मुरैना के अंबाह स्थित जोहा पंचायत के हवेली ग्राम मजरा में वर्षों से बदहाल पड़ी सड़क को लेकर शुरू हुआ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन तब महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच गया, जब सांसद पुत्र गौरव शिवमंगल सिंह तोमर स्वयं मौके पर पहुँचे। नवनीत उर्फ अभिषेक सिंह तोमर, पिता मुरारी सिंह तोमर, ने सांसद निवास तक दंडवत यात्रा शुरू की थी। अभिषेक सिंह तोमर का आरोप था कि इसी सड़क की बदहाली के कारण एक वर्ष पूर्व उनकी गर्भवती पत्नी को समय पर अस्पताल नहीं पहुँचाया जा सका था, जिससे उनके अजन्मे बच्चे की मृत्यु हो गई थी। सांसद पुत्र गौरव शिवमंगल सिंह तोमर ने घटनास्थल पर पहुँचकर अभिषेक सिंह तोमर से चर्चा की और उनसे आंदोलन को बीच में ही स्थगित करने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण कराना उनकी जिम्मेदारी है और इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाएगा। तोमर ने तुरंत संबंधित अधिकारियों और सड़क का ठेका लेने वाले ठेकेदार से फोन पर बात की और सड़क निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की भी अनुशंसा की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क चिरोजी भदोरिया के मकान से दच्छापुर तक लगभग चार-पाँच किलोमीटर लंबी है और इसका टेंडर पहले ही हो चुका है। हालांकि, निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं होने से बरसात के दिनों में यह मार्ग दलदल में बदल जाता है। ग्रामीणों ने सांसद पुत्र की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अब वर्षों पुरानी सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होगा और क्षेत्र के लोगों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों से राहत मिलेगी।
मुरैना के अंबाह स्थित जोहा पंचायत के हवेली ग्राम मजरा में वर्षों से बदहाल पड़ी सड़क को लेकर शुरू हुआ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन तब महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच गया, जब सांसद पुत्र गौरव शिवमंगल सिंह तोमर स्वयं मौके पर पहुँचे। नवनीत उर्फ अभिषेक सिंह तोमर, पिता मुरारी सिंह तोमर, ने सांसद निवास तक दंडवत यात्रा शुरू की थी। अभिषेक सिंह तोमर का आरोप था कि इसी सड़क की बदहाली के कारण एक वर्ष पूर्व उनकी गर्भवती पत्नी को समय पर अस्पताल नहीं पहुँचाया जा सका था, जिससे उनके अजन्मे बच्चे की मृत्यु हो गई थी। सांसद पुत्र गौरव शिवमंगल सिंह तोमर ने घटनास्थल पर पहुँचकर अभिषेक सिंह तोमर से चर्चा की और उनसे आंदोलन को बीच में ही स्थगित करने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण कराना उनकी जिम्मेदारी है और इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाएगा। तोमर ने तुरंत संबंधित अधिकारियों और सड़क का ठेका लेने वाले ठेकेदार से फोन पर बात की और सड़क निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की भी अनुशंसा की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क चिरोजी भदोरिया के मकान से दच्छापुर तक लगभग चार-पाँच किलोमीटर लंबी है और इसका टेंडर पहले ही हो चुका है। हालांकि, निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं होने से बरसात के दिनों में यह मार्ग दलदल में बदल जाता है। ग्रामीणों ने सांसद पुत्र की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अब वर्षों पुरानी सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होगा और क्षेत्र के लोगों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों से राहत मिलेगी।
- मुरैना के अंबाह स्थित जोहा पंचायत के हवेली ग्राम मजरा में वर्षों से बदहाल पड़ी सड़क को लेकर शुरू हुआ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन तब महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच गया, जब सांसद पुत्र गौरव शिवमंगल सिंह तोमर स्वयं मौके पर पहुँचे। नवनीत उर्फ अभिषेक सिंह तोमर, पिता मुरारी सिंह तोमर, ने सांसद निवास तक दंडवत यात्रा शुरू की थी। अभिषेक सिंह तोमर का आरोप था कि इसी सड़क की बदहाली के कारण एक वर्ष पूर्व उनकी गर्भवती पत्नी को समय पर अस्पताल नहीं पहुँचाया जा सका था, जिससे उनके अजन्मे बच्चे की मृत्यु हो गई थी। सांसद पुत्र गौरव शिवमंगल सिंह तोमर ने घटनास्थल पर पहुँचकर अभिषेक सिंह तोमर से चर्चा की और उनसे आंदोलन को बीच में ही स्थगित करने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण कराना उनकी जिम्मेदारी है और इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा कराया जाएगा। तोमर ने तुरंत संबंधित अधिकारियों और सड़क का ठेका लेने वाले ठेकेदार से फोन पर बात की और सड़क निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की भी अनुशंसा की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क चिरोजी भदोरिया के मकान से दच्छापुर तक लगभग चार-पाँच किलोमीटर लंबी है और इसका टेंडर पहले ही हो चुका है। हालांकि, निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं होने से बरसात के दिनों में यह मार्ग दलदल में बदल जाता है। ग्रामीणों ने सांसद पुत्र की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अब वर्षों पुरानी सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होगा और क्षेत्र के लोगों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों से राहत मिलेगी।1
