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मऊगंज जिला में जिला कलेक्टर म सुनील जन समस्या और भरोसा दिलाए मऊगंज जिला में जिला कलेक्टर म सुनील जन समस्या और भरोसा दिलाया का सबको न्याय मिलेगा किसान और ग्रामीण उपस्थित स्कीम के जरिए देख सकते हैं की किस प्रकार से जनता ने अपनी समस्याओं को लेकर के कलेक्टर महोदय को अवगत करवाया है कलेक्टर डोक्टर संजय जैन ने आश्वासन दिया है आपकी समस्या का निराकरण किया जाएगा दीनानाथ गुप्ता जिला मऊगंज ब्यूरो चीफ
पत्रकार शुभम तिवारी
मऊगंज जिला में जिला कलेक्टर म सुनील जन समस्या और भरोसा दिलाए मऊगंज जिला में जिला कलेक्टर म सुनील जन समस्या और भरोसा दिलाया का सबको न्याय मिलेगा किसान और ग्रामीण उपस्थित स्कीम के जरिए देख सकते हैं की किस प्रकार से जनता ने अपनी समस्याओं को लेकर के कलेक्टर महोदय को अवगत करवाया है कलेक्टर डोक्टर संजय जैन ने आश्वासन दिया है आपकी समस्या का निराकरण किया जाएगा दीनानाथ गुप्ता जिला मऊगंज ब्यूरो चीफ
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- 28 जुलाई का इतिहास | प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत | विश्व हेपेटाइटिस दिवस 📜 📝 Description: 28 जुलाई के इतिहास में आज ही के दिन प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई थी। इसी दिन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। साथ ही आज विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। जानिए 28 जुलाई की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं। 🏷️ Hashtags: #28July1
- 250 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर में भूमाफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार,करोड़ों की सरकारी जमीन कराई मुक्त 🔥BREAKING NEWS | रीवा 🔥 250 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर! *•उत्सव और विंध्य मैरिज गार्डन का अवैध कब्जा हटाया गया* *•रीवा में भूमाफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार,करोड़ों की सरकारी जमीन कराई मुक्त।* ♦️:-रीवा नगर निगम क्षेत्र में धोबिया टंकी के समीप अनाथालय से लगी लगभग ₹250 करोड़ मूल्य की सरकारी भूमि से प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों पुराने अवैध कब्जे को हटा दिया।कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर सीमांकन के बाद राजस्व, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उत्सव मैरिज गार्डन और विंध्य मैरिज गार्डन द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाया।कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- रीवा ब्रेकिंग: रीवा में सरकारी जमीन पर बुलडोजर, दो मैरिज गार्डन ध्वस्त, 250 करोड़ की भूमि कब्जामुक्त। रीवा में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर लगातार चल रहा है। अमहिया के बाद अब जेल मार्ग स्थित धोबिया टंकी के पास दो मैरिज गार्डनों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने करीब ₹250 करोड़ मूल्य की शासकीय भूमि को कब्जामुक्त करा लिया। नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेल मार्ग स्थित शासकीय भूमि पर संचालित उत्सव मैरिज गार्डन और विंध्य मैरिज गार्डन पर कार्रवाई की। सीमांकन में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाए जाने के बाद बुलडोजर से निर्माण हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि की लीज अवधि समाप्त हो चुकी थी, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया गया और वर्षों तक वहां व्यवसाय संचालित होता रहा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा।1
- मैहर मां शारदा शक्तिपीठ प्रधान पुजारी पवन पाण्डेय (दाऊ जी सरकार) को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं एवं विशेष बधाई मां शारदे की कृपा हमेशा इन पर बनी रहे💐💐💐💐🚩।। *जय हो माई की* मैहर मां शारदा शक्तिपीठ प्रधान पुजारी पवन पाण्डेय (दाऊ जी सरकार) को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं एवं विशेष बधाई मां शारदे की कृपा हमेशा इन पर बनी रहे💐💐💐💐🚩।। *जय हो माई की*2
- मऊगंज जिले के ग्राम पंचायत पिपरिया गणपत में सड़क निर्माण की मांग को लेकर छात्रों, छात्राओं और ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। मऊगंज जिले के ग्राम पंचायत पिपरिया गणपत में सड़क निर्माण की मांग को लेकर छात्रों, छात्राओं और ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से सड़क नहीं बनने के कारण शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। करीब दो से तीन फीट गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण स्कूली बच्चों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। कई छात्र-छात्राएं रोज़ाना स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आइए देखते हैं हमारी इस विशेष रिपोर्ट में कि किस प्रकार छात्र, छात्राएं, महिलाएं और ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय मऊगंज पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं।1
