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पंडौल प्रखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा, ध्वस्त कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने इन गंभीर समस्याओं पर सरकार की तीखी आलोचना की।
Reporter Seraj
पंडौल प्रखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा, ध्वस्त कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने इन गंभीर समस्याओं पर सरकार की तीखी आलोचना की।
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- पंडौल प्रखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा, ध्वस्त कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने इन गंभीर समस्याओं पर सरकार की तीखी आलोचना की।1
- शहर में वाहनों के बढ़ते जमावड़े और जाम की समस्या से निजात पाने के लिए डीटीओ रामबाबू ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया है कि जाम की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से शहर में कई ई-रिक्शा रूट निर्धारित किए गए हैं। इस व्यवस्था के तहत, जितनी गाड़ियों की शहर में वास्तविक आवश्यकता है, उन्हें छोड़कर बाकी सभी ई-रिक्शा सहित अन्य गाड़ियों के लिए नए रूट तय कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, शहर में गाड़ियों की भीड़ को रोकने के लिए सिर्फ रूट निर्धारण ही नहीं, बल्कि कुछ गाड़ियों के शहर में प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है ताकि यातायात सुचारु बना रहे और जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके।1
- मधुबनी जिला के जयनगर प्रखंड से एक धरना प्रदर्शन का आयोजन रखा गया है।1
- दरभंगा जिले के बेनीपुर प्रखंड स्थित शिवराम पंचायत के उफरदहा गांव में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ 11 हजार वोल्ट के जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से 55 वर्षीय नागो पासवान की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने इस मौत के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि गांव में बिजली के तारों की खराब स्थिति को लेकर विभाग को कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन विभाग ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है। मृतक आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1
- बिहार के राजद नेता प्रदीप प्रभाकर ने राज्य सरकार के एक मंत्री, जो खजौली से विधायक भी हैं, पर तीखा हमला बोला है। प्रभाकर ने जोर देकर कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कथित हमले में राजद कार्यकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं थी।1
- बिहार की सियासत में एक बड़ी और विस्फोटक खबर सामने आई है, जहाँ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बिहार का 'चीप' मिनिस्टर करार दिया है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं और ज्वलंत जनसमस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 'अयोग्य, अक्षम, भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ति के ऐरे-गैरे लोगों' को सरकारी खर्च पर उच्च कोटि की सुरक्षा और मंत्रिस्तरीय आवास 'रेवड़ी की तरह' बांटे जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इन सबके बावजूद बिहार का खजाना खाली है, जबकि युवा, किसान, मजदूर, छात्र-शिक्षक सहित राज्य के सभी वर्ग त्राहिमाम कर रहे हैं। इस बड़े सियासी प्रहार पर लोगों की राय जानने का आह्वान भी किया गया है।1
- बिहार के मधुबनी जिले में एक मंत्री के काफिले पर हुए हमले के संबंध में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के बाद, पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने थानाध्यक्ष के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है।1
- बहादुरपुर प्रखंड परिसर की मौजूदा स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और नाकामी की पोल खोल रही है। परिसर से सामने आई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि जहाँ एक ओर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर एक सोया हुआ कुत्ता पूरे सिस्टम का मज़ाक उड़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका मुख्य द्वार गंदे पानी से लबालब भरा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने इस जलजमाव को महज़ कोई इत्तेफाक मानने से साफ इनकार किया है, बल्कि इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उनकी चर्चाओं के अनुसार, इस जलभराव की स्थिति का इस्तेमाल अब उच्च अधिकारियों से एक भारी-भरकम 'विशेष फंड' की मांग करने के लिए किया जाएगा। आशंका जताई जा रही है कि इस बड़े फंड से केवल एक छोटा सा नाला साफ करवाकर काम की खानापूर्ति कर दी जाएगी, जबकि शेष बजट का 'बंदरबांट' हो जाएगा। यह स्थिति जनता की गाढ़ी कमाई की खुलेआम लूट मानी जा रही है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं कि यह कब तक जारी रहेगी। बहादुरपुर प्रखंड में नाले जाम होने और परिसर के जलमग्न होने की इस शर्मनाक स्थिति को 'आपदा को अवसर' में बदलने की तैयारी का हिस्सा बताया जा रहा है।1