_सतना जिले में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के बाद नया विवाद, 15 दिन बाद भी पटवारी ने नहीं सौंपा चार्ज_ _सतना जिले में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के बाद नया विवाद, 15 दिन बाद भी पटवारी ने नहीं सौंपा चार्ज_ _"रिश्वतखोर पटवारियों की विदाई पर खुशी, पर चार्ज न देने से ग्रामीणों में आक्रोश"_ _राइजिंग सतना_ _रामदत्त दाहिया_✍🏻 _रामपुर बघेलान, सतना_ जिला सतना के तहसील रामपुर बघेलान के ग्राम खरवाही एवं चोरहटा की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग प्रशासन ने मान ली थी। रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे _हल्का चोरहटा के पटवारी श्री सत्येंद्र पांडेय_ एवं _हल्का खरवाही के पटवारी श्री अर्चित शर्मा_ का स्थानांतरण कर दिया गया था। उस समय पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर थी। लेकिन अब 15 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। *चार्ज न देने से बढ़ा विवाद* शिकायत के बाद हुए ट्रांसफर के बावजूद _हल्का चोरहटा के पटवारी सत्येंद्र पांडेय_ द्वारा आज तक नव नियुक्त पटवारी _श्री विकास विश्वकर्मा_ को चार्ज नहीं सौंपा गया है। आरोप है कि जानबूझकर कार्य में बाधा डाली जा रही है, जिससे आम जनता, गरीब, किसान और मजदूरों के राजस्व संबंधी काम अटके पड़े हैं। *ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी* चार्ज न मिलने से नाराज ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ट्रांसफर के आदेश के बाद भी पुराने पटवारी द्वारा कुर्सी न छोड़ना सीधे-सीधे शासनादेश की अवहेलना है। ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि 2-3 दिन के अंदर चार्ज नहीं सौंपा गया तो _पटवारी सत्येंद्र पांडेय के खिलाफ जन आंदोलन_ किया जाएगा और _पटवारी भवन के सामने धरना_ दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। *जनता ने पहले जताया था आभार* पहले इस त्वरित कार्रवाई के लिए क्षेत्रवासियों ने _श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी महोदय, रामपुर बघेलान_ एवं _श्रीमान कलेक्टर महोदय, सतना_ का धन्यवाद किया था। अब लोगों की मांग है कि आदेश का तत्काल पालन करवाकर नए पटवारी को चार्ज दिलाया जाए, ताकि भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था बहाल हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के इस कदम से ही आम जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा।
_सतना जिले में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के बाद नया विवाद, 15 दिन बाद भी पटवारी ने नहीं सौंपा चार्ज_ _सतना जिले में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के बाद नया विवाद, 15 दिन बाद भी पटवारी ने नहीं सौंपा चार्ज_ _"रिश्वतखोर पटवारियों की विदाई पर खुशी, पर चार्ज न देने से ग्रामीणों में आक्रोश"_ _राइजिंग सतना_ _रामदत्त दाहिया_✍🏻 _रामपुर बघेलान, सतना_ जिला सतना के तहसील रामपुर बघेलान के ग्राम खरवाही एवं चोरहटा की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग प्रशासन ने मान ली थी। रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे _हल्का चोरहटा के पटवारी श्री सत्येंद्र पांडेय_ एवं _हल्का खरवाही के पटवारी श्री अर्चित शर्मा_ का स्थानांतरण कर दिया गया था। उस समय पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर थी। लेकिन अब 15 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। *चार्ज न देने से बढ़ा विवाद* शिकायत के बाद हुए ट्रांसफर के बावजूद _हल्का चोरहटा के पटवारी सत्येंद्र पांडेय_ द्वारा आज तक नव नियुक्त पटवारी _श्री विकास विश्वकर्मा_ को चार्ज नहीं सौंपा गया है। आरोप है कि जानबूझकर कार्य में बाधा डाली जा रही है, जिससे आम जनता, गरीब, किसान और मजदूरों के राजस्व संबंधी काम अटके पड़े हैं। *ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी* चार्ज न मिलने से नाराज ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ट्रांसफर के आदेश के बाद भी पुराने पटवारी द्वारा कुर्सी न छोड़ना सीधे-सीधे शासनादेश की अवहेलना है। ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि 2-3 दिन के अंदर चार्ज नहीं सौंपा गया तो _पटवारी सत्येंद्र पांडेय के खिलाफ जन आंदोलन_ किया जाएगा और _पटवारी भवन के सामने धरना_ दिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। *जनता ने पहले जताया था आभार* पहले इस त्वरित कार्रवाई के लिए क्षेत्रवासियों ने _श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी महोदय, रामपुर बघेलान_ एवं _श्रीमान कलेक्टर महोदय, सतना_ का धन्यवाद किया था। अब लोगों की मांग है कि आदेश का तत्काल पालन करवाकर नए पटवारी को चार्ज दिलाया जाए, ताकि भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था बहाल हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के इस कदम से ही आम जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा।
- मऊगंज जिला में जिला कलेक्टर म सुनील जन समस्या और भरोसा दिलाए मऊगंज जिला में जिला कलेक्टर म सुनील जन समस्या और भरोसा दिलाया का सबको न्याय मिलेगा किसान और ग्रामीण उपस्थित स्कीम के जरिए देख सकते हैं की किस प्रकार से जनता ने अपनी समस्याओं को लेकर के कलेक्टर महोदय को अवगत करवाया है कलेक्टर डोक्टर संजय जैन ने आश्वासन दिया है आपकी समस्या का निराकरण किया जाएगा दीनानाथ गुप्ता जिला मऊगंज ब्यूरो चीफ1
- *कोठी तहसील अंतर्गत ग्राम कटवारिया नई बस्ती मदनी मोड़ के पास बीते करीब दो वर्षों से टूटा पुल, बड़े हादसे को दे रहा खुला आमंत्रण* *कोठी तहसील अंतर्गत ग्राम कटवारिया नई बस्ती मदनी मोड़ के पास बीते करीब दो वर्षों से टूटा पुल, बड़े हादसे को दे रहा खुला आमंत्रण* कोठी (सतना)। कोठी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मदनी की कटवारिया नई बस्ती, मदनी मोड़ के पास स्थित पुल पिछले करीब दो वर्षों से टूटा हुआ है। पुल की जर्जर हालत के कारण क्षेत्र के ग्रामीण, किसान, स्कूली बच्चे, महिलाएं और राहगीर प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद अब तक पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या की जानकारी कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को दी जा चुकी है। ग्रामीणों ने मौखिक रूप से कई बार पुल की मरम्मत कराने की मांग उठाई, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई या सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे ग्रामीणों में पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। बरसात के दिनों में पुल की स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। जलभराव और तेज बहाव के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता लोगों की चिंता बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पुल का निरीक्षण कराया जाए और शीघ्र मरम्मत अथवा नए पुल के निर्माण की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के दावों के बीच वर्षों से टूटा यह पुल प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करते हैं।2
- 28 जुलाई का इतिहास | प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत | विश्व हेपेटाइटिस दिवस 📜 📝 Description: 28 जुलाई के इतिहास में आज ही के दिन प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई थी। इसी दिन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। साथ ही आज विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। जानिए 28 जुलाई की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं। 🏷️ Hashtags: #28July1
- खबर अमरपाटन/ताला थाना ताला पुलिस ने आपरेशन 2.0 के तहत रात के अंधेरे में रामगढ़ तरफ से अबैध शराब की खेप की तस्करी कर रहे आरोपी को घेरा बंदी कर धरदबोचा खबर अमरपाटन/ताला थाना ताला पुलिस ने आपरेशन 2.0 के तहत रात के अंधेरे में रामगढ़ तरफ से अबैध शराब की खेप की तस्करी कर रहे आरोपी को घेरा बंदी कर धरदबोचा आरोपी के कब्जे से अबैध शराब बरामत कर आरोपी के बिरूद्ध आपकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी को न्यायालय में पेश किया1
- मऊगंज जिले के ग्राम पंचायत पिपरिया गणपत में सड़क निर्माण की मांग को लेकर छात्रों, छात्राओं और ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। मऊगंज जिले के ग्राम पंचायत पिपरिया गणपत में सड़क निर्माण की मांग को लेकर छात्रों, छात्राओं और ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से सड़क नहीं बनने के कारण शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। करीब दो से तीन फीट गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण स्कूली बच्चों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। कई छात्र-छात्राएं रोज़ाना स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आइए देखते हैं हमारी इस विशेष रिपोर्ट में कि किस प्रकार छात्र, छात्राएं, महिलाएं और ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय मऊगंज पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं।1
