तेलघानी बोर्ड की पहल से प्रदेश में बढ़ेगी रोजगार का अवसर जितेंद्र कुमार साहू *तेलघानी बोर्ड की पहल से प्रदेश में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, स्व-सहायता समूह होंगे आत्मनिर्भर – श्री जितेंद्र कुमार साहू* *तेलघानी बोर्ड से प्रदेश में कृषि एवं रोजगार को नया आयाम — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्रोत्साहन नीति से किसान, महिला समूह और युवा लाभान्वित होंगे* *बेमेतरा, 19 जनवरी 2026 :-* छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार साहू की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की ग्रामीण आजीविका, फसल विविधीकरण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती प्रेमलता पदमाकर,कृषि, उद्यानिकी, उद्योग, आदिवासी विकास, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास (एन.आर.एल.एम) विभाग और जिला अभिहित अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों को धान के बजाय तिलहन एवं अन्य विविध फसलें उगाने पर प्रोत्साहन राशि का विस्तार किया गया है, जिससे तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके तहत पंजीकृत किसानों को पंजीकृत धान के रकबे को तिलहन फसल में बदलने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि किसान धान की परंपरागत खेती के साथ फसल विविधीकरण को अपनाकर आय बढ़ा सकें। वर्तमान में राज्य सरकार ने कृषि कल्याण के मद में यह नीति अमल में लाई है, जिससे किसानों की आमदनी और खाद्यान्न के साथ तेल उत्पादन में भी सुधार संभव हो सकेगा। *तेलघानी यूनिट से महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण* अध्यक्ष श्री साहू ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि तेलघानी बोर्ड की महत्वपूर्ण पहल के अन्तर्गत स्व-सहायता महिला समूहों को तेल मिल इकाइयाँ स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर तेल का उत्पादन होगा और ग्रामीण महिला समुदाय की आर्थिकता में वृद्धि होगी। यह पहल प्रदेश भर में स्वावलंबी महिला उद्यमियों को सशक्त बनाएगी तथा पारंपरिक आजीविका को आधुनिक स्वरूप देगी। एस.एच.जी. समूहों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, वित्तीय सहायता और विपणन नेटवर्क के माध्यम से मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे उत्पादित तेल का विपणन स्थानीय एवं राज्य स्तर पर संभव हो सके। *युवाओं को उद्यमिता के अवसर और तिलहन उत्पादन की दिशा में किसानों को प्रोत्साहन* बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि युवाओं को उद्योग और तेल प्रसंस्करण से जुड़े कौशल में प्रशिक्षित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी को कम करने के साथ ही युवाओं को अपनी भूमि और संसाधनों से जुड़कर काम करने की प्रेरणा मिलेगी। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि तिलहन फसलों—जैसे सरसों, तिल, मूंगफली आदि—के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि कच्चे माल की उपलब्धता बनी रहे और तेलघानी इकाइयों का संचालन निरंतर और लाभप्रद हो सके। इसके लिए बीज वितरण, तकनीकी प्रशिक्षण और विपणन सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। विभागीय समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन बैठक में नीति-निर्देशों तथा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ आगामी कार्ययोजना के मार्गदर्शन पर भी चर्चा की गई। अध्यक्ष श्री साहू ने सभी विभागों को समन्वित रूप से योजनाओं को लागू करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, किसान और महिला समूहों की आय बढ़ाने और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
तेलघानी बोर्ड की पहल से प्रदेश में बढ़ेगी रोजगार का अवसर जितेंद्र कुमार साहू *तेलघानी बोर्ड की पहल से प्रदेश में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, स्व-सहायता समूह होंगे आत्मनिर्भर – श्री जितेंद्र कुमार साहू* *तेलघानी बोर्ड से प्रदेश में कृषि एवं रोजगार को नया आयाम — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्रोत्साहन नीति से किसान, महिला समूह और युवा लाभान्वित होंगे* *बेमेतरा, 19 जनवरी 2026 :-* छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार साहू की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की ग्रामीण आजीविका, फसल विविधीकरण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती प्रेमलता पदमाकर,कृषि, उद्यानिकी, उद्योग, आदिवासी विकास, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास (एन.आर.एल.एम) विभाग और जिला अभिहित अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों को धान के बजाय तिलहन एवं अन्य विविध फसलें उगाने पर प्रोत्साहन राशि का विस्तार किया गया है, जिससे तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके तहत पंजीकृत किसानों को पंजीकृत धान के रकबे को तिलहन फसल में बदलने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि किसान धान की परंपरागत खेती के साथ फसल विविधीकरण को अपनाकर आय बढ़ा सकें। वर्तमान में राज्य सरकार ने कृषि कल्याण के मद में यह नीति अमल में लाई है, जिससे किसानों की आमदनी और खाद्यान्न के साथ तेल उत्पादन में भी सुधार संभव हो सकेगा। *तेलघानी यूनिट से महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण* अध्यक्ष श्री साहू ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि तेलघानी बोर्ड की महत्वपूर्ण पहल के अन्तर्गत स्व-सहायता महिला समूहों को तेल मिल इकाइयाँ स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर तेल का उत्पादन होगा और ग्रामीण महिला समुदाय की आर्थिकता में वृद्धि होगी। यह पहल प्रदेश भर में स्वावलंबी महिला उद्यमियों को सशक्त बनाएगी तथा पारंपरिक आजीविका को आधुनिक स्वरूप देगी। एस.