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मध्य प्रदेश के बड़ामलहरा स्थित दरगुआ तिगड्डा में कुछ लड़के खुलेआम हवा में हथियार लहराते हुए देखे गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। आरोप है कि यह खुलेआम गुंडागर्दी का नतीजा है और क्षेत्र में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का पूछना है कि प्रशासन आखिर इन अपराधियों को पकड़ने में क्यों असमर्थ है, जबकि ऐसी घटनाओं से आम जनता में दहशत फैल रही है।
AAJ EK SACH NEWS
मध्य प्रदेश के बड़ामलहरा स्थित दरगुआ तिगड्डा में कुछ लड़के खुलेआम हवा में हथियार लहराते हुए देखे गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। आरोप है कि यह खुलेआम गुंडागर्दी का नतीजा है और क्षेत्र में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का पूछना है कि प्रशासन आखिर इन अपराधियों को पकड़ने में क्यों असमर्थ है, जबकि ऐसी घटनाओं से आम जनता में दहशत फैल रही है।
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- मध्य प्रदेश के बड़ामलहरा स्थित दरगुआ तिगड्डा में कुछ लड़के खुलेआम हवा में हथियार लहराते हुए देखे गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। आरोप है कि यह खुलेआम गुंडागर्दी का नतीजा है और क्षेत्र में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का पूछना है कि प्रशासन आखिर इन अपराधियों को पकड़ने में क्यों असमर्थ है, जबकि ऐसी घटनाओं से आम जनता में दहशत फैल रही है।1
- छतरपुर के घुवारा में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ रात में हुई मारपीट की घटना को लेकर स्थानीय लोग पुलिस के खिलाफ भड़क उठे हैं। गुस्साए लोगों ने उपथाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, आरोप है कि पुलिस दोपहर तक भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि मारपीट के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस मामले में उपथाना प्रभारी केके पटेल की लचर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन केवल उपथाना परिसर तक ही सीमित नहीं रहा; बाद में लोगों ने मेन बस स्टैंड पर रोड जाम कर अपना कड़ा विरोध जताया।1
- पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार, डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों से नागरिकों को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में, टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। श्री मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता ही है। अभियान के अंतर्गत, 01 जुलाई 2026 को जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य जनप्रतिनिधियों के साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया। इसके साथ ही, सभी थाना क्षेत्रों के व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेश साझा कर अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई। पुलिस टीमों ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ स्कूलों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया, उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के सरल और प्रभावी उपाय बताए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे उभरते साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सतर्क रहने की सलाह दी। नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग, ओटीपी, पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस टीमों ने यह भी बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी तत्काल सूचना देनी चाहिए। ऐसा करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित CyberDost प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी गई और नियमित तथा प्रामाणिक साइबर सुरक्षा जानकारी के लिए इसे फॉलो करने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर विश्वास न करने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आग्रह किया। टीकमगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इन अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें, क्योंकि सुरक्षित, जागरूक और डिजिटल रूप से सशक्त समाज का निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है।1
- नौगांव में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर, केयर इंग्लिश स्कूल नौगांव के छात्रों ने सिविल हॉस्पिटल नौगांव का दौरा किया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान से परिचित कराना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। छात्रों ने अस्पताल का भ्रमण कर डॉक्टरों के महत्व को करीब से जाना।1
- टीकमगढ़ पुलिस ने 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के अंतर्गत एक व्यापक साइबर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य जनता के बीच साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।1
- ग्राम पंचायत चौबारा में चल रहे सीसी रोड निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण कार्य पूरा होने से पहले ही बनाई गई अंडरग्राउंड नाली टूट रही है। यह स्थिति निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही को उजागर करती है।1
- छतरपुर जिले के गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र में एक युवक पर आधा दर्जन लोगों द्वारा कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया है। घायल युवक ने आरोप लगाया है कि उसे धारदार हथियार और लाठी-डंडों से पीटा गया, लेकिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। फिलहाल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। घायल युवक गोलू रैकवार, निवासी गढ़ी मलहरा, ने बताया कि सोमवार शाम करीब 6 बजे वह अपने साथी के साथ था, तभी छह लोगों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने पहले उसके सिर पर मछली काटने वाले धारदार हथियार (बका) से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद अन्य आरोपियों ने लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। गोलू ने इस हमले के लिए मुन्ना रैकवार, मुल्लू रैकवार, हलकई रैकवार, राहुल रैकवार, छिंगे रैकवार और नीरज रैकवार को जिम्मेदार ठहराया है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद जब वह गढ़ी मलहरा थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उसे समय पर अस्पताल भी नहीं पहुंचाया। अधिक खून बहने के कारण उसके भाई ने एक निजी वाहन से उसे अस्पताल में भर्ती कराया। गोलू रैकवार का यह भी कहना है कि पुलिस ने अस्पताल में उसके बयान तो दर्ज किए, लेकिन आरोपियों के प्रभाव के चलते उचित धाराओं में कार्रवाई नहीं की जा रही है, और दबाव के कारण पुलिस मामले को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। घायल युवक ने न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वह जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत करेगा।4