बिहार की सियासत में एक बड़ी और विस्फोटक खबर सामने आई है, जहाँ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बिहार का 'चीप' मिनिस्टर करार दिया है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं और ज्वलंत जनसमस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 'अयोग्य, अक्षम, भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ति के ऐरे-गैरे लोगों' को सरकारी खर्च पर उच्च कोटि की सुरक्षा और मंत्रिस्तरीय आवास 'रेवड़ी की तरह' बांटे जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इन सबके बावजूद बिहार का खजाना खाली है, जबकि युवा, किसान, मजदूर, छात्र-शिक्षक सहित राज्य के सभी वर्ग त्राहिमाम कर रहे हैं। इस बड़े सियासी प्रहार पर लोगों की राय जानने का आह्वान भी किया गया है।
बिहार की सियासत में एक बड़ी और विस्फोटक खबर सामने आई है, जहाँ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बिहार का 'चीप' मिनिस्टर करार दिया है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं और ज्वलंत जनसमस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 'अयोग्य, अक्षम, भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ति के ऐरे-गैरे लोगों' को सरकारी खर्च पर उच्च कोटि की सुरक्षा और मंत्रिस्तरीय आवास 'रेवड़ी की तरह' बांटे जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इन सबके बावजूद बिहार का खजाना खाली है, जबकि युवा, किसान, मजदूर, छात्र-शिक्षक सहित राज्य के सभी वर्ग त्राहिमाम कर रहे हैं। इस बड़े सियासी प्रहार पर लोगों की राय जानने का आह्वान भी किया गया है।
- बिहार की सियासत में एक बड़ी और विस्फोटक खबर सामने आई है, जहाँ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बिहार का 'चीप' मिनिस्टर करार दिया है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं और ज्वलंत जनसमस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 'अयोग्य, अक्षम, भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ति के ऐरे-गैरे लोगों' को सरकारी खर्च पर उच्च कोटि की सुरक्षा और मंत्रिस्तरीय आवास 'रेवड़ी की तरह' बांटे जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इन सबके बावजूद बिहार का खजाना खाली है, जबकि युवा, किसान, मजदूर, छात्र-शिक्षक सहित राज्य के सभी वर्ग त्राहिमाम कर रहे हैं। इस बड़े सियासी प्रहार पर लोगों की राय जानने का आह्वान भी किया गया है।1
- दरभंगा में शोभा कंपनी द्वारा एक भर्ती अभियान की घोषणा की गई है। इस भर्ती के लिए 11 जून को सीधा क्लाइंट इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को 1000 से 1300 AED के बीच मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा, जो नौकरी के इच्छुक व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।1
- दरभंगा जिले के बहेड़ा थाना क्षेत्र के फरदाहा गांव में मंगलवार सुबह एक दुखद हादसे में 71 वर्षीय नागेश्वर पासवान की बिजली के तार से करंट लगने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वर्गीय पलट पासवान के पुत्र नागेश्वर पासवान, निवासी फरदाहा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नागेश्वर पासवान मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी के साथ घास काटने के लिए घर से निकले थे। गांव के बगीचे में सोमवार को आए तेज़ आंधी-तूफान के कारण 11 हज़ार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर नीचे लटक गया था। इसी दौरान नागेश्वर पासवान तार के संपर्क में आ गए और हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए। उनकी पत्नी और आसपास के ग्रामीण जब तक उन्हें बचाने का प्रयास करते, तब तक मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नागेश्वर पासवान अपने पीछे चार पुत्र और तीन पुत्रियां छोड़ गए हैं, जो सभी विवाहित हैं। बताया गया है कि उनके चारों बेटे रोज़ी-रोटी के सिलसिले में दूसरे प्रदेशों में रहते हैं और उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद वे अपने घर के लिए रवाना हो चुके हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- पंडौल प्रखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा, ध्वस्त कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने इन गंभीर समस्याओं पर सरकार की तीखी आलोचना की।1
- शहर में वाहनों के बढ़ते जमावड़े और जाम की समस्या से निजात पाने के लिए डीटीओ रामबाबू ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया है कि जाम की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से शहर में कई ई-रिक्शा रूट निर्धारित किए गए हैं। इस व्यवस्था के तहत, जितनी गाड़ियों की शहर में वास्तविक आवश्यकता है, उन्हें छोड़कर बाकी सभी ई-रिक्शा सहित अन्य गाड़ियों के लिए नए रूट तय कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, शहर में गाड़ियों की भीड़ को रोकने के लिए सिर्फ रूट निर्धारण ही नहीं, बल्कि कुछ गाड़ियों के शहर में प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है ताकि यातायात सुचारु बना रहे और जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके।1
- राजद से विधान परिषद (MLC) का टिकट नहीं मिलने के बाद, एक व्यक्ति फूट-फूटकर रोया, जिसके परिणामस्वरूप उसकी तबियत खराब हो गई।1
- दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड क्षेत्र में एलपीजी गैस की किल्लत लगातार बनी हुई है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सरकार द्वारा गैस आपूर्ति के लिए 45 दिनों का समय निर्धारित होने के बावजूद, लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें 50 से 55 दिनों के बाद भी गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस बीच, एलपीजी गैस की कीमत में हाल ही में हुई ₹29 की बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, क्योंकि उन्हें एक ओर महंगी गैस खरीदनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर समय पर आपूर्ति नहीं मिलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के चलते दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड स्थित मल्हीपट्टी इंडियन गैस एजेंसी पर सोमवार को सुबह से ही लगभग 500 से अधिक उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े देखे गए। भारी भीड़ को देखते हुए एपीएम थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और गैस वितरण कार्य को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग किया। एजेंसी के एक कर्मी ने बताया कि पिछले कई दिनों से गैस की गाड़ी नहीं आने के कारण उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। उन्होंने यह भी बताया कि सामान्यतः सोमवार को एजेंसी बंद रहती है, लेकिन उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए गैस की खेप पहुंचने के बाद वितरण कार्य किया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि गैस बुकिंग के बाद उन्हें रेफरेंस नंबर तो मिल जाता है, लेकिन बाद में उन्हें बुकिंग रद्द होने का संदेश भी प्राप्त होता है। इसके बाद उन्हें दोबारा बुकिंग कर घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से गैस आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकें और उन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।1
- बहादुरपुर प्रखंड परिसर की मौजूदा स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और नाकामी की पोल खोल रही है। परिसर से सामने आई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि जहाँ एक ओर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर एक सोया हुआ कुत्ता पूरे सिस्टम का मज़ाक उड़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका मुख्य द्वार गंदे पानी से लबालब भरा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने इस जलजमाव को महज़ कोई इत्तेफाक मानने से साफ इनकार किया है, बल्कि इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उनकी चर्चाओं के अनुसार, इस जलभराव की स्थिति का इस्तेमाल अब उच्च अधिकारियों से एक भारी-भरकम 'विशेष फंड' की मांग करने के लिए किया जाएगा। आशंका जताई जा रही है कि इस बड़े फंड से केवल एक छोटा सा नाला साफ करवाकर काम की खानापूर्ति कर दी जाएगी, जबकि शेष बजट का 'बंदरबांट' हो जाएगा। यह स्थिति जनता की गाढ़ी कमाई की खुलेआम लूट मानी जा रही है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं कि यह कब तक जारी रहेगी। बहादुरपुर प्रखंड में नाले जाम होने और परिसर के जलमग्न होने की इस शर्मनाक स्थिति को 'आपदा को अवसर' में बदलने की तैयारी का हिस्सा बताया जा रहा है।1