एच.जी. समूहों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, वित्तीय सहायता और विपणन नेटवर्क के माध्यम से मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे उत्पादित तेल का विपणन स्थानीय एवं राज्य स्तर पर संभव हो सके। *युवाओं को उद्यमिता के अवसर और तिलहन उत्पादन की दिशा में किसानों को प्रोत्साहन* बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि युवाओं को उद्योग और तेल प्रसंस्करण से जुड़े कौशल में प्रशिक्षित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी को कम करने के साथ ही युवाओं को अपनी भूमि और संसाधनों से जुड़कर काम करने की प्रेरणा मिलेगी। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि तिलहन फसलों—जैसे सरसों, तिल, मूंगफली आदि—के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि कच्चे माल की उपलब्धता बनी रहे और तेलघानी इकाइयों का संचालन निरंतर और लाभप्रद हो सके। इसके लिए बीज वितरण, तकनीकी प्रशिक्षण और विपणन सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। विभागीय समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन बैठक में नीति-निर्देशों तथा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ आगामी कार्ययोजना के मार्गदर्शन पर भी चर्चा की गई। अध्यक्ष श्री साहू ने सभी विभागों को समन्वित रूप से योजनाओं को लागू करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, किसान और महिला समूहों की आय बढ़ाने और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- देवरबीजा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम घोटमर्रा में एक कार से 25 किलो गांजा जब्त किया गया हैं ।चौकी प्रभारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर ग्राम घोटमर्रा स्थित एक खेत में छापामार कार्रवाई की गई यहां कार से 25 किलो गांजा कीमत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपए समेत परिवहन में प्रयुक्त वाहन जब्त किया गया है मामले में आरोपी जागेश वर्मा उर्फ जग्गू को निवासी नयापारा बेमेतरा को गिरफ्तार किया गया है।1
- कवर्धा में धान गबन पर बिग एक्शन, उपार्जन केंद्र प्रभारी अरेस्ट, पुलिस रडार पर धान के गुनहगार छत्तीसगढ़ में धान की गड़बड़ी को लेकर पुलिस प्रशासन की तरफ से सख्त कार्रवाई की जा रही है. कवर्धा: छत्तीसगढ़ में विपक्ष लगातार धान घोटाले का आरोप लगाकर साय सरकार पर हमला कर रहा है. चूहों के धान खाने वाला मुद्दा अभी थमा ही नहीं था कि कवर्धा पुलिस ने धान गबन केस में बड़ा एक्शन लिया है. कूकदूर धान उपार्जन केंद्र प्रभारी को कवर्धा में गिरफ्तार किया गया है. इस केस में अन्य दो लोगों से पूछताछ जारी है. कवर्धा के कूकदूर में कार्रवाई कवर्धा पुलिस ने कूकदूर धान उपार्जन केंद्र में घपले को लेकर यह कार्रवाई की है. धान गबन की जांच करते हुए पुलिस ने धान केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया है. कूकदूर पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 120 कट्टा धान जब्त किया है, जिसे उसने उपार्जन केंद्र के ही एक कमरे में छुपाकर रखा था. इस केस में दो लोगों के नाम सामने आए हैं. पुलिस इन दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है. धान की जांच में पाई गई कमी छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी जारी है. साल 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए कूकदूर उपार्जन केंद्र में अमित बाजपेयी को प्रभारी नियुक्त किया गया था. धान खरीदी के दौरान जब अधिकारियों द्वारा सोसायटी में धान स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया, तो जांच में 15 लाख रुपए के 628 क्विंटल धान की कमी पाई गई. इस पर प्रभारी से जवाब तलब किया गया. खरीदी केंद्र प्रभारी इस केस में कोई जवाब नहीं दे सका. कवर्धा जिला प्रशासन पुलिस में की शिकायत धान गबन के इस मामले में कवर्धा कलेक्टर के निर्देश पर नोडल अधिकारी आलोक मिश्रा ने कूकदूर थाने में एफआईआर दर्ज कराई. कवर्धा पुलिस जांच की जांच में धान केंद्र प्रभारी अमित वाजपेयी को दोषी पाया गया. उसके बाद कवर्धा जिला प्रशासन ने बंद कमरे से गबन किए गए धान को भी बरामद किया. कवर्धा जिला प्रशासन ने कूकदूर थाने में एफआईआर दिया था. इस एफआईआर पर कूकदूर उपार्जन केंद्र प्रभारी अमित बाजपेयी को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में आरोपी ने धान को छुपाकर रखने की बात स्वीकार की है, जिसके बाद 120 कट्टा धान जब्त किया गया है. इस केस में आगे की जांच की जा रही है. आने वाले समय में और भी खुलासा हो सकता है- धर्मेंद्र सिंह, एसपी, कवर्धा कवर्धा पुलिस ने धान कबन के केस में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जांच के दौरान रोहित डड़सेना और महेश नाम के युवक से आगे की पूछताछ की जा रही है. पुलिस को इनकी भूमिका संदिग्ध लग रही है.1
