बुंदेलखंड क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। टीकमगढ़ जिले के जतारा स्थित शासकीय अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय विधायक मौके पर पहुँचे और वहाँ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए और उन्हें फटकार भी लगाई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विधायक अस्पताल की खराब व्यवस्थाओं को लेकर गुस्से में दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुंदेलखंड के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से संसाधनों और आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी बनी हुई है। उनका यह भी आरोप है कि वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों के कारण अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, जिससे मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि बुंदेलखंड के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब यह देखना होगा कि विधायक की इस नाराजगी और अधिकारियों को लगाई गई फटकार के बाद जतारा अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार हो पाता है।
बुंदेलखंड क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। टीकमगढ़ जिले के जतारा स्थित शासकीय अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय विधायक मौके पर पहुँचे और वहाँ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए और उन्हें फटकार भी लगाई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विधायक अस्पताल की खराब व्यवस्थाओं को लेकर गुस्से में दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुंदेलखंड के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से संसाधनों और आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी बनी हुई है। उनका यह भी आरोप है कि वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों के कारण अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, जिससे मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि बुंदेलखंड के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब यह देखना होगा कि विधायक की इस नाराजगी और अधिकारियों को लगाई गई फटकार के बाद जतारा अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार हो पाता है।
- टीकमगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता के संबंध में एक जनसंदेश जारी किया है।1
- टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराधों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है, जिसमें नागरिकों से इन अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम या यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इसके साथ ही, पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए। यह जानकारी मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ ने प्रभु दयाल गौतम टीकमगढ़ के माध्यम से दी, और लोगों से साइबर ठगी से बचने का आग्रह किया।1
- टीकमगढ़ जिले की समर्रा पंचायत में कथित दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक मकान की दीवार तोड़ने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद, पीड़ित पक्ष ने कोतवाली में मामले की एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है।1
- छतरपुर के घुवारा में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ रात में हुई मारपीट की घटना को लेकर स्थानीय लोग पुलिस के खिलाफ भड़क उठे हैं। गुस्साए लोगों ने उपथाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, आरोप है कि पुलिस दोपहर तक भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि मारपीट के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस मामले में उपथाना प्रभारी केके पटेल की लचर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन केवल उपथाना परिसर तक ही सीमित नहीं रहा; बाद में लोगों ने मेन बस स्टैंड पर रोड जाम कर अपना कड़ा विरोध जताया।1
- जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा का औचक निरीक्षण किया, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई कमियां उजागर हुईं। विधायक ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विधायक ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा साफ-सफाई सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी व्यवस्था को दुरुस्त करने और एक नया ड्यूटी चार्ट तैयार करवाने के निर्देश दिए, ताकि रोगियों को समय पर उपचार मिल सके। विधायक ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और मरीजों को बेहतर इलाज व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बीएमओ संजय अहिरवार को निर्देश दिया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को शीघ्र सुधारा जाए ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, विधायक हरिशंकर खटीक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा में बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं, अस्पताल में फ्रीजर की व्यवस्था के लिए 1 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की भी बात कही गई है।4
- टीकमगढ़ शहर में एक मां ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उसका नाम एफआईआर से हटा दिया जाए। मां का दावा है कि उनके बेटे की बेगुनाही सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर साबित होती है।1
- टीकमगढ़ जिले में सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों ने अपनी-अपनी पुलिस टीमों के साथ मिलकर साइबर जागरूकता रैलियों का आयोजन किया। इस दौरान, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। आकर्षक प्रस्तुतियों और सहज संवाद के जरिए लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए व्यावहारिक उपाय बताए गए, ताकि वे साइबर खतरों से बच सकें।1
- भाजपा सरकार पर तानाशाही चरम पर होने का आरोप लगाते हुए, जानकारी दी गई है कि 30 जून को उन्हें टिहरी गढ़वाल में केतन लाल के पीड़ित परिवार से मिलने से एक बार फिर रोक दिया गया है। इससे पहले, 28 जून को पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि 30 जून को परिवार से मुलाकात कराई जाएगी, लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया। इस कार्रवाई को केवल एक परिवार से मिलने से रोकने तक सीमित न मानकर, लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय की आवाज़ को दबाने का प्रयास बताया गया है। पोस्ट में स्पष्ट किया गया है कि वे न्याय की इस लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं और 'न रुकेंगे, न झुकेंगे', जब तक केतन लाल को न्याय नहीं मिल जाता।1
- भाजपा के शासनकाल में बिजली की समस्या से जूझ रही जनता का आक्रोश अजब धाम फतेहपुर में खुलकर सामने आया है। यहां बीते चार दिन-रात से बिजली गुल होने के कारण समस्त क्षेत्रवासी बेहद परेशान हैं। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने मंगलवार को हटा रजपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है, चेतावनी दी गई है कि यदि दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे पुनः चक्काजाम करेंगे। इससे पहले, बीते कल रात भी आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था क्योंकि एक दर्जन गांवों में तीन दिन से बिजली नहीं थी। उस समय सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन देकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया था। हालांकि, मंगलवार दिन तक भी बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने आज फिर अजब धाम चौकी के सामने मार्ग पर प्रदर्शन किया। मौके पर नवागत मगरोंन थाना प्रभारी बंदना गौर, बीएल पटेल, अजब धाम चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार कोमल चढ़ार मौजूद थे, जहां सभी ग्रामवासियों ने अपना सहयोग दिया। क्षेत्रवासियों की मुख्य मांग चार दिन से ठप पड़ी विद्युत व्यवस्था को तुरंत बहाल करने की है।3