पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार, डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों से नागरिकों को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में, टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। श्री मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता ही है। अभियान के अंतर्गत, 01 जुलाई 2026 को जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य जनप्रतिनिधियों के साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया। इसके साथ ही, सभी थाना क्षेत्रों के व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेश साझा कर अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई। पुलिस टीमों ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ स्कूलों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया, उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के सरल और प्रभावी उपाय बताए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे उभरते साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सतर्क रहने की सलाह दी। नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग, ओटीपी, पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस टीमों ने यह भी बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी तत्काल सूचना देनी चाहिए। ऐसा करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित CyberDost प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी गई और नियमित तथा प्रामाणिक साइबर सुरक्षा जानकारी के लिए इसे फॉलो करने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर विश्वास न करने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आग्रह किया। टीकमगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इन अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें, क्योंकि सुरक्षित, जागरूक और डिजिटल रूप से सशक्त समाज का निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है।
पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार, डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों से नागरिकों को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में, टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। श्री मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता ही है। अभियान के अंतर्गत, 01 जुलाई 2026 को जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य जनप्रतिनिधियों के साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया। इसके साथ ही, सभी थाना क्षेत्रों के व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेश साझा कर अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई। पुलिस टीमों ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ स्कूलों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया, उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के सरल और प्रभावी उपाय बताए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे उभरते साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सतर्क रहने की सलाह दी। नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग, ओटीपी, पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस टीमों ने यह भी बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी तत्काल सूचना देनी चाहिए। ऐसा करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित CyberDost प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी गई और नियमित तथा प्रामाणिक साइबर सुरक्षा जानकारी के लिए इसे फॉलो करने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर विश्वास न करने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आग्रह किया। टीकमगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इन अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें, क्योंकि सुरक्षित, जागरूक और डिजिटल रूप से सशक्त समाज का निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है।
- पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार, डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों से नागरिकों को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में, टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। श्री मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता ही है। अभियान के अंतर्गत, 01 जुलाई 2026 को जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य जनप्रतिनिधियों के साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया। इसके साथ ही, सभी थाना क्षेत्रों के व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेश साझा कर अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई। पुलिस टीमों ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ स्कूलों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया, उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के सरल और प्रभावी उपाय बताए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे उभरते साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सतर्क रहने की सलाह दी। नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग, ओटीपी, पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस टीमों ने यह भी बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी तत्काल सूचना देनी चाहिए। ऐसा करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित CyberDost प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी गई और नियमित तथा प्रामाणिक साइबर सुरक्षा जानकारी के लिए इसे फॉलो करने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर विश्वास न करने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आग्रह किया। टीकमगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इन अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें, क्योंकि सुरक्षित, जागरूक और डिजिटल रूप से सशक्त समाज का निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है।1
- टीकमगढ़ जिले में साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण अपील जारी की गई है। जिले के अधीक्षक महोदय एसपी मनोहर मंडलोई जी के निर्देशानुसार, नागरिकों से साइबर क्राइम और ठगी के प्रति सावधान तथा सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना देर किए तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।1
- टीकमगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता के संबंध में एक जनसंदेश जारी किया है।1
- जतारा में विधायक हरिशंकर खटीक ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जहाँ अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई गंभीर कमियाँ उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की पोल खुलने पर विधायक ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई, साथ ही सुधार के तत्काल निर्देश दिए। विधायक ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति, तथा अस्पताल की साफ-सफाई सहित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत जायजा लिया। मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके, इसके लिए उन्होंने डॉक्टरों की ड्यूटी व्यवस्था में सुधार करने और एक नया ड्यूटी चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए। विधायक हरिशंकर खटीक ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना ही प्राथमिकता है। उन्होंने बीएमओ संजय अहिरवार को तत्काल अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- बुंदेलखंड क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। टीकमगढ़ जिले के जतारा स्थित शासकीय अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय विधायक मौके पर पहुँचे और वहाँ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए और उन्हें फटकार भी लगाई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विधायक अस्पताल की खराब व्यवस्थाओं को लेकर गुस्से में दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुंदेलखंड के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से संसाधनों और आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी बनी हुई है। उनका यह भी आरोप है कि वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों के कारण अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, जिससे मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि बुंदेलखंड के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब यह देखना होगा कि विधायक की इस नाराजगी और अधिकारियों को लगाई गई फटकार के बाद जतारा अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार हो पाता है।1
- छतरपुर के घुवारा में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ रात में हुई मारपीट की घटना को लेकर स्थानीय लोग पुलिस के खिलाफ भड़क उठे हैं। गुस्साए लोगों ने उपथाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, आरोप है कि पुलिस दोपहर तक भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि मारपीट के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इस मामले में उपथाना प्रभारी केके पटेल की लचर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन केवल उपथाना परिसर तक ही सीमित नहीं रहा; बाद में लोगों ने मेन बस स्टैंड पर रोड जाम कर अपना कड़ा विरोध जताया।1
- जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा का औचक निरीक्षण किया, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई कमियां उजागर हुईं। विधायक ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विधायक ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा साफ-सफाई सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी व्यवस्था को दुरुस्त करने और एक नया ड्यूटी चार्ट तैयार करवाने के निर्देश दिए, ताकि रोगियों को समय पर उपचार मिल सके। विधायक ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और मरीजों को बेहतर इलाज व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बीएमओ संजय अहिरवार को निर्देश दिया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को शीघ्र सुधारा जाए ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, विधायक हरिशंकर खटीक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा में बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं, अस्पताल में फ्रीजर की व्यवस्था के लिए 1 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की भी बात कही गई है।4
- टीकमगढ़ शहर में एक मां ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उसका नाम एफआईआर से हटा दिया जाए। मां का दावा है कि उनके बेटे की बेगुनाही सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर साबित होती है।1