- मुरैना में, स्थानीय लोकसभा सांसद और विधायकों के खोखले वादों तथा जुमलों से परेशान एक युवक ने सड़क की मांग को लेकर अनूठा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। अपनी मांग पूरी करवाने के लिए युवक ने अन्न और जल का त्याग कर दिया है और संसद भवन की ओर अपनी दंडवत यात्रा आरंभ की है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना में एक सहायक उप निरीक्षक पर आरोपी के परिजनों से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि सहायक उप निरीक्षक द्वारा आरोपी के परिजनों से 'दस-बीस पचास हजार' रुपये देने की मांग की जा रही है। इस मांग को पूरा कराने के लिए सहायक उप निरीक्षक ने मुरैना टीआई को 'बहुत खतरनाक' बताया है, जिसका उद्देश्य कथित तौर पर परिजनों को डराकर पैसे वसूलना है।1
- सोशल मीडिया पर नवनीत सिंह तोमर की दंडवत परिक्रमा का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तेज़ी से गरमा गया। श्योपुर-मुरैना क्षेत्र के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के निर्देश पर उनके बेटे गौरव सिंह तोमर तत्काल मौके पर पहुँचे। गौरव सिंह तोमर ने नवनीत सिंह तोमर से मुलाकात की, उनका व्रत तुड़वाया, पानी पिलाया और अगले 8 दिनों के भीतर सड़क निर्माण शुरू कराने का आश्वासन दिया। जानकारी के अनुसार, इस सड़क का टेंडर पहले ही हो चुका था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता के बाद सड़क निर्माण को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। हालांकि, नवनीत सिंह तोमर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर 8 दिन के भीतर सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे अपनी दंडवत परिक्रमा फिर से शुरू कर देंगे।1
- अंबाह में समाजसेवी नवनीत तोमर का सड़क निर्माण की मांग को लेकर चला आ रहा संघर्ष अब रंग लाया है और प्रशासन हरकत में आ गया है। आंदोलन की जानकारी मिलने पर तहसीलदार नरेश शर्मा पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने नवनीत तोमर से विस्तार से चर्चा की। प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क निर्माण की इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है, साथ ही जल्द ही आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन भी दिया। अधिकारियों द्वारा मिले इस आश्वासन के बाद क्षेत्र के लोगों में यह उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित पड़ा सड़क निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू हो सकेगा। इस अवसर पर नवनीत तोमर ने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रशासन से उम्मीद जताई कि वह अपना वादा समय पर पूरा करेगा। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से आग्रह किया है कि सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए।1
- राजाखेड़ा उपखंड अधिकारी कार्यालय में मंगलवार शाम एलडीसी रवि कुमार का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी ने रवि कुमार को जन्मदिन की बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एसडीएम ने रवि कुमार के सरल और सौम्य स्वभाव के साथ-साथ उनकी कार्यकुशलता की सराहना करते हुए कहा कि वे क्षेत्र में अपनी अच्छी पहचान रखते हैं। कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने भी रवि कुमार को फूलों के गुलदस्ते देकर शुभकामनाएं दीं, जिसके लिए रवि कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। रवि कुमार अपने सरल और सौम्य स्वभाव के कारण पूरे क्षेत्र में लोकप्रिय हैं। उनके जन्मदिन के इस उत्सव के दौरान कार्यालय का माहौल खुशी से भरा रहा। इस मौके पर इंद्र कुमार, महावीर, मानवेन्द्र, मनीष मीना, नोबत पटवारी, सुनील दीक्षित, विजय सिंह उर्फ बॉबी और विशाल शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।1
- बकील ने 'भ्रष्टाचार पुलिस' के खिलाफ 'अन्याय सूत्र' नामक कुछ पहलू उजागर किए हैं, जिसे 'एपिसोड- 0A-76' का हिस्सा बताया गया है। इसी संदर्भ में, भरत तिवारी एनकाउंटर के मामले में, कुछ मंत्री उनकी माँ को ढाढस बंधाने के लिए उनके घर पहुँचे थे। हालांकि, इस घटना को लेकर मोदीजी ने कोई दुख प्रकट नहीं किया है।2
- मध्य प्रदेश के अंबाह स्थित एक बुक सेंटर पर सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 2 की पुस्तकों की बिक्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अशोका ग्लोबल स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 2 के छात्र फलकेश, पुत्र संजय सिंह के अभिभावक ने आरोप लगाया है कि स्कूल द्वारा बताई गई दुकान 'राजू बुक सेंटर' से किताबें खरीदने पर उन्हें लगभग ₹2,000 का बिल दिया गया। अभिभावक का कहना है कि जब उन्होंने पुस्तकों की कीमत और कथित कमीशन व्यवस्था पर सवाल उठाए, तो बुक सेंटर संचालक ने कथित रूप से पहले से बना हुआ बिल फाड़ दिया और कहा कि किताबें अभी उपलब्ध नहीं हैं, 3-4 दिन बाद मिलेंगी। इस पूरी घटना का वीडियो अभिभावक ने बनाया है, जिनका आरोप है कि सवाल पूछे जाने पर संचालक ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। मामले के बाद, अभिभावक ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या विद्यालय और बुक विक्रेता के बीच कोई विशेष व्यवस्था है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है और यह भी कहा है कि यदि आवश्यक हुआ, तो वे प्रशासन और जिला अधिकारियों से भी शिकायत करेंगे। अभिभावक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों को उचित मूल्य पर पुस्तकें मिलें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई हो। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।1