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मधेपुर प्रखंड में मारपीट का घटना सामने आया है एक युवक का हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती मधेपुर प्रखंड में मारपीट का घटना सामने आया है एक युवक का हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती

2 hrs ago
user_न्यूज़ फुल देव जी मधेपुर मधुबनी
न्यूज़ फुल देव जी मधेपुर मधुबनी
पत्रकार मधेपुर, मधुबनी, बिहार•
2 hrs ago

मधेपुर प्रखंड में मारपीट का घटना सामने आया है एक युवक का हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती मधेपुर प्रखंड में मारपीट का घटना सामने आया है एक युवक का हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती

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  • मधेपुर प्रखंड में मारपीट का घटना सामने आया है एक युवक का हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती
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    मधेपुर प्रखंड में मारपीट का घटना सामने आया है एक युवक का हालत गंभीर अस्पताल में भर्ती
    user_न्यूज़ फुल देव जी मधेपुर मधुबनी
    न्यूज़ फुल देव जी मधेपुर मधुबनी
    पत्रकार मधेपुर, मधुबनी, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by Supaul Media ( Dev Raj )
    1
    Post by Supaul Media ( Dev Raj )
    user_Supaul Media ( Dev Raj )
    Supaul Media ( Dev Raj )
    निर्मली, सुपौल, बिहार•
    15 hrs ago
  • वैश्विक तनाव और संभावित युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश की रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने हाइड्रोकार्बन प्रोडक्शन यूनिट्स को भी जरूरत पड़ने पर LPG उत्पादन की ओर डायवर्ट करने को कहा है। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया गया है और ESMA के जरिए जरूरी सेवाओं को हर हाल में जारी रखने की व्यवस्था की गई है। जानिए इस फैसले का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा।
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    वैश्विक तनाव और संभावित युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश की रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने हाइड्रोकार्बन प्रोडक्शन यूनिट्स को भी जरूरत पड़ने पर LPG उत्पादन की ओर डायवर्ट करने को कहा है। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया गया है और ESMA के जरिए जरूरी सेवाओं को हर हाल में जारी रखने की व्यवस्था की गई है। जानिए इस फैसले का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा।
    user_बिनोद झा (संपादक)
    बिनोद झा (संपादक)
    Voice of people झंझारपुर, मधुबनी, बिहार•
    17 hrs ago
  • Post by KAMALDEV RT
    1
    Post by KAMALDEV RT
    user_KAMALDEV RT
    KAMALDEV RT
    Social worker फुलपरास, मधुबनी, बिहार•
    3 hrs ago
  • सुपौल शहर के गांधी मैदान के समीप बुधवार को डॉ. निशांत एडवांस्ड इमेजिंग सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सुपौल के एडीएम एवं सिविल सर्जन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर सेंटर का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम की कवरेज आज बुधवार दोपहर लगभग 2:00 बजे की गई, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, डॉक्टर तथा गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने सेंटर का निरीक्षण भी किया और यहां उपलब्ध आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के अत्याधुनिक इमेजिंग सेंटर के खुलने से सुपौल जिले के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। पहले कई जांच के लिए लोगों को बाहर के बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब इस सेंटर के माध्यम से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। वहीं इस अवसर पर सेंटर के संचालक डॉ. निशांत ने जानकारी देते हुए बताया कि आज इस एडवांस्ड इमेजिंग सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्घाटन सुपौल एडीएम और सिविल सर्जन के द्वारा फीता काटकर किया गया। उन्होंने कहा कि इस सेंटर में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को सटीक और त्वरित रिपोर्ट मिल सकेगी। डॉ. निशांत ने आगे कहा कि उनका उद्देश्य सुपौल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा जांच सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सके। कार्यक्रम के दौरान कई चिकित्सक, समाजसेवी और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे और इस नई पहल के लिए डॉ. निशांत को बधाई दी। लोगों ने उम्मीद जताई कि इस सेंटर के खुलने से जिले के स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।
