विश्वविख्यात तीर्थ नगरी हरिद्वार से अलीगढ़ जिले के बिलखोरा गांव निवासी संजू बाबा और उनकी पत्नी बीना देवी ने 'कन्या सम्मान–संस्कार अभियान' की अनूठी मिसाल पेश की है। यह दंपति अपनी-अपनी कांवड़ में मां गंगा के पवित्र जल के साथ-साथ बेटियों को बैठाकर लगभग 300 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। संजू बाबा ने अपनी कांवड़ में एक ओर गंगाजल और दूसरी ओर अपनी 10 वर्षीय भांजी को बैठाया है, वहीं उनकी पत्नी बीना देवी अपनी अलग कांवड़ में एक तरफ गंगाजल और दूसरी तरफ 8 वर्षीय पुत्री राधे को बैठाकर आगे बढ़ रही हैं। संजू बाबा का कहना है कि यह यात्रा केवल भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में 'बेटी बचाओ–बेटी सम्मान' और संस्कारों के प्रति चेतना जगाने का महाअभियान है। समाज में भ्रूण हत्या, दहेज हत्या और महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां ही सृष्टि की जननी और सनातन संस्कृति की आधारशिला हैं। संजू बाबा ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी वृद्ध माता को कांवड़ में बैठाकर 300 किलोमीटर की यात्रा पूरी की थी। उन्हें इस धार्मिक व सामाजिक सेवा की प्रेरणा अपने गांव में स्थित पूज्य बाबा मंगलनाथ जी की समाधि और अपने गुरु से मिली है। बीना देवी का भी मानना है कि यदि माता-पिता अपने बच्चों को बचपन से ही धर्म, सेवा और नारी सम्मान के संस्कार देंगे, तो समाज से अपराध स्वतः समाप्त होंगे।
विश्वविख्यात तीर्थ नगरी हरिद्वार से अलीगढ़ जिले के बिलखोरा गांव निवासी संजू बाबा और उनकी पत्नी बीना देवी ने 'कन्या सम्मान–संस्कार अभियान' की अनूठी मिसाल पेश की है। यह दंपति अपनी-अपनी कांवड़ में मां गंगा के पवित्र जल के साथ-साथ बेटियों को बैठाकर लगभग 300 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। संजू बाबा ने अपनी कांवड़ में एक ओर गंगाजल और दूसरी ओर अपनी 10 वर्षीय भांजी को बैठाया है, वहीं उनकी पत्नी बीना देवी अपनी अलग
कांवड़ में एक तरफ गंगाजल और दूसरी तरफ 8 वर्षीय पुत्री राधे को बैठाकर आगे बढ़ रही हैं। संजू बाबा का कहना है कि यह यात्रा केवल भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में 'बेटी बचाओ–बेटी सम्मान' और संस्कारों के प्रति चेतना जगाने का महाअभियान है। समाज में भ्रूण हत्या, दहेज हत्या और महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां ही सृष्टि की जननी और सनातन संस्कृति की
आधारशिला हैं। संजू बाबा ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी वृद्ध माता को कांवड़ में बैठाकर 300 किलोमीटर की यात्रा पूरी की थी। उन्हें इस धार्मिक व सामाजिक सेवा की प्रेरणा अपने गांव में स्थित पूज्य बाबा मंगलनाथ जी की समाधि और अपने गुरु से मिली है। बीना देवी का भी मानना है कि यदि माता-पिता अपने बच्चों को बचपन से ही धर्म, सेवा और नारी सम्मान के संस्कार देंगे, तो समाज से अपराध स्वतः समाप्त होंगे।
- हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों की पीठ थपथपाई है। बेहतरीन और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों के काम को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह द्वारा उनकी सराहना की गई है।1
- विश्वविख्यात तीर्थ नगरी हरिद्वार से अलीगढ़ जिले के बिलखोरा गांव निवासी संजू बाबा और उनकी पत्नी बीना देवी ने 'कन्या सम्मान–संस्कार अभियान' की अनूठी मिसाल पेश की है। यह दंपति अपनी-अपनी कांवड़ में मां गंगा के पवित्र जल के साथ-साथ बेटियों को बैठाकर लगभग 300 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। संजू बाबा ने अपनी कांवड़ में एक ओर गंगाजल और दूसरी ओर अपनी 10 वर्षीय भांजी को बैठाया है, वहीं उनकी पत्नी बीना देवी अपनी अलग कांवड़ में एक तरफ गंगाजल और दूसरी तरफ 8 वर्षीय पुत्री राधे को बैठाकर आगे बढ़ रही हैं। संजू बाबा का कहना है कि यह यात्रा केवल भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में 'बेटी बचाओ–बेटी सम्मान' और संस्कारों के प्रति चेतना जगाने का महाअभियान है। समाज में भ्रूण हत्या, दहेज हत्या और महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां ही सृष्टि की जननी और सनातन संस्कृति की आधारशिला हैं। संजू बाबा ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने अपनी वृद्ध माता को कांवड़ में बैठाकर 300 किलोमीटर की यात्रा पूरी की थी। उन्हें इस धार्मिक व सामाजिक सेवा की प्रेरणा अपने गांव में स्थित पूज्य बाबा मंगलनाथ जी की समाधि और अपने गुरु से मिली है। बीना देवी का भी मानना है कि यदि माता-पिता अपने बच्चों को बचपन से ही धर्म, सेवा और नारी सम्मान के संस्कार देंगे, तो समाज से अपराध स्वतः समाप्त होंगे।3
- हरिद्वार जिले के ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित बंदर जोड़ गांव में गली और नाली के हाल को लेकर शिकायत जताई गई है। गांव में नालियों और गलियों की स्थिति खराब बनी हुई है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि गांव की गली और नाली को जल्द से जल्द दुरुस्त और सही किया जाए।4
- राजस्थान के जोधपुर स्थित सोजती गेट पर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में सर्राफा बाजार एवं शास्त्री नगर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस के आह्वान पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन कर रहे युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और शिक्षा व बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग भी केंद्र सरकार के सामने रखी। इस विरोध-प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओंकार वर्मा, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, पूर्व राज्य मंत्री रमेश बोराणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- लक्सर क्षेत्र के भारूवाला गांव निवासी विनय कुमार के सुपुत्र वंश ने नीट परीक्षा पास कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वंश ने इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 600 अंक प्राप्त किए हैं। उनकी इस सफलता से क्षेत्र का मान बढ़ा है।1
- अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष की ओर से शिव भक्तों से अपील की गई है।1
- लोकसभा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में संसद भवन के भीतर सन्नाटा और मौन देखने को मिल रहा है, जबकि बाहर सांसदों के प्रदर्शन का शोर गूंज रहा है।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के आवास की ओर जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से स्थिति बिगड़ गई और कांग्रेसी कार्यकर्ता गलियों में दौड़ते नजर आए।1