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झारखंड के देवघर में शिवालया वाटर पार्क का उद्घाटन हो गया है। इस नए वाटर पार्क के खुलने से क्षेत्र में पर्यटन और मनोरंजन के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है।
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झारखंड के देवघर में शिवालया वाटर पार्क का उद्घाटन हो गया है। इस नए वाटर पार्क के खुलने से क्षेत्र में पर्यटन और मनोरंजन के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है।
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- झारखंड के देवघर में शिवालया वाटर पार्क का उद्घाटन हो गया है। इस नए वाटर पार्क के खुलने से क्षेत्र में पर्यटन और मनोरंजन के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है।1
- देश की अग्रणी सुरक्षा सेवा कंपनी SIS लिमिटेड द्वारा देवघर शाखा में दो दिवसीय भर्ती कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह भर्ती कैंप 08 जून 2026 और 09 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य युवाओं को सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार एवं करियर बनाने का अवसर प्रदान करना है। इच्छुक युवक निर्धारित तिथि पर SIS शाखा, देवघर में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। कंपनी के अधिकारियों ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से इस भर्ती कैंप में शामिल होने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए 7050838650 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- करौं के बाराटांड़ गांव में शनिवार को आसमान से एक विशाल पैराशूटनुमा गुब्बारा गिरने से पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने खेत में गिरे इस रहस्यमयी वस्तु को देखने के लिए बड़ी संख्या में मौके पर भीड़ लगा दी। शुरुआत में इसकी पहचान न हो पाने के कारण लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं और अटकलें लगाई जाने लगीं। सूचना मिलते ही करौं के अंचल अधिकारी ऋषिराज और थाना प्रभारी दीपक किशोर भारती अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। कुछ ही देर बाद इस मामले का रहस्य तब सुलझा जब भारतीय अंतरिक्ष भौतिक विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर संदीप कुमार चक्रवर्ती अपनी वैज्ञानिक टीम के साथ बाराटांड़ पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि यह पश्चिम बंगाल के शिवडी क्षेत्र से वायुमंडलीय और मौसम संबंधी अध्ययन के लिए छोड़ा गया एक वेदर बैलून (मौसम अनुसंधान गुब्बारा) था। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि ऐसे वेदर बैलून का उपयोग उच्च वायुमंडल में तापमान, आर्द्रता, वायुदाब और अन्य महत्वपूर्ण मौसम संबंधी आंकड़े एकत्रित करने के लिए किया जाता है, और अध्ययन पूरा होने के बाद ये बैलून पैराशूट की मदद से जमीन पर उतरते हैं ताकि उनके उपकरणों को सुरक्षित वापस प्राप्त किया जा सके। प्रोफेसर चक्रवर्ती और उनकी टीम ने मौके पर ही वेदर बैलून और उससे जुड़े उपकरणों का निरीक्षण किया और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। वैज्ञानिकों द्वारा पूरी जानकारी दिए जाने के बाद ग्रामीणों की जिज्ञासा शांत हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। इस अनोखी घटना को देखने के लिए आसपास के कई गांवों से लोग बाराटांड़ पहुंचे, और यह ग्रामीणों के लिए एक दुर्लभ तथा रोमांचक अनुभव रहा, क्योंकि अधिकांश ने पहली बार इतने करीब से किसी वैज्ञानिक वेदर बैलून को देखा था। प्रशासन और वैज्ञानिकों की तत्परता से पूरे मामले का सफलतापूर्वक समाधान हो गया।1
- Post by P.M Mishra PM mish2
- आजकल शादीशुदा महिलाओं को देखकर खुद दूसरी महिलाओं में घिन और विरक्ति का भाव उत्पन्न होने लगा है। इस स्थिति पर, महिलाओं के बीच ही यह अजीबोगरीब भावना देखी जा रही है, जो एक तरह से निराशा व्यक्त करती है। खुदा।1
- देवघर की धार्मिक पहचान के साथ-साथ अब पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र में भी विस्तार हो रहा है। शिवालया वाटर पार्क के उद्घाटन से स्थानीय युवाओं और पर्यटकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह नया वाटर पार्क देवघर क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी एक खास पहचान बनाने की क्षमता रखता है।1
- देश की अग्रणी सुरक्षा सेवा कंपनी एसआईएस लिमिटेड द्वारा देवघर शाखा में दो दिवसीय भर्ती कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह भर्ती कैंप 08 जून 2026 और 09 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगा। इच्छुक युवक निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप में उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। एसआईएस द्वारा युवाओं को सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार एवं करियर निर्माण का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए 7050838650 पर संपर्क किया जा सकता है। कंपनी के अधिकारियों ने अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों से इस भर्ती कैंप में भाग लेने की अपील की है ताकि वे इस रोजगार के अवसर का लाभ उठा सकें।1
- भारतीय रेलवे में यात्रियों द्वारा टिकट का पूरा पैसा चुकाने के बावजूद, सुरक्षा व्यवस्था को शून्य बताया गया है। इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है और यह सवाल उठाया गया है कि क्या भारतीय रेलवे की जिम्मेदारी केवल ट्रेनों का संचालन करने तक ही सीमित है।1