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धनबाद जिले के गोविंदपुर में शुक्रवार दोपहर उत्पाद विभाग की सरकारी शराब दुकान का गोदाम खाली कराने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मकान मालिक ने उत्पाद विभाग की टीम पर आरोप लगाया कि विभाग ने करीब एक वर्ष का बकाया किराया चुकाए बिना ही जबरन गोदाम का शटर और ताला तोड़ दिया और अंदर रखी शराब को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया। इस दौरान मकान मालिक की उत्पाद विभाग के अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद उन्हें गोविंदपुर थाना ले जाया गया। घटना से बेहद नाराज मकान मालिक ने विभाग पर जबरदस्ती करने और रंगदारी जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें इस मामले में न्याय नहीं मिला, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे।
मो० फारुख (पत्रकार)
धनबाद जिले के गोविंदपुर में शुक्रवार दोपहर उत्पाद विभाग की सरकारी शराब दुकान का गोदाम खाली कराने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मकान मालिक ने उत्पाद विभाग की टीम पर आरोप लगाया कि विभाग ने करीब एक वर्ष का बकाया किराया चुकाए बिना ही जबरन गोदाम का शटर और ताला तोड़ दिया और अंदर रखी शराब को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया। इस दौरान मकान मालिक की उत्पाद विभाग के अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद उन्हें गोविंदपुर थाना ले जाया गया। घटना से बेहद नाराज मकान मालिक ने विभाग पर जबरदस्ती करने और रंगदारी जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें इस मामले में न्याय नहीं मिला, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे।
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- धनबाद जिले के गोविंदपुर में शुक्रवार दोपहर उत्पाद विभाग की सरकारी शराब दुकान का गोदाम खाली कराने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मकान मालिक ने उत्पाद विभाग की टीम पर आरोप लगाया कि विभाग ने करीब एक वर्ष का बकाया किराया चुकाए बिना ही जबरन गोदाम का शटर और ताला तोड़ दिया और अंदर रखी शराब को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया। इस दौरान मकान मालिक की उत्पाद विभाग के अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद उन्हें गोविंदपुर थाना ले जाया गया। घटना से बेहद नाराज मकान मालिक ने विभाग पर जबरदस्ती करने और रंगदारी जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें इस मामले में न्याय नहीं मिला, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे।1
- विश्व मत्स्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को धनबाद के हीरापुर स्थित जिला मत्स्य कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम और कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में संयुक्त मत्स्य निदेशक संजय कुमार गुप्ता, जिला मत्स्य पदाधिकारी उषा किरण और बड़ी संख्या में मत्स्य किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर चर्चा करना था। संयुक्त मत्स्य निदेशक संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि आधुनिक और कृत्रिम प्रजनन तकनीकों के इस्तेमाल से अब मत्स्य पालन की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और लाभदायक हो गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम झारखंड भर में मनाए जा रहे विश्व मत्स्य दिवस के क्रम में आयोजित किया गया है। जिला मत्स्य पदाधिकारी उषा किरण ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक विधि से मछली पालन, तालाब प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने के उपाय और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विभाग का लक्ष्य इन आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना और जिले में मत्स्य उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।2
- निरसा में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड निर्माण के समर्थन और क्षेत्र में रंगदारी व गुंडागर्दी के विरोध में 15 जुलाई को आयोजित होने वाली पदयात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। सांसद ढुल्लू महतो के नेतृत्व में होने वाले इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो निरसा पहुंचे। उन्होंने प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और पदयात्रा के संभावित प्रारंभ स्थल का निरीक्षण किया। विधायक शत्रुघ्न महतो ने बेलचढ़ी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि निरसा के लिए एलिवेटेड रोड का निर्माण बेहद जरूरी है ताकि सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्याओं से राहत मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि विकास कार्यों में बाधा डालने के साथ ही रंगदारी और गुंडागर्दी की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। विधायक ने दावा किया कि 15 जुलाई को निरसा की जनता लोकतांत्रिक तरीके से विकास विरोधी ताकतों को जवाब देगी और यह पदयात्रा एक ऐतिहासिक कार्यक्रम साबित होगी। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य पिंटू सिंह उर्फ़ संजय सिंह, सांसद प्रतिनिधि प्रशांत बनर्जी, सीएमडब्ल्यूयू सह विस्थापित नेता अशोक मंडल, नाड़ू गोपाल चक्रवर्ती, सेवक मंडल और राजू झा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।5
- बियाडा के पूर्व अध्यक्ष सह समाज सेवी विजय कुमार झा ने बाघमारा और कोयलांचल क्षेत्र में हो रही कोयले की लूट के मुद्दे पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने कोयलांचल के विभिन्न हिस्सों में जारी अवैध खनन और लूट को लेकर अपनी बात रखी और मामले को जनता के सामने उठाया।1
- धनबाद के बागमारा-कम-कटरास स्थित गजलीटांड़ क्षेत्र एक बार फिर चर्चा में है, जिससे 1995 के उस काले हादसे की यादें ताजा हो गई हैं। वर्तमान में कतरी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण खदान में पानी घुसने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए बीसीसीएल ने मोर्चा संभाल लिया है। खदान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन द्वारा एहतियाती उपाय और प्रयास तेज कर दिए गए हैं।1
- झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर स्थित राजा बिठा स्कूल की बदहाली का मामला सामने आया है। स्कूल के शौचालय में ताला जड़ा हुआ है, जिसके चलते छात्र खुले में नदी-तालाब जाने को मजबूर हैं। इस स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर गंभीर चिंता जताई जा रही है और इसे शिक्षा व्यवस्था का कड़वा सच बताया गया है। इस घटना से जुड़े वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की जा रही है ताकि मामले की गंभीरता को उजागर किया जा सके।1
- धनबाद के चर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में 15 वर्षों की लंबी सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया। अदालत ने पूर्व मंत्री मन्नान मालिक सहित 30 आरोपियों को दंगा, सरकारी कार्य में बाधा डालने और आगजनी से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं 147, 148, 353 और 435 के तहत दोषी करार दिया है। न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने इन दोषियों को अधिकतम तीन वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में इन सभी 30 आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(A) जैसे गंभीर आरोपों से बरी कर दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जमानत भी प्रदान कर दी गई। यह मामला 27 अप्रैल 2011 का है, जब बीसीसीएल के क्वार्टरों को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची पुलिस टीम और आंदोलनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उस दौरान हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह पूरा प्रकरण राज्य भर में चर्चा का केंद्र बन गया था। इस फैसले के साथ ही धनबाद के सबसे चर्चित न्यायिक मामलों में से एक का यह अध्याय फिलहाल समाप्त हो गया है।3
- झारखंड के धनबाद स्थित छाताबाद में कोयला खनन के कारण एक भीषण हादसा हुआ है। खनन की गतिविधियों के चलते जमीन का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे एक पूरा तालाब पाताल लोक की तरह जमीन में समा गया। इस भू-धंसाव की चपेट में आने से आधा दर्जन आवास बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तबाही की यह तस्वीर स्थानीय स्तर पर बड़ा संकट लेकर आई है, जहाँ कोयला खनन की वजह से जमीन के भीतर खाली हुए स्थान ने आवासीय क्षेत्र को अपनी जद में ले लिया है।1