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    सुपौल शहर के गांधी मैदान के समीप बुधवार को डॉ. निशांत एडवांस्ड इमेजिंग सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सुपौल के एडीएम एवं सिविल सर्जन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर सेंटर का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम की कवरेज आज बुधवार दोपहर लगभग 2:00 बजे की गई, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, डॉक्टर तथा गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने सेंटर का निरीक्षण भी किया और यहां उपलब्ध आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के अत्याधुनिक इमेजिंग सेंटर के खुलने से सुपौल जिले के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी। पहले कई जांच के लिए लोगों को बाहर के बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब इस सेंटर के माध्यम से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।
वहीं इस अवसर पर सेंटर के संचालक डॉ. निशांत ने जानकारी देते हुए बताया कि आज इस एडवांस्ड इमेजिंग सेंटर का भव्य शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्घाटन सुपौल एडीएम और सिविल सर्जन के द्वारा फीता काटकर किया गया। उन्होंने कहा कि इस सेंटर में अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को सटीक और त्वरित रिपोर्ट मिल सकेगी।
डॉ. निशांत ने आगे कहा कि उनका उद्देश्य सुपौल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा जांच सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को समय पर सही इलाज मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान कई चिकित्सक, समाजसेवी और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे और इस नई पहल के लिए डॉ. निशांत को बधाई दी। लोगों ने उम्मीद जताई कि इस सेंटर के खुलने से जिले के स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।
    user_Kunal kumar
    Kunal kumar
    Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
    7 hrs ago
  • सहरसा (नौहट्टा)। बिहार के सुशासन में क्या कोई व्यक्ति दो अलग-अलग तारीखों पर मर सकता है सुनने में यह किसी फिल्मी पटकथा जैसा लगता है, लेकिन सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड कार्यालय ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। खड़का तेलवा वार्ड नंबर-9 निवासी नारायण साह पिछले एक महीने से प्रखंड मुख्यालय की चौखट घिस रहे हैं, लेकिन सिस्टम की सुस्ती और 'मुकदर्शक' बने अधिकारियों के कारण उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। ​क्या है पूरा मामला आइए बिस्तार से आपको बताते हैँ ​मामला जमीन हड़पने की नीयत से पिता के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा है। पीड़ित नारायण साह के मुताबिक, उनके पिता सतयुग साह का निधन 31 अक्टूबर 2009 को हुआ था। नियमतः प्रखंड कार्यालय द्वारा 26 जून 2020 को इसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया, जो आज भी सरकारी पोर्टल पर दर्ज है। ​आरोप है कि मृतक के दूसरे पुत्र प्रमोद साह ने जमीन के दाखिल-खारिज और अन्य लाभों के लिए सरकारी तंत्र के साथ सांठगांठ की। उन्होंने पिता की मृत्यु तिथि बदलकर 31 दिसंबर 2010 करवाई और 8 सितंबर 2025 को एक नया मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करवा लिया। ​सिस्टम की कार्यप्रणाली पर खड़े होते बड़े सवाल ​इस फर्जीवाड़े ने प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है: ​जब 2020 में प्रमाणपत्र जारी हो चुका था, तो दोबारा उसी व्यक्ति का डेटाबेस अपडेट कैसे हुआ? ​क्या पंचायत सेवक और प्रखंड स्तर पर दस्तावेजों की कोई स्क्रूटनी (जांच) नहीं होती? ​क्या सरकारी वेबसाइट का डेटा महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है? ​"मामला मेरे संज्ञान में है। इसकी जांच की जा रही है कि कौन सी तिथि सही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।" प्रिया भारती, बीडीओ, नौहट्टा ​जांच के नाम पर 'समय का खेल' ​हैरानी की बात यह है कि जो सच डिजिटल रिकॉर्ड में पहले से मौजूद है, उसे परखने में प्रशासन को महीनों लग रहे हैं। एक तरफ पीड़ित न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, वहीं दूसरी तरफ फर्जी कागजातों के आधार पर सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है। ​अब सवाल यह उठता है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी 'कागजी जादूगरी' करने वाले दोषियों और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी? क्या नारायण साह को न्याय मिलेगा या फाइलें इसी तरह धूल फांकती रहेंगी?
