भाजपा के शासनकाल में बिजली की समस्या से जूझ रही जनता का आक्रोश अजब धाम फतेहपुर में खुलकर सामने आया है। यहां बीते चार दिन-रात से बिजली गुल होने के कारण समस्त क्षेत्रवासी बेहद परेशान हैं। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने मंगलवार को हटा रजपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है, चेतावनी दी गई है कि यदि दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे पुनः चक्काजाम करेंगे। इससे पहले, बीते कल रात भी आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था क्योंकि एक दर्जन गांवों में तीन दिन से बिजली नहीं थी। उस समय सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन देकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया था। हालांकि, मंगलवार दिन तक भी बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने आज फिर अजब धाम चौकी के सामने मार्ग पर प्रदर्शन किया। मौके पर नवागत मगरोंन थाना प्रभारी बंदना गौर, बीएल पटेल, अजब धाम चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार कोमल चढ़ार मौजूद थे, जहां सभी ग्रामवासियों ने अपना सहयोग दिया। क्षेत्रवासियों की मुख्य मांग चार दिन से ठप पड़ी विद्युत व्यवस्था को तुरंत बहाल करने की है।
भाजपा के शासनकाल में बिजली की समस्या से जूझ रही जनता का आक्रोश अजब धाम फतेहपुर में खुलकर सामने आया है। यहां बीते चार दिन-रात से बिजली गुल होने के कारण समस्त क्षेत्रवासी बेहद परेशान हैं। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने मंगलवार को हटा रजपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है, चेतावनी दी गई है कि यदि दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल
नहीं हुई तो वे पुनः चक्काजाम करेंगे। इससे पहले, बीते कल रात भी आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था क्योंकि एक दर्जन गांवों में तीन दिन से बिजली नहीं थी। उस समय सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन देकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया था। हालांकि, मंगलवार दिन तक भी बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं
हो पाई, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने आज फिर अजब धाम चौकी के सामने मार्ग पर प्रदर्शन किया। मौके पर नवागत मगरोंन थाना प्रभारी बंदना गौर, बीएल पटेल, अजब धाम चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार कोमल चढ़ार मौजूद थे, जहां सभी ग्रामवासियों ने अपना सहयोग दिया। क्षेत्रवासियों की मुख्य मांग चार दिन से ठप पड़ी विद्युत व्यवस्था को तुरंत बहाल करने की है।
- जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा का औचक निरीक्षण किया, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई कमियां उजागर हुईं। विधायक ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विधायक ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा साफ-सफाई सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी व्यवस्था को दुरुस्त करने और एक नया ड्यूटी चार्ट तैयार करवाने के निर्देश दिए, ताकि रोगियों को समय पर उपचार मिल सके। विधायक ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और मरीजों को बेहतर इलाज व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बीएमओ संजय अहिरवार को निर्देश दिया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को शीघ्र सुधारा जाए ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, विधायक हरिशंकर खटीक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा में बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं, अस्पताल में फ्रीजर की व्यवस्था के लिए 1 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की भी बात कही गई है।4
- टीकमगढ़ पुलिस ने 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के अंतर्गत एक व्यापक साइबर जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य जनता के बीच साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।1
- झांसी जिले में सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जहाँ आरोप है कि ये अस्पताल 'लूट के अड्डे' में तब्दील हो चुके हैं। बताया गया है कि इन सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं और निजी क्लीनिकों में आराम से अपना समय बिताते हैं। इस स्थिति के कारण मरीजों को पैसे देने के लिए मजबूर होना पड़ता है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि आखिर क्यों इन अस्पतालों की कोई जांच नहीं होती, जबकि आरोप है कि यहाँ दलालों के सहारे मिली-जुली साठगांठ चल रही है। यह समस्या उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से सामने आई है, और इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संज्ञान और कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।1
- मेरठ के मवाना में समाजवादी पार्टी के एक कार्यक्रम में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एकता को मजबूत करने के प्रयासों को उस समय करारा झटका लगा, जब सपा के सेक्टर प्रभारी सतपाल यादव ने सार्वजनिक मंच पर दो दलित नेताओं के प्रति अभद्र व्यवहार किया। कार्यक्रम में सपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा और प्रभुदयाल बाल्मीकि जी PDA एकता को बढ़ावा देने की बात कर रहे थे। इसी दौरान, सतपाल यादव मंच पर पहुंचे और उन्होंने योगेश वर्मा व प्रभुदयाल बाल्मीकि जी की जमकर 'मां बहन' कर डाली। सतपाल यादव ने खुलेआम यह कहते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की कि यह "यादवों की ही पार्टी है" और मंच पर यादवों को नहीं बुलाया जा रहा है। इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, लेखक ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को तुरंत ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। लेखक ने गारंटी के साथ कहा कि अगर समय रहते ऐसे नेताओं को पार्टी से बाहर नहीं निकाला गया, तो "2027 में यही यादव जी" पार्टी को ले डूबेंगे, जिससे सपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।1
- पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार, डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों से नागरिकों को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 24 जून से 08 जुलाई 2026 तक "सेफ क्लिक अभियान 2.0" संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में, टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। श्री मंडलोई ने जोर देते हुए कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता ही है। अभियान के अंतर्गत, 01 जुलाई 2026 को जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और अन्य जनप्रतिनिधियों के साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया। इसके साथ ही, सभी थाना क्षेत्रों के व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा संदेश साझा कर अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई। पुलिस टीमों ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ स्कूलों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया, उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के सरल और प्रभावी उपाय बताए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे उभरते साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सतर्क रहने की सलाह दी। नागरिकों से विशेष अपील की गई कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग, ओटीपी, पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस टीमों ने यह भी बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी तत्काल सूचना देनी चाहिए। ऐसा करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित CyberDost प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी गई और नियमित तथा प्रामाणिक साइबर सुरक्षा जानकारी के लिए इसे फॉलो करने की अपील की गई। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन पर विश्वास न करने और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आग्रह किया। टीकमगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इन अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दें, क्योंकि सुरक्षित, जागरूक और डिजिटल रूप से सशक्त समाज का निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है।1
- टीकमगढ़ जिले में साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण अपील जारी की गई है। जिले के अधीक्षक महोदय एसपी मनोहर मंडलोई जी के निर्देशानुसार, नागरिकों से साइबर क्राइम और ठगी के प्रति सावधान तथा सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना देर किए तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।1
- टीकमगढ़ में भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर पदस्थ मोहन सिंह घोष का बीमारी के बाद निधन हो गया। सूबेदार घोष ने अपने पीछे अनगिनत यादें और अपार स्नेह छोड़ा है, और उनका हर परिस्थिति में सकारात्मक रहने का स्वभाव हमेशा यादों में जीवित रहेगा। बताया गया है कि उन्होंने जीवन के हर मोड़ पर साहस, संघर्ष और संवेदनशीलता का परिचय दिया, तथा गंभीर बीमारी से जूझते हुए भी कभी हिम्मत नहीं हारी। परिवार ने जानकारी दी कि मोहन सिंह का बचपन से ही सेना में जाने का मन था, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत के बाद पूरा किया और सूबेदार के पद पर अपनी सेवाएँ दे रहे थे। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने सूबेदार मोहन सिंह घोष के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की है। संगठन के प्रदेश सचिव रामरतन दीक्षित ने इस विषम परिस्थिति में परिवार वालों को साहस देते हुए कहा कि यह परिवार धन्य है, जिसने देश व राष्ट्र की सेवा करने के लिए अपने दो बेटों को समर्पित कर दिया। दीक्षित ने यह भी कहा कि ऐसे राष्ट्र प्रेमी परिवारों के लिए मानवाधिकार संगठन सदैव तत्पर रहता है।2
- भाजपा के शासनकाल में बिजली की समस्या से जूझ रही जनता का आक्रोश अजब धाम फतेहपुर में खुलकर सामने आया है। यहां बीते चार दिन-रात से बिजली गुल होने के कारण समस्त क्षेत्रवासी बेहद परेशान हैं। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने मंगलवार को हटा रजपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है, चेतावनी दी गई है कि यदि दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे पुनः चक्काजाम करेंगे। इससे पहले, बीते कल रात भी आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था क्योंकि एक दर्जन गांवों में तीन दिन से बिजली नहीं थी। उस समय सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन देकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया था। हालांकि, मंगलवार दिन तक भी बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो पाई, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने आज फिर अजब धाम चौकी के सामने मार्ग पर प्रदर्शन किया। मौके पर नवागत मगरोंन थाना प्रभारी बंदना गौर, बीएल पटेल, अजब धाम चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह ठाकुर और नायब तहसीलदार कोमल चढ़ार मौजूद थे, जहां सभी ग्रामवासियों ने अपना सहयोग दिया। क्षेत्रवासियों की मुख्य मांग चार दिन से ठप पड़ी विद्युत व्यवस्था को तुरंत बहाल करने की है।3