- जिले पीएम सूर्यघर योजना से दीपक पटेल को मिली मुफ्त बिजली,अब छत से मिल रही ऊर्जा बिल हुआ शून्य1
- सोसायटी नहीं मानेगी डॉगेश भाई😜😆 #Viral #Trending #Reels #ExplorePage #ForYou #FYP #ViralVideo #TrendAlert #MustWatch #InternetFamous #CrazyVideo #Unbelievable #CuteAnimals #AnimalLove #FunnyReels1
- मुस्लिम समुदाय द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया1
- रायपुर में 6वीं पास युवक कुलदीप भतपहरी ने क्रिप्टो और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 26 लोगों से 1.35 करोड़ से अधिक की ठगी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कंप्यूटर और मोबाइल जब्त किए।1
- बिल्हा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धरदेई में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में सम्मिलित हुवे बिल्हा विधायक सौमवार की साम 7 बजे बिल्हा विधायक के निज सचिव से मिली जानकारी अनुसार गत दिवस पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक बिल्हा बिधानसभा छेत्र के ग्राम धरदेई मै कार्यकर्त्ता बैठक मे सम्मलित इस अवसर पर क्षेत्र के समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक विषयों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में कार्यकर्ताओं का उत्साह, प्रतिबद्धता और संगठन के प्रति समर्पण प्रेरणादायी रहा। सभी ने एकजुट होकर क्षेत्र के विकास, जनसेवा और संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ अपने-अपने विचार साझा किए1
- *तेलघानी बोर्ड की पहल से प्रदेश में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, स्व-सहायता समूह होंगे आत्मनिर्भर – श्री जितेंद्र कुमार साहू* *तेलघानी बोर्ड से प्रदेश में कृषि एवं रोजगार को नया आयाम — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्रोत्साहन नीति से किसान, महिला समूह और युवा लाभान्वित होंगे* *बेमेतरा, 19 जनवरी 2026 :-* छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार साहू की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की ग्रामीण आजीविका, फसल विविधीकरण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती प्रेमलता पदमाकर,कृषि, उद्यानिकी, उद्योग, आदिवासी विकास, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास (एन.आर.एल.एम) विभाग और जिला अभिहित अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों को धान के बजाय तिलहन एवं अन्य विविध फसलें उगाने पर प्रोत्साहन राशि का विस्तार किया गया है, जिससे तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके तहत पंजीकृत किसानों को पंजीकृत धान के रकबे को तिलहन फसल में बदलने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि किसान धान की परंपरागत खेती के साथ फसल विविधीकरण को अपनाकर आय बढ़ा सकें। वर्तमान में राज्य सरकार ने कृषि कल्याण के मद में यह नीति अमल में लाई है, जिससे किसानों की आमदनी और खाद्यान्न के साथ तेल उत्पादन में भी सुधार संभव हो सकेगा। *तेलघानी यूनिट से महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण* अध्यक्ष श्री साहू ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि तेलघानी बोर्ड की महत्वपूर्ण पहल के अन्तर्गत स्व-सहायता महिला समूहों को तेल मिल इकाइयाँ स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर तेल का उत्पादन होगा और ग्रामीण महिला समुदाय की आर्थिकता में वृद्धि होगी। यह पहल प्रदेश भर में स्वावलंबी महिला उद्यमियों को सशक्त बनाएगी तथा पारंपरिक आजीविका को आधुनिक स्वरूप देगी। एस.एच.जी. समूहों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, वित्तीय सहायता और विपणन नेटवर्क के माध्यम से मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे उत्पादित तेल का विपणन स्थानीय एवं राज्य स्तर पर संभव हो सके। *युवाओं को उद्यमिता के अवसर और तिलहन उत्पादन की दिशा में किसानों को प्रोत्साहन* बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि युवाओं को उद्योग और तेल प्रसंस्करण से जुड़े कौशल में प्रशिक्षित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी को कम करने के साथ ही युवाओं को अपनी भूमि और संसाधनों से जुड़कर काम करने की प्रेरणा मिलेगी। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि तिलहन फसलों—जैसे सरसों, तिल, मूंगफली आदि—के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि कच्चे माल की उपलब्धता बनी रहे और तेलघानी इकाइयों का संचालन निरंतर और लाभप्रद हो सके। इसके लिए बीज वितरण, तकनीकी प्रशिक्षण और विपणन सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। विभागीय समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन बैठक में नीति-निर्देशों तथा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ आगामी कार्ययोजना के मार्गदर्शन पर भी चर्चा की गई। अध्यक्ष श्री साहू ने सभी विभागों को समन्वित रूप से योजनाओं को लागू करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, किसान और महिला समूहों की आय बढ़ाने और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1