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    सहरसा (नौहट्टा)। बिहार के सुशासन में क्या कोई व्यक्ति दो अलग-अलग तारीखों पर मर सकता है  सुनने में यह किसी फिल्मी पटकथा जैसा लगता है, लेकिन सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड कार्यालय ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। खड़का तेलवा वार्ड नंबर-9 निवासी नारायण साह पिछले एक महीने से प्रखंड मुख्यालय की चौखट घिस रहे हैं, लेकिन सिस्टम की सुस्ती और 'मुकदर्शक' बने अधिकारियों के कारण उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। ​क्या है पूरा मामला आइए बिस्तार से आपको बताते हैँ 
​मामला जमीन हड़पने की नीयत से पिता के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से जुड़ा है। पीड़ित नारायण साह के मुताबिक, उनके पिता सतयुग साह का निधन 31 अक्टूबर 2009 को हुआ था। नियमतः प्रखंड कार्यालय द्वारा 26 जून 2020 को इसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया, जो आज भी सरकारी पोर्टल पर दर्ज है।
​आरोप है कि मृतक के दूसरे पुत्र प्रमोद साह ने जमीन के दाखिल-खारिज और अन्य लाभों के लिए सरकारी तंत्र के साथ सांठगांठ की। उन्होंने पिता की मृत्यु तिथि बदलकर 31 दिसंबर 2010 करवाई और 8 सितंबर 2025 को एक नया मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करवा लिया।
​सिस्टम की कार्यप्रणाली पर खड़े होते बड़े सवाल
​इस फर्जीवाड़े ने प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
​जब 2020 में प्रमाणपत्र जारी हो चुका था, तो दोबारा उसी व्यक्ति का डेटाबेस अपडेट कैसे हुआ?
​क्या पंचायत सेवक और प्रखंड स्तर पर दस्तावेजों की कोई स्क्रूटनी (जांच) नहीं होती?
​क्या सरकारी वेबसाइट का डेटा महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है?
​"मामला मेरे संज्ञान में है। इसकी जांच की जा रही है कि कौन सी तिथि सही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।"
प्रिया भारती, बीडीओ, नौहट्टा
​जांच के नाम पर 'समय का खेल'
​हैरानी की बात यह है कि जो सच डिजिटल रिकॉर्ड में पहले से मौजूद है, उसे परखने में प्रशासन को महीनों लग रहे हैं। एक तरफ पीड़ित न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, वहीं दूसरी तरफ फर्जी कागजातों के आधार पर सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है।
​अब सवाल यह उठता है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी 'कागजी जादूगरी' करने वाले दोषियों और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी? क्या नारायण साह को न्याय मिलेगा या फाइलें इसी तरह धूल फांकती रहेंगी?
    user_पत्रकार सरफराज खान
    पत्रकार सरफराज खान
    Court reporter नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    7 hrs ago
  • Darbhanga jila benipur navada navada Panchayat karna chahie prashasan se school mein Jungle ke bich mein Madhya Vidyalay School Hai Koi yahan vyavastha nahin Hai bacchon Ko Na Koi dhang ke kapda na dhang ke khana le liya ja raha hai koi social media koi patrakaar bhi aata hai unko kismat dekhkar bhaga Diya jata hai pitwane ka dhamki bhi diya hai humko lekin Ham is chij ka darte nahin Hai prashasan Sath Kisi chij ka hamen tension nahin Hai Ham jald se jald kahenge Sarkar usko yahan school ke upar jaanch Kiya Jana chahie sar
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    Darbhanga jila benipur navada navada Panchayat karna chahie prashasan se school mein Jungle ke bich mein Madhya Vidyalay School Hai Koi yahan vyavastha nahin Hai bacchon Ko Na Koi dhang ke kapda na dhang ke khana le liya ja raha hai koi social media koi patrakaar bhi aata hai unko kismat dekhkar bhaga Diya jata hai pitwane ka dhamki bhi diya hai humko lekin Ham is chij ka darte nahin Hai prashasan Sath Kisi chij ka hamen tension nahin Hai Ham jald se jald kahenge Sarkar usko yahan school ke upar jaanch Kiya Jana chahie sar
    user_नंदलाल
    नंदलाल
    बेनिपुर, दरभंगा, बिहार•
    11 hrs ago
  • नौहट्टा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का व्यापक असर अब नोहटा अंचल में दिखने लगा है। कर्मचारियों के काम बंद कर देने से अंचल कार्यालय जाने वाले राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हुई हैं: ​प्रमाण पत्र: छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। ​जमीन संबंधी कार्य: नामांतरण (Mutation), सीमांकन और खसरा-खतौनी की नकल मिलना बंद हो गई है।
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    नौहट्टा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का व्यापक असर अब नोहटा अंचल में दिखने लगा है। कर्मचारियों के काम बंद कर देने से अंचल कार्यालय जाने वाले राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हुई हैं:
​प्रमाण पत्र: छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं।
​जमीन संबंधी कार्य: नामांतरण (Mutation), सीमांकन और खसरा-खतौनी की नकल मिलना बंद हो गई है।
    user_पत्रकार सरफराज खान
    पत्रकार सरफराज खान
    Court reporter नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    8 hrs ago
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