- *मृत व्यक्ति के नाम पर* *सीमांकन!* — सिलपरा में बड़ा प्रशासनिक खेल "क्या आपने कभी सुना है कि दुनिया छोड़ चुके किसी इंसान की जमीन नापने के लिए सरकारी अमला उसके खेत में उतर जाए? जी हां, रीवा जिले के ग्राम सिलपरा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं!" 6 जुलाई 2026 - मृत्यु | 22 जुलाई - आपत्ति | 24 जुलाई - सीमांकन का आदेश] सिलपरा गांव के रहने वाले एक व्यक्ति की मृत्यु बीते 6 जुलाई 2026 को हो चुकी है। घर में मातम है, लेकिन कागजों का खेल देखिए... मृत व्यक्ति के नाम से ही जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जब मृत व्यक्ति के भाई जगजीवन चतुर्वेदी को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने कानून पर भरोसा जताया। उन्होंने बिना किसी देरी के 22 तारीख को सीधे कलेक्टर महोदय के दरबार में अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने साफ-साफ बताया कि जिसके नाम से सीमांकन मांगा गया है, वो अब इस दुनिया में हैं ही नहीं!" शासन का लापरवाह रवैया - "सबको लगा कि आपत्ति के बाद साहब हरकत में आएंगे, जांच होगी और गलत प्रक्रिया रुक जाएगी। लेकिन... सिस्टम की नींद देखिए! आपत्ति दर्ज होने के महज दो दिन बाद, यानी 24 तारीख को सीमांकन का आदेश जारी कर दिया जाता है! सवाल ये उठता है: क्या कलेक्टर दफ्तर में दी गई आपत्ति की अर्जी सिर्फ रद्दी की टोकरी में फेंकने के लिए होती है? जिस इंसान की मृत्यु हो चुकी है, उसके नाम पर तहसील और राजस्व विभाग किसके इशारे पर सीमांकन का आदेश चमका रहा है? क्या सिलपरा में किसी बड़े भू-माफिया का दबाव है, या फिर राजस्व अमला इतना लापरवाह हो चुका है कि उसे जिंदा और मुर्दा इंसान के फर्क से भी कोई मतलब नहीं बचा?" जगजीवन चतुर्वेदी का पक्ष और न्याय की गुहार "पीड़ित जगजीवन चतुर्वेदी आज न्याय की आस में भटक रहे हैं। एक तरफ भाई के जाने का गम, और दूसरी तरफ अपनी ही पुश्तैनी जमीन को बचाने के लिए सरकारी अव्यवस्था से जंग। अगर मृत व्यक्ति के नाम पर सीमांकन की रिपोर्ट तैयार कर दी गई, तो कानूनन उसकी क्या वैधता रहेगी? और इस गलत आदेश का जिम्मेदार आखिर कौन होगा?" "ग्राम सिलपरा का यह मामला सिर्फ एक जमीन की नाप-जोख का नहीं है, यह उस अंधे कानून और सोए हुए प्रशासन का सबूत है जो कागजों पर आंखें मूंदकर दस्तखत कर देता है। हम मांग करते हैं कि इस अवैध सीमांकन आदेश पर तुरंत रोक लगाई जाए और 22 तारीख की आपत्ति को अनदेखा करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही हो1
- पतौता रोजगार सहायक के ऊपर महिला ने रिश्वतखोरी का लगाया आरोप प्रधानमंत्री आवास के नाम पर रोजगार सहायक ने मांगा था पैसा रीवा जिले में पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत के अंदर खुलेआम रोजगार सहायक के द्वारा प्रधानमंत्री आवास के नाम पर रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल हुआ सूत्रों की जानकारी के अनुसार कई सालों से लगातार एक ही पंचायत में पदस्थ पंचायत कर्मी खुले आम प्रधानमंत्री आवास के नाम पर ग्रामीणों से पैसा मांगा गया और कहां गए कि पैसा मिलेगा तो आपका नाम प्रधानमंत्री आवास में आएगा पैसा नहीं तो आवास नहीं ग्राम पंचायत में बैठक के अंदर ग्रामीणों द्वारा खुलेआम सरपंच के सामने आरोप लगाया कि आपके रोजगार सहायक द्वारा पैसा मांगा जा रहा है आखिरकार रोजगार सहायक अगर रिश्वत की मांग करता है तो कहीं ना कहीं इस भ्रष्टाचार में जिला पंचायत से लेकर जनपद पंचायत तक और पंचायत के सरपंच की मिली भगत हो सकती है रीवा जिले में खुलेआम रोजगार सहायक द्वारा पंचायत विकास में ग्रहण लग रहे हैं रोजगार सहायक सचिव और सरपंच तीनों मिलकर मनरेगा हो या अन्य कार्य सब कार्यों में खुलेआम भ्रष्टाचार का संकल्प ले रखे हैं अगर ग्रामीणों द्वारा पंचायत के भ्रष्टाचार की शिकायत जिला पंचायत जनपद में करते हैं तो उन शिकायतों का निराकरण नहीं हो पाया है बल्कि वहां की कर्मचारियों द्वारा पंचायत कर्मियों से मिलकर मामले को हेरा फेरी करते जिन ग्राम पंचायत में गौशाला बनाई गई है उन गौशाला की जिम्मेदारी रोजगार सहायक को दी गई है और रोजगार सहायक गौ माता के आने वाले पैसे में जानवरों को भूसा तो देते नहीं बल्कि अपनी जेब भरने में लगे रहते हैं आए दिन भूख और प्यास से गौ माता दम तोड़ रही है पंचायती राज में सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी अगर है यह तीन महान मूर्ति भ्रष्टाचार का संकल्प ले रखें1
- *एमएलबी विद्यालय में बुजुर्ग शिक्षक के साथ कथित मारपीट का वीडियो वायरल, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग* सतना। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) विद्यालय, सतना में बुजुर्ग शिक्षक एवं इंग्लिश लेक्चरर गरीब दास त्रिपाठी के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा जगत में आक्रोश व्याप्त है। वायरल वीडियो में जिला शिक्षक संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र त्रिपाठी शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार करते और उनके साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं यदि शिक्षक संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र त्रिपाठी जैसे लोग खुलेआम मारपीट करके विद्यालय की गरिमा और शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ शिक्षकों द्वारा यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि जिला शिक्षक संघ के अध्यक्ष पद का दुरुपयोग कर शिक्षकों पर दबाव बनाया जाता है तथा संगठन के नाम पर उन्हें कथित रूप से डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। विद्यालय शिक्षा का मंदिर है। विद्यार्थियों के सामने किसी बुजुर्ग शिक्षक के साथ इस प्रकार की कथित मारपीट और अभद्रता न केवल शिक्षक समाज का अपमान है, बल्कि छात्रों के मन पर भी1