना हुई थी, जिसमें पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा था। लेकिन चोरी की वारदात में शामिल अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, और बड़ामलहरा थाना, गोलगंज थाना तथा चौकी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी पुलिसिया निष्क्रियता के विरोध में आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने मंगलवार को नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही यातायात बहाल हो सका।
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- एक चुने हुए सांसद ने घोषणा की है कि वे संसद के आगामी सत्र के दौरान वही फटी हुई टी-शर्ट पहनकर सदन में जाएंगे, जिसे हरिद्वार पुलिस ने फाड़ दिया था। सांसद ने कहा कि वे माननीय अध्यक्ष जी को दिखाएंगे कि हरिद्वार पुलिस ने एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ किस प्रकार का अनुचित व्यवहार किया है। सांसद ने इस घटना को केवल अपने साथ हुआ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के जनादेश का भी अपमान बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे इस पूरे मामले को सदन में पूरी मजबूती से उठाएंगे और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।1
- मनरेगा कार्मिकों, जिनमें ग्राम रोजगार सेवक भी शामिल हैं, ने मुख्यमंत्री द्वारा उनकी लंबित मांगों को लेकर की गई घोषणाओं को शासनादेश के रूप में लागू न किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। अपनी इसी नाराजगी के चलते जनपद के समस्त रोजगार सेवक एवं मनरेगा कर्मी बुधवार को लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेंगे। मंगलवार को मड़ावरा में ग्राम रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के नाम से एक ज्ञापन एडीओ पंचायत सचिन जैन को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि संगठन के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर ये सभी कर्मचारी 01 जुलाई को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और लखनऊ में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इस दौरान ज्ञापन सौंपते समय ब्लॉक अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, करनसिंह यादव, हिमांचल सिंह, भागीरथ साहू, भैयालाल, हरनाम सिंह, मकुंद सिंह, रामस्वरूप, हाकम गंधर्व, दिनेश यादव, ई. नसीर अहमद और सौरभ तिवारी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- छतरपुर-सागर नेशनल हाईवे 39 पर बड़ामलहरा में आज दोपहर सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। पुलिस की कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों के सड़क पर उतर आने से हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसके कारण यातायात घंटों तक बाधित रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली रात एक गांव में चोरी के प्रयास की घटना हुई थी, जिसमें पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा था। लेकिन चोरी की वारदात में शामिल अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, और बड़ामलहरा थाना, गोलगंज थाना तथा चौकी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी पुलिसिया निष्क्रियता के विरोध में आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने मंगलवार को नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही यातायात बहाल हो सका।1
- बड़ामलहरा, छतरपुर के भगवां थाना क्षेत्र स्थित सुजारा बांध के सोरखी घाट पर दिनदहाड़े अवैध रेत खनन का मामला सामने आया है, जहाँ बिना किसी वैध दस्तावेज के नियमों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। इस संगठित लूट के कारण रेत की कीमतें बढ़ रही हैं और सरकारी राजस्व को भारी चूना लगाया जा रहा है। स्वीकृत नियमों को ताक पर रखकर, जलस्रोत के सीने को छलनी करते हुए चार से पाँच भारी जेसीबी मशीनें गहराई तक खुदाई में जुटी हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है। रेत माफिया के गुर्गे इतने बेखौफ हैं कि वे खुलेआम मशीनों के ऊपर खड़े होकर रील बना रहे हैं, जो कानून के प्रति उनके डर की अनुपस्थिति को दर्शाता है। यह कोई छिटपुट चोरी नहीं, बल्कि कतार में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मिलकर सरकारी राजस्व की खुली डकैती है। क्षेत्र की जीवनदायिनी सुजारा बांध के डूब क्षेत्र में चल रहा यह अवैध खनन प्रशासनिक अनदेखी का परिणाम है, जो एक बड़े पर्यावरणीय संकट को न्योता दे रहा है। प्रशासन की इस चुप्पी के कारण बांध के अस्तित्व पर ही संकट मंडरा रहा है।1