- *मृत व्यक्ति के नाम पर* *सीमांकन!* — सिलपरा में बड़ा प्रशासनिक खेल "क्या आपने कभी सुना है कि दुनिया छोड़ चुके किसी इंसान की जमीन नापने के लिए सरकारी अमला उसके खेत में उतर जाए? जी हां, रीवा जिले के ग्राम सिलपरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं!" 6 जुलाई 2026 - मृत्यु | 22 जुलाई - आपत्ति | 24 जुलाई - सीमांकन का आदेश] सिलपरा गांव के रहने वाले एक व्यक्ति की मृत्यु बीते 6 जुलाई 2026 को हो चुकी है। घर में मातम है, लेकिन कागजों का खेल देखिए... मृत व्यक्ति के नाम से ही जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जब मृत व्यक्ति के भाई जगजीवन चतुर्वेदी को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने कानून पर भरोसा जताया। उन्होंने बिना किसी देरी के 22 तारीख को सीधे कलेक्टर महोदय के दरबार में अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने साफ-साफ बताया कि जिसके नाम से सीमांकन मांगा गया है, वो अब इस दुनिया में हैं ही नहीं!" शासन का लापरवाह रवैया - "सबको लगा कि आपत्ति के बाद साहब हरकत में आएंगे, जांच होगी और गलत प्रक्रिया रुक जाएगी। लेकिन... सिस्टम की नींद देखिए! आपत्ति दर्ज होने के महज दो दिन बाद, यानी 24 तारीख को सीमांकन का आदेश जारी कर दिया जाता है! सवाल ये उठता है: क्या कलेक्टर दफ्तर में दी गई आपत्ति की अर्जी सिर्फ रद्दी की टोकरी में फेंकने के लिए होती है? जिस इंसान की मृत्यु हो चुकी है, उसके नाम पर तहसील और राजस्व विभाग किसके इशारे पर सीमांकन का आदेश चमका रहा है? क्या सिलपरा में किसी बड़े भू-माफिया का दबाव है, या फिर राजस्व अमला इतना लापरवाह हो चुका है कि उसे जिंदा और मुर्दा इंसान के फर्क से भी कोई मतलब नहीं बचा?" जगजीवन चतुर्वेदी का पक्ष और न्याय की गुहार "पीड़ित जगजीवन चतुर्वेदी आज न्याय की आस में भटक रहे हैं। एक तरफ भाई के जाने का गम, और दूसरी तरफ अपनी ही पुश्तैनी जमीन को बचाने के लिए सरकारी अव्यवस्था से जंग। अगर मृत व्यक्ति के नाम पर सीमांकन की रिपोर्ट तैयार कर दी गई, तो कानूनन उसकी क्या वैधता रहेगी? और इस गलत आदेश का जिम्मेदार आखिर कौन होगा?" "ग्राम सिलपरा का यह मामला सिर्फ एक जमीन की नाप-जोख का नहीं है, यह उस अंधे कानून और सोए हुए प्रशासन का सबूत है जो कागजों पर आंखें मूंदकर दस्तखत कर देता है। हम मांग करते हैं कि इस अवैध सीमांकन आदेश पर तुरंत रोक लगाई जाए और 22 तारीख की आपत्ति को अनदेखा करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही हो1
- *एमएलबी विद्यालय में बुजुर्ग शिक्षक के साथ कथित मारपीट का वीडियो वायरल, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग* सतना। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) विद्यालय, सतना में बुजुर्ग शिक्षक एवं इंग्लिश लेक्चरर गरीब दास त्रिपाठी के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा जगत में आक्रोश व्याप्त है। वायरल वीडियो में जिला शिक्षक संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र त्रिपाठी शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार करते और उनके साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं यदि शिक्षक संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र त्रिपाठी जैसे लोग खुलेआम मारपीट करके विद्यालय की गरिमा और शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ शिक्षकों द्वारा यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि जिला शिक्षक संघ के अध्यक्ष पद का दुरुपयोग कर शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है तथा संगठन के नाम पर उन्हें कथित रूप से डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। विद्यालय शिक्षा का मंदिर है। विद्यार्थियों के सामने किसी बुजुर्ग शिक्षक के साथ इस प्रकार की कथित मारपीट और अभद्रता न केवल शिक्षक समाज का अपमान है, बल्कि छात्रों के मन पर भी1