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छतरपुर के घुवारा में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ रात में हुई मारपीट की घटना को लेकर स्थानीय लोग पुलिस के खिलाफ भड़क उठे हैं। गुस्साए लोगों ने उपथाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, आरोप है कि पुलिस दोपहर तक भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि मारपीट के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस मामले में उपथाना प्रभारी केके पटेल की लचर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन केवल उपथाना परिसर तक ही सीमित नहीं रहा; बाद में लोगों ने मेन बस स्टैंड पर रोड जाम कर अपना कड़ा विरोध जताया।
Manish Lodhi
छतरपुर के घुवारा में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ रात में हुई मारपीट की घटना को लेकर स्थानीय लोग पुलिस के खिलाफ भड़क उठे हैं। गुस्साए लोगों ने उपथाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, आरोप है कि पुलिस दोपहर तक भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि मारपीट के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस मामले में उपथाना प्रभारी केके पटेल की लचर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन केवल उपथाना परिसर तक ही सीमित नहीं रहा; बाद में लोगों ने मेन बस स्टैंड पर रोड जाम कर अपना कड़ा विरोध जताया।
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- छतरपुर के घुवारा में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ रात में हुई मारपीट की घटना को लेकर स्थानीय लोग पुलिस के खिलाफ भड़क उठे हैं। गुस्साए लोगों ने उपथाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, आरोप है कि पुलिस दोपहर तक भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि मारपीट के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस मामले में उपथाना प्रभारी केके पटेल की लचर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन केवल उपथाना परिसर तक ही सीमित नहीं रहा; बाद में लोगों ने मेन बस स्टैंड पर रोड जाम कर अपना कड़ा विरोध जताया।1
- पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार, डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों से नागरिकों को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में, टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। श्री मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता ही है। अभियान के अंतर्गत, 01 जुलाई 2026 को जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य जनप्रतिनिधियों के साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया। इसके साथ ही, सभी थाना क्षेत्रों के व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेश साझा कर अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई। पुलिस टीमों ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ स्कूलों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया, उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के सरल और प्रभावी उपाय बताए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे उभरते साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सतर्क रहने की सलाह दी। नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग, ओटीपी, पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस टीमों ने यह भी बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी तत्काल सूचना देनी चाहिए। ऐसा करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित CyberDost प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी गई और नियमित तथा प्रामाणिक साइबर सुरक्षा जानकारी के लिए इसे फॉलो करने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर विश्वास न करने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आग्रह किया। टीकमगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इन अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें, क्योंकि सुरक्षित, जागरूक और डिजिटल रूप से सशक्त समाज का निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है।1
- मध्य प्रदेश के बड़ामलहरा स्थित दरगुआ तिगड्डा में कुछ लड़के खुलेआम हवा में हथियार लहराते हुए देखे गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। आरोप है कि यह खुलेआम गुंडागर्दी का नतीजा है और क्षेत्र में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का पूछना है कि प्रशासन आखिर इन अपराधियों को पकड़ने में क्यों असमर्थ है, जबकि ऐसी घटनाओं से आम जनता में दहशत फैल रही है।1
- हौसलों के आगे किसी भी कमी का कोई महत्व नहीं होता है, और एक पैर वाला मज़दूर इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। जहाँ एक ओर वह अपने अथक परिश्रम से जीवन यापन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दो पैर वाले लोग अपनी किस्मत को कोसते रहते हैं। यह मज़दूर इस सत्य को प्रमाणित करता है कि विकलांगता शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती है, क्योंकि उसने हार नहीं मानी और एक पैर से भी अपना रोज़गार कमा रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर जल्दबाजी में विश्वास न करें। एसपी मंडलोई ने व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना होता है, तो तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस अधीक्षक ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि नागरिकों की सतर्कता ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।1
- टीकमगढ़ जिले में साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण अपील जारी की गई है। जिले के अधीक्षक महोदय एसपी मनोहर मंडलोई जी के निर्देशानुसार, नागरिकों से साइबर क्राइम और ठगी के प्रति सावधान तथा सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना देर किए तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरिशंकर खटीक ने बुधवार को जतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई तरह की खामियां सामने आईं, जिस पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।1
- जनपद ललितपुर के थाना मड़ावरा क्षेत्र में बुधवार की शाम एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। घर की नींव खोदने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। इस घटना में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, और बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा पहुंचाया, जबकि अन्य घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। थाना मड़ावरा पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2