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सीधी जिले में पुलिस ने महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और साइबर अपराधों से बचाव के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। कमर्जी थाना पुलिस ने वरिगवा स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन ठगी, गुड टच-बैड टच और बच्चों की सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में यह पहल पूरे जिले में जारी रहेगी ताकि एक सुरक्षित और सजग समाज का निर्माण हो सके।
पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह
सीधी जिले में पुलिस ने महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और साइबर अपराधों से बचाव के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। कमर्जी थाना पुलिस ने वरिगवा स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन ठगी, गुड टच-बैड टच और बच्चों की सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में यह पहल पूरे जिले में जारी रहेगी ताकि एक सुरक्षित और सजग समाज का निर्माण हो सके।
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- सांसद राजेश मिश्रा ने मध्य प्रदेश के दुबरी में जनता की समस्याएँ सुनीं और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए दुबरी टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। यह मध्य प्रदेश को 'टाइगर स्टेट' के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।4
- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में एक भावुक क्षण देखने को मिला। अपने बेटे को सीएम बनते देख उनके माता-पिता खुशी और गर्व से रो पड़े, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।1
- पुलिस लाइन में समर कैंप का आयोजन नन्हे बच्चे इस कैम्प में हुए शामिल रीवा पुलिस लाइन में समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने समलित हो कर इस आयोजन का हिस्सा बने1
- Post by Bablu,Namdev1
- देवसर बाजार के बीच से गुजरता NH-39 बना 'काल', बाईपास की मांग ने पकड़ी रफ्तार चितरंगी चौराहे पर घंटों लग रहा जाम, भारी वाहनों के बीच जान जोखिम में डाल रहे राहगीर और स्कूली बच्चे। सिंगरौली | 10 मई, 2026 सिंगरौली। सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-39) पर स्थित देवसर बाजार इन दिनों भीषण ट्रैफिक और हादसों के साए में है। करीब 2 किलोमीटर लंबे इस व्यस्ततम बाजार क्षेत्र में अव्यवस्थित यातायात और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों का जीना दूभर कर दिया है। स्थिति यह है कि देवसर बाजार अब किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। चितरंगी चौराहा: जाम और अव्यवस्था का केंद्र। बाजार का सबसे संवेदनशील हिस्सा चितरंगी चौराहा बन चुका है। यहां न तो कोई व्यवस्थित बस स्टैंड है और न ही यातायात नियंत्रण की कोई ठोस व्यवस्था। बसें सड़क के बीचों-बीच खड़ी होकर सवारियां भरती हैं, जिससे पीछे से आने वाले ट्रक और हाईवा के कारण मीलों लंबा जाम लग जाता है। सड़क किनारे खड़े ऑटो और ठेलों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई अक्सर केवल गरीब ठेले वालों तक सीमित रह जाती है। जबकि मुख्य समस्या सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ी बाइक और कारें हैं, जिन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। व्यापारियों का कहना है कि जाम और असुरक्षा के कारण अब ग्राहकों ने बाजार आना कम कर दिया है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। बाईपास या ओवरब्रिज ही एकमात्र समाधान क्षेत्रीय जनता का मानना है कि अब केवल चालानी कार्रवाई से देवसर की सूरत नहीं बदलने वाली। लोगों की मांग है कि: बाईपास निर्माण: NH-39 को बाजार से बाहर ले जाने के लिए बाईपास का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो। ओवरब्रिज: यदि बाईपास संभव नहीं है, तो घनी आबादी वाले क्षेत्र में ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। ट्रैफिक पुलिस: चितरंगी चौराहे, बलदेव चौराहा और कॉलेज मोड़ पर स्थायी यातायात पुलिस की तैनाती की जाए। किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन? देवसर बाजार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां रोजाना हजारों की भीड़ उमड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक जोखिम में हैं। कई बार ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन ने बाईपास को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अब जनता में आक्रोश बढ़ रहा है और सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेगा? "जब तक NH-39 का बाईपास या ओवरब्रिज नहीं बनेगा, तब तक देवसर में जाम और मौतों का सिलसिला थामना नामुमकिन है। प्रशासन को हमारी सुरक्षा के लिए अब ठोस निर्णय लेना ही होगा।" — स्थानीय नागरिक एवं व्यापारी, देवसर1
- शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,,, सड़क हादसा या साजिश? दो युवकों की मौत के बाद परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, रीवा-शहडोल मार्ग जाम शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जोरा पुलिया के पास हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। देर रात हुई इस घटना में राहुल द्विवेदी और अतुल तिवारी नामक दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक शहडोल से अपने गांव की ओर बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान जोरा पुलिया के पास किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि हादसे के बाद दोनों युवकों के शव पूरी रात सड़क किनारे पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी तक नहीं लग सकी। सुबह करीब 6:30 बजे गांव के कुछ लोग वहां से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर सड़क किनारे पड़े शवों पर पड़ी। इसके बाद तत्काल ग्रामीणों ने परिजनों और ब्यौहारी थाना पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका-मुआयना कर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। लेकिन मामला उस समय नया मोड़ लेता नजर आया जब परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। परिजनों ने घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे केवल सड़क हादसा मानने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि दोनों युवकों के शरीर पर मिले कुछ निशान और घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य सड़क दुर्घटना जैसी प्रतीत नहीं होतीं। परिजनों ने आशंका जताई कि यह मामला हत्या का भी हो सकता है और घटना को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई है। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोनों शवों का दोबारा मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। इसी मांग को लेकर गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने ग्राम टिहकी में रीवा-शहडोल मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात काफी देर तक बाधित रहा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब तक प्रशासन निष्पक्ष जांच और पुनः पोस्टमार्टम का आश्वासन नहीं देगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया ग्रामीणों ने इस दौरान शहडोल-रीवा मार्ग के अधूरे निर्माण कार्य को लेकर भी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि पिछले लगभग एक साल से सड़क निर्माण कार्य जारी है, लेकिन अब तक सड़क पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। जगह-जगह खराब सड़क, अधूरा निर्माण, डायवर्सन और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। आम जनता लगातार परेशानियों का सामना कर रही है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं परिजनों की मांग और ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला अब और संवेदनशील हो गया है। अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।3
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मनिकवार गांव में एक शादी समारोह के दौरान महिलाओं से अभद्रता और दबंगई के आरोप के बाद दो पक्षों में खूनी झड़प हो गई। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- Post by Bablu,Namdev1